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जगदीश टाइटलर के खिलाफ 1984 के सिख दंगों में आरोप तय

नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में शुक्रवार को कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ हत्या तथा अन्य अपराधों में आरोप तय किए। टाइटलर ने गुनाहों को कबूल नहीं किया जिसके बाद विशेष न्यायाधीश राकेश सियाल ने उन पर मुकदमा चलाए जाने का निर्देश दिया।

न्यायाधीश ने 30 अगस्त को कहा था कि आरोपी के खिलाफ कार्यवाही आगे बढ़ाने का पर्याप्त आधार है। एक गवाह ने पहले आरोपपत्र में कहा था कि टाइटलर एक नवंबर, 1984 को यहां गुरुद्वारा पुल बंगश के सामने सफेद अंबेसेडर कार से बाहर निकले थे और उन्होंने यह कहते हुए भीड़ को उकसाया कि ‘‘सिखों को मारो, उन्होंने हमारी मां को मारा है’’ और इसके बाद तीन लोगों की ‘हत्या’ हो गई।

अदालत ने गैरकानूनी तरीके से जमा होने, दंगा भड़काने, विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने, घरों में सेंध लगाने और चोरी समेत अनेक अपराधों के लिए आरोप तय करने का आदेश दिया।

प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पेश की योजना

ढाका :  बांग्लादेशी अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पदभार संभालने के बाद से देश में कानून की रक्षा और संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्रवाई की है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में सुधार के अपने प्रयासों के तहत, यूनुस ने बुधवार को घोषणा की कि सरकार ने न्यायपालिका, चुनाव प्रणाली, प्रशासन, पुलिस, भ्रष्टाचार विरोधी आयोग और संविधान में सुधार के लिए छह आयोग बनाने का फैसला किया है। यूनुस ने बुधवार रात को राष्ट्र के नाम संबोधन पर एक टेलीविजन भाषण में यह घोषणा की, जो आठ अगस्त से अंतरिम सरकार के गठन के पहले महीने को चिह्नित करता है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना पांच अगस्त को भारत भाग गईं। इन आयोगों के द्वारा एक अक्टूबर को अपना काम शुरू करने और अगले तीन महीनों के भीतर समाप्त होने की उम्मीद है।

यूनुस ने कहा कि चुनाव आयोग के साथ-साथ पुलिस प्रशासन, लोक प्रशासन, न्यायपालिका और भ्रष्टाचार विरोधी आयोग में सुधार करना अगले चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि ये सुधार लोगों के स्वामित्व वाली, जवाबदेह और कल्याण-उन्मुख राज्य प्रणाली की स्थापना में भी योगदान देंगे।” सभी क्षेत्रों के लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में सुधार लाने का आह्वान करते हुए मुख्य सलाहकार ने कहा, “यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपनी दुनिया में सुधार लाएं। किसी देश का सुधार केवल सरकार का सुधार नहीं हो सकता।” यूनुस ने कहा कि आयोगों की रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम सरकार अगले चरण में प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ चर्चा आयोजित करेगी। अंतिम चरण में तीन से सात दिनों तक छात्र संगठनों, नागरिक समाज, राजनीतिक दलों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक परामर्श किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि सरकार देश के लिए एक लोकतांत्रिक ढांचा बनाने के लिए दृढ़ संकल्प है। उनकी सरकार पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहती है और संबंध निष्पक्षता और समानता पर आधारित होने चाहिए। इससे पहले बुधवार को बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक, बांग्लादेश बैंक ने बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छह सदस्यीय टास्क फोर्स के गठन के संबंध में एक अधिसूचना जारी की।

पीएम मोदी ने भारतीय पैरा-एथलीटों से की मुलाकात

नई दिल्ली:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस पैरालंपिक से लौटे भारतीय दल से अपने आवास पर मुलाकात की। इस बार भारतीय एथलीटों ने टोक्यो के रिकॉर्ड प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ी और पैरालंपिक में देश के लिए अब तक के सर्वोच्च पदक जीतकर इतिहास रचा।

