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रूस का यूक्रेन पर पुतिन की हत्या की साजिश का आरोप

रूस ने क्रेमलिन पर ड्रोन हमले को अपने राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की हत्या की साजिश करार दिया है और इसका आरोप उक्रेन पर लगाया है। रूस के इस आरोप का यूक्रेन ने खंडन किया है। जब यह हमला हुआ उस समय पुतिन अपने घर में नहीं थे। इसके बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई की है जिसमें 21 लोगों की मौत होने की खबर है।

इस घटना के बाद पुतिन के पर्सनल मीडिया डिपार्टमेंट ने एक बयान जारी किया जिसके मुताबिक ‘क्रेमलिन पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात ड्रोन से हमले किए गए। इसमें राष्ट्रपति को कोई नुकसान नहीं हुआ। पुतिन पूरी तरह महफूज हैं और उनके कामकाज में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया।’

यूक्रेन के साथ युद्ध के बाद पहली बार रूस ने यूक्रेन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि व्लादिमिर पुतिन के घर पर यूक्रेन ने ड्रोन से हमले की कोशिश की गयी। रूस ने कहा – ‘हम इसे आतंकी हमला मानते हैं। यह प्रेसिडेंट को जान से मारने की साजिश थी।’

रूस के इन आरोपों का यूक्रेन ने खंडन किया है। यूक्रेन ने कहा कि क्रेमलिन पर हुए कथित ड्रोन हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के प्रवक्ता मिखाइलो पोडोलियाक ने पुतिन पर हमले की कोशिश के बारे में कहा- ‘हमें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि क्रेमलिन पर कोई कथित हमला किया गया है। हम सिर्फ अपने देश की हिफाजत कर रहे हैं, दूसरों पर हमले का कोई इरादा नहीं है। रूस सिर्फ यूक्रेन को तबाह करने के बहाने तलाश रहा है।’

उधर रूस ने कहा कि दो ड्रोन से पुतिन के क्रेमलिन निवास को निशाना बनाया। रूस ने इसे 9 मई को होने वाली विक्ट्री डे परेड से पहले एक यूक्रेनी ‘आतंकवादी हमला’ करार दिया है। रूस ने यूक्रेन के धमकी देते हुए कहा कि ‘हमारे पास इस हमले का जवाब देने का अधिकार है। इसके लिए जगह और वक्त का चुनाव भी रूस ही करेगा।’

राहुल गांधी ने एनसीपी नेता सुप्रिया सुले से फोन पर की बातचीत

एक बड़े घटनाक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एनसीपी नेता शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले से फोन पर बात की। पवार के एनसीपी प्रमुख पद छोड़ने की घोषणा के बाद राहुल गांधी इकलौते नेता हैं, जिन्होंने सुले से बात की है।

अभी यह साफ़ नहीं है कि दोनों के बीच क्या बात हुई है। पवार के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल है। सुले के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं शरद पवार के भतीजे अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल को अध्यक्ष की दौड़ में आगे माना जाता है।

हालांकि, यह कहा जा रहा है कि नए अध्यक्ष के चयन के लिए शरद पवार ने जो समिति बनाई है उसमें ज्यादातर सदस्य शरद पवार को ही अध्यक्ष पद पर चाहते हैं। ऐसे में भी यदि शरद पवार मना करते हैं तो सुप्रिया सुले का एनसीपी अध्यक्ष बनना तय हो जाएगा।

अब राहुल गांधी की सुप्रिया सुले से बातचीत को दिलचस्प माना जा रहा है। कांग्रेस महाराष्ट्र में एनसीपी-शिवसेना गठबंधन में सहयोगी है और सरकार में साथ रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि एनसीपी अध्यक्ष को लेकर क्या फैसला होता है।

अजय बंगा निर्विरोध चुने गए विश्व बैंक अध्यक्ष, 2 जून को करेंगे पद ग्रहण

अजय बंगा निर्विरोध विश्व बैंक के अगले अध्यक्ष चुन लिए गए हैं और 2 जून को अपना कार्यभार संभाल लेंगे। वे भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी हैं और इस पद पर बैठने वाले पहले सिख-अमेरिकी भी हैं। उनका कार्यकाल पांच साल तक के लिए होगा।

बंगा इस नियुक्ति के समय तक जनरल अटलांटिक के वाइस चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। वे मास्टरकार्ड इंक के प्रमुख भी रहे हैं। बंगा (63) की नियुक्ति को लेकर विश्व बैंक बयान में कहा गया है – ‘विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों ने बुधवार को अजय बंगा को पांच साल के लिए अध्यक्ष चुन लिया। उनका पांच साल का कार्यकाल दो जून, से शुरू होगा।’

