
तहलका डेस्क।
नई दिल्ली/ गुवाहाटी। गुवाहाटी में आज संपन्न हुई विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक के बाद असम की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। हिमंता बिस्वा सरमा को एक बार फिर सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है, जिससे उनके लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
यह निर्णय केवल सत्ता की निरंतरता नहीं, बल्कि पिछले दो कार्यकालों के दौरान उनके द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों और सांगठनिक पकड़ की जीत मानी जा रही है। आज के घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में विकास और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर उनके द्वारा स्थापित किए गए प्रतिमानों को ही आगे बढ़ाया जाएगा।

Pic Credit : Himanta Biswa Sarma/Facebook
बैठक के दौरान जिस तरह से सभी विधायकों ने उनके नाम पर मुहर लगाई, वह उनकी निर्विवाद स्वीकार्यता को रेखांकित करता है। इस तीसरी पारी में उनके एजेंडे पर राज्य की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और उग्रवाद मुक्त असम की दिशा में ठोस कदम उठाना प्राथमिकता रहेगी।
पार्टी नेतृत्व का यह भरोसा उनके ‘परफॉरमेंस’ आधारित राजनीति का परिणाम है। अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं, जहां जल्द ही औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

Pic Credit : Himanta Biswa Sarma/Facebook
समर्थकों में इस फैसले को लेकर भारी उत्साह है, जो असम की राजनीति में एक स्थिर और दीर्घकालिक नेतृत्व के दौर की पुष्टि करता है। यह नई पारी असम के आर्थिक और सामाजिक ढांचे के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।



