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राहुल गांधी ने वाजपेयी सहित तमाम बड़ी हस्तियों को समाधियों पर जाकर अर्पित की श्रद्धांजलि

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जो भारत जोड़ो यात्रा के तहत राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं, ने सोमवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी सहित देश की बड़ी हस्तियों को उनकी समाधियों पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी शामिल हैं।

सबसे पहले सुबह राहुल गांधी पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। राहुल ने महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी के अलावा दिग्गज भाजपा नेता और पूर्व पीएम अटल विहारी वाजपेयी की समाधि पर जाकर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किये।

कड़ाके की ठंड के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अन्य नेताओं के साथ पहले वीर भूमि पहुंचे। आज भी राहुल ने टी-शर्ट और पैंट पहन राखी थी। समाधियों के क्षेत्र में वे नंगे पांव चले।

इस बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि जो लोग ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी से बातचीत करने जा रहे हैं, खुफिया ब्यूरो के लोग उनसे पूछताछ कर रहे हैं। यात्रा से जुड़ी किसी गोपनीयता से मना करते हुए, जयराम ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेता ‘घबराए’ हुए हैं।

जयराम ने एक ट्वीट में कहा – ‘आईबी कई लोगों से पूछताछ कर रही है, जिन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी से बातचीत की थी। जासूस हर तरह के सवाल पूछ रहे हैं और उन्हें सौंपे गए ज्ञापन की प्रतियां चाहते हैं। यात्रा के बारे में कुछ भी गुप्त नहीं है, लेकिन स्पष्ट रूप से, मोदी और शाह घबराए हुए हैं।’

इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा के लिए उनकी सराहना की और कहा कि उनके भाषणों ने खलबली मचा दी है। स्टालिन ने देश के पहले प्रधानमंत्री दिवंगत जवाहरलाल नेहरू की प्रशंसा करते हुए स्टालिन ने कहा कि देश को धर्मनिरपेक्षता और समानता जैसे मूल्यों को बनाए रखने के लिए उनके जैसे नेता और महात्मा गांधी की जरूरत है।

ए गोपन्ना की नेहरू पर लिखी पुस्तक ‘ममानीथर नेहरू’ के विमोचन पर स्टालिन ने कहा – ”नेहरू सच्चे लोकतंत्रवादी थे। संसदीय लोकतंत्र के प्रतीक थे। इसीलिए सभी लोकतांत्रिक ताकतें उनकी जय-जयकार करती हैं। प्रिय भाई राहुल अखिल भारतीय ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे हैं। राहुल के भाषणों से देश में खलबली मच रही है। वह चुनावी राजनीति या दलगत राजनीति नहीं, बल्कि विचारधारा की राजनीति कर रहे हैं इसीलिए कुछ लोग उनका विरोध कर रहे हैं।’

नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने आया हूं- राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पहुंची दिल्ली

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा आज दिल्ली में प्रवेश कर चुकी हैं। दिल्ली पहुंचने पर राहुल गांधी ने कहा कि, “मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने आया हूं, आप भी अपनी मोहब्बत की छोटी सी दुकान खोलिए। चुने हुए लोग नफरत फैला रहे हैं। गरीब, किसान सब हाथ पकड़कर चल रहे हैं। हम 3000 किलोमीटर से ज़्यादा चल चुके हैं। आप पूछिए कि यहां इस यात्रा में किसी की धर्म या मजहब पूछा गया हैं।”

राहुल गांधी ने आगे कहा कि, यहां सिर्फ मोहब्बत और इज्जत है, हमारी यात्रा बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ हैं। हमारी यात्रा नफरत के खिलाफ हैं। हम एक हिंदुस्तानी को दूसरों हिंदुस्तानी को गले लगवाते हैं। मेरे चेहरे को देखने से लग रहा है कि मैं 3000 किलोमीटर चल चुका हूं? लेकिन मैं नहीं थका मुझे आपने अपनी शक्ति दी हैं।“

वहीं कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि, “मैं जब कन्याकुमारी से चला तब मुझे एक बात पता चली कि इस देश में नफरत नहीं है, इस देश में सिर्फ मोहब्बत हैं। नफरत सिर्फ मीडिया वाले दिखते हैं।“

राहुल गांधी ने गुरुवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि, वह कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा को रोकने के लिए बहाने ढूंढ रहे हैं। यात्रा इस समय हरियाणा में हैं और शनिवार को यह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश करेगी। उन्होंने आगे कहा कि, अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मुझे पत्र लिख रहे हैं कि कोविड वापस आ गया है, यात्रा बंद करो। शेष भारत में भाजपा जितनी चाहे जनसभाएं कर सकती है, लेकिन जहां भारत जोड़ो यात्रा चल रही है, वहां कोरोना और कोविड हैं।“

