बीजेपी की नई टीम ने संभाला मोर्चा, चुनावी राज्यों के लिए तैयार होगी खास रणनीति

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम ने चुनावी रणनीति पर मंथन किया
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए खास रणनीति तैयार की है।

रिपोर्टर प्रिया तिवारी

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम ने पद संभालते ही आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति बनाने का काम शुरू कर दिया है। पार्टी अब उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र से बाहर चुनावी ड्यूटी पर भेजने की तैयारी में है, जिन पर चुनाव के दौरान भीतरघात करने या पार्टी के लिए सही तरीके से काम न करने का संदेह होगा। इसके लिए पार्टी ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

नितिन नवीन की पहली मैराथन बैठक में कई अहम फैसले

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने नवनियुक्त महासचिवों के साथ पहली मैराथन बैठक में कई फैसले किए। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों को लेकर रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चुनावी अभियान में किसी तरह की कमी न रहे और पार्टी को अधिक से अधिक सफलता मिले, इसे लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक गुरुवार को हुई थी।

उत्तर प्रदेश में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती बीजेपी

खास तौर पर उत्तर प्रदेश जैसे पार्टी के मजबूत गढ़ में बीजेपी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी को देखते हुए इस बार अलग रणनीति पर काम करने का फैसला किया गया है। उत्तर प्रदेश समेत आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया जाएगा, जिनसे भीतरघात या सहयोग न मिलने की आशंका है।

टिकट नहीं मिलने पर भीतरघात की आशंका

बैठक में पार्टी के एक वरिष्ठ महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता टिकट के दावेदार हैं। टिकट नहीं मिलने पर कुछ दावेदार चुनाव में भीतरघात कर सकते हैं या पार्टी के अभियान से दूरी बना सकते हैं। ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को दूसरे विधानसभा क्षेत्रों या अन्य राज्यों में चुनावी ड्यूटी पर लगाया जा सकता है।

कार्यकर्ताओं के फीडबैक और स्वतंत्र एजेंसियों से होगी पहचान

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ऐसे नेताओं की पहचान पार्टी के कार्यकर्ताओं के फीडबैक और स्वतंत्र एजेंसियों के जरिए कराई जाएगी। कार्यकर्ताओं के असंतोष से होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के लिए बीजेपी विधानसभा चुनावों में इस फॉर्मूले को आजमाने की तैयारी में है।

असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़कर रखने पर भी चर्चा

इसके साथ ही टिकट के अन्य दावेदारों और असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को पार्टी के साथ जोड़कर रखने पर भी बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, असंतोष को रोकने के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। ये नेता कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उन्हें पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जोड़ने की कोशिश करेंगे।