अपना बयान में विश्व बैंक ने कहा – ‘निदेशक मंडल को बंगा के साथ मिलकर विश्व बैंक समूह विकास प्रक्रिया पर काम करने का इंतजार है। अप्रैल में संपन्न बैठक में इस विकास प्रक्रिया पर सहमति बनी थी। इसके अलावा विकासशील देशों के समक्ष मौजूद मुश्किल विकास चुनौतियों से निपटने के प्रयासों पर भी मिलकर काम करना है।’

याद रहे बंगा दुनिया के शीर्ष वित्तीय संस्थानों- विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में से किसी की भी कमान संभालने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति और पहले सिख-अमेरिकी हैं। बंगा का जन्म भारत में ही हुआ और भारत सरकार वर्ष 2016 में उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित कर चुकी है।

बता दें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फरवरी में बंगा को विश्व बैंक के मुखिया पद के लिए नामित करने की घोषणा की थी। बाइडन ने कहा था कि बंगा इतिहास के इस महत्वपूर्ण क्षण में इस वैश्विक संस्था की अगुवाई करने के लिए सक्षम हैं। बंगा अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ भी काम कर चुके हैं और ‘पार्टनरशिप फॉर सेंट्रल अमेरिका’ के सह-प्रमुख थे।

विधानसभा के बाद शिमला नगर निगम चुनाव में भी हारी भाजपा, कांग्रेस जीती

विधानसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 2 मई को हुए नगर निगम का चुनाव भी हार गयी है। निगम चुनाव में मतों की गिनती गुरुवार को हुई जिसमें कुल 34 सीटों में से कांग्रेस ने 24 सीटें जीत ली हैं। भाजपा को 9 और माकपा को एक सीट मिली है। इसके अलावा नगर निगम पालमपुर के उपचुनाव में भी कांग्रेस ने जीत दर्ज की है।

इस चुनाव की बागडोर खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने अपने हाथ में ले ली थी जो खुद एक समय यहाँ पार्षद रह चुके हैं। यही नहीं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी लगातार शिमला में डटे हुए थे। कांग्रेस की एकजुटता के आगे भाजपा कमजोर साबित हुई, भले उसका नेतृत्व विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कर रहे थे।

नतीजों के मुताबिक 34 में से कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 24 सीटें जीती हैं और पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने विजेता पार्षदों को बधाई दी है और कहा है कि जनता ने उनकी सरकार के इन चार महीनों के काम पर मुहर लगाई है।

कांग्रेस को कैथू, अनाडेल, टुटू, मज्याठ, बालूगंज, कच्चीघाटी, टूटीकंडी, नाभा, रामबाजार, लोअर बाजार, जाखू, बैनमोर, इंजनघर, संजौली चौक, लोअर ढली, शांति विहार, भट्ठाकुफर, सांगटी, मल्याणा, छोटा शिमला, विकास नगर, कंगना धार, खलीनी और कनलोग में जीत मिली है।

उधर पालमपुर के निगम उपचुनाव में भी कांग्रेस को जीत मिली है। पार्टी ने अपनी सीट बरकरार रखी है। आज हुई मतगणना में कुल 1036 मतों में से कांग्रेस की राधा सूद को 739 जबकि भाजपा की रेनू कटोच को 288 मत मिले। राधा सूद ने इस सीट को 451 मतों के बड़े अंतर से जीता।

दस दिन में कोरोना के नए मामलों में 10 हज़ार मरीजों की आई कमी

देश में कोविड-19 के मामलों में आया उछाल अस्थायी साबित हुआ है और अब रोज आने वाले मामलों की संख्या लगातार नीचे जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में 3,720 नए मामले सामने आए हैं और रोजाना का पॉजिटिविटी रेट भी घटकर 2.47 फीसदी रह गया है।

देश में सक्रिय मामलों की संख्या इस समय 40,177 है जबकि रिकवरी रेट 98.73 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में 7,698 लोग कोरोना से ठीक हुए जबकि ठीक होने वालों की कुल संख्या 4,43,84,955 हो गई है।

इधर राजधानी दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 289 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर 9.74 फीसदी रही। इस दौरान एक मरीज की मौत हो गई। हालांकि, राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उसकी मौत का प्राथमिक कारण संक्रमण (कोरोना) नहीं था।

केवल 50 फीसदी उड़ानें क्योंकि अमेरिकी फर्म से इंजन नहीं मिले: गोफर्स्ट एयरलाइन

फंड्स की कमी के कारण तीन दिन तक आपरेशन (उड़ानें) बंद रखने की घोषणा करने वाली गो फर्स्ट एयरलाइन ने बुधवार को कहा है कि उसे अमेरिकी इंजन कंपनी पीएंडडब्ल्यू इंटरनेशनल एयरो इंजन की तरफ से आपूर्ति किए गए विफल इंजनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण उड़ानें बंद करनी पड़ी हैं।

