WhatsApp में आने वाला है AI का बड़ा ट्विस्ट! एक साथ जुड़ेंगे कई Agents, ऐसे कर पाएंगे इस्तेमाल

WhatsApp में आने वाला है AI का बड़ा ट्विस्ट! एक साथ जुड़ेंगे कई Agents
WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर एक साथ कई AI Agents को जोड़ने की तैयारी कर रहा है। यह फीचर Android वर्जन में टेस्टिंग स्टेज में है।

मोहिनी सेंगर। नई दिल्ली

WhatsApp यूजर्स के लिए आने वाले दिनों में AI से जुड़ा एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Meta के स्वामित्व वाला यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म अब सिर्फ अपने AI तक सीमित रहने के बजाय दूसरे AI Agents को भी अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। अगर यह फीचर लॉन्च होता है, तो यूजर्स एक ही WhatsApp चैट इंटरफेस से अलग-अलग AI सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।

WhatsApp में बनेगा ‘AI Agents’ का नया सेक्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp के Android वर्जन में एक नए AI Agents सेक्शन की टेस्टिंग देखी गई है। इसके जरिए यूजर्स अपनी पसंद के अलग-अलग AI Agents को WhatsApp से कनेक्ट कर सकेंगे। शुरुआती टेस्टिंग में एक अकाउंट से कई एजेंट जोड़ने का विकल्प नजर आया है। हालांकि, अंतिम वर्जन में इसकी सीमा कितनी होगी, यह अभी तय नहीं है।

एक AI नहीं, कई AI से कर सकेंगे बातचीत

इस फीचर की खासियत यही है कि यूजर को हर जरूरत के लिए एक ही AI पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अलग-अलग कामों के लिए अलग AI Agents चुने जा सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, कोई एजेंट सवालों के जवाब देने में मदद कर सकता है, तो कोई किसी खास सर्विस या काम के लिए डिजाइन किया जा सकता है। यानी WhatsApp धीरे-धीरे ऐसा प्लेटफॉर्म बनने की ओर बढ़ सकता है, जहां कई तरह की AI सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हों।

Meta AI के बाद अगला बड़ा कदम

Meta पहले से ही WhatsApp में Meta AI को शामिल कर चुका है। यूजर्स इससे कई तरह के सवाल पूछ सकते हैं और अलग-अलग कामों में मदद ले सकते हैं। ऐसे में थर्ड-पार्टी AI Agents को जोड़ने की योजना कंपनी की AI रणनीति को एक कदम और आगे ले जाती है। इससे WhatsApp पर AI का इस्तेमाल सिर्फ एक चैटबॉट तक सीमित नहीं रहेगा।

अभी लॉन्च से पहले चल रही है तैयारी

हालांकि, इस फीचर को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि यह फिलहाल डेवलपमेंट और टेस्टिंग स्टेज में बताया जा रहा है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि आम यूजर्स को यह सुविधा कब मिलेगी या लॉन्च के समय इसमें कौन-कौन से AI Agents उपलब्ध होंगे। WhatsApp की ओर से भी इसके ग्लोबल रोलआउट की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है।

प्राइवेसी पर भी रहेगी नजर

कई बाहरी AI सेवाओं को WhatsApp से जोड़ने के साथ डेटा प्राइवेसी और यूजर सिक्योरिटी भी बड़ा मुद्दा होगी। यूजर्स का डेटा किस AI तक जाएगा, उसका इस्तेमाल कैसे होगा और WhatsApp उसकी सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित करेगा, इन सवालों के जवाब फीचर के आधिकारिक लॉन्च के बाद ही साफ होंगे।

अगर Meta इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करता है, तो WhatsApp का इस्तेमाल सिर्फ दोस्तों और परिवार से चैट करने तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में यही ऐप कई AI Agents तक पहुंचने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है।