मोहिनी सेंगर। नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 8 सितंबर को गुजरात के वडोदरा पहुंचे, जहां उन्होंने ₹35,000 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। यह दौरा सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां पीएम ने युवाओं और खासकर Gen-Z से भी सीधा संवाद किया।
वडोदरा में विकास का बड़ा पैकेज
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में रेलवे और हाईवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं शामिल रहीं। सरकार के मुताबिक, इस दौरे के दौरान तीन रेलवे और तीन हाईवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद कनेक्टिविटी बेहतर करना और गुजरात के औद्योगिक एवं व्यापारिक नेटवर्क को मजबूती देना है।
2,800 किलोमीटर का Dedicated Freight Corridor पूरा
दौरे की सबसे अहम उपलब्धियों में Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन महत्वपूर्ण सेक्शन का राष्ट्र को समर्पण रहा। इसके साथ देश का करीब 2,800 किलोमीटर लंबा Dedicated Freight Corridor नेटवर्क पूरा होने का रास्ता साफ हुआ। यह कॉरिडोर माल ढुलाई को तेज करने और देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों तथा बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
Gen-Z के बीच पहुंचे पीएम मोदी
वडोदरा कार्यक्रम का एक अलग आकर्षण प्रधानमंत्री का युवाओं से संवाद भी रहा। मोदी ने Gen-Z के साथ बातचीत की और युवाओं को देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम को लेकर लोगों में काफी उत्साह भी देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, इवेंट की मुफ्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो खुलने के करीब एक घंटे में सभी सीटें भर गईं, जबकि लगभग 42,000 लोग वेटिंग लिस्ट में पहुंच गए।
कार्यक्रम में दिखी हाईटेक तैयारी
वडोदरा का यह कार्यक्रम आयोजन के तरीके को लेकर भी चर्चा में रहा। पहली बार इस तरह के पीएम कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, QR-आधारित एंट्री और व्यवस्थित सीटिंग जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया गया। कार्यक्रम की प्रोडक्शन क्वालिटी के लिए 4K कैमरा सेटअप जैसी तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया।
विकास के साथ विपक्ष पर भी निशाना
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों को गिनाने के साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने खासतौर पर Dedicated Freight Corridor का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना पर पहले लंबे समय तक काम कागजों तक सीमित रहा, जबकि उनकी सरकार ने इसे गति देकर पूरा किया।
वडोदरा दौरा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत के एजेंडे का अहम हिस्सा बता रही है। ₹35 हजार करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स और DFC नेटवर्क के पूरा होने को सरकार देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है।



