रिपोर्ट: स्नेहलता | तहलका न्यूज़
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। VVIP मूवमेंट को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने दिल्ली के आसपास के कई इलाकों में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) की उड़ानों पर अस्थायी रोक लगाने का निर्देश दिया है।
DGCA के मुताबिक, यह पाबंदी 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटरों से एयरक्राफ्ट उड़ाने या शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। इसमें हल्के विमान, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर और हेलीकॉप्टर समेत अन्य एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
7 राज्यों के FTOs पर रोक
DGCA ने फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन को भेजे संदेश में इन निर्देशों का पालन करने को कहा है। BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगी। इस बार सम्मेलन की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।
स्ट्रीट वेंडर्स को भी काम रोकने की हिदायत
समिट से पहले दिल्ली की सड़कों पर भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जा रही है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से स्टॉल नहीं लगाने और कुछ दिनों के लिए काम रोकने को कहा गया है।
NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम के वेंडर्स ने पुलिस की ओर से ऐसी हिदायत मिलने की बात कही है। संगठन ने अधिकारियों से सुरक्षा के साथ वेंडर्स की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखने की अपील की है।
BRICS से डिजिटल कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
डिजिटल और IT एक्सपर्ट काजिम रिजवी के मुताबिक, BRICS देशों के बीच सीमा पार डिजिटल सेवाओं को आसान बनाने के साझा सिद्धांत भारत के लिए अहम हो सकते हैं। इससे भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स को नए बाजार मिल सकते हैं। सॉफ्टवेयर, AI, साइबर सिक्योरिटी, फिनटेक और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ सकते हैं।
2024 में भारत ने करीब 269 अरब डॉलर की डिजिटल सेवाएं दूसरे देशों को दी थीं और वैश्विक डिजिटल सेवा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी करीब 5.8% रही।
BRIC से BRICS तक
BRICS की शुरुआत 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC समूह के तौर पर हुई। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला शिखर सम्मेलन हुआ। 2011 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद इसका नाम BRICS हुआ।
जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE पूर्ण सदस्य बने। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी शामिल हुआ। अब समूह में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं।
समिट से पहले दिल्ली में सुरक्षा का दायरा जमीन से लेकर आसमान तक बढ़ाया जा रहा है। अब देखना होगा कि VVIP सुरक्षा के साथ आम लोगों और छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी का संतुलन कैसे कायम रहता है।