गो फर्स्ट एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि उसके बेड़े का केवल 50 प्रतिशत ही परिचालन में है क्योंकि उसे अमेरिकी फर्म प्रैट एंड व्हिटनी (पी) से अतिरिक्त इंजन नहीं मिल रहे हैं। इस बीच विमानन नियामक डीजीसीए ने सभी निर्धारित उड़ानें रद्द करने से पहले उसे सूचित नहीं करने के लिए गो फर्स्ट को नोटिस भेजा और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एयरलाइंस को ऐसा करने से पहले नियामक को बताना होगा कि वे सभी निर्धारित उड़ानें रद्द करना चाहते हैं, अन्यथा यह नागरिक उड्डयन नियमों का उल्लंघन होगा। उधर गो फर्स्ट ने कहा कि उसे ‘पीएंडडब्ल्यू इंटरनेशनल एयरो इंजन द्वारा आपूर्ति किए गए विफल इंजनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण उड़ानें बंद करनी पड़ीं, नतीजतन गो फर्स्ट को 25 विमान (अपने एयरबस ए320 नियो बेड़े का 50 प्रतिशत) ग्राउंड करने पड़े।’

वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने दिल्ली में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण के समक्ष दिवालियापन के लिए भी अर्जी दायर की है। गो फर्स्ट के मुख्य कार्यकारी कौशिक खोना को उद्धत करते हुए रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है (स्वैच्छिक दिवाला समाधान कार्यवाही के लिए दाखिल करना) लेकिन कंपनी के हितों की रक्षा के लिए ऐसा किया जाना बेहद जरूरी था।’

दिल्ली वक्फ बोर्ड का 123 संपत्तियों में प्रबंधन जारी रहेगा: दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश में कहा कि 123 संपत्तियों में दिल्ली वक्फ बोर्ड का प्रबंधन जारी रहेगा। इससे दिल्ली वक्फ बोर्ड को अंतरिम राहत मिली है। मामले की अगली सुनवाई अब 6 नवंबर को होगी।

उच्च न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार 123 संपत्ति का फिजिकल इंस्पेक्शन कर सकती है। हालांकि, अदालत ने यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि इन संपत्तियों में दिल्ली वक्फ बोर्ड के रोज़मर्रा के कामकाज में कम से कम व्यवधान उत्पन्न हो।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि 123 संपत्तियों में दिल्ली वक्फ बोर्ड का प्रबंधन जारी रहेगा। बता दें कि 8 फरवरी को केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी करके दिल्ली की बेहद प्राइम लोकेशन की 123 वक़्फ़ संपत्तियों से दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड का दावा ख़त्म करने का आदेश दिया था और इन संपत्तियों के फिजिकल इंस्पेक्शन कराने का आदेश दिया था।

बता दें इन 123 संपत्तियों में मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान आदि हैं, जो दिल्ली की बेहद प्राइम लोकेशन पर हैं। केंद्र सरकार के इस आदेश के खिलाफ दिल्ली वक्फ बोर्ड ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की अगली सुनवाई अब 6 नवंबर को होगी।

अगर ज़रुरत पड़ी तो हम दिल्ली का घेराव करेंगे, महावीर फोगाट ने कहा

यौन उत्पीड़न के आरोपों और भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग के साथ जंतर मंतर पर महिला पहलवानों और उनके समर्थन में उतरे लोगों का धरना जारी है। इस बीच पूर्व पहलवान और फोगाट बहनों के पिता महावीर फोगाट ने बुधवार को कहा कि ‘यह करो या मरो की स्थिति है अगर जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली का घेराव करेंगे। हम सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हैं।’

महावीर फोगाट ने एक बयान में कहा – ‘हम इस लड़ाई में एकजुट हैं। बबिता फोगाट भी इस लड़ाई का हिस्सा हैं। जनवरी में भी धरना हुआ था। हम स्थिति के बारे में खेल मंत्री, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सूचित करना चाहते थे। आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया गया था, लेकिन न्याय नहीं मिला। कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।’

पूर्व पहलवान महावीर ने कहा कि ‘इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं है। हमारा परिवार साथ है। हम डब्ल्यूएफआई में कोई पद नहीं लेंगे। हम 2014 में कुछ आरोपों के बारे में जानते थे, लेकिन तब कुछ नहीं कहना चाहते थे, क्योंकि मेरी तीन बेटियां राष्ट्रमंडल खेलों में खेल रही थीं। अगर हम तब बोलते तो उन्हें अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाती।’

महावीर ने कहा – ‘पीटी उषा और मैरी कॉम महिला खिलाड़ी होने के नाते बेहतर जानती हैं। भाजपा कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, लेकिन यह भाजपा के बारे में नहीं है। हमारा सवाल है कि क्या मैं अपने बच्चों के साथ नहीं खड़ा रहूंगा? हमें बहुत समर्थन मिल रहा है और अगर जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली का घेराव करेंगे। हम सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हैं।’

