महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में ऐतिहासिक नलदुर्ग किले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पौल (30) ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ किले की बुर्ज से छलांग लगा दी। इस हादसे में अश्विनी और उनका 5.5 साल का बेटा अजिंक्य की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2.5 साल की जुड़वां बेटियों में से एक, क्रांती, ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दूसरी जुड़वां बच्ची वीरा गंभीर हालत में धाराशिव के सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर पर है और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रही है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर की दोपहर अश्विनी अपने तीन बच्चों के साथ नलदुर्ग किले घूमने गई थीं। किले की सबसे ऊंची ‘उपली बुर्ज’ (लगभग 80-90 फीट ऊंची) पर पहुंचने के बाद वे तीनों बच्चों सहित नीचे 100 फीट गहरी खाई में कूद गईं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, किले में प्रवेश से पहले अश्विनी ने गेट पर केक काटकर बर्थडे मनाया था, और कुछ ही मिनटों बाद यह हादसा हो गया।
जांच और संदेह
नलदुर्ग पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है, लेकिन परिवार वालों ने घरेलू प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और घटना के असली कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अश्विनी के अंतिम संस्कार शुक्रवार को किए गए।
नलदुर्ग किला
105 एकड़ में फैला नलदुर्ग किला महाराष्ट्र के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जिसमें 100 से अधिक बुर्ज हैं। पर्यटकों के लिए यह जगह आकर्षण का केंद्र है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



