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मणिपुर में कुकी महिलाओं से यौन हिंसा; देश भर में गुस्सा, विपक्ष ने उठाए सवाल

मणिपुर में दो कुकी महिलाओं से हुई शर्मनाक घटना ने देश भर में रोष भर दिया है। इसका वीडियो अब सामने आया है, हालांकि, यह घटना 4 मई की है। इस घटना में मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना को लेकर पीएम मोदी ने कहा है कि मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ, उसके दोषियों को कतई नहीं बख्शेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल किया है कि केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?

महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की घटना के वीडियो दिल दहला देने वाले हैं। घटना को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। मणिपुर में एक भीड़ के दो कुकी महिलाओं को नग्न कर घुमाने के इस वीडियो ने देश भर में गुस्सा भर दिया है। वीडियो में कई पुरुषों को उनके साथ-साथ चलते देखा जा सकता है, जबकि अन्य पुरुष परेशान दिख रही महिलाओं को खेतों में खींच रहे हैं।

महिलाओं पर यह हमला 4 मई को कांगपोकपी जिले में बी फीनोम गांव के पास हुआ था। यह घटना मैतेई और कुकी समुदायों के बीच झड़प के एक दिन बाद की बताई जा रही है। एक पीड़ित महिला के मुताबिक उन्होंने सुना कि मैतेई भीड़ पास के गांव में घरों को जला रही है, तो उनका परिवार और अन्य लोग गंदगी वाली गली से भाग निकले। लेकिन भीड़ ने उन्हें ढूंढ लिया।

उसने आरोप लगाया कि उसके पड़ोसी और उसके बेटे को थोड़ी दूरी पर ले जाया गया और मार डाला गया। उन्होंने कहा, इसके बाद भीड़ ने महिलाओं पर हमला करना शुरू कर दिया और उनसे हमारे कपड़े उतारने के लिए कहा। उसके बाद उनसे बहुत ही खराब व्यवहार किया गया।

महिलाओं के रिश्तेदारों की तरफ से दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत में कहा गया है कि बाद में उनमें से एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर 18 मई को कांगपोकपी जिले के सैकुल पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है।

 उनके मुताबिक पहली सूचना रिपोर्ट आमतौर पर उस पुलिस स्टेशन में दर्ज की जाती है जिसके अधिकार क्षेत्र में कथित अपराध हुआ है, एक शून्य एफआईआर किसी भी पुलिस स्टेशन को शिकायत स्वीकार करने और दर्ज करने की सुविधा देती है और फिर उसे संबंधित स्टेशन को भेज देती है।

मणिपुर की इस घटना पर देश भर में गुस्सा फ़ैल गया है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर मणिपुर की घटनाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा – ‘केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं ? पीएम की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है। जब मणिपुर में भारत के विचार पर हमला किया जा रहा है तो भारत चुप नहीं रहेगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है’।

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून सत्र के पहले दिन मणिपुर हिंसा पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा – ‘मणिपुर में जो हुआ है वो बेहद शर्मनाक है। ये पूरे देश को शर्मसार करने जैसा है। मैं सभी मुख्यमंत्रियों से कहना चाहता हूं कि वो मां और बेटी की सुरक्षा के लिए सदैव सजग रहे।’

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू 11 अगस्त तक चलेगा, 31 विधेयकों पर विचार किए जाने की उम्मीद

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है और यह 11 अगस्त तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 17 बैठके होगी। यह सत्र पुराने संसद भवन में शुरू होगा लेकिन बाद में नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

सरकार इस सत्र में 31 विधेयकों को पेश किए जा सकते हैं। वहीं संसद के दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा का मुद्दा अहम होने की आशंका जताई जा रही हैं।

मानसून सत्र में 31 विधेयकों को में से दिल्ली के नौकरशाहों को लेकर आए केंद्र का अध्यादेश, महंगार्इ, मणिपुर हिंसा और देश के अंदर के अन्य मुद्दे शामिल हैं।

वहीं राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच बड़े पैमाने पर टकराव की संभावना जताई जा रही  हैं। मणिपुर से बुधवार को एक वीडियो सामने आर्इ है जिसमें आदिवासी महिलाओं को नग्न घुमाने, सामूहिक रूप से बलात्कार करने, और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही हैं।

