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कब तक तैरेंगे खून के दरिया में : सिद्धू

पंजाब कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, जो इमरान खान के प्रधानमंत्री पद की शपथ में शामिल होने गए हैं, ने पाक आर्मी चीफ के गले मिलने के बाद उठे विवाद का जवाब शनिवार को इस्लामाबाद में प्रेस कांफ्रेंस करके किया। उन्होंने कहा कि जनरल बाजवा ने उनसे बातचीत में कहा कि वे चाहते हैं शान्ति हैं।

सिद्धू ने कहा कि वे राजनेता के तौर पर नहीं दोस्त बनकर इस्लामाबाद आये हैं। सिद्धू ने कहा दोनों देशों में रिश्ते बेहतर होने चाहिए। ”कब तक हम खून के दरिया में तैरते रहेंगे।” सिद्धू ने कहा कि मैं यहाँ दोस्त के नाते आया हूँ। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने गुरदासपुर-करतारपुर सड़क को लेकर भी बात की जिसपर उन्हें सकारात्मक उत्तर मिला। उन्होंने रावी के पानी की भी बात की और कहा दोस्ती के लिए कदम बढाए जाने चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को इमरान खान के रूप में जो नेता मिला है उससे लोगों को बहुत उम्मीद है। सिद्धू ने कहा कि इमरान खान पाकिस्तान की तकदीर बदल सकते हैं।

उन्होंने प्रेस कांफेरेंस में यह भी कहा कि एक देश को एक कदन और दूसरे देश को दो कदम आगे बढ़ाने चाहियें ताकि दोनों के रिश्तों में शान्ति आ सके।

गौरतलब है कि देश में सिद्धू के पाक आर्मी चीफ से गले मिलने के बाद से ही भाजपा नेता उनपर हमला कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों की तरफ से उनके इस व्यवहार की निंदा की गयी है। इसके बाद ही सिद्धू को सफाई देने प्रेस कांफेरेंस करनी पड़ी।  वैसे कांग्रेस की तरफ से इस मसले पर कोइ आधिकारिक टिपण्णी अभी नहीं आई है।

प्रियंका-निक की उँगलियों में सगाई की अंगूठी

भारत में हज़ारों दिलों की धड़कन प्रियंका चोपड़ा ने अपने मित्र निक जोनस से सगाई कर ली है। कुछ हफ़्तों में दो फिल्मों की ऑफर ठुकराने के बाद से ही संकेत मिल रहे थे कि प्रियंका अपनी ज़िंदगी को लेकर बड़ा फैसला करने वाली हैं। प्रियंका चोपड़ा ने जिन निक जोनस से सगाई की है वे अमेरिका के जाने माने पॉप सिंगर है।

दोनों की सगाई (रोका सेरेमनी) की तस्वीरें शनिवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। प्रियंका और निक करीब दो साल से डेट कर रहे थे।

इन तस्वीरों में दिख रहा है कि पीले रंग के लहंगे में प्रियंका बेहद खूबसूरत दिख रही हैं। उनके मंगेतर निक जोनस सफ़ेद शेरवानी में बिलकुल देसी दूल्हे जैसे ही लग रहे हैं। सगाई और रोका सेरेमनी की फोटोज सामने आई हैं जिनमें प्रियंका और निक पारंपरिक तरीके से पूजा में बैठे हैं। दिलचस्प यह है कि प्रियंका के बुडवी सास-ससुर जिनका नाम पॉल केविन जोनस सीनियर और डेनिस मिलेर-जोना है, भी देसी लुक में नजर आ रहे हैं और काफी प्रसन्न दिख रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों की सगाई की रस्म पंजाबी रीति-रिवाज के मुताबिक हुई है। सिर्फ करीबी दोस्त और परिजन ही इस कार्यक्रम में शामिल। हुए। दोनों की शादी की तारीख के ऐलान का अभी इंतजार है।

जो तस्वीरें अभी तक सामने आई हैं उन्हें देखने से पता चलता है कि प्रियंका के घर आए पंडित ने पूजा-पाठ के साथ दोनों की ”रोका” सेरेमनी कराई। प्रियंका और निक की रोका सेरेमनी की पहली फोटो भी सामने आ गई है। प्रियंका यलो कलर के लहंगे में तो वहीं निक व्हाइट शेरवानी में नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक सेरेमनी के लिए कजन सिस्टर परिणीति चोपड़ा सबसे पहले प्रियंका के घर पहुंचीं। जोनस की माता डेनिस और पिता केविन गुरुवार को ही मुंबई पहुंच गए थे। जानकारी के मुताबिक शनिवार की शाम पार्टी के लिए प्रियंका के दोस्तों और करीबियों के लिए निमंत्रण भेजे गए हैं। मुकेश अंबानी, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय,  रणवीर सिंह, कंगना रनोट, आलिया भट्ट, अनुराग कश्यप, संजय लीला भंसाली, दीपिका पादुकोण जैसी हस्तियां इसमें शामिल हो सकती हैं।

केरल में तबाही का मंजर

केरल में तबाही का मंजर है। हर तरफ जल-थल है। बीते नौ दिन में भारी बारिश और बाढ़ से १८९  लोगों की मौत हो चुकी है। मई से अब तक  यह अंखडा ३२४ का है। केरल भर में करीब सवा तीन लाख लोग बेघर होकर 1568 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। केरल में यह आज तक का सबसे गंभीर बाद संकट है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। उन्होंने राज्य को 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मदद देने की घोषणा की है। पहले भी १०० करोड़ की मदद केंद्र सरकार ने दी थी। आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को केंद्र की तरफ से 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से फोन पर बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार देर रात केरल पहुंचे थे। शनिवार सुबह कोच्चि में मुख्यमंत्री और आला अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद वे मुख्यमंत्री के साथ हवाई सर्वे के लिए निकले।

