राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं, मेयर ने कहा- स्टेडियम छोटा पड़ेगा

राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं मिली
राहुल गांधी के 12 सितंबर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिली है।

Sanjiv Acharya

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 12 सितंबर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, जिसमें राहुल युवाओं और छात्रों से संवाद करने वाले हैं, इंदौर नगर निगम ने अनुमति देने से मना कर दिया है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि नियमानुसार स्टेडियम में सिर्फ खेलकूद गतिविधियां आयोजित करने की अनुमति देते हैं या फिर सरकारी कार्यक्रम।

कांग्रेस नेताओं ने किया आवेदन, लेकिन हरी झंडी नहीं मिली

कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम आयुक्त से मिलकर स्टेडियम की बुकिंग के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक निगम की ओर से हरी झंडी नहीं मिली है।

मेयर ने तंज कसते हुए कहा- स्टेडियम छोटा पड़ सकता है

मेयर ने तंज कसते हुए कहा है कि कार्यक्रम के लिए भीड़ को देखते हुए नेहरू स्टेडियम छोटा पड़ सकता है, इसलिए किसी बड़ी जगह का चयन किया जाना चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि 50 हजार की भीड़ होगी, तो स्टेडियम तो छोटा पड़ेगा।

कांग्रेस नेता आंदोलन की धमकी दे रहे हैं

अनुमति नहीं मिलने और स्थल बदलने को लेकर कांग्रेस नेता आंदोलन की धमकी दे रहे हैं। इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने धमकी दी है कि अगर राहुल गांधी के कार्यक्रम में अड़चन डाली तो ईंट से ईंट बजा देंगे।

राहुल गांधी पहले भी कर चुके हैं ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी कोटा, प्रयागराज, उत्तराखंड में छात्रों की गूंज कार्यक्रम कर चुके हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में 12 सितंबर को कार्यक्रम होना है।

युवाओं के बीच राजनीतिक जमीन मजबूत करना है लक्ष्य

इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस का लक्ष्य युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना और शिक्षा, बेरोजगारी तथा पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाना है।

भाजपा शासित प्रदेश और नगर निगम

भाजपा शासित प्रदेश में इंदौर की नगर निगम पर भी भाजपा ही काबिज है। घमासान बढ़ने के आसार हैं।

मेयर ने “तहलका” से बातचीत में कहा- हम कार्यक्रम के खिलाफ नहीं हैं

मेयर ने “तहलका” से बातचीत में कहा कि हम कार्यक्रम के खिलाफ नहीं हैं। लोकतंत्र में सबको अधिकार है। लेकिन स्टेडियम के बजाय कोई बड़े मैदान में कांग्रेस को आयोजित करना चाहिए।