Bengal में अब ‘विकास’ का नया सवेरा: Gadkari ने दी ऐतिहासिक जीत की बधाई

वैचारिक बदलाव को सराहा: नागपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान गडकरी ने इस सफलता को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में जिस विचारधारा का बीजारोपण किया था, आज उसने बंगाल की मिट्टी में अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं…

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल: दशकों के संघर्ष के बाद खिला 'कमल', अब विकास की बारी…: नितिन गडकरी Pic Credit : PTI/File
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल: दशकों के संघर्ष के बाद खिला 'कमल', अब विकास की बारी…: नितिन गडकरी Pic Credit : PTI/File

तहलका ब्यूरो।

नई दिल्ली/नागपुर। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक क्षितिज पर हुआ सत्ता परिवर्तन केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को मिली व्यापक जन-स्वीकृति है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस ऐतिहासिक बदलाव पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने अब विकास और सुशासन के मार्ग को चुना है। उनके अनुसार, यह जीत उस वैचारिक यात्रा का परिणाम है जिसकी नींव दशकों पहले रखी गई थी।

नागपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान गडकरी ने इस सफलता को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में जिस विचारधारा का बीजारोपण किया था, आज उसने बंगाल की मिट्टी में अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं। यह न केवल कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद भी है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर भाजपा ने 15 साल पुराने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन का अंत कर दिया है। सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मात दी, अब राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल रहे हैं। यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दशकों तक वामपंथी और फिर तृणमूल के गढ़ रहे इस राज्य में भगवा राजनीति ने अपनी सबसे बड़ी लकीर खींची है।

गडकरी ने विश्वास जताया कि यह सत्ता परिवर्तन बंगाल के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पूर्वी भारत का यह महत्वपूर्ण राज्य, जो कभी विकास की दौड़ में पिछड़ गया था, अब केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से उन्नति के नए शिखर छुएगा।