
सुबह 6 बजे दरवाज़े पर दस्तक, और तीन राज्यों में एक साथ ED की टीमें TMC सांसद नदीमुल हक पर मंडराया संकट
नई दिल्ली: सोमवार की सुबह ज्यादातर लोग नींद से जाग भी नहीं पाए थे, तब तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक से जुड़ी कई जगहों पर एजेंसी के अफसर पहुंच चुके थे। प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने लगभग 6 बजे से दिल्ली, कोलकाता और रांची तीन राज्यों में फैले सात ठिकानों पर एक साथ काम शुरू किया। अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसमें दस्तावेज़ छाने जा रहे हैं और वित्तीय रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं। ऑपरेशन अब भी चल रहा है।
सांसद जी भी हैं और मीडिया बॉस भी
हक की पहचान सिर्फ राजनीति से नहीं जुड़ी। 56 साल के इस नेता ने उर्दू पत्रकारिता में अपनी अलग जगह बनाई है। वो कोलकाता से छपने वाले उर्दू अखबार ‘अखबार-ए-मशरिक’ कंपनी के डायरेक्टर हैं, जिसके संस्करण देश के कई शहरों से निकलते हैं। दिल्ली में दबिश उनके सरकारी आवास 61, साउथ एवेन्यू पर पड़ी है। दिलचस्प बात ये है कि इसी आवास को तृणमूल के अस्थायी दफ्तर की तरह भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। कोलकाता में पार्क सर्कस के पास अखबार का मुख्य कार्यालय भी एजेंसी के निशाने पर है।
क्या है माजरा?
एजेंसी के अनुसार ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर शुरू की गई जांच का हिस्सा है। बिधाननगर पुलिस की एक FIR से शुरू हुआ ये केस अब PMLA के दायरे में जांचा जा रहा है। सवाल उठाए जा रहे हैं अखबार की फंडिंग पर संदिग्ध स्रोतों से पैसा आने और नकदी के लेन-देन के आरोपों पर, साथ ही अखबार में छपे उस कंटेंट पर भी जिसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला बताया जा रहा है। पूरा ऑपरेशन केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।
सियासी घमासान शुरू होना तय है, लेकिन अभी न हक की तरफ से कोई जवाब आया है, न ही तृणमूल ने मुंह खोला है। एजेंसी का रुख साफ है जांच पूरी होने तक सिर्फ फाइलें बोलेंगी।