भारत ने 7 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य पदक के साथ कुल 29 पदकों के साथ पदक तालिका में 18वां स्थान हासिल किया। इस दल ने 2020 टोक्यो पैरालंपिक (कुल मेडल 19) में भारत द्वारा बनाए गए अब तक के सर्वश्रेष्ठ पदकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पैरालंपिक खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 शूटिंग स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ अपना खिताब बरकरार रखते हुए पीएम मोदी को अपनी जर्सी भेंट की। इस पर लिखा था, “आपके समर्थन के लिए… धन्यवाद सर।”

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने कपिल परमार के कांस्य पदक पर साइन किए, जो उन्होंने पैरा जूडो पुरुषों की 61 किग्रा जे1 श्रेणी में जीता था। फ्रांस की राजधानी में 28 अगस्त से 8 सितंबर तक आयोजित पेरिस 2024 पैरालंपिक में रिकॉर्ड 84 पैरा-एथलीटों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत ने 12 खेलों में भाग लिया, जो टोक्यो 2020 से तीन ज्यादा है। ये तीन नए खेलों में – पैरा साइक्लिंग, पैरा रोइंग और ब्लाइंड जूडो शामिल था। भाला फेंक के दिग्गज सुमित अंतिल ने पैरालंपिक में अपना खिताब बचाने वाले पहले भारतीय पुरुष के रूप में इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक एफ64 में 70.59 मीटर की शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जो एक नया पैरालंपिक रिकॉर्ड है। उन्होंने टोक्यो 2020 पैरालंपिक में बनाए गए अपने पिछले रिकॉर्ड को पेरिस में तीन बार तोड़ा। हरविंदर सिंह भारत के पहले पैरालंपिक तीरंदाजी चैंपियन बने।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को  नहीं मिली जमानत

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से संबंधित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुकदमे में तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत की मांग और इसी मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिकाओं पर शुक्रवार 13 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगा।

शीर्ष अदालत की बेवसाइट के मुताबिक न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ अपना फैसला सुनाएगी। याचिकाकर्ता केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू की घंटों दलीलें के बाद पीठ ने पांच सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आम आदमी पार्टी के प्रमुख श्री केजरीवाल ने सीबीआई मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से 05 अगस्त को अपनी याचिकाएं ठुकरा दिए जाने के बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 (जो विवाद के बाद रद्द कर दी गई) के कथित और अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च और सीबीआई में 26 जून 2024 को आरोपी मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की गिरफ्तारी के समय वह ईडी के मुकदमे में न्यायिक हिरासत में थे।

सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुकदमे में मार्च से न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी मुख्यमंत्री केजरीवाल को विशेष अदालत की अनुमति के बाद 25 जून को पूछताछ और फिर 26 जून को गिरफ्तार किया था। शीर्ष अदालत ने आबकारी नीति कथित घोटाले से संबंधित धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज मुकदमे में केजरीवाल को 12 जुलाई को अंतरिम जमानत दे दी थी। यदि सीबीआई की ओर से जून में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया होता तो वह जेल से रिहा कर दिए गए होते। शीर्ष अदालत ने इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें अंतरिम जमानत दी थी।

आबकारी नीति बनाने और उसके कार्यान्वयन में की गई कथित अनियमितताओं के आरोप के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 अगस्त 2022 को एक आपराधिक मुकदमा दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने 22 अगस्त 2022 को धनशोधन का मामला दर्ज किया था। शुरू में मुख्यमंत्री केजरीवाल का नाम आरोपियों में नहीं था। सीबीआई मामले में शीर्ष अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को जमानत दिए जाने की दलीलों का पुरजोर विरोध करते हुए कहा था कि अधिनस्थ अदालत को दरकिनार करने की अनुमति केवल असाधारण परिस्थितियों में ही दी जा सकती है। इस पर केजरीवाल पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सिंघवी ने दलील दी थी कि सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत आरोपी को नोटिस जारी करने के संबंध में वर्तमान याचिका में उठाए गए आधारों पर हिरासत के दौरान बहस की गई थी। इसके बाद विशेष अदालत ने उसे खारिज कर दिया था। इसलिए याचिकाकर्ता को फिर से उसी मुद्दे पर वहां बहस करने के लिए वापस भेजना न्यायोचित नहीं होगा।

