
मोहिनी सेंगर | नई दिल्ली
अमेरिका से आया महंगाई का झटका
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। अमेरिका में महंगाई से जुड़े ताजा आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहने के बाद वहां ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को झटका लगा। इसका असर ग्लोबल बुलियन मार्केट पर भी दिखाई दिया। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती से सोने-चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ा और दोनों धातुओं की कीमतें नीचे आ गईं।
चांदी की चमक को लगा सबसे बड़ा झटका
इस गिरावट में चांदी ने सोने के मुकाबले ज्यादा तेज प्रतिक्रिया दी। घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमत दो कारोबारी दिनों में करीब ₹12,600 प्रति किलोग्राम तक घट गई। 11 सितंबर को भी MCX पर चांदी दबाव में रही और कारोबार के दौरान कीमत करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो तक फिसली। यानी जिस चांदी ने हाल के दिनों में तेजी से निवेशकों का ध्यान खींचा था, अब उसी में बिकवाली के दबाव और वैश्विक बाजार के संकेतों का असर साफ दिखाई दे रहा है।
सोने की कीमत ने भी बदली करवट
चांदी के साथ सोने में भी कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई और कीमत करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई। अमेरिका में Producer Price Index यानी PPI में अगस्त के दौरान बढ़ोतरी ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है। बाजार अब इस बात का आकलन कर रहा है कि महंगाई का दबाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को किस तरह प्रभावित करेगा।
अब आगे किस तरफ जाएगा बाजार?
सोने-चांदी की अगली चाल कई अहम संकेतकों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी ब्याज दरों का फैसला, डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव इनकी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में मौजूदा गिरावट के बाद तुरंत किसी बड़े ट्रेंड का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि यह सिर्फ कुछ दिनों की मुनाफावसूली है या कीमती धातुओं में तेजी का दौर अब कमजोर पड़ने लगा है।


