रुखसार | तहलका
New Delhi — 28 September, 2026 —
दिल्ली के तिलक नगर-विकासपुरी इलाके में सड़क की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थप्पड़, गाली-गलौज, कमीशन के आरोप और पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। दिल्ली के PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारते नजर आए। युवक की पहचान साहिब सिंह के तौर पर हुई है, जो तिलक नगर से AAP विधायक जरनैल सिंह से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
परवेश वर्मा का कहना है कि घटना से पहले उनके परिवार के खिलाफ अपशब्द कहे गए और उन्होंने इसी के बाद गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जरनैल सिंह पर सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार से कमीशन मांगने का भी आरोप लगाया है। दूसरी तरफ जरनैल सिंह ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि पूरा विवाद सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ था।
इन दावों के बीच तहलका ने तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह से उनके कार्यालय में बातचीत की, जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा और कैमरे पर अपने मोबाइल का कॉल रिकॉर्ड भी दिखाया। इसके बाद तहलका ने साहिब सिंह से भी बात की, जिन्होंने थप्पड़ की घटना और अपने खिलाफ सामने लाए जा रहे पुराने मामले पर सफाई दी।
परवेश वर्मा थप्पड़ विवाद: सड़क की गुणवत्ता पर क्या सवाल उठे?
विवाद की शुरुआत आखिर हुई कैसे?
घटना की शुरुआत तिलक नगर इलाके में सड़क की गुणवत्ता को लेकर हुई। उपलब्ध वीडियो में जरनैल सिंह सड़क की सतह का एक हिस्सा हाथ से निकालकर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते दिखाई देते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद PWD मंत्री परवेश वर्मा और जरनैल सिंह के बीच तीखी बहस होती है।
जरनैल सिंह का कहना है कि उन्होंने मंत्री के सामने सड़क की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया और पूछा कि अगर सड़क का निर्माण सही तरीके से हुआ है तो उसकी सतह हाथ से कैसे निकल रही है। उनका दावा है कि वह चाहते थे कि सड़क की गुणवत्ता की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
दूसरी तरफ परवेश वर्मा ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर AAP के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने सड़क के काम का स्वतंत्र ऑडिट और core-cutting test कराने की बात कही है।
जरनैल सिंह ने तहलका से बातचीत में इस सड़क परियोजना पर करीब ₹23.69 करोड़ खर्च होने का दावा किया और कहा कि यह जनता के टैक्स का पैसा है। इस राशि और परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए नहीं की गई है।
जरनैल सिंह ने फोन कॉल के बारे में क्या दावा किया?
किसने किसे बुलाया? यहीं से शुरू होता है बड़ा सवाल
विवाद में एक अहम सवाल यह भी है कि सड़क निरीक्षण के दौरान जरनैल सिंह मौके पर पहुंचे कैसे।
परवेश वर्मा का कहना है कि वह सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे|
तहलका से बातचीत में जरनैल सिंह ने इस दावे को अलग तरीके से रखा।
जरनैल सिंह ने कहा कि उन्हें परवेश वर्मा ने खुद फोन करके मौके पर बुलाया था। उन्होंने तहलका के कैमरे पर अपना मोबाइल दिखाया और कॉल रिकॉर्ड में दोपहर करीब 1:15 बजे आई एक इनकमिंग कॉल की ओर इशारा किया।
जरनैल सिंह के मुताबिक, यह कॉल परवेश वर्मा की ओर से आई थी और इसी के बाद वह मौके पर पहुंचे।
यहां दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। तहलका के कैमरे पर जरनैल सिंह ने कॉल रिकॉर्ड दिखाया|
कमीशन और गाली-गलौज के आरोपों पर जरनैल सिंह का जवाब
गाली-गलौज का आरोप: जरनैल सिंह ने क्या कहा?