पीठ के समक्ष गुरुवार पांच सितंबर 2024 को श्री सिंघवी ने कहा, “शायद यह एकमात्र ऐसा मामला है, जिसमें मुझे (केजरीवाल) इस अदालत से सख्त धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत दो रिहाई आदेश मिले।उच्च न्यायालय से एक और विस्तृत आदेश मिला। फिर सीबीआई द्वारा पहले से तय गिरफ्तारी हुई।” शीर्ष अदालत को सिंघवी ने यह भी बताया कि केजरीवाल का नाम 2022 में दर्ज मुकदमे में नहीं था और उन्हें इस साल 2024 जून में गिरफ्तार किया गया था।उन्होंने कहा, “तीन अदालती आदेश मेरे पक्ष में हैं। यह एक पहले से तय की गई गिरफ्तारी है, ताकि उन्हें (मुख्यमंत्री) जेल में रखा जा सके।” वरिष्ठ अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री केजरीवाल का पक्ष रखते हुए आगे कहा, “सबूतों के साथ छेड़छाड़ का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि लाखों दस्तावेज हैं, जिनमें से कई तो डिजिटल हैं। उनके मुवक्किल न्यायिक हिरासत में रहते हुए गवाहों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं और इस मामले में पांच आरोप पत्र भी दाखिल किए गए हैं।”

उन्होंने दिल्ली आबकारी नीति मामले से संबंधित अन्य आरोपियों – दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विधान पार्षद के कविता के जमानत आदेशों का हवाला दिया। शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था। ये नेता जेल से रिहा कर दिए गए हैं। सिंघवी ने आगे कहा कि सीआरपीसी की धारा 41ए को 2010 में गिरफ्तारियों को विनियमित करने के लिए पेश किया गया था और इसका उद्देश्य मनमानी गिरफ्तारियों को रोकना और यह सुनिश्चित करना था कि कानून प्रवर्तन अधिकारी बिना किसी वैध आधार के किसी को गिरफ्तार न कर सकें। दूसरी ओर राजू ने केजरीवाल की याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने पहले सत्र न्यायालय में गुहार लगाने की बजाय सीधे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

उन्होंने कहा, “यह मेरी प्रारंभिक आपत्ति है। गुण-दोष के आधार पर अधीनस्थ अदालत को पहले इस पर विचार करना चाहिए था। उच्च न्यायालय को गुण-दोष देखने के लिए बनाया गया था और यह केवल असाधारण मामलों में ही हो सकता है। सामान्य मामलों में पहले सत्र न्यायालय का रुख करना पड़ता है। वे (केजरीवाला) यहां आए और फिर उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया और फिर वे फिर से शीर्ष अदालत आए।” एडिशनल सॉलिसिटर जनरल राजू ने यह भी दावा किया कि केजरीवाल ने अपनी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के माध्यम से पंजाब के एक आबकारी लाइसेंस धारक को परेशान करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी केजरीवाल को कोई भी राहत उच्च न्यायालय पर मनोबल गिराने वाला प्रभाव डालेगी। हालांकि, पीठ ने कहा कि उन्हें (राजू को) यह दलील नहीं देनी चाहिए थी। हालांकि, श्री राजू ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ सीबीआई की चार्जशीट उच्च न्यायालय के समक्ष उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि किसी विशेष व्यक्ति के लिए जमानत के संबंध में विशेष व्यवहार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कानून में कोई विशेष व्यक्ति नहीं है और “अन्य सभी ‘आम आदमी’ (आम आदमी) को सत्र न्यायालय जाना होगा।”

गवाहों के बयान पढ़ते हुए श्री राजू ने दावा किया था कि इससे संकेत मिलता है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली आबकारी नीति मामले में “मुख्य साजिशकर्ता” हैं। चुनाव में रिश्वत के पैसे के इस्तेमाल का दावा करते हुए राजू ने कहा था कि गोवा में कई अन्य लोग भी इस मामले में फंसे हुए हैं और अगर केजरीवाल जमानत पर बाहर आते हैं तो वे गवाह मुकर सकते हैं। उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक हलफनामे में सीबीआई ने केजरीवाल को गिरफ्तार करने के अपने निर्णय को उचित ठहराते हुए दावा किया कि नई आबकारी नीति तैयार करने में सभी महत्वपूर्ण निर्णय दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के इशारे पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया के साथ मिलीभगत करके लिए गए थे‌। ये फैसले 100 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत के लिए किए गए थे।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत का बड़ा दांव, प्रधानमंत्री मोदी ने किया ये ऐलान

