क्या हुआ था अनुच्छेद 370 हटाने के एक रात पहले

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अनुच्छेद 370 हटाए जाने का राजपत्र

सुजीत ठाकुर/ नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। जब वह 2019 में दोबारा चुन कर सत्ता में आए थे। उस चुनाव में लोकसभा में भाजपा के 303 सदस्य चुने गए थे। महज कुछ ही महीनों बाद 5 अगस्त 2019 को वह ऐतिहासक काम मोदी सरकार ने किया जो सियासी रूप से अससंभव माना जाता था। कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को रद्द करना। इसके लिए जिस अटूट इच्छाशक्ति की जरूरत वह पीएम मोदी ने दिखाया,लेकिन सियासी गुणाभाग सरकार के अनुकूल नहीं थी। खासकर राज्यसभा में। लेकिन मोदी ने यह कर दिखाया और इसके लिए जिस गोपनीयता से तैयारी की जरूरत थी उसे फुलप्रूफ किया गया।

पीएम के अलावा सिर्फ दो मंत्रियों को थी जानकारी

सूत्रों का कहना है कि, केंद्र सरकार में पीएम के अलावा सिर्फ दो मंत्रियों को सरकार के इस कदम के बारे में जानकारी थी। गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ। 3 अगस्त को तैयारी पूरी कर ली गई। लेकिन इसे राज्यसभा (जहां बहुमत नहीं था) वहां पेश करने का फैसला खुद पीएम ने लिया।

राज्यसभा में ही क्यों लाया गया

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटाने के लिए जो रणनीति बनी उसके तहत यह चर्चा हुई थी कि यदि लोकसभा में इसे लाया गया तो वहां तो विधेयक पास हो जाएगा लेकिन इस बीच विपक्ष को समय मिल जाएगा जिससे राज्यसभा में इसके लटकने की आशंका बनी रहेगी। इसके उलट यदि इसे राज्यसभा में लाया जाए तो विपक्ष को इसके विरोध के लिए समय नहीं मिलेगा और वहां से पास हो जाने के बाद लोकसभा से इसे पास कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वहां संख्याबल सरकार के पास है।

यह तय करने के बाद राज्यसभा के तत्कालीन सभापति और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडु को इस बारे में ब्रीफ किया गया। वेंकैया यह सुनकर चौंक पड़े और पहला सवाल किया कि, संख्याबल। सूत्रों का कहना है कि पीएम की तरफ से उन्हे बताया गया कि आप सदन चलाने और विधेयक को पेश कराने की फुलप्रूफ तैयारी करें। वेंकैया नायडु के एक नजदीकी व्यक्ति का कहना है कि यह तैयारी इतनी जबरदस्त थी वेंकैया ने घर में भी इसका जिक्र नहीं किया। उन्हे 4 तारीख की रात निंद तक नहीं आई।

वेंकैया के पूजा पर बैठने की क्या थी वजह

अगले दिन 5 अगस्त की सुबह वह पहला मौका था जब वेंकैया नायडु की धर्मपत्नी पूजा कर रही थी और वेंकैया पूजा घर में जाकर बैठ गए और भगवान से प्रार्थना की। यह देख उनकी पत्नी भी चौंक गई। अमूमन वेंकैया पूजा के दौरान मौजूद नहीं रहते हैं। सिर्फ उनकी पत्नी पूजा करती है। वेंकैया जब घर से निकलते हैं तो पूजा घर की आरती उनकी पत्नी लाती हैं और वेंकैया आरती लेकर काम पर चले जाते हैं। लेकिन 5 अगस्त 2019 को वेंकैया न सिर्फ पूजा में बैठे बल्कि आरती भी खुद ही की। घर से संसद के लिए निकलते वक्त उनकी पत्नी ने इस परिवर्तन की वजह जाननी चाही लेकिन वेंकैया ने बताया नहीं। बाद में जब राज्यसभा में अनुच्छेद 370 और 35ए निरस्त हो गया तो शाम में वेंकैया ने पूजा के रहस्य के पीछे की कहानी पत्नी को समझाया था।