उधर कांग्रेस अध्यक्ष ने केरल की हालत को देखते हुए हैरानी जताई है कि क्यों मोदी सरकार ने इसे ”राष्ट्रीय आपदा” अभी तक घोषित नहीं किया है। राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे सूबे में लोगों की मदद को आगे आएं।

केरल में चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने रविवार तक केरल और पड़ोसी तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। एर्नाकुलम के अलुवा में ही ७० हजार लोग विष्ठापन का दर्द झेल रहे हैं। सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक बाढ़ से केरल में आठ हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

केरल में सेना के साथ एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जलभराव के चलते राज्य में छोटे-बड़े 80 बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। केरल में बाद से जल योजनाएं फेल हो गयी हैं और वहां पीने के पानी की बड़ी कमी हो गयी है। बाढ़ के कारण कोच्चि एयरपोर्ट बंद है। एअर इंडिया ने कोच्चि की अपनी विमान सेवाओं को तिरुवनंतपुरम से शुरू किया। शुक्रवार को राज्य से गुजरने वाली या चलने वाली 35 ट्रेनों को रद्द किया गया। केरल सरकार कोच्चि के नौसेना हवाई अड्डे से भी उड़ानें शुरू कराने की कोशिश में हैं।

केरल में गंभीर हालत देखते हुए दूसरे राज्यों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। विभिन्न राज्यों ने केरल को आर्थिक मदद की घोषणा की है।

पीएम इमरान

बाईस गज की क्रिकेट पिच पर सालों राज करने के बाद करीब ८,०३,९४० वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल और करीब २१ करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान का जिम्मा सँभालने के लिए इमरान खान को करीब २२ साल लगे। कोइ २६ साल पहले नवाज शरीफ ने इमरान को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया था लेकिन इमरान ने उसे स्वीकार नहीं किया था। आज यही इमरान खान नियाज़ी पाकिस्तान के 22वें वज़ीर-ए-आज़म हो गए। राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सन १९९६ में जब उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ पार्टी बनाई थी तब बहुत लोगों ने उन्हें गंभीर राजनेता नहीं माना था लेकिन वे लगातार मैदान में डटे रहे और वो मुकाम आज हासिल कर लिया जिसका सपना उनके समर्थकों ने पाकिस्तान में देखा था। उनकी पत्नी बुशरा भी हिजाब के पीछे से पति इमरान को शपथ लेते देख रहीं थी।

पूरे दक्षिण एशिया की नजर 65 वर्षीय इमरान खान पर है। हिन्दोस्तान के साथ पाकिस्तान के रिश्तों को देखते हुए पूरी दिनिया की नज़र इमरान खान है जिनके बारे में चुनाव ने नतीजे आने तक यह कहा गया कि वे पाक सेना और आईएसआई के सहयोग से जीते हैं। यदि सच में ऐसा है तो इसे एक सकारात्मक रूप से भी देखा जा सकता है कि यदि इमरान इन दोनों (सेना-आईएसआई) के भरोसे में लेकर भारत के साथ रिश्तों में सुधार की कोशिश करते हैं तो वह ज्यादा मजबूत और सफल हो सकती है।

क्रिकेट की टीम के कप्तान के नाते इमरान खुद टीम का चयन करते थे। उनका वहां के क्रिकेट बोर्ड पर भी पूरा कंट्रोल रहता था। अब बतौर पीएम वे क्या देश पर वैसी ही पकड़ बना पाएंगे इस पर सभी नज़र रहेगी।

पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिद्धू भी बतौर इमरान के दोस्त शपथ ग्रहण में शामिल हुए। टीवी फुटेज में दिखा की उन्होंने पाक आर्मी चीफ से हाथ मिलाया और उनके गले भी मिले। कुछ देर उनके बीच बातचीत भी हुई। शपथ लेते हुए इमरान कई बार लड़खड़ा गए और शब्दों का उच्चारण सही नहीं कर पाए। उनके शपथ लेने का पहला शब्द ”बतौर मुस्लमान” था। भारत में इमरान को लेकर प्रतिक्रियाएं जारी हैं और सभी अपने अपने हिसाब से मत व्यक्त कर रहे हैं।

इस बीच रिपोर्ट्स के मुताबिक शपथ से एक रोज पहले ही इमरान ने कहा था कि ”वह ऐसी चुनाव प्रणाली बनाएंगे जिससे कोई भी व्यक्ति भविष्य में चुनावों में खामियां नहीं तलाश पाएगा। कोइ मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश नहीं करे। मैं किसी तानाशाह के कंधों पर चढ़कर नहीं आया। मैं 22 साल के संघर्ष के बाद इस मुकाम पर पहुंचा हूं। सिर्फ एक नेता ने मुझसे ज्यादा संघर्ष किया और वह मेरे हीरो (पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली) जिन्ना थे”। देखना है इमरान अपने इन सकारात्मक शब्दों को किस हद तक अमलीजामा पहना पाते हैं।

इमरान ने देश में पाकिस्तान में सख्त जवाबदेही कायम करने की बात भी कही है। उन्होने कहा -” मैं वादा करता हूं कि मैं पाकिस्तान को लूटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करुंगा। जिस काले धन को सफेद किया गया, मैं उसे वापस लाऊंगा। जो पैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी पर खर्च होने चाहिए थे, वे लोगों की जेब में चले गए”।

गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर को देश की नव-निर्वाचित संसद ने शुक्रवार को ही अपना नया प्रधानमंत्री चुना था। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने प्रधानमंत्री पद के लिए हो रहे मतदान से हटने का फैसला किया। मतदान में इमरान को 176 मत हासिल हुए। पीपीपी के पास सदन में 54 सीटें हैं तो पीएमएल-एन के पास 81 सीटें हैं। दूसरी तरफ 25 जुलाई को देश में हुए आम चुनाव में गठबंधन दलों के साथ मिलकर 151 सीटें हासिल की जो बहुमत से ज्यादा है। हालांकि असेंबली में अभी उसके पास 175 सांसदों का समर्थन है।

पाकिस्तान में 25 जुलाई को हुए आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 116 सीटें जीती थीं, लेकिन इमरान समेत कुछ उम्मीदवारों के एक से ज्यादा सीटों पर चुनाव जीतने की वजह से पार्टी को छह सीटें छोड़नी पड़ीं। चुनाव आयोग ने पीटीआई को नौ सीटें अल्पसंख्यक कोटे की और 33 सीटें आरक्षित कोटे की दीं। उसके पास कुल 152 सीटें हैं और बहुमत के लिए पीटीआई ने कई छोटे दलों से गठबंधन किया। पाकिस्तान के नेशनल असेंबली में नए प्रधानमंत्री के चयन के लिए शुक्रवार को विशेष सत्र बुलाया था। विशेष सत्र में प्रधानमंत्री पद के लिए वोटिंग कराई गई जिसमें पाटीआई नेता इमरान खान ने बाजी मार ली।

विशेष सत्र में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के मनोनीत प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) के नेता शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। दोनों ने सदन में नेता के रूप में नामांकन किया था जिस कारण वहां पर प्रधानमंत्री के चुनाव की स्थिति पैदा हुई और इसके लिए शुक्रवार को असेंबली में मतदान कराना पड़ा। उनकी नियुक्ति में उस समय ट्विस्ट आ गया जब पीएमएल-एन के नेता शहबाज शरीफ ने भी विपक्षी दलों के साथ गठबंधन कर प्रधानमंत्री पद के लिए दावा ठोक दिया।

पंचतत्व में विलीन मां भारती का सपूत

मैंने जन्म नहीं मांगा था किंतु मरण की मांग करुंगा जाने कितनी बार जिया हूं, जाने कितनी बार मरा हूं। जन्म मरण के फेरे से मैं इतना पहले नहीं डरा हूं। अंतहीन अंधियार ज्योति की कब तक और तलाश करूंगा मैंने जन्म नहीं मांगा था, किंतु मरण की मांग करुंगा बचपन, यौवन और बुढ़ापा कुछ दशकों में खत्म कहानी फिर-फिर जीना, फिर-फिर मरना। पूर्व जन्म के पूर्व बसी दुनिया का द्वारचार करूंगा मैंने जन्म नहीं मांगा था किंतु मरण की मांग करूंगा। – (वाजपेयी की एक कविता)
स्मृति स्थल पर भीड़ थी। लेकिन वे अकेले थे फूलों से सजी अर्थी के भीतर। निशब्द। और कुछ ही देर में अमर हो के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन होने को तैयार। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपयी के अंतिम संस्कार से पहले स्मृति स्थल पर उन्हें विदा करने आये हुजूम ने दो मिनट का मौन रखा मानों वे निशब्द वाजपयी के साथ अपनी भावना, अपना दुःख साझा करना चाहते हों। सेना के तीनों अध्यक्षों ने उन्हें सलामी दी। फिर मातमी धुन के साथ उन्हें तोपों की सलामी दी गयी। पार्थिव देह से तिरंगा हटाया गया। पूरे राजकीय सम्मान के साथ करीब 4.58 बजे पूरे हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक उनकी पार्थिव देह को दत्तक पुत्री नमिता ने मुखाग्नि दी।
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, लोक सभा में भाजपा के मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर, मध्य प्रदश के मुख्यमंत्री शिव राज चौहान और अन्य कई नेता पैदल ही वाजपेयी की शव यात्रा के साथ समृति स्थल तक पैदल गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकया नायुडु, लाल कृष्ण आडवाणी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, भाजपा ध्यक्ष अमित शाह, सभी मंत्री, कई मुख्यमंत्री सहित बड़ी तादाद में नेता और उनके सभी परिजन उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली और श्रीलंका के कार्यवाह विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय से अंतिम यात्रा के लिए स्मृति स्थल के लिए ले जाया गया। इस दौरान सड़क के दोनों किनारों पर लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन की लालसा में खड़े रहे। तिरंगे में लिपटा वाजपेयी का पार्थिव शरीर फूलों से सजे तोप ले जाने वाले वाहन पर रखा हुआ था। उनका पार्थिव शरीर सुबह करीब 10 बजे भाजपा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ। पूरा रास्ता ‘अटल बिहारी अमर रहें’ के नारों से गूंजता रहा।
इससे पहले भाजपा मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम केन्द्रीय मंत्रियों एवं अन्य लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये। लंबी बीमारी के बाद कल शाम 93 वर्ष की आयु में वाजपेयी का एम्स में निधन हो गया।
इससे पहले अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आवास पर पहुंचे। इसके चलते ही उनका पार्थिव शरीर कृष्‍णा मेनन मार्ग से 9 बजे की जगह 10 बजे बीजेपी मुख्‍यालय के लिए ले जाया गया। उन्‍हें पीएम मोदी और अमित शाह ने श्रद्धांजलि दी। रात को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने वाजपेयी  के निवास पर अन्य नेताओं के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।

