
स्नेहलता, तहलका
नई दिल्ली। 24 सितंबर, 2026 । सोचिए… एक ऐसा मिशन जिसे सिर्फ छह महीने के लिए बनाया गया हो, लेकिन वही मिशन भारत को दुनिया के अंतरिक्ष इतिहास में ऐसी जगह दिला दे, जिसे वर्षों तक याद किया जाए। तारीख थी 24 सितंबर 2014 और नाम था मंगलयान।
5 नवंबर 2013 को श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाला भारत का मंगलयान करीब 10 महीने की अंतरिक्ष यात्रा के बाद 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचा।
सबसे बड़ी बात—भारत अपने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुंचने वाला पहला देश बना। इसरो दुनिया की उन चुनिंदा अंतरिक्ष एजेंसियों में शामिल हो गया, जिन्होंने मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक यान पहुंचाया।
मंगलयान में पांच वैज्ञानिक उपकरण
मंगलयान में पांच वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए थे। इनके जरिए मंगल की सतह, वातावरण और बाहरी वायुमंडल का अध्ययन किया गया।
मंगलयान से सिनेमा तक
भारत की इस उपलब्धि ने बॉलीवुड को भी प्रभावित किया। 2019 में ‘मिशन मंगल’ फिल्म रिलीज हुई, जिसमें मंगलयान मिशन से प्रेरित कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाया गया। अक्षय कुमार, विद्या बालन और तापसी पन्नू समेत कई कलाकार फिल्म का हिस्सा थे।
हालांकि फिल्म में कहानी को सिनेमाई अंदाज दिया गया, लेकिन उसके पीछे की असली कहानी भारत के मंगलयान मिशन की थी।
और यही वजह है कि 24 सितंबर सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं—यह वह दिन है जब भारत ने पहली ही कोशिश में मंगल की कक्षा तक पहुंचकर अंतरिक्ष की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
एक मिशन… एक तारीख… और भारत के नाम मंगल की ऐतिहासिक कामयाबी।



