होर्मुज में हाई टेंशन ड्रामा: भारत जा रहे जहाजों पर ईरान का शिकंजा, बढ़ा वैश्विक खतरा

Middle-East के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने यहां कई जहाजों पर कार्रवाई की, जिनमें भारत से जुड़े जहाज भी शामिल बताए जा रहे हैं।

भारत जा रहे जहाजों पर ईरान का शिकंजा। | Photo Source: India Today
भारत जा रहे जहाजों पर ईरान का शिकंजा। | Photo Source: India Today

नई दिल्ली: Strait of Hormuz में एक बार फिर बड़ा टकराव देखने को मिला है। ईरान की सेना, खासकर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC), ने कई जहाजों को निशाना बनाया और उनमें से कुछ को अपने कब्जे में ले लिया। इन जहाजों में एक ऐसा जहाज भी शामिल था जो गुजरात के Mundra Port की ओर आ रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो जहाजों—MSC Francesca और Epaminodes—को ईरान ने रोककर अपने नियंत्रण में ले लिया और उन्हें अपने तट की ओर ले जाया गया। इसके अलावा एक तीसरा जहाज ‘Euphoria’ भी निशाने पर आया और अब वह ईरान के पास ही फंसा हुआ बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इन जहाजों पर फायरिंग भी की गई, जिसमें एक जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है।

ईरान की ओर से दावा किया गया है कि इन जहाजों के पास जरूरी अनुमति नहीं थी और उन्होंने नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी की, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। वहीं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते तनाव का हिस्सा है।

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दरअसल, यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है। हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने भी ईरानी जहाजों को रोका था, जिसके बाद अब ईरान की यह कार्रवाई ‘जवाबी कदम’ के तौर पर देखी जा रही है।

इससे पहले भी भारत से जुड़े दो जहाज—Jag Arnav और Sanmar Herald—पर हमले की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में यह घटनाएं भारत के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

इस पूरे मामले के बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब कर अपनी चिंता जाहिर की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो इसका असर न सिर्फ क्षेत्रीय शांति पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार पर भी दिख सकता है।

फिलहाल, दुनिया की नजरें Strait of Hormuz पर टिकी हैं, जहां हर नई घटना अंतरराष्ट्रीय तनाव को और बढ़ा रही है।