27 सितंबर का मौसम अलर्ट: उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-यूपी और हिमाचल के लिए भी चेतावनी

भारी बारिश के बीच उत्तराखंड की पहाड़ी सड़क और मौसम की स्थिति का प्रतिनिधि दृश्य
उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी के बीच चारधाम यात्रियों को स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए। यह प्रतिनिधि तस्वीर है।

रुखसार — तहलका

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 27 सितंबर को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के ताजा उप-विभागीय चेतावनी आंकड़ों के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

दिल्ली-एनसीआर में आज भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 26 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसके बाद 28 सितंबर से इस क्षेत्र के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।

इसका मतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में 27 सितंबर का दिन बारिश और अचानक मौसम बदलने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। लोगों को जलभराव वाले रास्तों, यातायात प्रभावित क्षेत्रों और खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने ज्यादा गंभीर चेतावनी जारी की है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 26 सितंबर को दोनों हिस्सों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई थी।

हालांकि 28 सितंबर से उत्तर प्रदेश के लिए इस पूर्वानुमान में कोई विशेष बारिश की चेतावनी नहीं है।

उत्तराखंड में अगले 48 घंटे अहम

उत्तराखंड में स्थिति ज्यादा संवेदनशील है। मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 27 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

खराब मौसम का असर: चारधाम यात्रा पर भी रोक

उत्तराखंड में भारी बारिश और मौसम विभाग की लाल और नारंगी चेतावनी का असर तीर्थयात्रियों पर भी पड़ा है। खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा को 27 और 28 सितंबर तक अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया गया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह फैसला देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 27 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के लिए लाल चेतावनी तथा देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा के लिए नारंगी चेतावनी जारी की गई है।

गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा भी प्रभावित, यात्रियों को होल्डिंग पॉइंट पर रोका गया

मौसम विभाग की लाल चेतावनी को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है।

यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को हीना और डोबाटा स्थित होल्डिंग पॉइंट पर रोका जा रहा है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र और स्मार्ट नियंत्रण कक्ष को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन लगातार बारिश और भूस्खलन की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन, लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों को भी सड़क बाधित होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल करने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

यानी फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यात्रियों के लिए मुख्य व्यवस्था रूट बदलने की नहीं, बल्कि संवेदनशील हिस्सों में यात्रा रोककर उन्हें सुरक्षित होल्डिंग पॉइंट पर रखने की है। यात्रियों को किसी भी वैकल्पिक मार्ग की जानकारी केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही माननी चाहिए।

चारधाम के रास्तों पर मौसम विभाग की निगरानी

मौसम विभाग चारधाम यात्रा के अलग-अलग मार्गों के लिए भी मौसम संबंधी पूर्वानुमान जारी कर रहा है। ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग, रुद्रप्रयाग से जोशीमठ, जोशीमठ से बद्रीनाथ-हेमकुंड साहिब, रुद्रप्रयाग से केदारनाथ, ऋषिकेश से टिहरी, टिहरी से उत्तरकाशी और उत्तरकाशी से गंगोत्री जैसे मार्गों के लिए अलग-अलग मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

इसका मतलब है कि चारधाम यात्रा में किसी भी मार्ग पर आगे बढ़ने से पहले यात्रियों के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा स्थिति देखना जरूरी है।

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 28 सितंबर को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 29 सितंबर से कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।

पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी असर

पंजाब में 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर तक गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी राजस्थान के लिए इस अवधि में कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।

क्या बंगाल की खाड़ी वाला सिस्टम अब भी जिम्मेदार है?

सितंबर के तीसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र मजबूत होकर डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव क्षेत्र) में बदल गया था। मौसम विभाग ने इसके उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को पार करने का पूर्वानुमान जारी किया था। मौसम विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में 23 और 24 सितंबर को इसी डीप डिप्रेशन से संबंधित चेतावनियां दर्ज की गई थीं।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान:

  • खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें।
  • बिजली चमकने के दौरान घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास में वाहन ले जाने से बचें।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित रास्तों पर यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह देखें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम संबंधी किसी भी वायरल संदेश को आधिकारिक सूचना से सत्यापित करें।

अगले 48-72 घंटे क्यों महत्वपूर्ण?

मौसम विभाग के 26 सितंबर के चेतावनी आंकड़ों में उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए 27 सितंबर तक बारिश का असर दिखाई देता है। उत्तराखंड में 28 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में भी 28 सितंबर तक बारिश की चेतावनी बनी हुई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लिए 28 सितंबर से इस पूर्वानुमान में कोई विशेष चेतावनी नहीं है।

यानी मौसम का असर पूरे देश में एक जैसा नहीं है। आने वाले 24 घंटे खास तौर पर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के लिए महत्वपूर्ण हैं।

मौसम विभाग के वर्तमान चेतावनी मानचित्र के मुताबिक अलग-अलग राज्यों में खतरे का स्तर अलग है।