दुर्गा पूजा के नाम पर करोड़ों की कथित हेराफेरी! कोलकाता में 15 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े लोग भी जांच के घेरे में

कोलकाता में दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो से जुड़े MassArt मामले की जांच का प्रतीकात्मक दृश्य
MassArt के दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच में ईडी ने कोलकाता में 15 परिसरों पर तलाशी ली। यह एआई तस्वीर है।

यूनेस्को से प्रायोजित होने का दावा कर जनता से जुटाया पैसा, निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप; महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसायटी के दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो में वित्तीय अनियमितताओं की जांच

एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्ली।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के आयोजन से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी- एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की कोलकाता इकाई महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसायटी (MassArt- Mahanirban Road Mass Art Society) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए- प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट), 2002 के तहत तलाशी और जब्ती अभियान चला रही है।
ईडी के मुताबिक, कोलकाता में 15 परिसरों पर तलाशी ली जा रही है। यह कार्रवाई सोसायटी की ओर से दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ आयोजित करने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सोसायटी ने यूनेस्को (यूनेस्को- संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) से प्रायोजित संस्था होने का कथित झूठा दावा करके आम लोगों से बड़ी रकम जुटाई। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल आयोजन के बजाय निजी फायदे के लिए किया गया।
इस कार्रवाई के दायरे में कई व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।

यूनेस्को से प्रायोजित होने का दावा कर जुटाई गई रकम, निजी इस्तेमाल का आरोप

ईडी की शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच का केंद्र महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसायटी की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो हैं। आरोप है कि सोसायटी ने आम जनता के सामने खुद को यूनेस्को से प्रायोजित संस्था के रूप में पेश किया और इस दावे के आधार पर बड़ी रकम जुटाई।
जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि लोगों से जुटाई गई रकम कितनी थी, किन व्यक्तियों और संस्थाओं के माध्यम से इसका संग्रह किया गया और बाद में इसका इस्तेमाल कहां किया गया।
ईडी का आरोप है कि एकत्रित धन का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया। हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में कथित रकम का कुल आंकड़ा, धन जुटाने वाले व्यक्तियों की पूरी सूची और धन के अंतिम लाभार्थियों का विवरण नहीं दिया गया है।

15 परिसरों पर तलाशी, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े लोग भी जांच के दायरे में

ईडी की कोलकाता इकाई की कार्रवाई महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसायटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और उससे संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर केंद्रित है।
ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान में कई व्यक्तियों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
यह कार्रवाई पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती के प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही है।
तलाशी का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का पता लगाना तथा धन के प्रवाह की जांच करना है।
फिलहाल स्पष्ट नहीं: ईडी की उपलब्ध जानकारी में इंद्रनील सेन की व्यक्तिगत भूमिका, उनके खिलाफ किसी विशिष्ट आरोप, उनकी संपत्तियों की तलाशी अथवा किसी गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस कार्रवाई में उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े लोगों के शामिल होने को उनके विरुद्ध अपराध सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।

जांच के केंद्र में दुर्गा पूजा आयोजन की फंडिंग और धन का इस्तेमाल

इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण पहलू दुर्गा पूजा जैसे सार्वजनिक आयोजन के लिए धन जुटाने और उसके इस्तेमाल की पारदर्शिता से जुड़ा है।
ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रीव्यू शो के नाम पर जुटाई गई रकम का वास्तविक स्रोत क्या था, लोगों को किस आधार पर भुगतान के लिए प्रेरित किया गया और क्या जुटाई गई राशि का इस्तेमाल घोषित उद्देश्य से अलग किया गया।
जांच एजेंसी के आरोपों की पुष्टि होने पर मामले में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की कानूनी जवाबदेही का प्रश्न उठ सकता है। हालांकि, अभी तलाशी और जांच की प्रक्रिया जारी है।

ईडी की ओर से उपलब्ध जानकारी में कुल धनराशि, जब्ती का मूल्य, संभावित आरोपियों की पूरी सूची या आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।