थप्पड़ की घटना के बाद परवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद AAP कार्यकर्ताओं की ओर से उनके परिवार को अपशब्द कहे गए। वर्मा का कहना है कि इसी घटनाक्रम के दौरान उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया दी।
इसके अलावा परवेश वर्मा ने जरनैल सिंह पर सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार से कमीशन मांगने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के पीछे इस तरह की मांग का मुद्दा भी था।
तहलका ने जब जरनैल सिंह से इन आरोपों पर सीधा सवाल किया तो उन्होंने दोनों आरोपों से इनकार किया।
जरनैल सिंह ने कहा कि न तो उन्होंने किसी से पैसे या कमीशन की मांग की और न ही यह विवाद किसी आर्थिक मांग के कारण शुरू हुआ। उनके मुताबिक, मुद्दा सिर्फ सड़क की गुणवत्ता का था और उन्होंने मौके पर सड़क की स्थिति सामने रखी।
उनका कहना है कि अगर सड़क की गुणवत्ता सही थी तो उसकी जांच कराई जानी चाहिए थी, बजाय इसके कि विवाद को दूसरी दिशा में ले जाया जाए।
लाइव रिकॉर्डिंग के दौरान साहिब सिंह को थप्पड़: वीडियो में क्या दिखा?
लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे साहिब सिंह, फिर बढ़ा विवाद
जरनैल सिंह के साथ मौके पर मौजूद साहिब सिंह उस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल से रिकॉर्ड कर रहे थे।
साहिब सिंह ने तहलका से बातचीत में बताया कि शुरुआत में वह शांतिपूर्वक पूरे घटनाक्रम की लाइव रिकॉर्डिंग कर रहे थे। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति दिखाई जा रही थी और मंत्री से सवाल किए जा रहे थे।
इसके बाद स्थिति बिगड़ी।
घटना के वीडियो में परवेश वर्मा साहिब सिंह के हाथ में मौजूद मोबाइल को नीचे करते दिखाई देते हैं और इसके बाद साहिब सिंह को थप्पड़ मारते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया।
साहिब सिंह का आरोप है कि उनके साथ मारपीट के बाद उन्हें धमकियां भी दी गईं। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने इस घटना को लेकर विकासपुरी थाने में शिकायत दी है।
‘गाली दी है तो वीडियो सामने लाएं’: साहिब सिंह ने क्या कहा?
साहिब सिंह का जवाब—‘गाली दी है तो वीडियो सामने लाएं’
परवेश वर्मा की ओर से लगाए गए गाली-गलौज के आरोप पर साहिब सिंह ने भी तहलका के कैमरे पर सफाई दी।
साहिब सिंह का कहना है कि अगर उन्होंने मंत्री या उनके परिवार के खिलाफ अपशब्द कहे हैं तो उसकी रिकॉर्डिंग सामने लाई जानी चाहिए। उनका दावा है कि मौके पर कई लोग वीडियो बना रहे थे और पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
उनका कहना है कि वह सड़क की गुणवत्ता और मंत्री के निरीक्षण को रिकॉर्ड कर रहे थे और इसी दौरान विवाद बढ़ा।
यहां भी दोनों पक्षों के दावे अलग हैं। पूरी और लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि थप्पड़ से ठीक पहले क्या बातचीत हुई थी और किस स्तर की बहस हुई।
MCD कर्मचारी से जुड़े पुराने केस पर साहिब सिंह की सफाई
पुराने केस का मुद्दा क्यों उठा? साहिब सिंह ने दी सफाई
थप्पड़ विवाद के अगले दिन साहिब सिंह से जुड़ा एक पुराना मामला भी चर्चा में आया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जून 2026 में एक MCD कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के मामले में साहिब सिंह को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत मिली। पुलिस जांच में CCTV फुटेज के आधार पर उनका नाम सामने आने की बात रिपोर्ट की गई है। इस मामले में आरोपों का अभी न्यायिक निर्धारण नहीं हुआ है।
इस पुराने मामले को लेकर जब तहलका ने साहिब सिंह से सवाल किया तो उन्होंने आरोप लगाया कि इस केस को अब उनके खिलाफ राजनीतिक तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।
साहिब सिंह का दावा है कि पुराने मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस वीडियो को उनके खिलाफ आधार बनाया गया, उसमें उनकी पहचान या भूमिका स्पष्ट नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव डालकर उनके खिलाफ FIR कराई गई।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि तहलका को उपलब्ध सामग्री से नहीं हुई है। वहीं, पुलिस रिकॉर्ड पर आधारित मीडिया रिपोर्टों में इस पुराने मामले में साहिब सिंह की गिरफ्तारी और बाद में जमानत की जानकारी दी गई है।
थप्पड़ विवाद में पुलिस शिकायत और FIR की स्थिति
थप्पड़ के बाद पुलिस शिकायत, FIR को लेकर भी सवाल
घटना के बाद साहिब सिंह की ओर से पुलिस में शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, शिकायत विकासपुरी थाने में दी गई है।
जरनैल सिंह का आरोप है कि मौके पर पुलिस मौजूद होने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, दूसरी तरफ परवेश वर्मा ने भी अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के संदर्भ में शिकायत और कार्रवाई की बात कही है।
इस मामले में अब पुलिस जांच यह तय करेगी कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किन आरोपों पर क्या कार्रवाई बनती है।
सड़क निर्माण से शुरू हुए विवाद में अब किन दावों की जांच जरूरी है?