बता दें, नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष किया था। और यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।

कांग्रेस ने तीसरी गारंटी ‘गृहलक्ष्मी’ की कर्नाटक में की शुरुआत, हर महीने ₹2,000 जाएंगे महिला खाते में 

कर्नाटक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार ने अपनी तीसरी गारंटी ‘‘गृहलक्ष्मी’’ स्कीम की शुरुआत बुधवार की शाम 5 बजे से कर्नाटक की विधानसभा से की हैं। स्कीम के तहत हर महीने कर्नाटक सरकार 1.35 करोड़ घर की महिला मुखिया के खाते में 2,000 रूपए डालेगी। कांग्रेस ने दावा किया है की ये स्कीम दुनिया की सबसे बड़ी महिला डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) स्कीम’ स्कीम हैं। 

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अपनी बाकी बची दो गारंटीयो को इसी महीने कर्णाटका में लागू कर सकती है।

एक सवाल के जवाब में रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, “अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में ‘गृहलक्ष्मी’ स्कीम की घोषणा उन राज्यों की महिलाओं के लिए कांग्रेस अन्य राज्यों में करेगी या नहीं इसका फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेता करेंगे।” 

दिल्ली स्तिथ कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद और महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि, “यह देश व दुनिया की सबसे बड़ी DBT स्कीम’ है। कर्नाटक चुनाव से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी ने महंगाई से लड़ने के लिए महिलाओं को ताकत देने का आह्वान किया था। और तत्कालीन विपक्ष के नेता व मौजूदा मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री, श्री डी के शिवकुमार तथा कांग्रेस के एक-एक नेता व कार्यकर्ता ने इसे एक मिशन के तौर पर लिया।”

सुरजेवाला ने आगे कहा कि, “चुनाव के दौरान हमारी महिलाओं से व्यापक चर्चा हुई थी। साफ तौर से सामने आया कि कर्नाटक व देश की महिलाएं ‘‘भाजपा निर्मित महंगाई’’ से पीड़ित हैं। खाने पीने की चीज़ों पर छूट देने की बजाए सरकार ने दूध, दही, पनीर, बिस्कुट व हर वस्तु पर जीएसटी लगाकर कीमतों में और आग लगा दी है। और इस यथास्थिति को देखते हुए निर्णय हुआ कि गृहलक्ष्मी स्कीम से हर माह हर घर की महिला मुखिया के खाते में कांग्रेस की सरकार ₹2,000 देगी।” 

उन्होंने आगे कहा कि, “कर्नाटका सरकार इंकम टैक्स व जीएसटी देने वाले घरों को छोड़कर गृहलक्ष्मी स्कीम से हर घर की महिला मुखियाा के खाते में हर महीने ₹2,000 जमा करेगी। गृहलक्ष्मी का पैसा महिलाओं के खाते में 15 से 20 अगस्त के बीच जाना शुरू हो जाएगा। और प्राथमिक रजिस्ट्रेशन के लिए 1 महीना रखा गया है, परंतु रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। इस साल गृहलक्ष्मी स्कीम का पैसा 1,11,00,000 (1.11 करोड़) महिलाओं को मिलेगा। इसके लिए इस साल ₹18,000 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है। अगले साल तक गृहलक्ष्मी का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या 1,35,00,000 (1.25 करोड़) हो जाएगी। हर साल ₹30,000 करोड़ महिलाओं के खाते में सीधा जमा होगा। कर्नाटक में 1.28 करोड़ राशन कार्ड परिवारों में मुखिया यानि हेड ऑफ फैमिली महिला है। इसके साथ-साथ बाकी परिवार भी रजिस्ट्रेशन करवा इस स्कीम का लाभ उठा पाएंगे।”