अटल मृत्यु से हारे वाजपेयी

ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।, मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।, मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?, तू दबे पाँव, चोरी-छिपे से न आ, सामने वार कर फिर मुझे आज़मा।, मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र, शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर।, बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं, दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।, प्यार इतना परायों से मुझको मिला, न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला।, हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये, आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए, आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है, नाव भँवरों की बाँहों में मेहमान है, पार पाने का क़ायम मगर हौसला, देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई, मौत से ठन गई।
यह अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता है। वीर रस के कवि की मौत के सामने हार न मानने की कविता। लेकिन आज वे मौत से हार गए –  एक वीर की तरह। वे उसके सामने डटे रहे। लेकिन मौत अटल है और वाजपेयी भी उससे हार गए। ९३ साल की ज़िंदगी के बाद। यह देश की राजनीति के एक सबसे बड़े दिग्गज और अजातशत्रु की मौत का मातम मनाने की घड़ी है।
वाजपेयी भाजपा के अब तक – आडवाणी से लेकर मोदी तक – के सबसे बड़ा सर्वमान्य और सेकुलर चेहरा थे। गुजरात में २००२ के दंगों के वक्त अटल ही ऐसे नेता थे जो अपने ही मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) को राजधर्म का निर्वहन करने का सबक देकर आये थे। यहाँ तक कि 1992 में आडवाणी की रथ यात्रा के भी वे विरोध मे थे। और प्रधानमंत्री रहते जब उनकी सरकार पर ”भारतीय पेट्रोल पंप पार्टी” होने का आरोप लगा तो उन्होंने अपने मंत्री से इस्तीफा लिया। जवाहर लाल नेहरू ने उनका भाषण सुनकर कहा था कि यह शख्स एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनेगा। और वाजपयी बने।
वे लाहौर दोस्ती की बस लेकर गए तो श्रीनगर जाकर पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाने की बात की। पोखरण (दो) परमाणु विस्फोट के बाद अटल ने कहा था – देश की ज़रुरत सबसे बड़ी है और उसकी ताकत दुनिया में दिखनी भी चाहिए। वाजपेयी प्रकृति प्रेमी थे और हिमाचल के मनाली (प्रीणी) में उनका घर है जहाँ वे अक्सर जाया करते थे। माना जाता है कि वाजपेयी ने अपनी कुछ कवितायेँ प्रीणी के अपने घर में ही लिखीं।
यही अटल आज चले गए। वे विनम्र राजनीति के शिखर पुरुष थे। विपक्ष के लिए भी वे सम्मानित नेता थे। आज के नेताओं की तरह उन्होंने कभी किसी विपक्षी नेता  का नाम लेकर निंदा नहीं की। देश के तमाम बड़े नेताओं ने उनके अवसान पर अफ़सोस जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लाल कृष्ण आडवाणी, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, फ़ारूक़ अब्दुल्ला, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मायावती, ममता बनर्जी, शरद पवार सब ने।
वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ। उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था। पिता कृष्णा बिहारी वाजपेयी अपने गाँव के कवि और  अध्यापक थे। वाजपेयी ने ग्वालियर के बारा गोरखी के गोरखी ग्राम स्कूल से शिक्षा ग्रहण की थी। बाद में वे शिक्षा प्राप्त करने ग्वालियर विक्टोरिया कॉलेज (अभी लक्ष्मी बाई कॉलेज) गये और हिंदी, इंग्लिश और संस्कृत में डिस्टिंक्शन से पास हुए। उन्होंने कानपुर के दयानंद एंग्लो-वैदिक कॉलेज से राजनीतिक शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन की। इसके लिये उन्हें फर्स्ट क्लास डिग्री से भी सम्मानित किया गया था।
ग्वालियर के आर्य कुमार सभा से उन्होंने राजनैतिक काम करना शुरू किये, वे उस समय आर्य समाज की युवा शक्ति माने जाते थे और 1944 में वे उसके महासचिव बने। १९३९ में एक स्वयंसेवक की तरह वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हो गये। वहां बाबासाहेब आप्टे से प्रभावित होकर उन्होंने 1940-44 के दर्मियान आरएसएस प्रशिक्षण कैंप में प्रशिक्षण लिया और 1947 में आरएसएस के फुल टाइम कार्यकर्ता बन गये।
विभाजन के बीज फैलने की वजह से उन्होंने लॉ की पढ़ाई बीच में छोड़ प्रचारक बन गए। उन्हें उत्तर प्रदेश भेजा गया और जल्द ही वे दीनदयाल उपाध्याय के साथ राष्ट्रधर्म (हिंदी मासिक ), पाञ्चजन्य (हिंदी साप्ताहिक) और दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे अखबारों के लिये पत्रकारिता करने लगे। वाजपेयी ने शादी नहीं की। वाजपेयी ने नमिता को दत्तक पुत्री बनाया है। प्रकृति प्रेमी वाजपयी हिमाचल प्रदेश के मनाली जाते थे जहाँ उनका एक घर भी है।
वाजपेयी भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्य भी है, वाजपेयी ने भारतीय जन संघ का संचालन भी किया है। मोरारजी देसाई की केविनेट में वे विदेश मंत्री रहे। साल १९८० में जब भारतीय जनता पार्टी बनी तो वे उसके पहले अध्यक्ष बनाये गए। अटल बिहारी वाजपेयी भारत के १०वें प्रधानमंत्री रहे। वे पहले 1996 में 13 दिन तक और फिर 1998 से 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री बने रहे। वे किसी गैर कांग्रेसी सरकार को चलने वाले पहले पीएम भी बने। लोकसभा चुनाव में वाजपेयी ने नौ बार जीत हासिल की। उन्होंने स्वास्थय  समस्या के चलते राजनीति से सन्यास ले लिया।
वाजपेयी को २५ दिसम्बर, 2014 को राष्ट्रपति कार्यालय में भारत का सर्वोच्च पुरस्कार “भारत रत्न” की घोषणा हुई जबकि  उन्हें सम्मान देने राष्ट्रपति खुद 27 मार्च, 2015 को उनके घर आये थे। उनका जन्मदिन 25 दिसम्बर ”गुड गवर्नेंस डे” के रूप में मनाया जाता है।
कविता वाजपेयी की पहचान थी। कविताओ के बारे में वे कहते थे – ”मेरी कवितायेँ युद्ध की घोषणा करने जैसी है जिसमें हारने का कोई डर न हो। मेरी कविताओं में सैनिक को हार का डर नहीं बल्कि जीत की चाह होती है। मेरी कविताओं में डर की आवाज नहीं बल्कि जीत की गूंज होगी। वाजपेयी को १९९२ में पद्म विभूषण, १९९३ में डी.लिट (डॉक्टरेट इन लिटरेचर), कानपुर यूनिवर्सिटी, १९९४ में  लोकमान्य तिलक पुरस्कार, १९९४ में बेस्ट संसद व्यक्ति का पुरस्कार, १९९४ में भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड, २०१५ में भारत रत्न और इसी साल  लिबरेशन वॉर अवार्ड (बांग्लादेश मुक्तिजुद्धो संमनोना) मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने वाजपेयी के निधन पर सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। वाजपेयी का शुक्रवार शाम ५ बजे के करीब विजय घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके लिए वहां १.५ एकड़ ज़मीन उनके स्मारक के लिए चयनित की गयी है। उनका शव एम्स से उनके निवास ६ कृष्णा मेनन मार्ग के लिए ले जाया जा रहा है। कल सुबह ९ बजे से उनकी पार्थिव देह भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखी जाएगी। कई प्रदेश सरकारों ने शुक्रवार को अपने यहाँ छुट्टी का ऐलान किया है। दिल्ली सहित कुछ और प्रदेशों में कल स्कूल भी बंद रहेंगे।

वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक : एम्स का ब्यान

रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत काफी बिगड़ गई है। सुबह ११.०५ बजे एम्स की तरफ से जारी ब्यान में कहा गया है कि वाजपेयी अभी भी लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर हैं। ”उनकी हालत बहुत नाजुक है और कल रात जैसी ही बनी हुई है”।
इस समय मोदी सरकार के लगभग सभी मंत्री एम्स में हैं जबकि लाल कृष्ण आडवाणी भी वही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी थोड़ी देर में वहां आने वाले हैं। एम्स के नजदीक सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। कुछ रास्तों पर से वाहनों और रेडियों को हटा दिया गया है।
मोदी सरकार के तमाम बड़े नेता सुबह से अस्पताल में वाजपेयी को देखने एम्स पहुँच रहे हैं।
वाजपेयी करीब ढाई महीने से दिल्ली के ”एम्स” में भर्ती हैं। वाजपेयी को  ”लाइफ स्पोर्ट सिस्टम” पर रखा गया है जिससे संकेत मिलता है कि उनकी हालत बहुत नाजुक है। भाजपा के एक बड़े नेता के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री की हालत ”बहुत गंभीर” है।
वाजपेयी की गंभीर हालत की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी हालत जानने बुधवार शाम एम्स पहुंचे।
गौरतलब है कि वाजपेयी को 11 जून को किडनी, छाती और यूरिन में इन्फेक्शन की शिकायत पर एम्स में भर्ती करवाया गया था। वाजपेयी को 2009 में भी एक स्ट्रोक पड़ चुका है। बता दें कि ये चौथी बार है कि पीएम मोदी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे हैं।
वैसे एम्स की तरफ से अभी वाजपेयी की सेहत को लेकर कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। इससे पहले 11 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी वाजपेयी का हालचाल लेने ‘एम्स’ पहुंचे थे। करीब ९३ साल के वाजपेयी की सेहत को लेकर देश भर में उनके प्रशंषकों की तरफ से प्रार्थना की जा रही है।

पूर्व पीएम वाजपेयी ”लाइफ स्पोर्ट सिस्टम” पर

रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत काफी बिगड़ गई है। रात सवा दस बाके एम्स की तरफ से जारी ब्यान में कहा गया है कि वाजपेयी लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर हैं। ”उनकी हालत पिछले २४ घंटे में बिगड़ी है”। पीएम के बाद इस समय कई और केंद्रीय मंत्री और नेता वाजपेयी से मिलने एम्स पहुँच रहे हैं।
वाजपेयी करीब ढाई महीने से दिल्ली के ”एम्स” में भर्ती हैं। वाजपेयी को लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर रखा गया है जिससे संकेत मिलता है कि उनकी हालत बहुत नाजुक है। भाजपा के एक बड़े नेता के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री की हालत ”बहुत गंभीर” है।
वाजपेयी की गंभीर हालत की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी हालत जानने बुधवार शाम एम्स पहुंचे। पता चला है कि मोदी वहां काफी देर तक रहे। पीएम ने डाक्टरों से वाजपेयी की हालत की जानकारी ली। पीएम से पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी एम्स में अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत  का हाल जानने वहां पहुंची थीं।
गौरतलब है कि वाजपेयी को 11 जून को किडनी, छाती और यूरिन में इन्फेक्शन की शिकायत पर एम्स में भर्ती करवाया गया था। वाजपेयी को 2009 में भी एक स्ट्रोक पड़ चुका है। बता दें कि ये चौथी बार है कि पीएम मोदी वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे हैं।
इससे पहले 11 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी वाजपेयी का हालचाल लेने ‘एम्स’ पहुंचे थे। करीब ९३ साल के वाजपेयी की सेहत को लेकर देश भर में उनके प्रशंषकों की तरफ से प्रार्थना की जा रही है।

