SRCC के निमंत्रण पर 15 मिनट में आया था जवाब, 2013 के दौरे की याद फिर ताजा

अरविन्द चतुर्वेदी ने बताया कि SRCC के निमंत्रण का मोदी ने 15 मिनट में जवाब दिया था
6 फरवरी 2013 को SRCC में 18,000 छात्रों के सामने नरेंद्र मोदी ने अपना प्रसिद्ध 'आधा गिलास भरा-आधा हवा से' वाला उदाहरण दिया था।

अरविन्द चतुर्वेदी

मुझे 6 फ़रवरी 2013 बुधवार का दिन आज भी याद है जब 18000 छात्र-छात्राएँ उस समय गुजरात के सीएम रहे नरेन्द्र दामोदर दास मोदी का इंतज़ार कर रहे थे। मेरे कानों में एक ही शोर सुनाई पड़ रहा था मोदी ..मोदी ..मोदी। इस शोर के बीच नरेन्द्र मोदी का मंच पर आगमन होता है।

मोदी का ‘तीसरी सोच’ वाला उदाहरण

औपचारिकता पूरी करने के बाद नरेन्द्र मोदी अपने भाषण का आरम्भ करते हैं जिसमें वो गुजरात में अपनी सरकार की तरफ से किए गए कामों का बखान कर रहे होते है जिसमें वो बताते हैं कि कैसे उन्होंने वहां पर बिजली, पानी, सड़क के जनता के समस्याओं को भी हल करने का काम किया।

इसी स्पीच में मोदी यह भी कहते हैं कि वो अलग तरह की सोच रखते है। साल 2013 में, नई दिल्ली में अपने पहले बड़े सार्वजनिक भाषणों में से एक में, मोदी ने कहा था कि वे एक ऐसे नेता हैं जो “अलग तरह से” सोचते हैं।

इसे समझाने के लिए, उन्होंने पानी का एक गिलास उठाया और आधा भरा व आधा खाली का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा था, “एक चीज़ को देखने का अलग नज़रिया होता है। मान लीजिए मैं आपको दिखाऊँ, तो आप में से जो आशावादी होंगे, वो कहेंगे आधा गिलास भरा हुआ है। जो निराशावादी हैं, वो कहेंगे आधा गिलास खाली है। मित्रों, मैं दो रास्तों से अलग रास्ते का इंसान हूँ। मेरी तीसरी सोच है और मेरी सोच यह है, यह गिलास भरा हुआ है —आधा पानी से, आधा हवा से।”

नरेन्द्र मोदी की बात समाप्त होती है और वो आकर अपनी सीट पर बैठ जाते हैं।

SRCC प्रिंसिपल ने बताया 15 मिनट में मिला जवाब

इसके बाद उस समय के Sri Ram College of Commerce के प्रिंसिपल डॉ पी सी जैन पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के लिए लोगों के बीच मंच पर आते हैं।

एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि इस देश में और भी कई बड़ी हस्तियां थी, फिर आप ने नरेन्द्र मोदी को ही आमंत्रित क्यों किया? SRCC के प्रिंसिपल ने जबाब दिया। इस कार्यक्रम के लिए मैंने देश भर के कई बड़े नेताओं को पत्र लिखा। कई लोगों को ईमेल किया। हमारे आफिस ने कई महानुभावों को फोन किया।

उन्होंने बताया कि हम लोगों के जवाब का इंतज़ार करते रहे। जब हमने नरेन्द्र मोदी के आफिस से सम्पर्क कर उन्हें SRCC कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया तो उनके आफिस से केवल 15 मिनट में जबाब आ गया। इस जबाब ने SRCC के इस कार्यक्रम के लिए अतिथि बनाने के लिए प्रेरित किया।