नई दिल्ली:  सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत को पूरी तरीके से आत्मनिर्भर बनाने और अन्य देशों को यहां आकर अपनी फैक्ट्री खोलने और निवेश के लिए प्रेरित करने के लिए सेमीकॉन इंडिया का आयोजन किया गया। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। सेमीकॉन इंडिया 2024 को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारा सपना है कि दुनिया के हर इलेक्ट्रॉनिक्स में भारत में बनी चिप लगी हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सेमीकंडक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए निवेश का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि अगर भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में जगह बनानी है, तो उसके लिए कॉम्पिटीटिव होना एक अहम शर्त है। पीएम मोदी ने कहा कि आज स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहन और एआई तक हर चीज के लिए सेमीकंडक्टर आधार है। पीएम ने कहा कि कोविड-19 जैसीवैश्विव महामारी ने सेमीकंडक्टर और उसकी सप्लाई चेन की जरूरत को सबसे सामने लाया। इस दौरान दुनिया ने सप्लाई चेन का संकट देखा, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई। चीन ने कोविड के प्रसार को रोकने के लिए जो कदम उठाए, उससे दुनिया के उन देशों में उद्योग प्रभावित हुए जो सेमीकंडक्टर के लिए चीन से आयात पर निर्भर थे। इसलिए आने वाले समय में इससे जुड़े किसी भी व्यवधान को खत्म करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता पर गौर किया जाना चाहिए। आज सेमीकंडक्टर हर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने एक सपने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा,”हमारा सपना है कि दुनिया के हर डिवाइस में भारत में बनी चिप हो। हम भारत को सेमीकंडक्टर सेक्टर में वर्ल्ड पावर बनाने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।” सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने उनकी सरकार के कार्यकाल में उठाए गए कदमों की चर्चा की है। देश में चिप मैन्यूफैक्चरिंग के लिए ”थ्री-डी पावर” की अवधारणा पर फोकस किया गया है, इसमें सुधारवादी सरकार की स्थिर नीतियां, मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत आधार और एस्पिरेशनल मार्केट का टेक्नोलॉजी को अपनाना शामिल है। आज का भारत दुनिया में विश्वास जगाता है, जब मुश्किलें आती हैं, तो आप भारत पर भरोसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश पहले ही किया जा चुका है और कई प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं।

सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए देश में कई चुनौतियां पार करनी हैं। इनमें सप्लाई चेन, कच्चा माल और उपकरण, टेस्टिंग फैसिलिटी और स्किल्ड मैनपावर सबसे अहम है। ऐसे में इसकी क्षमता को बढ़ाकर कई गुना करने का प्लान है। ताकि आत्मनिर्भरता के साथ प्रदेश की इकोनॉमी का लक्ष्य 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सके।

एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के पिता ने छत से कूदकर किया सुसाइड

मुंबई : बालीवुड से इस समय हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने घर की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली है।

इस खबर के सामने आने के बाद बालीवुड जगत में शोक की लहर छा गई है। वहीं इस खबर के सामने आने के बाद हर कोई हैरान है। लेकिन उनके सुसाइड करने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार छत से कूदकर सुसाइड करने के बाद उन्हें नजदीक के अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, आत्महत्या का कारण व्यक्तिगत या मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित हो सकता है, लेकिन फिलहाल कोई निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अनिल अरोड़ा के परिवार की ओर से दिए गए बयान के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

बॉलीवुड अभिनेता अरबाज़ ख़ान ने मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा के निधन के बाद उनके पहुंचकर शोक व्यक्त किया। अनिल अरोड़ा की आत्महत्या की खबर आज सुबह सामने आई थी, जिसने परिवार और उनके करीबियों को गहरा झटका दिया है। अरबाज़ ख़ान, जो मलाइका अरोड़ा के पूर्व पति हैं, ने इस मुश्किल समय में मलाइका और उनके परिवार के प्रति समर्थन और सांत्वना व्यक्त की। उन्होंने मलाइका की माँ के घर जाकर शोक संवेदना प्रकट की और परिवार को इस कठिन घड़ी में समर्थन देने की कोशिश की।