शिवपुरी में १२ लोग झरने में बहे

मध्य प्रदेश के शिवपुरी इलाके में बुधवार को एक बड़े हादसे में पिकनिक के लिए तीन दर्जन से ज्यादा  लोगों में से १२ लोग बह गए हैं जिनका अभी कुछ पता नहीं चला है। उनके अलावा बाकी लोग अभी भी झरने के तेज बहाव के बीच एक चट्टान पर फंसे हुए हैं हालाँकि इनमें से 5 लोगों को बचा लिए जाने की खबर है। बचाव अभियान चलाया गया है हालांकि अँधेरे के चलते इसमें दिक्कत आ रही है। फंसे लोग ग्वालियर के बताये जा रहे हैं।
महाराजगढ़ से हेलीकॉप्‍टर  की व्‍यवस्‍था की गई है जो झरने में रोशनी फेंक कर लोगों का हौसला बढ़ाया जा रहा है। अँधेरे के कारण रेस्‍क्‍यू में बाधा आ रही है। एमपी के सीएम शिव राज चौहान ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को फोन कर मदद के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि और हेलीकॉप्टर आने से बचाव में मदद मिलेगी। शिव राज ने भरोसा दिलाया है कि उन्हें बचा लिया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना शिवपुरी और ग्‍वालियर की सीमा पर स्थित सुल्‍तानगढ़ पोल की है जो एक पिकनिक स्पॉट है। पिकनिक मनाने गए इन लोगों में से करीब १२ उस समय पाने के तेज बहाव में बह गए जब अचानक झरने में बाढ़ सी गयी। पता चला है कि झरने में पानी बढ़ने से यह लोग बह गए और कुछ ही दूर आगे करीब १०० फुट की ऊंचाई से नीचे गिर गए। अभी तक इन लोगों का कुछ पता नहीं चला है। जलप्रपात करीब सौ फीट गहरा है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना शाम सबा चार बजे की है। स्वतंतर्ता दिवस की छुट्टी होने के कारण वहां पर बड़ी संख्‍या में लोग पिकनिक मनाने और प्राकृतिक झरने में नहाने गए थे। शाम करीब सबा चार बजे झरने में पानी का प्रवाह तेज हो गया। इस बीच वहां करीब 20 लोग नहा रहे थे। नौ बजे यह रिपोर्ट लिखे जाने तक बाकी फंसे लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। हालांकि अँधेरा होने के चलते मुश्किल पेश आ रही है। करीब तीन दर्जन लोग अभी फंसे हैं।
पहले उन्हें रस्सी से बचाने की कोशिश की गयी लेकिन इसमें ज्यादा मदद नहीं मिली है। अंधेरा होने के कारण हेलीकॉप्‍टर से एयर लिफ्ट करने में समस्‍या आ रही है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर भी वहां मौजूद हैं। फिलहाल बारिश रुकी है।
सुल्तानगढ़ झरने पर एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है। कुछ लोग खतरा भांपते हुए तेजी से तैर कर किनारे पर पहुँच गए और जान बचा ली। मोहना के सरपंच ने घटना की सूचना मिलते ही तत्‍काल अपने स्‍तर पर कुछ गोताखोरों को बुलाया। एक चट्टान पर २७-२८ जबकि दूसरी पर एक व्यक्ति फंसा है। तमाम सरकारी अमला इस समय मौके पर जुटा हुआ है।

