शिवमय हुई KedarGhati: मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ बाबा केदार के द्वार खुले

'जय श्री केदार' और 'ॐ नमः शिवाय' के उद्घोष के साथ केदारघाटी आज शिवमय हो उठी। विधि-विधान से मंदिर के द्वार खुलते ही 10 हजार से अधिक श्रद्धालु इस पावन पल के साक्षी बने, जहाँ मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्र कल्याण के लिए पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की गई...

केदारनाथ धाम। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान Shri Kedarnath Dham के कपाट आज बुधवार, 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे विधि-विधान से खोल दिए गए। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों और “ॐ नमः शिवाय” व “जय श्री केदार” के गगनभेदी जयघोष के बीच मंदिर के द्वार खुले। इस पावन अवसर पर कपाट खुलने की पहली पूजा देश के Prime Minister Narendra Modi के नाम से संपन्न की गई। Uttarakhand के CM Pushkar Singh Dhami सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कपाट खुलने के समय धाम में लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे।

कपाट खोलने की प्रक्रिया आज सुबह 5 बजे से ही शुरू हो गई थी। सुबह 5:30 बजे मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात हुए और 7 बजे रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर लिंग, विधायक आशा नौटियाल और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC)) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी समेत अधिकारियों ने मंदिर में प्रवेश किया। इन सभी ने गर्भगृह के द्वार की विशेष पूजा-अर्चना की। कपाट खुलने के उपलक्ष्य में संपूर्ण मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। धाम में वर्तमान में मौसम साफ है, लेकिन चारों ओर हल्की बर्फ मौजूद होने के कारण वातावरण काफी सर्द बना हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और विभिन्न संगठनों ने जगह-जगह भंडारों की व्यवस्था की है।

सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। मंदिर परिसर के भीतर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने पर भी रोक लगाई गई है। इससे पूर्व, बाबा केदार की Panchmukhi Doli 20 अप्रैल को उखीमठ से रवाना होकर मंगलवार शाम धाम पहुंची थी। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा अब पूरी तरह गति पकड़ चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर ही खुल चुके हैं। केदारनाथ के द्वार खुलने के बाद अब कल, 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके साथ ही देवभूमि में आस्था का महापर्व शुरू हो गया है।