9 मई 2026, नई दिल्ली/ वांशिगटन: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की शांति-वार्ता के बाद दोबारा बातचीत नहीं हुई है। जिसको लेकर अमेरिका की चिंता जस की तस बनी हुई है एसे में दोनो देश 14 प्वाइंट वाले समझौते पर काम कर रहे हैं। जिसमें परमाणु कार्यक्रम और स्टेट ऑफ होर्मुज पर तनाव जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। लेकिन अभी तक इन मुद्दों को लेकर कोई रूपरेखा तैयार नहीं हुई हैं इसलिए एसा माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव को खत्म करने के लिए दूसरे दौर की बातचीत बहुत आवश्यक है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इस कोशिश में हैं कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को हमेशा के लिए शांत किया जा सके।और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति खत्म करके शांति बहाल की जा सके।
इन सब के बीच अमेरिकी पक्ष एक समझौता चाहता है वो चाहता है कि जिसमें ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगे, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जा सके और क्षेत्रीय तनाव कम हो ,साथ ही उसे कई प्रतिबंधो में आराम मिले।
लेकिन अभी तक ईरान ने अमेरिका की कई मांगो को मानने से इंकार कर दिया है। क्योंकि तेहरान न्यूक्लियर कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करने या रोकने के पक्ष में फिलहाल नहीं हैं।
अमेरिका तेहरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है
उधर अमेरिका की कोशिश है कि तेहरान पर दबाव बनाया जा सके।इसके लिए ट्रंप ने पहले भी बमबारी की धमकी दी थी ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज एक बहुत ही महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिससे युद्ध से पहले तेल और गैस की बड़ी खेप, उर्वरक और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद गुज़रते थे। लेकिन ईरान द्वारा इसे बंद कर देने से ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है । इसका नुकसान कई देशों को झेलना पड़ रहा है।जिससे विश्व पर इसका आर्थिक दबाव बढ रहा है।