चार साल में बदल गया देश, लाल किले से बोले पीएम

”अपने मन में एक लक्ष्य लिए, मंजिल अपनी प्रत्यक्ष लिए, हम तोड़ रहे हैं जंजीरे, हम बदल रहे हैं तस्वीरें, यह नवयुग है यह नवभारत है, खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, बदल रहे हैं तस्वीर, हम निकल पड़े हैं अपना तन-मन अर्पण करके, जिद है एक सूर्य उगना है, अंबर से आगे जाना है, एक भारत नया बनाना है।”
भारत के 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा लहराया, २०१९ के चुनाव से पहले आखिरी बार। अपने भाषण में सब कुछ शामिल किया। पिछले करीब पांच साल के अपने शासन में देश की सूरत बदल देने का दावा। और यह भी कि उससे पहले देश के नाते भारत दुनिया के सामने मुरझाया सा स्वरुप लिए था और दुनिया भारत की तरफ देखते हुए निराशा का भाव रखती थी। कुल मिलकर २०१९ के लोक सभा चुनाव को नजर रख पीएम मोदी ने देश की जनता के बहाने अपने मतदाता के मन में सकारात्मकता भरने का भरपूर प्रयास किया। उन्होंने एक तरह से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के साढ़े चार साल बाद उछाले गए नारे – इण्डिया शाइनिंग – जैसा ही भाव देने की कोशिश की कि उनके शासन काल के इस साढ़े चार साल में देश बहुत ”शाइन” करने लगा है।  
देश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और दुष्कर्म पर मोदी ने दुःख जताया लेकिन उदाहरण दिया सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान में बहुत कम समय में फांसी देने से, जहाँ जल्दी ही चुनाव होने हैं। मोदी के एक घंटे से ज्यादा के भाषण का सार यही कि सब कुछ अच्छा २०१४ के बाद ही हुआ हालांकि उन्होंने अपने भाषण में इस बार २०१३ के वर्ष से आंकड़े बताये। विपक्ष के महंगाई, राफेल विमान खरीद में घोटाले के आरोप और देश में बढ़ रहे मअब लिंचिंग के मामलों पर कुछ नहीं कहा। इसे चुनावी भाषण कहा जा सकता है। हो सकता है विपक्ष अब कहे कि जो दावे मोदी ने अपने भाषण में किये उनकी सच्चाई तो किसी सोशल ऑडिट से ही सामने आ सकती है। 
अपने भाषण की शुरुआत में मोदी ने कहा कि आज का सूर्योदय एक नई चेतना लेकर आया है। देश की बेटियों की उपलब्धिया गिनाते हुए उन्होंने कहा कि आज हम पर्व हम तब मना रहे हैं, जब हमारी उत्‍तरांचल, मणिपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश की बेटियों ने सात समंदर पार करके हमारे बीच लौट आईं है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि आज का पर्व हमारे लिए कई तरह की खुशिया लाया है। आज पूरा भारत इस बात पर गर्व कर रहा है कि हिन्दुस्तान ने विश्‍व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था होने का गौरव हासिल कर लिया है। 
मोदी ने कहा कि देश के 10 करोड़ परिवारों को यानी करीब 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा की योजना देने वाले हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का आज 15 अगस्त से परीक्षण शुरू हो रहा है। 25 सितंबर को दीन दयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।
अपने ८२ मिनट के भाषण में यूपीए के मुकाबले अपने सरकार के कामकाज की गति की तुलना की। पीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि 2022 तक भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजेगा। उन्होंने बेटियों को बड़ा तोहफा देते हुए महिलाओं के लिए सेना में स्थायी कमीशन की घोषणा की। 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये सालाना बीमा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ को 25 सितंबर से लागू करने का ऐलान किया।
पीएम ने बाबा साहेब अम्‍बेडकर को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद अम्‍बेडकर जी के नेतृत्‍व में भारत ने एक समावेशी संविधान का निर्माण किया गया था। यह संविधान कहता है कि  भारत के तिरंगे से हमें प्रेरणा मिलती है। इसके साथ ही यह संविधान हमारे लिए कुछ जिम्‍मेदारियां लेकर भी आया है। आज हम सभी का कर्त्तव्य है कि हम समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर समान गति से मिलकर आगे बढ़ें।
जम्मू-कश्मीर को लेकर पीएम ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने हमें रास्ता दिखाया था। हम उन्हीं की तरह ”इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत” को आगे बढ़ाना चाहते हैं। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का विकास करना है। हम कश्मीरियों को गले लगाकर आगे बढ़ना चाहते हैं। कश्मीर के पंच आकर हमसे अपील करते थे कि पंचायत चुनाव हो। जल्द ही वहां पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव होंगे।
कहा कि आजादी का यह पर्व हम तब मना रहे हैं जब हमारी बेटियां, उतराखंड, हिमाचल, मणिपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश की बेटियों ने सात समंदर पार किया और सातों समंदर को तिरंगे रंग से रंगकर लौट आईं। अभी-अभी लोकसभा और राज्यसभा के सत्र पूरे हुए हैं। यह सत्र बहुत अच्छे ढंग से चला और संसद का यह सत्र पूरी तरह सामाजिक न्याय को समर्पित था। सोशित, वंचितों और महिलाओं की हकों की रक्षा के लिए संवेदनशीलता के साथ समाजिक न्याय को मजबूत किया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर पिछड़ों-अति पिछड़ों के हकों की रक्षा का प्रयास किया। 
मोदी ने कहा कि भारत विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। ऐसे सकारात्मक माहौल में हम आजादी का पर्व मना रहे हैं। देश को आजादी दिलाने के लिए बापू के नेतृत्व में लाखों लोगों ने जवानी जेलों में गुजार दी। बहुत से लोगों ने आजादी के लिए फांसी के फंदे को चूम लिया। मैं उन वीरों को सलाम करता हूं। इस तिरंगे की आन-बान-शान के लिए सैनिक दिन रात देश की सेवा में लगे रहते हैं। मैं अर्धसैनिक बलों और पुलिसबल को लाल किले की प्राचीर से शत-शत नमन करता हूं। 
