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मणिपुर में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी में जवान शहीद, 2 घायल

मणिपुर में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच चली गोलीबारी में सोमवार देर रात एक बीएसएफ जवान शहीद हो गया है। इस घटना में असम राइफल्स के दो जवान घायल हुए हैं। इस बीच सुरक्षाबलों ने राज्य में शुरू किये गए अभियान में अलग-अलग जगह 40 हथियार, जिनमें अधिकतर स्वचालित हैं, बरामद किये हैं।

सेरू इलाके में सुरक्षाबलों और विद्रोहियों के एक समूह के बीच 5-6 जून की रात यह गोलीबारी हुई। इसमें असम राइफल्स के दो जवान घायल हो गए। इनमें से एक गंभीर जवान की बाद में मौत हो गयी।  

सेना की स्पीयर कोर के एक बयान में बताया गया है कि बीएसएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि असम राइफल्स के दो जवानों को सामान्य इलाके सेरू में गोली लगी। घायल जवानों को विमान से मंत्रिपुखरी ले जाया गया है।

जानकारी के मुताबिक असम राइफल्स, बीएसएफ और पुलिस के मणिपुर में सुगनू/सेरू क्षेत्रों में अभियान के दौरान 5-6 जून की रात सुरक्षाबलों और विद्रोहियों के समूह के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। मानव रहित हवाई वाहनों और क्वाडकॉप्टरों के निगरानी कवर के तहत किए गए अभियानों में अब तक 40 हथियार (ज्यादातर स्वचालित), मोर्टार, गोला-बारूद और अन्य जंगी सामान बरामद किए गए हैं।

केंद्रीय अध्यादेश के खिलाफ कल अखिलेश से मिलेंगे केजरीवाल

केंद्र सरकार के अधिकारियों के तबादले पर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ सहमति बनाने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल (बुधवार) समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मिलेंगे।

जानकारी के मुताबिक अखिलेश यादव बुधवार को दिल्ली आ रहे हैं। इसी दौरान उनकी केजरीवाल से मुलाकात होने की संभावना है। केजरीवाल केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ अखिलेश यादव से समर्थन मांग सकते हैं और पहले ही ममता बनर्जी और अन्य बड़े नेताओं से मिल चुके हैं।

यादव से मुलाकात के समय केजरीवाल के साथ पार्टी के बड़े नेता पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और राघव चड्ढा भी रहेंगे। याद रहे केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए अध्यादेश लेकर आई है, जिसमें अधिकारियों के तबादलों के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान किया गया है।

केजरीवाल इसका जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में पुलिस, लोक व्यवस्था और भूमि को छोड़ बाकी अधिकार दिल्ली की निर्वाचित सरकार को देने का फैसला सुनाया था। नए अध्यादेश में इन शक्तियों को दिल्ली सरकार से लेकर समिति को देने का प्रावधान किया गया है, जिस पर प्रभावी नियंत्रण केंद्र का होगा।

ममता ने अभिषेक की पत्नी को रोके जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण कहा

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को एक विमान में सवार होने से रोकने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ईडी और सीबीआई के लोग क्या कर रहे हैं? वे लोगों को परेशान कर रहे हैं। ममता ने कहा कि अभिषेक की सास अस्वस्थ हैं, और इसलिए उनकी पत्नी अपनी मां से मिलने के लिए यात्रा कर रही थीं।

बता दें रुजिरा बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय के ‘लुकआउट’ नोटिस का हवाला देते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने वाले एक विमान में सवार होने से रोक दिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने रुजिरा बनर्जी को आठ जून को पेश होने को कहा है। इसके बाद ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अपनी यात्रा योजनाओं के बारे में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सूचित करने के बावजूद, रुजिरा बनर्जी को देश से बाहर जाने से रोकने के बाद भाजपा पर निशाना साधा है।

ममता बनर्जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर उन्हें घर छोड़ना है, तो वह ईडी को सूचित कर सकती हैं, जो उसने पहले ही कर लिया था। ‘लेकिन उसे हवाई अड्डे पर ही समन देना उत्पीड़न के अलावा और कुछ नहीं है।’