बता दें, इस साल पांच राज्यों – राजस्थान, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, और मिज़ोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने कर्णाटका विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने 5 वादों जिनमें गृह लक्ष्मी स्कीम: महिलाओं को हर माह 2,000 रुपए, युवा निधिः बेरोज़गार ग्रेजुएट्स को दो साल के लिए 3,000 रुपए, डिप्लोमाधारियों को 1,500 रुपए, अन्न भाग्य: ग़रीबी रेखा के नीचे हर परिवार को हर महीने प्रति व्यक्ति 10 किलोग्राम चावल, सखी कार्यक्रमः महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ़्त यात्रा, गृह ज्योति: हर घर को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली शामिल हैं। और इनमे से कांग्रेस ने कर्नाटका में सखी कार्यक्रम, अन्न भाग्य, और अब तीसरी गारंटी गृहलक्ष्मी को पूरा कर दिया हैं। जिससे की जनता के मन में कांग्रेस के प्रति विश्वास मजबूत हो सके और बाकी राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें कर्नाटक की तरह जीत मिल सके।

सर्वोच्च अदालत से तीस्ता सीतलवाड़ को जमानत, गुजरात हाईकोर्ट का फैसला रद्द

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को जमानत दे दी है। सर्वोच्च अदालत ने गुजरात हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया है।

सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर सर्वोच्च अदालत में आज सुनवाई हुई। उन्हें राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी साथ ही गुजरात हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, हाईकोर्ट का फैसला विकृत है। हाईकोर्ट ने जिस तरह का फैसला दिया है उससे आरोपियों को जमानत मिलना मुश्किल है। हाईकोर्ट का यह निष्कर्ष गलत कि तीस्ता ने एफआईआर रद्द करने की अर्जी नहीं दी।

हाईकोर्ट ने एक जुलाई को जमानत याचिका खारिज कर तुरंत आत्मसमर्पण करने को कहा था। अब तीस्ता का पासपोर्ट निचली अदालत के पास ही सरेंडर रहेगा और वे गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि ज्यादातर सबूत दस्तावेजी हैं,  चार्जशीट दाखिल हो चुकी है लिहाजा तीस्ता से हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, अगर तीस्ता जमानत शर्तों का उल्लंघन करती हैं तो सरकार अर्जी दाखिल कर सकती है।

फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि निचली अदालत को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की किसी टिप्पणी से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। सुनवाई के दौरान तीस्ता की ओर से कपिल सिब्बल ने पूरा मामला समझाया। उन्होंने कहा कि फर्जी तौर पर सबूत गढ़ कर एफआईआर दर्ज की गई।

गुजरात उच्च न्यायालय के नियमित जमानत देने से इनकार किए जाने के तुरंत बाद कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया, लेकिन उन्हें अंतरिम सुरक्षा देने के मुद्दे पर न्यायाधीशों में मतभेद दिखे। यह मामला 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित तौर पर साक्ष्य गढ़ने से संबंधित है। 

चमोली जिले में अलकनंदा नदी किनारे ट्रांसफार्मर फटने से 15 लोगों की मौत

एक बड़े हादसे में उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे ट्रांसफार्मर फटने से 15 लोगों की मौत हो गयी है। इस हादसे में 7 लोग घायल हुये हैं जिनमें पुलिस के कर्मी भी शामिल हैं। बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

जानकारी के मुताबिक घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिये हैं। यही हादसा तब हुआ है जब राज्य के अनेक स्थानों पर लगातार बारिश हो रही है।

धामी ने हादसे पर ट्वीट करके कहा – ‘चमोली में बेहद दुखद घटना का समाचार मिला है। वहां 15 लोगों के हताहत होने की जानकारी अभी तक मिली है। इस घटना के मजिस्‍ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गए हैं।’

एसडीआरएफ सभी बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। सीम के मुताबिक घायलों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा। घायलों को हायर सेंटर पर रेफर करने के लिए हेलीकॉप्टर की सहायता ली जा रही है।  

बताया जा रहा है कि जान गंवाने वाले लोगों में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर और तीन  होमगार्ड के जवान हैं। प्रोजेक्ट में बने ब्रिज में करंट आने से ये हादसा हुआ। पहले एक जल निगम के कर्मचारी की मौत हुई, फिर अन्‍य करंट की चपेट में आ गए।  

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर यूएनएससी बैठक, सदस्यों ने खतरों के प्रति चेताया