इस बीच धरने पर बैठीं भारत की शीर्ष पहलवान विनेश फोगाट ने कहा है कि एक शक्तिशाली व्यक्ति के खिलाफ खड़ा होना मुश्किल है, जो अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा – ‘पहली बार जंतर मंतर पर अपना विरोध शुरू करने से पहले पहलवानों ने एक अधिकारी से मुलाकात की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जंतर मंतर पर बैठने से तीन-चार महीने पहले, हम एक अधिकारी से मिले थे, हमने उन्हें सब कुछ बताया था कि कैसे महिला एथलीटों का यौन उत्पीड़न और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जब कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो हम धरने पर बैठ गए।’

सुप्रीम कोर्ट से बेअंत के हत्यारे को फांसी सजा पर नहीं मिली राहत

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को पंजाब के दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा पर माफी की याचिका पर उन्हें कोई राहत नहीं दी है। सर्वोच्च अदालत ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने से इनकार कर दिया है।

याद रहे 2 मार्च को सर्वोच्च अदालत ने बलवंत सिंह राजोआना की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा था। उस समय केंद्र सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला दिया गया था। अब सर्वोच्च अदालत ने दया याचिका पर केंद्रीय गृहमंत्रालय को जल्द फैसला लेने को भी कहा है।

गौरतलब है कि राजोआना करीब 27 साल से जेल में बंद हैं। उनकी दया याचिका भी 10 साल से ज़्यादा से केंद्र सरकार के पास लंबित है। राजोआना की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि बम ब्लास्ट में मुख्यमंत्री की मौत हो गई थी। मामले में जुलाई 2007 में सज़ा सुनाई गई थी और हाई कोर्ट ने 2010 में सज़ा बरकरार रखा था।  राजोआना 27 साल से जेल में है, 2012 से दया याचिका लंबित है।

रोहतगी की कोर्ट में दलील थी कि मौत की सज़ा के मामले में लंबे समय तक देरी करना मौलिक अधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि 2012 से दया याचिका लंबित है, हम 2023 में आ गए, यह सीधे रूप से कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। रोहतगी ने  कहा कि राजोआना की उम्र अब 56 साल हो गई है जबकि जब घटना हुई थी उस समय राजोआना युवा थे।

राजोआना के वकील ने कोर्ट से यह भी कहा कि हम दया याचिका पर उनके फैसले का इंतज़ार नहीं कर सकते, कोर्ट को मामले में अब फैसला सुनाना चाहिए। रोहतगी का तर्क है कि यह अमानवीय है, विकल्प के रूप में अगर दया याचिका पर फैसला नहीं होता है तब तक राजोआना को पैरोल पर छोड़ा जा सकता है।

शरद पवार ने एनसीपी अध्यक्ष पद से इस्तीफे का किया ऐलान, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दुखी

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया साथ ही चुनाव नहीं लड़ने का भी फैसला किया है।

शरद पवार के इस फैसले से पार्टी के अन्य नेता खुश नहीं हैं। और उनके ऐलान के बाद उनके समर्थक खड़े हो गए व फैसला वापस लेने का आग्रह करने लगे। पार्टी के कर्इ नेता व कार्यकर्ता काफी दुखी हैं और नारेबाजी कर मांग की कि एनसीपी सुप्रीमो को अपना फैसला वापस लें।

उन्होंने कहा कि, “राज्सभा में मेरा तीन साल का कार्यकाल बाकी है। मैं आगे चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैंने अपना राजनीतिक जीवन 1 मई 1960 को शुरू किया था। कल हमने मर्इ दिवस मनाया। इतने लंबे राजनीतिक करियर के बाद कहीं रुकने के बारे में सोचना चाहिए। किसी को लालची नहीं होना चाहिए।”

एनसीपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि, “आगे की रणनीति तय करने के लिए एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की एक समिति बनाई जाए। इस समिति में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, पीसी चाको, नरहरि जिरवाल, अजीत पवार, सुप्रिया सुले, जयंत पाटिल, छगन भुजबल, दिलीप वलसे-पाटिल, अनिल देशमुख, राजेश टोपे, जितेंद्र अवध, हसन मुश्रीफ, जयदेव गायकवाड, धनंजय मुंडे औप पार्टी फ्रंटल सेल के प्रमुख शामिल होंगे। ”

वहीं दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने शरद पवार के इस ऐलान के बाद कहा कि, “शरद पवार साहब द्वारा लिया गया फैसला हमारे लिए भी चौंकाने वाला है। हम भी यही चाहते है कि वे सन्यास न लें। हम जानते हैं कि उम्र की पाबंदियां होती हैं लेकिन उनकी उपस्थिति भी बहुत मायने रखती है।“