मोदी ने कहा कि इन दिनों देश के कोने-कोने से अच्छी बर्षा के साथ बाढ़ की खबरें आ रही हैं। अतिवर्षा की वजह से जिन्हें मुसीबतें झेलनी पड़ीं उनके लिए देश खड़ा है। जिन्होंने अपनों को खोया है उनके दुख में मैं सहभागी हूं। कहा मैंने पहले भी टीम इंडिया का सपना आपके सामने रखा है। जब जन-जन देश को आगे बढ़ाने के लिए जुटते हैं तो क्या कुछ नहीं हो सकता। मैं नम्रता के साथ कहना चाहूंगा कि 2014 में सवा सौ करोड़ देशवासियों ने सिर्फ सरकार नहीं बनाया, देश को आगे बढ़ाने के लिए जुटे रहे। 
पीएम ने कहा कि एलपीजी गैस कनेक्शन 2013 की रफ्तार से चले होते तो उस काम को पूरा करने में 100 साल भी ज्यादा लगता। ऑपटिकल फाइबर बिछाने में उस गति से पहुंचाने में सदियां लग जातीं। देश की अपेक्षाएं बहुत हैं। आज देश में बदलाव आया है। देश वही है, धरती वही है। हवा, आसमान वही हैं। अधिकारी वही हैं फाइलें वहीं हैं, लेकिन 4 साल में देश बदलाव महसूस कर रहा है। देश दोगुने हाइवे बना रहा है चार गुना मकान बना रहा है। देश रेकॉर्ड अन्न के साथ रेकॉर्ड मोबाइल बना रहा है। रेकॉर्ड ट्रैक्टर से रेकॉर्ड हवाई जहाज खरीदारी हो रही है। देश में नए आईआईटी, नए आईआईएम, नए एम्स बना रहा है। टायर-2 टायर थ्री सिटी में स्टार्टअप्स की बाढ़ है। सेना सर्जिकल स्ट्राइक से दुश्मन के दांत खट्टे करती है। देश नई उमंग से आगे बढ़ रहा है। किसान संगठन एमएसपी वृद्धि की मांग कर रहे थे। सालों से डेढ़ गुना एमएसपी की बात हो रही थी, लेकिन हमने हिम्मत के साथ फैसला लिया। जीएसटी पर कौन सहमत नहीं था। सबस चाहते थे, लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। आज हमारे व्यापारी के सहयोग से देश ने जीएसटी लागू कर दिया है। व्यापारियों को जीएसटी के साथ शुरू में कठिनाई आने के बावजूद आगे बढ़ाया। आज इन्सॉलवेंसी और बैंकरप्सी का कानून बना है। किसने ऐसा करने से रोका था। बेनामी संपत्ति के खिलाफ कानून क्यों नहीं बन पाया था। सैनिक वन रैंक-वन पेंशन की मांग कर रहे थे। हमने इसे पूरा किया।
मोदी ने कहा कि भारत के लिए पॉलिसी पैरालिसिस की बात कही जाती थी। वो भी एक वक्त था जब भारत को फ्रेगाइल-5 में गिना जाता था और आज दुनिया कह रही है भारत मल्टी ट्रिल्यन डॉलर निवेश का गंतव्य बन गया है। आज भारत की बात को दुनिया में सुना जा रहा है। दुनिया के मंचों पर हमने अपनी आवाज को बुलंद की है। आज हमें अनगिनत संस्थाओं में स्थान मिला है। आज भारत ग्लोबल वार्मिंग की बात करने वालों के लिए उम्मीद बना है। विश्व में भी भारत की ओर देखने का नजरिया मिला है। भारत में जब नॉर्थ ईस्ट की खबरें आती थीं तो लगता था कि ऐसी खबरें ना आएं तो अच्छा। लेकिन आज नॉर्थ ईस्ट से अच्छी खबरें आ रही हैं। कई फसलों का रेकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। उज्जवला योजना के तहत हमने घर-घर रसोई गैस पहुंचा रहे हैं। पिछले 2 साल में भारत में पांच करोड़ गरीब करीबी रेखा से बाहर आए। हमने गरीबों के लिए कई योजनाएं बनाई है। करीब 90 हजार करोड़ रुपया जो गलत लोगों के हाथों में गलत तरीके से जा रहे थे आज वह बचे हैं। जो इमानदार टैक्सदाता है। उन पैसों से ये योजनाएं चलती हैं। इसका पुण्य ईमानदार टैक्सदाताओं को जाता है। जब आप खाना खा रहे हैं तो तीन गरीब परिवार भी खाना खा रहा है और इसका पुण्य टैक्सदाता को मिलता है। प्रत्यक्ष टैक्सदाताओं की संख्या 2013 तक 4 करोड़ थी और आज पौने 7 करोड़ है, यह ईमानदारी का उदाहरण है।
मोदी ने कहा कि देश को दीमक की तरह भ्रष्टाचार ने बर्बाद किया। दिल्ली के गलियारों में आप पावर ब्रोकर नजर नहीं आते। कुछ लोग देश बेडरूम में बैठकर कहते थे सरकार की नीतियां बदल दूंगा, उनकी दुकानें बंद हो गईं। करीब 3 लाख फर्जी कंपनियां बंद कर दी गईं। एक समय पर्यावरण की मंजूरी भ्रष्टाचार का पहाड़ था, हमने सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। आज सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जज हैं, यह गर्व का विषय है। आजादी के बाद यह पहली कैबिनेट है जब महिलाओं को इतना सम्मान मिला है। मोदी ने कहा कि भारतीय सेना में सॉर्ट सर्विस कमीशन से नियुक्त महिला अधिकारियों को पुरुष अधिकारियों की तरह स्थायी कमीशन की घोषणा करता हूं।
मोदी ने कहा कि बलात्कार की घटनाएं पीड़ा पहुंचाती हैं। पीड़िता से ज्यादा हमें पीड़ा होनी चाहिए। इस बुराई से देश को मुक्त करना होगा। पिछले दिनों मध्य प्रदेश में 5 दिन में बलात्कारियों के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। राजस्थान में भी ऐसा हुआ। इसकी चर्चा जितनी होगी इन राक्षसों को भय होगा। मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को मैं लाल किले से कहना चाहता हूं कि 3 तलाक ने उन्हें पीड़ा दी है। हमने इस संसद सत्र में तीन तलाक के खिलाफ बिल पेश किया था, लेकिन कुछ लोग अभी भी इसे पारित नहीं होने देना चाहते। मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं आपको न्याय दिलाकर रहूंगा। आए दिन नॉर्थ ईस्ट से बम-बंदूक की खबरें आती थीं। आज हमारे सुरक्षाबलों, केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से कुछ वर्षों बाद त्रिपुरा और मेघायल अफस्पा मुक्त हो गया है। नक्सलवाद 126 जिलों से कम होकर 90 जिलों तक सिमट गया है। हमारा मंत्र है- सबका साथ सबका विकास।
मोदी ने कहा कि लोग मेरे लिए भी भांति-भांति की बातें करते हैं। लेकिन जो कुछ भी कहा जाता हो मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार करता हूं मैं बेसब्र हूं। मैं बेसब्र हूं देश को आगे ले जाने के लिए। मैं बेचैन हूं देश को कुपोषण को मुक्त करने के लिए। मैं व्याकुल हूं कि देश के सभी व्यक्ति को बीमा कवर मिले। मैं बेसब्र हूं कि देश के लोगों का जीवनस्तर में सुधार हो। मैं आतुर हूं कि क्योंकि मैं चाहता हूं कि देश अपनी क्षमता और संसाधनों का पूरा लाभ उठाए। रुकना और झुकना हमारे स्वभाव में नहीं। यह देश ना रुकेगा ना झुकेगा और ना थकेगा। हम सिर्फ भविष्य देखकर अटकना नहीं चाहते हैं।