आज जब दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर गहन चर्चा हो रही है और इसके फायदे और नुकसान पर गंभीर चिंतन चल रहा है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पहली बार इस पर बैठक कर इसके विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया।  यह बैठक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरों पर चिंतन मनन के लिए बुलाई गयी थी और इसमें ज्यादातर सदस्यों ने एआई के अंधाधुंध इस्तेमाल के खतरों के प्रति दुनिया को चेताया है।  

बैठक में चीन ने कहा कि तकनीक को बेलगाम घोड़ा नहीं बनने देना चाहिए वहीं,  अमेरिका के प्रतिनिधि ने लोगों को सेंसर करने या उनका दमन करने के लिए इसके इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी। एजेंसियों के मुताबिक ब्रिटेन के विदेश सचिव जेम्स क्लेवर्ली, जो बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, ने कहा कि एआई मानव जीवन के हर पहलू को मौलिक रूप से बदल देगा।

उन्होंने कहा – ‘एआई जलवायु परिवर्तन से निपटने और अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। हमें तत्काल ट्रांसफॉर्मेटिव टेक्नोलॉजी के वैश्विक शासन को आकार देने की जरूरत है क्योंकि एआई कोई सीमा नहीं जानता है’। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि टेक्नोलॉजी दुष्प्रचार को बढ़ावा देती है और हथियारों की तलाश में राज्य और गैर-राज्य दोनों को मदद कर सकती है।

बैठक में 15 सदस्यीय काउंसिल को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, हाई-प्रोफाइल एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क और एआई एथिक्स एंड गवर्नेंस के लिए चीन-यूके रिसर्च सेंटर के सह-निदेशक प्रोफेसर ज़ेंग यी ने जानकारी दी।

इस मौके पर गुटेरेस ने कहा – ‘एआई के मिलिट्री और नॉन-मिलिट्री दोनों अनुप्रयोगों के वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बहुत गंभीर परिणाम हो सकते हैं’। गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन, या जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल पर आधारित इस असाधारण तकनीक को नियंत्रित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए एक नए संयुक्त राष्ट्र निकाय के निर्माण के लिए कुछ राज्यों के आह्वान का समर्थन किया है।

रूस ने सवाल किया कि क्या परिषद, जिस पर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने का जिम्मा है, को एआई पर चर्चा करनी चाहिए। चीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत झांग जून ने एआई को दोधारी तलवार बताया और कहा कि बीजिंग एआई के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों की स्थापना पर संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय समन्वय भूमिका का समर्थन करता है।

संयुक्त राष्ट्र में उप अमेरिकी राजदूत, जेफरी डेलाउरेंटिस ने यह भी कहा कि शांति और सुरक्षा को कमजोर करने वाले मानवाधिकार जोखिमों से निपटने के लिए देशों को एआई और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर एक साथ काम करने की आवश्यकता है।

‘इंडिया जितेगा, भाजपा हारेगी’- विपक्ष, अगली बैठक महाराष्ट्र में होगी

लोकसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु में आज विपक्ष की दूसरी बैठक हुई। इस बैठक में 26 पार्टियों के नेता मौजूद रहें। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि विपक्षी मोर्चे का नाम यूपीए से बदलकर इंडिया कर दिया गया है और  इसके संयोजक का नाम अगली बैठक में तय किया जाएगा। विपक्ष की तीसरी बैठक महाराष्ट्र में होगी। 

बता दें, इस बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सर्वसमत्ती से विपक्षी मोर्चे के बदले हुऐ नाम INDIA (Indian National Developmental Inclusive Alliance) का सुझाव राहुल गांधी ने दिया। जिसपर विपक्ष के सभी नेताओं ने इस नाम पर सर्वसमत्ति जताई। 

बेंगलुरु कांग्रेस द्वारा आयोजित विपक्ष की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व सांसद राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, शरद पवार समेत तमाम पार्टियों के शीर्ष नेता उपस्थित रहें।