उधर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पत्नी की यात्रा की योजना विनम्रता से ईडी के साथ साझा की गई थी। उन्होंने कहा – ‘यदि मेरे इरादे गलत होते, तो मैं उन्हें सूचित नहीं करता।’ इस बीच टीएमसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकते हैं वे सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं और सत्ता पक्ष के परिवार के सदस्यों को परेशान कर रहे हैं। वे कायर हैं। टीएमसी इस उत्पीड़न को सहन करती है, क्योंकि उसे जनता पर भरोसा है। बंगाल के लोग उन्हें चुनाव में करारा जवाब देंगे।

यूपी में दुष्कर्म पीड़िता बेटी के मामले में जांच में देरी, पिता ने आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश में एक हृदय विदारक घटना में दुष्कर्म पीड़िता बेटी की जांच में देरी होने से दुखी पिता ने आत्महत्या कर ली। पिता ने पुलिस के एफआईआर दर्ज करने में देरी का हवाला देते हुए आत्महत्या कर ली। उधर उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और वहां तनाव बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक यह घटना जालौन के अकोढ़ी गांव की है जहाँ सोमवार को यह घटना हुई। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें इस नाबालिग से दो महीने पहले दुष्कर्म हुआ था। बेटी ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने काफी दिन तक एफआईआर ही दर्ज नहीं की। एफआईआर दर्ज करने में देरी के चलते पीड़िता के पिता ने आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने माना कि मामले में देरी से कदम उठाने को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीओ जांच कर रहे हैं और 24 घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मणिपुर में इंटरनेट 10 जून तक बंद, इंफाल में गोलीबारी में तीन की मौत

मणिपुर में अभी भी हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। अब राज्य सरकार ने हिंसा से प्रभावित राज्य में व्यवस्था बनाये रखने के लिए इंटरनेट और डेटा सेवा पर प्रतिबंध पांच दिन के लिए बढ़ा दिया है। अब राज्य में इंटरनेट सेवा 10 जून की दोपहर 3 बजे तक निलंबित रहेगी। इससे पहले इंफाल पश्चिम जिले में सोमवार सुबह हथियारबंद लोगों के दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी।  

मणिपुर सरकार के नए आदेश की घोषणा की गई। एक महीने से पूरे राज्य में हिंसा की स्थिति है और केंद्र सरकार को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य का तीन दिन का दौरा कर चुका है।

इस समय मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सेना और असम राइफल्स के करीब 10 हजार जवानों को तैनात हैं। इससे पहले मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में सोमवार सुबह हथियारबंद लोगों के दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी। चार लोग घायल हो गए थे।

तीन मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (एटीएसयूएम) की एक रैली के बाद मणिपुर में हिंदू मेइती और आदिवासी कूकी, जो ईसाई हैं, के बीच हिंसा भड़क उठी थी।

पहलवान ड्यूटी पर लौटे, लेकिन बोले जारी रहेगा उनका संघर्ष

यौन शोषण के आरोपों के साथ पिछले काफी समय से आंदोलन कर रहीं महिला पहलवान और उनके समर्थक पहलवान सोमवार को रेलवे में अपनी ड्यूटी पर लौट आये हैं। हालांकि, इन पहलवानों ने यह भी साफ़ कर दिया है कि उनका संघर्ष जारी रहेगा। पहलवानों ने ड्यूटी तब ज्वाइन की है जब आरोपी भाजपा सांसद के खिलाफ आरोपों को लेकर पुलिस की जांच लगभग अंतिम चरण में है।  

ड्यूटी ज्वाइन करने वालों में साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया शामिल हैं। वे रेलवे में नौकरी करते हैं। ड्यूटी पर लौटने के बावजूद इन पहलवानों ने साफ़ कर दिया है कि शोषण के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

एक दिन पहले ही प्रदर्शनकारी पहलवान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। करीब 2 घंटे की मुलाकात के बाद इन पहलवानों ने ड्यूटी ज्वाइन करने का फैसला किया। बीच में मीडिया में यह ख़बरें भी आ गईं कि पहलवान अपने संघर्ष बंद कर रहे हैं।

हालांकि, पदक जीत चुकीं पहलवान साक्षी ने ट्वीट में कहा – ‘ये खबर बिल्कुल गलत है।  इंसाफ की लड़ाई में न हम में से कोई पीछे हटा है और न हटेगा। सत्याग्रह के साथ साथ रेलवे में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हूं। इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी है।  कृपया कोई गलत खबर न चलाई जाये।’