गुलाम नबी आज़ाद की पार्टी संकट में, तारा चंद समेत तीन बड़े नेता पार्टी से निष्कासित

कांग्रेस से अलग होकर जम्मू कश्मीर में अपनी पार्टी बनाने वाले वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद को बड़ा झटका लगा है। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने की तैयारी कर रहे डेमोक्रेट आज़ाद पार्टी के तीन बड़े नेताओं, जिनमें एक पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद भी शामिल हैं, को आज़ाद ने पार्टी से बाहर कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक पार्टी से जुड़े नेताओं को उम्मीद थी कि गुलाम नबी आज़ाद सूबे में एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरेंगे, लेकिन तीन महीने बाद भी पार्टी की सक्रियता न होने के बाद अपने भविष्य को अन्धकार में देखते हुए इन नेताओं ने वापस कांग्रेस में लौटने का मन बना लिया था और वे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के तैयारी कर रहे थे।

जिन नेताओं को आज़ाद ने पार्टी से बाहर किया है उनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चाँद भी शामिल हैं जो कांग्रेस में दशकों तक रहने के बाद आज़ाद के साथ चले गए थे। डेमोक्रेट आज़ाद पार्टी में तारा चाँद को आज़ाद ने उपाध्यक्ष बनाया था। उनके अलावा पूर्व विधायकों डा. मनोहर लाल और बलवान सिंह भी पार्टी से निष्कासित कर दिए गए हैं।

कांग्रेस का जम्मू में ख़ासा आधार माना जाता है जबकि घाटी में भी पार्टी के विधायक जीतते रहे हैं। आज़ाद राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और जम्मू संभाग के डोडा जिले से हैं। आज़ाद जब कांग्रेस छोड़कर गए थे तो कई लोगों को बहुत हैरानी हुई थी क्योंकि उन्हें गांधी परिवार का ख़ास माना जाता था। जबकि उन्होंने बगावत भी गांधी परिवार के ही खिलाफ की। संजय गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक आज़ाद गांधी परिवार के चहेते नेता रहे। संजय गांधी तो उनके विवाह में शामिल होने के लिए खास तौर पर श्रीनगर आये थे।

वैसे जम्मू कश्मीर में कांग्रेस का ढांचा आज़ाद के आने के बाद भी बिखरा नहीं था क्योंकि कई बड़े नेता आज़ाद के साथ नहीं गए थे। तारा चंद को आज़ाद का बहुत करीबी माना जाता रहा है और वह पहले नेता थे जिन्होँने राज्य में आज़ाद का झंडा उठाने की घोषणा की थी। लिहाजा उनका उनसे अलग होना आज़ाद के लिए झटका है।

तारा चंद ने आरोप लगाया है कि गुलाम नबी आज़ाद की नई पार्टी जम्मू और कश्मीर में धर्मनिरपेक्ष मतों को विभाजित कर रही है। खबर है कि तारा चंद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के राज्य में प्रवेश करने पर उनका स्वागत करने जाएंगे और उसमें लगातार साथ रहेंगे। चर्चा है कि आज़ाद की पार्टी के कई नेता कांग्रेस में लौटने का मन बना चुके हैं और इनमें से कुछ आज़ाद को भी सलाह दे रहे हैं कि उन्हें भी घर वापसी करके कांग्रेस में लौट जाना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना और उसमें सुधार लाना मोदी सरकार का मूल दर्शन..- सुभाष सरकार

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने कोविड-19 पर बात करते हुए कहा कि, “20/12/2022 तक, 102.55 करोड़ पहली खुराक, 95.12 करोड़ दूसरी खुराक, और 22.34 करोड़ एहतियाती खुराक, यानी कुल मिलाकर 220.01 करोड़ टीके लगाए गए है। ‘वैक्सीन मैत्री’ कार्यक्रम के तहत, भारत ने कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से 150 से अधिक देशों को बहुत सस्ती कीमत पर कोविड-19 से संबंधित चिकित्सा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई है। महामारी से लड़ने के लिए सरकार ने 2020 से नवंबर 2022 तक 3388 परीक्षण प्रयोगशालाएं विकसित की हैं।