आज की बैठक में 26 पार्टियों में केरल कांग्रेस (एम), तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, वीसीके, आरजेडी, एनसीपी, पीडीपी, एमएमके, सीपीआई, सपा, आईयूएमएल, सीपीआईएमएल, शिवसेना (उद्धव), केरल कांग्रेस (जोसेफ), आरएसपी, सीपीएम, आरएलडी, जेडीयू, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस, आप, अपना दल (के), जेएमएम, केएमडीके, यूबीटी, कांग्रेस शमिल है।

बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, “बीजेपी संविधान को खत्म करना चाहती हैं। संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। भाजपा विपक्ष से डर गई है और ईडी, सीबीआई के जरिए विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है। “

खरगे ने आगे बताया कि, “विपक्षी दलों की अगली बैठक मुंबई में होगी। चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों के 11 सदस्यीय की ऑर्डिनेशन कमिटी बनाई जायेगी। और इसके सदस्यों की घोषणा अगली बैठक में होगी। वहीं ज्वाइंट कैंपेन के लिए दिल्ली में एक सचिवालय बनाया जायेगा।” 

कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने कहा कि, “ये हमारी दूसरी बैठक है। आज बहुत सार्थक काम हुआ।लड़ाई बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ़ है। ये देश की आवाज के लिए लड़ाई है। इसलिए इंडिया नाम चुना गया है। बीजेपी देश पर आक्रमण कर रही हैं। देश का पूरा का पूरा धन चंद लोगो के हाथों में दिया जा रहा है। देश मे बेरोजगारी फैल रही है। देश की आवाज को दबाया जा रहा है और देश को कुचला जा रहा है। ये लड़ाई एनडीए और इंडिया के बीच में है। ये लड़ाई नरेंद्र मोदी और इंडिया के बीच में है। हमने निर्णय लिया है कि एक एक्शन प्लान तैयार करेंगे और अगली बैठक में इस एक्शन प्लान पर काम करेंगे।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, “हमारा पॉलिटिकल पार्टी की मीटिंग में तय हुआ कि यूपीए का नाम इंडिया होगा। आज से चुनौती की शुरुआत हुई है। देश आज खतरे में है। बीजेपी का काम सरकार बेचना और खरीदना हो गया है। देश में लोगो की आजादी पर खतरा होंडा है। इंडिया यानी देश को बचाना है। देश के लोगो को बचाना है, बीजेपी को हटाना है। क्या एनडीए इंडिया को चुनौती दे पाएगा? इंडिया जीतेगा और हमारा देश जीतेगा।”

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, “देश की 26 पार्टियां बेंगलुरु में एकात्रित हुई है। आज से 9 साल पहले नरेंद्र मोदी को भारी बहुमत देकर जनता ने जिताया था। लेकिन उन्होंने एक भी सेक्टर में तरक्की नहीं की बल्कि सबकुछ भुंकी बरबाद कर दिया है- रेलवे, इकोनॉमी, जहाज, आसमान, धरती, पाताल, सब बीजेपी ने बेच दिया है। बीते 9 साल में मोदी सरकार ने देश की संपत्तियां बेच दी। हर सेक्टर को बर्बाद कर दिया। आज देश का हर वर्ग दुखी है। आज हम सब एक ऐसे भारत का सपना लेकर एकजुट हुए हैं, जहां युवाओं को रोजगार, बच्चों को अच्छी शिक्षा और लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिले।”

शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि, “दूसरी कामयाब मीटिंग हुई है। तानाशाही के खिलाफ जनता आज इक्कठा हुई है। हम भारत (इंडिया) को आगे लेकर जायेंगे। ये लड़ाई हमारी व्यक्ति विशेष की तरक्की कि नहीं बल्की हमे बचाना है इसलिए हम एकत्रित हुए है। आज़ादी की लड़ाई के लिए हम एकजुट हुए है। ‘डरो मत, हम है’। पूरे देश की जनता देश है कोई एक पार्टी देश नहीं हो सकती।”