याद रहे दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह, जो भारतीय रेसलिंग महासंघ  हैं, के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें एक एफआईआर नाबालिग पहलवान के आरोपों के आधार पर पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज की गई है।

यह एफआईआर पुलिस ने 28 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की थीं। इनमें से एक में नाबालिग पहलवान के पिता की शिकायत पर बच्चों को यौन शोषण से संरक्षण दिलाने वाला पॉक्सो अधिनियम लगाया गया था, जिसमें दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल की सजा होती है।

पीएम मोदी रियर व्यू मिरर देखकर देश की गाड़ी चला रहे: राहुल गांधी

अमेरिका के दौरे पर गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले रात एक कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को पीछे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आप सिर्फ रियर व्यू मिरर में देखकर गाड़ी चलाएंगे, तो एक के बाद एक हादसे होंगे। लेकिन पीएम मोदी देश की गाड़ी ऐसे ही चला रहे हैं। रविवार को राहुल गांधी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के घर भी पहुंचे।

न्यूयॉर्क जेविट्स सेंटर में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने यह बात कही। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी को सुनने के लिए 5 हजार प्रवासी भारतीय जुटे। अपने 26 मिनट के भाषण की शुरुआत में राहुल ने सबसे पहले ओडिशा ट्रेन हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर कांग्रेस नेता ने कहा – ‘प्रधानमंत्री मोदी देश को पीछे ले जा रहे हैं। आप सब कार में बैठकर इस कार्यक्रम में आए। अगर आप सिर्फ रियर व्यू मिरर में देखकर गाड़ी चलाएंगे, तो क्या सही से चला पाएंगे। एक के बाद एक हादसे होंगे। लेकिन पीएम  मोदी देश की गाड़ी ऐसे ही चला रहे हैं। वे सिर्फ पीछे की तरफ देख रहे हैं और फिर हैरान हो रहे हैं कि हादसे पर हादसे क्यों हो रहे हैं।’

राहुल गांधी ने कहा – ‘आरएसएस और भाजपा पीछे की सोच रखते हैं। उनसे कुछ भी पूछो, वो पीछे की तरफ देखने लगते हैं। उनसे पूछो ट्रेन हादसा कैसे हुआ, तो वो कहेंगे कि कांग्रेस सरकार ने 50 साल पहले ये किया था। उनसे पूछो कि आपने टेक्स्ट बुक से पीरियॉडिक टेबल क्यों निकाल दिया, तो वो कहेंगे कि कांग्रेस ने 60 साल पहले ये किया।’

राहुल ने इस मौके पर वहां आये प्रवासी भारतीयों से कहा – ‘आई लव यू।’ राहुल ने कहा – ‘मुझे आप लोगों से बहुत प्यार है। आई लव यू।’ इसके बाद राहुल ने पूछा कि क्या आपने कभी भाजपा की किसी मीटिंग में ऐसा सुना है कि लोगों ने एक-दूसरों को आई लव यू कहा हो? कांग्रेस की बैठकों में ये आम बात है। इसलिए मैं कहता हूं कि हम नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाने आए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा राहुल कि ‘यहां आप सबको देखकर मुझे गर्व होता है। आपकी विनम्रता देखकर मैं खुश हूं। आप सभी प्रवासी भारतीय अमेरिका आए तो अपने साथ अहंकार नहीं लाए। आप सीमित संसाधनों के साथ यहां आए और उससे कुछ बेहतरीन बनाया। आप सभी का सफर अनोखा रहा है। ये न तो किसी से कम है न ज्यादा।’

राहुल ने कहा – ‘देश (भारत) में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई छिड़ी हुई है। इसमें एक तरफ महात्मा गांधी हैं और दूसरी तरफ नाथूराम गोडसे है। गोडसे ने गांधी को मारा, क्योंकि वह अपनी जिंदगी से खुश नहीं था। उसे किसी पर अपना गुस्सा निकालना था, तो उसने ऐसे इंसान को चुना जो भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता था। महात्मा गांधी मॉडर्न थे, वे आगे की बात करते थे। गोडसे कायर था, वह सिर्फ बीते हुए कल की बात करता था। भाजपा इस विचारधारा को मानती है। हम महात्मा गांधी की सत्य और अहिंसा की विचारधारा को मानते हैं।’