पाकिस्तान में आए भूकंप से हिला उत्तर भारत

नई दिल्ली : आज दोपहर 12:58 बजे उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में भी भूकंप की जानकारी प्राप्त हुई है। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सेसमोलॉजी ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 आंकी है और इसके केंद्र को पाकिस्तान में डेरा गाजी खान के पास माना जा रहा है। भूकंप के चलते लोगों में डर का माहौल देखने को मिला। भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी, जिससे झटकों की तीव्रता अपेक्षाकृत कम महसूस की गई।

पाकिस्तान के अखबार “द ट्रिब्यून” के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा से लेकर पंजाब तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने भूकंप की तीव्रता 5.4 के करीब बताई है। पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र के शहरों जैसे मियांवाली, खानेवाल, टोबा टेक सिंह, गुजरात, सरगोधा और झांग, साथ ही राजधानी इस्लामाबाद, मुल्तान और लाहौर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर, स्वात घाटी, और उत्तरी वजीरिस्तान में भी भूकंप आया है।

फिलहाल, किसी भी देश में जान या माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सेसमोलॉजी के अनुसार, यदि भूकंप की तीव्रता 6 से कम है, तो आमतौर पर बड़ा खतरा नहीं होता है। हालांकि, भूकंप का केंद्र जमीन के काफी नीचे था, जिससे इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक हो सकता था। यह भूकंप 29 अगस्त को अफगानिस्तान में आए भूकंप के ठीक बाद हुआ है। राहत और बचाव एजेंसियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

केदारनाथ मार्ग पर गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच भूस्खलन, 5 तीर्थयात्रियों की मौत

देहरादून : उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण फंसे तीर्थयात्रियों में से मंगलवार सुबह चार और शव बरामद हुए हैं, जिससे मृतकों की संख्या आज पांच हो गई है। जबकि तीन अन्य को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है। मृतक और घायलों में पड़ोसी देश नेपाल के साथ, मध्य प्रदेश और गुजरात के यात्री शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य अभी जारी है।

रूद्रप्रयाग के अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि कोतवाली सोनप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत, सोनप्रयाग से लगभग 01 किमी दूर गौरीकुण्ड की तरफ हाल ही में हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में गौरीकुण्ड से सोनप्रयाग की ओर आ रहे कुछ यात्री मलबे में दब गए हैं। सूचना पर पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व डीडीआरएफ की ओर से संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान देर रात तीन व्यक्तियों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया, जबकि एक अचेत अवस्था में मिला जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि यहां पर रात के समय खराब मौसम व लगातार मलबा-पत्थर आने के कारण रेस्क्यू टीमों को अपना कार्य करने में दिक्कतें आयी व बचाव कार्य रोकना पड़ा।

राणा के अनुसार, मंगलवार तड़के रेस्क्यू टीमों द्वारा फिर बचाव कार्य शुरू किया गया। इस स्थल पर 3 व्यक्ति (2 महिला व 1 पुरुष) अचेत अवस्था में मिले, जिनको डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि लगातार चले बचाव अभियान के दौरान, कुछ देर बाद रेस्क्यू टीमों को एक और महिला अचेत अवस्था में मिली, जिनको डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया गया है। इस प्रकार इस हादसे में मृतकों की संख्या 05 हो गई है।

उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गोपाल पुत्र भक्तराम, निवासी जीजोड़ा, पोस्ट राजोद, जिला धार, मध्य प्रदेश, उम्र 50 वर्ष, दुर्गाबाई खापर पत्नी संघन लाल निवासी नेपावाली, जिला घाट, मध्य प्रदेश, उम्र 50 वर्ष, तितली देवी पत्नी राजेंद्र मंडल, निवासी ग्राम वैदेही, जिला धनवा, नेपाल, उम्र 70 वर्ष, भारत भाई निरालाल पुत्र निरालाल पटेल, निवासी ए 301, सरदार पैलेस करवाल नगर, खटोदरा, सूरत, गुजरात, उम्र 52 वर्ष और समनबाई पत्नी शालक राम, निवासी झिझोरा, जिला धार मध्य प्रदेश, उम्र 50 वर्ष के रूप में हुई है।