आपको बता दें, इंडिया से संबंधित 26 राजनीतिक दलों का सामूहिक संकल्प में कहा गया है कि, “26 दलों के हस्ताक्षरित नेता, संविधान में निहित भारत के विचार की रक्षा के लिए अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हैं। हमारे गणतंत्र के चरित्र पर भाजपा द्वारा व्यवस्थित तरीके से गंभीर हमला किया जा रहा है। हम अपने देश के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। भारतीय संविधान के मूलभूत स्तंभों-धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र, आर्थिक संप्रभुता, सामाजिक न्याय और संघवाद-को व्यवस्थित रूप से और खतरनाक रूप से कमजोर किया जा रहा है।”

आगे कहा गया है कि, “मणिपुर को तबाह करने वाली मानवीय त्रासदी गंभीर चिंता का विषय हैं। और प्रधानमंत्री की खामोशी चौंकाने वाली और अभूतपूर्व है। मणिपुर को शांति और सुलह के रास्ते पर वापस लाने की तत्काल आवश्यकता है। वहीं आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों और रिकॉर्ड बेरोजगारी के गंभीर आर्थिक संकट का सामना करने के अपने संकल्प को मजबूत करते हैं।” 

हम अल्पसंख्यकों के खिलाफ पैदा की जा रही नफरत और हिंसा को हराने के लिए एक साथ आए हैं; महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और कश्मीरी पंडितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए; सभी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों के लिए एक निष्पक्ष सुनवाई की मांग करते हैं; और, पहले कदम के रूप में, जाति जनगणना को लागू करें। साथ ही राष्ट्र के सामने एक वैकल्पिक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक एजेंडा पेश करने का संकल्प लेते हैं। हम शासन के सार और शैली दोनों को बदलने का वादा करते हैं जो की अधिक परामर्शात्मक, लोकतांत्रिक और सहभागी होगा।”

मोदी बोले विपक्ष ‘भ्रष्टाचार की दुकान’, पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट भवन उद्घाटित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्ष पर हमला करते हुए हुए उसे ‘भ्रष्‍टाचार की दुकान’ बताया जबकि कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा ‘एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग’। मोदी ने यह आरोप अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग के उद्घाटन पर लगाए।

पोर्ट ब्लेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग शंख के आकार की  है और इसपर करीब 710 करोड़ रुपये की लागत आई है। नया टर्मिनल भवन सालाना करीब 50 लाख यात्रियों के लिए सक्षम होगा। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि ज्यादा फ्लाइट्स और ज्यादा पर्यटक आने का सीधा मतलब है ज्यादा से ज्यादा रोजगार।

उन्होंने कहा कि पोर्ट ब्लेयर की इस नई टर्मिनल बिल्डिंग से ईज और ट्रैवल बढ़ेगा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा और कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। साथ ही पीएम मोदी ने इस दौरान विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा।

मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा – ‘उनके चेहरे के पीछे कई चेहरे हैं। ये जातिवाद, भ्रष्टाचार की दुकान खोलकर बैठे हैं। विपक्ष का लक्ष्य सबसे पहले परिवार है। इनका एक ही एजेंडा परिवार बचाओ है। आजकल वे बेंगलुरु में जुटे हैं। वे घोटालों पर चुप हो जाते हैं और भ्रष्‍टाचार की गारंटी देते हैं।’

विपक्ष पर हमला करते हुए मोदी ने कहा – ‘ये दल उन्हीं कामों को प्राथमिकता देते थे, जिसमें इनका खुद का भला हो, इनके परिवार का भला हो। नतीजा ये हुआ कि हमारे आदिवासी क्षेत्रों और द्वीपों की जनता विकास से वंचित रही, विकास के लिए तरसती रही। लंबे समय तक भारत में विकास का दायरा कुछ बड़े शहरों और कुछ क्षेत्रों तक सीमित रहा।’

सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी के मामले में 21 जुलाई को सुनवाई करेगा

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मानहानि मामले में जल्दी सुनवाई के आग्रह वाली याचिका को स्वीकार करते हुए 21 जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए तय की है। गांधी ने याचिका में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।

याद रहे मोदी सरनेम मानहानि के मामले में राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से गुजरात उच्च न्यायालय में इनकार कर दिया गया था जिसके चलते राहुल की लोकसभा सदस्यता बहाल नहीं हो पाई थी। अब सर्वोच्च अदालत इस मामले में राहुल गांधी की याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगी।