अमेरिकी दौरे पर रविवार को राहुल गांधी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के घर भी गए। रूजवेल्ट 1933 से 1945 तक राष्ट्रपति रहे थे। रूजवेल्ट की मौत के बाद उनके घर को राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहर बना दिया गया है।

सेना नहीं चाहती, मेरी पार्टी अगला चुनाव लड़े, इमरान खान का आरोप

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया है कि देश का सैन्य प्रतिष्ठान (सेना) उनकी पार्टी को अगला चुनाव नहीं लड़ने देना चाहता है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वह (सेना) देश में एक कमजोर सरकार का रास्ता खोला चाहती है।

एक इंटरव्यू में खान ने कहा उनके समर्थकों की गिरफ्तारी सरकार और सेना के दबाव के चलते हुई है। उन्होंने कहा – ‘वे अक्टूबर के मध्य तक होने वाले मतदान से पहले मेरी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को ख़त्म कर देना चाहते हैं’।

पाकिस्तान के पूर्व पीएम ने इस बात से साफ़ इंकार किया कि उनकी पार्टी पीटीआई और उनके समर्थक हाल में हुए हमलों के पीछे थे। उन्होंने सरकार पर इन घटनाओं को उनके (खान) खिलाफ इस्तेमाल करने का बहाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह सब सत्ता प्रतिष्ठान की इस भावना पर निर्भर है कि पीटीआई अब चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्हें जब इसका भरोसा हो जाएगा तो वे चुनाव की घोषणा कर देंगे।

इमरान खान ने सेना विरोधी अपनी बयानबाजी जारी रखी है। वे सीधे देश के सेनाध्यक्ष पर हमला कर रहे हैं। खान सेना पर उन्हें सत्ता से हटाने की योजना का हिस्सा होने का भी आरोप लगा रहे हैं। यही नहीं उनका उनकी हत्या की साजिश रचने के पीछे एक वरिष्ठ अधिकारी के होने का भी आरोप है। उधर, सेना कई बार इन आरोपों का खंडन कर चुकी है।

गृह मंत्री से मिले पहलवान, अमित शाह ने कहा- ‘कानून को अपना काम करने दें’

प्रदर्शनकारी पहलवानों से केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शनिवार देर रात 11 बजे मुलाकात की। ये मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली। पहलवानों की 5 दिन की डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे मुलाकात की है।

गृह मंत्री अमित शाह के इस मीटिंग में ओलंपिक मेडल विजेता बजरंग पूनिया, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और साक्षी मलिक ने काफी देर तक बातचीत की और डब्ल्यूएफआई के प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाह ने पहलवानों से कहा कि, ‘कानून को अपना काम करने दीजिए।‘

आपको बता दें, प्रदर्शनकारी पहलवानों ने नये संसद भवन के उद्घाटन के दिन 28 मई को संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया था किंतु दिल्ली पुलिस से उनकी झड़प हुई थी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को हिरासत में लेकर प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर से उनका सामान हटा दिया था।

अवधेश राय हत्याकांड मामला: माफिया मुख्तार अंसारी को वाराणसी कोर्ट ने ठहराया दोषी

अवधेश राय हत्याकांड मामले में माफिया मुख्तार अंसारी के वाराणसी के एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इस मामले में कोर्ट 2 बजे के बाद सजा के बाबत फैसला सुनाएगी।

बता दें, 3 अगस्त 1991 को कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजय राय के भाई अवधेश राय की वाराणसी के लहुराबीर क्षेत्र में अजय राय के घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्तार अंसारी ने वारदात को अंजाम दिया था तब वो विधायक नहीं था।

मृतक के भाई और पूर्व विधायक अजय राय ने मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, राकेश समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। किंतु बाद में इसकी जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गर्इ थी।

मामले की सुनवाई के दौरान जून 2022 में पता चला कि मामले की केस डायरी गायब हो गई। वाराणसी से लेकर प्रयागराज तक के कोर्ट में डायरी की खोज की गई किंतु डायरी नहीं मिली। इसके बाद पूरे मामले की सुनवाई फोटोस्टेट के आधार पर की गई है। इसी के साथ यह ऐसा मामला बन गया जब पहली बार डुप्लीकेट कागजों के आधार पर फैसला सुनाया जाएगा।