‘मिशन इंद्रधनुष’ पर जोर देते हुए कहा कि मिशन की घोषणा 25 दिसंबर, 2014 को घातक बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण दर बढ़ाने के लिए की गई थी, जिसे पूरे देश में टीकाकरण से रोका जा सकता है। मिशन इन्द्रधनुष ने अंतर को पाटने और व्यापक टीकाकरण की दिशा में स्थायी लाभ प्राप्त करने में अत्यधिक योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है।

उन्होंने आगे कहा कि, सरकार ने लगभग 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया है। अब तक जारी किए गए आयुष्मान कार्डों की कुल संख्या 21.24 करोड़ है और अस्पतालों में भर्ती होने की कुल संख्या 4.22 करोड़ है।“

सुभाष सरकार ने कहा कि, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार द्वारा एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया गया है और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। बीमार व्यक्तियों का इलाज करने के बजाय हेल्थ एंड वेलनेस का एक नया दृष्टिकोण स्वास्थ्य क्षेत्र की कार्यप्रणाली का मूल बन गया।“

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव के लिए सरकार की विभिन्न पहलों के बारे में बताते हुए कहा कि, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में मदद करता है।

सरकार ने मृत्यु दर अनुपात के आंकडें भी साझा किए जिसमें वर्ष 2014 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) प्रति लाख पर 130 थी, जो 2020 में यह घटकर प्रति लाख पर 97 हो गई। वहीं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में बदलाव के बारे में भी बताते हुए कहा कि जो प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 2014 में 39 थी ,वहीं वर्ष  2022 में घटकर 28 हो गई हैं।

उन्होंने नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) और  5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को भी साझा किया, नवजात मृत्यु दर, जो प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 2014 में 26 थी, 2020 में घटकर 20 हो गई और 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 2014 में 45 थी, जो 2020 में घटकर 32 हो गई।

सरकार की विभिन्न योजना जैसे, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम), नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, कैंसर, मधुमेह, सीवीडी और स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) की रोकथाम और नियंत्रण का राष्ट्रीय कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी), प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई), आदि पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि, सरकार आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर रही है। यह 4 स्तंभों पर टिकी है, जो कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस (एबी-एचडब्ल्यूसी), आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) और आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) हैं।

आगे बताते हुए कहा कि, 2006-07 से 2013-14 तक कुल 1,59,832 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, और फिर 2014-15 के बाद, 2013-14 से 2021-22 तक कुल 4,27,501 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

वहीं वर्ष 2012-13 में 6 एम्स ने अपने शैक्षणिक सत्र शुरू किए। लेकिन 2014 के बाद पीएमएसएसवाई के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का अनुसरण करते हुए देश के विभिन्न राज्य जिसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, असम, झारखंड, गुजरात, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, बिहार, हरियाणा और तमिलनाडु में नए एम्स के लिए 16 प्रमुख परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि, 30.11.2022 तक, कैबिनेट ने 20,944 करोड़ रुपये के फंड के साथ 16 नए एम्स के परिव्यय को मंजूरी दी। इसके लिए 10,595 करोड़ रुपये का कोष जारी किया गया है।

सिक्किम में सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा; 16 जवानों की मौत, चार घायल

एक बड़े हादसे में सिक्किम के जेमा लाचेन इलाके में शुक्रवार को सेना के एक ट्रक के गहरी खाई में गिर जाने से 16 जवानों की मौत हो गई है। चार जवानों को बचा लिया गया है जो घायल हैं। मरने वालों में तीन जेसीओ शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक यह हादसा तब हुआ जब पहाड़ी इलाके में एक गहन मोड़ पर चालक ने ट्रक पर से नियंत्रण खो दिया और वह नीचे जा गिरा। सेना ने एक बयान में बताया है कि यह हादसा सिक्किम के लाचेन में हुआ है।

हादसे में तीन जेसीओ समेत 16 जवानों की मौत हो गयी है जबकि चार घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। हादसे का शिकार होने वाले ट्रक के पीछे सेना के ही  दो और वाहन भी आ रहे थे।

तीनों वाहन आज सुबह चटन से निकले और जो थंगू की ओर जा रहे थे। घटना के बाद सेना की इमरजेंसी रेस्क्यू टीम ने हेलीकॉप्टर के जरिए 4 घायल जवानों को बाहर निकाला। शवों को भी हेलीकॉप्टर के जरिए निकाला गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले जवानों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना पर दुख जताया है।

शैली ओबरॉय आप की एमसीडी की मेयर, मोहम्मद इकबाल उपमेयर पद के प्रत्याशी

आखिर आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली नगर निगम के लिए मेयर सहित अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आप ने दो हफ्ते पहले हुए दिल्ली नगर निगम के चुनाव में 134 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था और भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया था। पार्टी ने मेयर पद के लिए शैली ओबरॉय जबकि उप मेयर मोहम्मद इकबाल नाम घोषित किया है। मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अगले साल 6 जनवरी को होना है।