राहुल गांधी के लिए अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के सामने याचिका रखी। सीजेआई ने मामला शुक्रवार को सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया।

सिंघवी ने अदालत से राहुल गांधी की सुनवाई के लिए 21 जुलाई या 24 जुलाई की तारीख तय करने का अनुरोध किया था। इसके बाद सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई। अदालत ने कहा कि वह 21 जुलाई को मामले पर सुनवाई करेगी।

याद रहे गांधी ने 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि इस आदेश पर रोक नहीं लगाई गई तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से बार-बार कमजोर करेगा। इसके परिणाम स्वरूप लोकतंत्र का दम घुट जाएगा, जो भारत के राजनीतिक माहौल और भविष्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक होगा। 

विपक्षी गठबंधन की आज बड़ी बैठक, सोनिया गांधी बन सकती हैं अध्यक्ष

सत्तारूढ़ एनडीए को मात देने के लिए 26 विपक्षी दलों का गठबंधन आज बेंगलुरु में अपनी आगे की रणनीति तय करेगा। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को नए गठबंधन का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। एनसीपी नेता शरद पवार भी आज की बैठक में शामिल हो रहे हैं। विपक्ष की गठबंधन की बैठक का नेतृत्व कांग्रेस कर रही है। आज तीन वर्किंग ग्रुप बनाये जा सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक आज की बैठक विपक्ष के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा और उन पर शुरुआती फैसला होने की संभावना है। विपक्षी मोर्चे का नाम क्या हो, इस सोमवार शाम चर्चा की गयी। कुछ दलों की राय है कि इसका नाम यूपीए (यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस) ही रखा जाए, क्योंकि इस नाम से जनता वाकिफ है। एक नाम पेट्रियोटिक डेमोक्रेटिक एलायंस (पीडीए) भी सामने आया है। हालांकि, माना जाता है कि इसका नाम बाद में अंतिम किया जाएगा।  

बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, लालू प्रसाद यादव, उद्धव ठाकरे, हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, शरद पवार जैसे बड़े नेता शामिल हैं।

विपक्ष की बैठक के स्थल बेंगलुरु में जगह-जगह ‘यूनाइटेड वी स्टैंड’ के पोस्टर लगाए गए हैं। चर्चा है कि सोनिया गांधी को नए मोर्चे का अध्यक्ष बनाया जा सकता है जबकि नीतीश कुमार को संयोजन का जिम्मा मिल सकता है। सोनिया गांधी अतीत में वही गठबंधन की राजनीति को बहुत अच्छे से निभाती रही हैं और दूसरे दलों को साथ जोड़ने का उनका अनुभव भी रहा है। वे यूपीए की दो बार की सत्ता के दौरान उसकी अध्यक्ष भी रही हैं।

सोमवार शाम जब पहले दिन की बैठक शुरू हुई तो सोनिया गांधी को काफी देर तक बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बातचीत करते देखा गया। अब आज औपचारिक चर्चा होगी। विपक्षी गठबंधन आज न्यूनतम एक साझा कार्यक्रम (सीएमपी) की रूपरेखा सामने ला सकता है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन में ऐसा ही किया गया था जो दो बार केंद्र की सत्ता में रहा।

कल शाम की अनौपचारिक चर्चा डिनर के दौरान ही हुई। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार और कुछ अन्य नेता आज बैठक में शामिल हो  रहे हैं। इस बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, आम आदमी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, सीपीआईएमएल, एनसीपी, शिवसेना उद्धव, समाजवादी पार्टी, नेशनल कॉन्फ़्रेंस, पीडीपी, जेएमएम, आरएलडी, आरएसपी, आईयूएमएल, केरल कांग्रेस एम, वीसीके, एमडीएमके, केरला जे, केडीएमके, फॉरवर्ड ब्लॉक, एमएमके और अपना दल (कमेरावादी) शामिल हो रहे हैं।  

बैठक के बाद विपक्षी नेता साझी प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इसमें दो दिन की बैठक के फैसलों की जानकारी दी जाएगी। साथ यह भी बताया जाएगा कि अगली बैठक कहाँ होगी।