सड़क की खराब गुणवत्ता से शुरू हुआ विवाद अब कई सवालों में बदल गया
पूरे घटनाक्रम को जोड़कर देखें तो शुरुआत सड़क की गुणवत्ता के सवाल से हुई।
जरनैल सिंह का आरोप है कि सड़क की निर्माण गुणवत्ता खराब थी और उन्होंने मौके पर सड़क की परत निकालकर इसका उदाहरण दिखाया। परवेश वर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सड़क की जांच और कोर-कटिंग टेस्ट की बात कही है।
इसके बाद विवाद में किसने किसे बुलाया, इस पर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए।
फिर कमीशन मांगने और गाली-गलौज के आरोप सामने आए, जिन्हें जरनैल सिंह और साहिब सिंह ने खारिज किया।
इसके बाद साहिब सिंह की लाइव रिकॉर्डिंग के दौरान विवाद बढ़ा और थप्पड़ की घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
और अब इस पूरे विवाद में साहिब सिंह से जुड़े पुराने मामले को भी सामने लाया जा रहा है, जिस पर साहिब सिंह ने अपनी सफाई दी है।
कॉल रिकॉर्ड, पूरी वीडियो और सड़क की तकनीकी जांच से क्या स्पष्ट होगा?
अब जांच के केंद्र में क्या-क्या?
इस पूरे विवाद में फिलहाल कई सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब जांच और दस्तावेजों से मिलना बाकी है।
तहलका की ग्राउंड रिपोर्ट में जरनैल सिंह और साहिब सिंह ने क्या बताया?
तहलका की ग्राउंड रिपोर्ट
तहलका की टीम ने इस पूरे विवाद में सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो और आरोपों पर निर्भर रहने के बजाय दोनों संबंधित पक्षों से सीधे बातचीत की। जरनैल सिंह ने अपने कार्यालय में पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी और कैमरे पर अपने फोन का कॉल रिकॉर्ड दिखाया। वहीं, साहिब सिंह ने थप्पड़ की घटना, गाली-गलौज के आरोप और अपने खिलाफ सामने लाए जा रहे पुराने मामले पर अपना पक्ष रखा।
दूसरी तरफ, परवेश वर्मा की ओर से सामने आए सार्वजनिक बयानों में गाली-गलौज और परिवार को अपशब्द कहे जाने, कमीशन मांगने तथा सड़क की जांच से जुड़े अपने दावे रखे गए हैं।
इसलिए फिलहाल इस पूरे विवाद में दावे बनाम दावे हैं। सड़क की गुणवत्ता पर तकनीकी रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि, पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस जांच ही यह स्पष्ट करने में मदद कर सकती है कि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर क्या थी।
सड़क से शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ सड़क का मुद्दा नहीं रह गया है। इसके साथ सरकारी काम की गुणवत्ता, जनप्रतिनिधियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप, एक युवक को थप्पड़ मारे जाने की घटना, पुलिस कार्रवाई और पुराने केस को लेकर उठे सवाल भी जुड़ चुके हैं।