एमसीडी के मेयर पद के उम्मीदवार तय करने के लिए आप ने शुक्रवार को बैठक कर नामों पर मंथन किया। इसके बाद मेयर पद के लिए शैली ओबेरॉय के नाम पर मुहर लगाई गई। उप मेयर के लिए जिन मोहम्मद इकबाल का नाम तय किया गया है वह पार्टी विधायक शोएब इकबाल के बेटे हैं। शैली ओबरॉय पटेल वार्ड 86 से पार्षद हैं, वहीं मोहम्मद इकबाल मटिया महल के वार्ड 76 से पार्षद हैं।

पार्टी ने स्टैंडिंग कमेटी सदस्य के लिए आमिल मलिक, रविंद्र कौर, मोहिनी जीनवाल और सारिका चौधरी के नाम की भी घोषणा की है। मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 6 जनवरी, 2023 को होना है।

नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को 250 सीटों में से 134 और भाजपा को 104 सीटें जबकि कांग्रेस को 9 सीटें मिली थीं। आप के पास स्पष्ट बहुमत है, हालांकि, पार्टी को लगता है कि भाजपा गड़बड़ कर सकती है। बेशक भाजपा ने कहा है कि वह मेयर पद का चुनाव लड़ेगी या नहीं इसका फैसला अभी करेगी।

सदन में स्पष्ट बहुमत वाली पार्टी पार्षद का नाम मेयर पद के लिए मनोनीत कर सकती है। लेकिन, अगर कोई विपक्षी दल फैसले का विरोध करता है और अपना उम्मीदवार घोषित करता है, तो चुनाव करवाना जरूरी होगा। उपराज्यपाल महापौर के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी को नामित करता है। यहाँ यह बता दें कि  निकाय चुनाव में दल-बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता है, कोई भी पार्षद किसी भी उम्मीदवार को वोट दे सकता है।

नाक में डाली जाने वाली कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी, देशभर के अस्पतालों में अगले सप्ताह अभ्यास

केंद्र सरकार ने कोविड-19 की नाक में डाली जाने वाली वैक्सीन को मंजूरी दे दी हैं। इसे टीकाकरण में आज से ही शामिल किया जाएगा और यह प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध भी होगी।

मंगलवार को देशभर के सभी अस्पतालों में कोविड को लेकर मॉक ड्रिल किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी दिल्ली के एक अस्पताल में मौजूद रहेंगे।

सूत्रों के अनुसार, हमें जागरूक होने की जरूरत है न कि पैनिक क्रिएट करने की। पिछले 8 महीनों में भारत में मामलों में लगातार गिरावट देखी गई हैं। पॉजिटिविटी सिर्फ 0.41 प्रतिशत थी।

चार केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में कोई सक्रिय मामले नहीं हैं मास्क फिलहाल एडवाइजरी के तौर पर ही रहेगा और शनिवार से सभी एयरपोर्ट्स पर रैंडम सैंपलिंग शुरू हो जाएगी।

वहीं रैंडम सैंपलिंग के लिए यात्री से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और स्वास्थ्य मंत्रालय इसका खर्च उठाएगा। सूत्रों के अनुसार एयरलाइन रैंडम ढंग से 2 प्रतिशत यात्रियों की पहचान करेगी।

महात्मा गांधी की तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नानाभाऊ पटोले

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नानाभाऊ पटोले ने भाजपा के नए भारत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि  महात्मा गांधी की तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती।  उन्होंने कहा कि, भाजपा का न्यू इंडिया केवल कुछ दोस्तों को सुपर-रिच बनाने के बारे में हैं, जबकि बाकी की आबादी दबे-कुचले और भूखे रह जाते हैं। हमें इस नए भारत की आवश्यकता नहीं हैं।“

उन्होंने आगे कहा कि, अगर वे मोदी जी को नए भारत का राष्ट्रपिता बनाना चाहते है तो कुछ अमीर व्यापारियों के लिए तो उन्हें बनाने दीजिए। मैं उन्हें उसी के लिए बधाई देता हूं।“