अपर जिलाधिकारी राणा ने बताया कि इसके अतिरिक्त, जीवच तिवारी पुत्र रामचरित, निवासी धनवा नेपाल, उम्र 60 वर्ष, मनप्रीत सिंह पुत्र कश्मीर सिंह, निवासी वेस्ट बंगाल, उम्र 30 वर्ष और छगनलाल पुत्र भक्त राम, निवासी राजोत, जिला धार, मध्य प्रदेश, उम्र 45 वर्ष को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया है। जिनका उपचार किया जा रहा है।

रूद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जनपद पुलिस के स्तर से यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि के 06:30 बजे के बाद आवाजाही बिल्कुल बन्द कर दी गयी थी। जो लोग इस समयावधि से पहले गौरीकुण्ड से सोनप्रयाग की ओर चले गये थे, उन लोगों के साथ यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि बाधित चल रहा मार्ग पैदल आवागमन के लिए खुल चुका है। सुरक्षा बलों की देखरेख में यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सोनप्रयाग की ओर भेजा जा रहा है।

मणिपुर में फिर सुलगी हिंसा की चिंगारी, इंफाल समेत तीन जिलों में लगा कर्फ्यू

मणिपुर : मणिपुर में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर राजधानी इंफाल समेत तीन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सोमवार को महिलाओं द्वारा ड्रोन हमलों के विरोध में मशाल जुलूस निकालने के बाद स्थिति और भी बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने समोवार को राजभवन पर पथराव किया, जिससे प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया।

इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और थौबल जिलों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू किया गया है। इन जिलों में बीएनएसएस की धारा 162 (2) को लागू कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार, कर्फ्यू 10 सितंबर की सुबह 11 बजे से प्रभावी हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा।

कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, कोर्ट, स्वास्थ्य सेवाएं और मीडिया को छूट दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, डीजीपी और सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग को लेकर छात्रों द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की संभावना के चलते कर्फ्यू का निर्णय लिया गया।

इंफाल में स्कूल और कॉलेजों के सैकड़ों छात्र पूरी रात ख्वारिमबांद मार्केट में ठहरे रहे। महिलाओं ने उन्हें कैंप लगाने के लिए जगह प्रदान की। सोमवार को हजारों छात्रों ने मणिपुर सचिवालय और राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। हालिया हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई है और 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

छात्रों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार से छह प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें डीजीपी और सुरक्षा सलाहकार की हटाने की मांग भी शामिल है। छात्रों ने यूनीफाइड कमांड को राज्य सरकार को सौंपने की बात भी कही है, वर्तमान में इसका जिम्मा सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह के पास है।

कांगपोकपी जिले में दो हथियारबंद समूहों के बीच संघर्ष में एक 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार रात को सुदूरवर्ती थांगबूह गांव में घटी। गांव में कुछ मकानों में आग भी लगाई गई, जिससे स्थानीय लोग पास के जंगलों में शरण लेने को मजबूर हो गए। मृतक महिला की पहचान नेमजाखोल लहुंगडिम के रूप में हुई है। चुराचांदपुर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया है।

भारत जब बेहतर स्थिति में होगा तब हम आरक्षण खत्म करने पर विचार करेंगे: राहुल गांधी

नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आजकल अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान उनके बयानों पर विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी दौरे पर गए राहुल गांधी ने कहा है कि जब कभी भारत बेहतर स्थिति में होगा, तब कांग्रेस पार्टी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी। इस पर मायावती ने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लोग राहुल गांधी के इस नाटक से सतर्क रहे। कांग्रेस पार्टी सत्ता में आते ही आरक्षण खत्म कर देगी। संविधान और आरक्षण बचाने का नाटक करने वाली इस पार्टी से लोग जरूर सजग रहें। अमेरिका में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने एक शख्स से उसका नाम पूछा और कहा कि भारत में इस बात को लेकर लड़ाई है कि एक सिख को पगड़ी और कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी, क्या एक सिख गुरुद्वारे जा सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि लड़ाई किस बात को लेकर है। लड़ाई राजनीति को लेकर नहीं है। इस तरह की लड़ाई सिर्फ सिखों के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है। राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए उन पर केस करने की बात कही और कहा कि वो उन्हें कोर्ट में घसीटेंगे।