पटना में कृषि जनकल्याण संवाद अभियान शुरू, किसानों की आय बढ़ाने पर शिवराज चौहान का जोर

पटना में कृषि जनकल्याण संवाद अभियान के दौरान किसानों को संबोधित करते शिवराज सिंह चौहान
पटना के BAMETI में कृषि जनकल्याण संवाद अभियान का शुभारंभ करते केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
  • कृषि अभियान के जरिए किसान, महिला, युवा और श्रमिक वर्ग के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की होगी कोशिश : विजय कुमार सिन्हा
  • पटना के बामेती से शुरू हुआ बड़ा कृषि अभियान, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया ‘कृषि जनकल्याण संवाद अभियान’ का शुभारंभ
  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए आईसीएआर ने विकसित किया है विशेष इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल

पटना, 20 अगस्त

पटना के बामेती से गुरुवार को बड़े कृषि अभियान की शुरुआत की गई। यहां किसान महिला एवं रोजगार समृद्धि उत्थान सह जन कल्याण संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।

आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर होगा संवाद

प्रकृति प्रतिभा का सम्मान-राष्ट्र समाज का उत्थान की अवधारणा पर आधारित इस संवाद अभियान के जरिए राज्य भर में आधुनिक कृषि, फसल प्रबंधन, प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पर संवाद होगा। इसके साथ ही इसमें महिला सशक्तीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन तथा किसानों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

कृषि अभियान में मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

गुरुवार को इसके शुभारंभ के मौके पर राज्य के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मौजूद थे।

किसानों की आय बढ़ाने पर शिवराज चौहान का जोर

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धरती पर अगर कोई भगवान है, तो वह किसान है और मैं किसानों का सेवक हूं। खेती-किसानी को बेहतर बनाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रयास से इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल विकसित किया गया है।

छोटे किसानों के लिए Integrated Farming Model

माननीय प्रधानमंत्री और बिहार सरकार की चिंता यह है कि हमारे ज्यादातर किसान छोटे हैं। कम जोत वाली भूमि में रोजी-रोटी चलाना, फायदे की खेती करना और परिवार चलाना आसान नहीं है। इसलिए हम लोगों ने कोशिश की है कि हम खेती का ऐसा मॉडल बनाएं कि कम खेती में भी ज्यादा आमदनी हो।

उन्होंने कहा कि हमारे किसानों के पास जमीन कम और कृषि लागत बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमें कृषि लागत को कम करने की दिशा में काम करना होगा। सरकारी स्तर पर लगातार इसके लिए प्रयास हो रहे हैं।

प्राकृतिक खेती और मिट्टी की सेहत पर जोर

आज हमारे समक्ष एक बड़ी चुनौती है कि केमिकल वाले फर्टिलाइजर के कारण हमारी जमीनें खराब हो गई हैं, हमारी जमीन का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। इसके लिए किसानों के बीच जागरूकता फैलाने की जरूरत है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान किसानों से प्राकृतिक खेती करने की अपील की, ताकि कम लागत में अधिक आमदनी हो सके।

कृषि का विकास है बेहद जरूरी

इस अवसर पर बिहार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जन कल्याण संवाद अभियान पाटलिपुत्र की धरती से शुरू होकर हर जिले तक पहुंचेगा। यह कृषि विकास का नया विचार है। किसान, महिला, युवा, श्रमिक सबकी इसमें भागीदारी होगी। इसमें कृषि को जन कल्याण और प्रगति का आधार बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। बिहार के विकास और खुशहाली के लिए कृषि का विकास बेहद जरूरी है।

कृषि रोड मैप से बिहार में विकास का प्रयास

मौके पर माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कृषि रोड मैप की शुरुआत की थी, जिससे राज्य में कृषि क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ। देश के अन्य किसानों के बराबर हमारे किसानों ने अपनी उपज बढ़ाकर बराबरी में खड़ा होने की कोशिश की है।

किसानों को भूमि अधिकार और डिजिटल रिकॉर्ड का लाभ

वहीं, मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज किसान समृद्धि, महिला उद्यमी, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान, कृषि जनकल्याण संवाद में राजस्व मंत्री होने के नाते मैं यह कहूंगा कि भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है, डिजिटलीकरण का भी काम चल रहा है और किसानों को अपनी जमीन का स्पष्ट और विवाद-मुक्त अधिकार मिले, इसके लिए हम कार्रवाई कर रहे हैं।