अमृता फडणवीस के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि, “ये न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है बल्कि पूरे राष्ट्र का अपमान है। भारतीय जनता पार्टी के दो पिता हो सकते हैं लेकिन देश के नहीं। देश के एक ही राष्ट्रपिता हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि देवेंद्र फडणवीस की पत्नी के दिल से वो बात निकली है जो उनके दिल में हैं। भाजपा और उनके संगठन जो गोडसे के पुजार है उनके दिल में महात्मा गांधी के लिए जो नफरत है जिसने गांधी की हत्या की। ये अपमान हमारे राष्ट्रपिता का केवल अपमान नहीं है बल्कि पूरे राष्ट्र का अपमान हैं।“

आपको बता दें, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने बुधवार को  नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि, हमारे पास दो राष्ट्रिपिता हैं। नरेंद्र मोदी नए भारत के पिता है और महात्मा गांधी पहले के समय के राष्ट्रपिता हैं।“

श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामला: आरोपी आफताब ने वापस ली जमानत अर्जी

दिल्ली की एक स्थानीय अदालत महरौली में हुए श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। किंतु आरोपी आफताब पूनावाला ने अपनी जमानत अर्जी वापस से ली हैं।

आफताब के वकील एमएस खान ने कोर्ट को बताया कि सोमवार को आफताब से 50 मिनट की लंबी चर्चा के बाद आरोपी ने जमानत याचिका वापस लेने का फैसला किया हैं।

वकील ने कोर्ट में बताया कि गलत सूचना के कारण याचिका दायर की गर्इ थी। दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि आफताब पूनावाला को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उसके अपराध ने समाज को गहराई से प्रभावित किया हैं।

बता दें आफताब के वकील ने अपने मुवक्किल से बातचीत करने के लिए 17 दिसंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान समय मांगा था। वहीं आफताब पूनावाला ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिल्ली की अदालत में पेश होने के दौरान 17 दिसंबर को कहा कि उसे नहीं पता था कि उसकी तरफ से जमानत याचिका दायर की गयी हैं।

पूनावाला ने अदालत से कहा कि उसने वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसे जानकारी नहीं थी कि उसकी ओर से जमानत याचिका दायर की जाएगी। और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वृंदी कुमारी ने कहा कि जमानत याचिका तबतक लंबित रहेगी जब तक आरोपी वकील से मिल लेगा, तभी यह फैसला होगा कि जमानत याचिका पेश की जाएगी या नहीं।

वहीं दूसरी तरफ श्रद्धा के पिता विकास वालकर लगातार यह मांग कर रहे है कि आफताब ने उनकी बेटी की नृशंस हत्या की है और उसे कड़ी से कड़ी सजा हो साथ ही उसके घरवालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं उसे फांसी की सजी हो जैसा मेरी बेटी के साथ हुआ ऐसा किसी के साथ ना हो।

राजनारायण पर पुस्तक के विमोचन पर बोले संजय सिंह- ‘उन्होंने राजनीति की धारा बदली’

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि देश को आज राजनारायण जैसे कार्यकर्ता की ज़रुरत है। उन्होंने कहा कि राजनारायण ने सत्य के लिए जो लड़ाई लड़ी और इंदिरा गांधी जैसी ताकतवर नेता से लोहा लिया उसने देश की राजनीति की धारा को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई।

सिंह ने शाहनवाज कादरी की लिखी पुस्तक ‘राजनारायण – एक नाम नहीं इतिहास हैं’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि – ‘आज हमें देश के कोने-कोने में राजनारायण जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की जरूरत है, जो आवश्यकता पड़ने पर प्रतिष्ठानों और सरकारों पर सवाल उठाने की हिम्मत कर सकें।’

विमोचन कार्यक्रम नई दिल्ली में गांधी पीस फाउंडेशन में आयोजित किया गया। इसमें कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। याद रहे राजनारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव में कदाचार का एक चर्चित कानूनी मामला जीता था। इसके ही कारण तत्कालीन पीएम को 1975 में अयोग्य घोषित किया गया जिसके बाद देश में आपातकाल लागू कर दिया गया था। इसके बाद 1977 में हुए लोकसभा के चुनाव में राजनारायण ने इंदिरा गांधी को हराया था।

पुस्तक में 27 पन्नों का अध्याय लिखने वाले राज कुमार जैन ने इस अवसर पर कहा – ‘राजनारायण के व्यक्तित्व में जरूर कोई बात होगी कि इतनी बड़ी संख्या में लोग समाज, विशेषकर दलितों के लिए उनके योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां एकत्र हुए हैं।’

विमोचन के अवसर पर समाजवादी नेता और विचारक रघु ठाकुर, राज्यसभा के पूर्व सांसद ओबेदुल्ला खान आजमी, प्रोफेसर राज कुमार जैन और प्रोफेसर रमेश दीक्षित सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।