हींग में मिलावट का खेल? एवरेस्ट पर FSSAI का बड़ा एक्शन, बिक्री पर रोक
स्नेहलता चौरसिया
FSSAI ने एवरेस्ट और लालजी गोदहू की हींग पर लगाई रोक
नई दिल्ली। रसोई में इस्तेमाल होने वाली हींग की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोदहू एंड कंपनी से जुड़े हींग उत्पादों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उनकी बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। जांच में इन उत्पादों को तय गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं पाया गया।
लाखों उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी
मामला सिर्फ एक उत्पाद की बिक्री रुकने तक सीमित नहीं है। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी इस कार्रवाई ने उन लाखों उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है, जो रोजाना खाने में पैक्ड मसालों और हींग जैसे उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं।
नमूनों में मिलीं कई गड़बड़ियां
एफएसएसएआई की जांच में संबंधित हींग के नमूनों में मानकों से जुड़ी कई गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ निषेध आदेश जारी किए गए। हालांकि, कार्रवाई के पीछे सामने आई प्रत्येक तकनीकी कमी और उसकी मात्रा का विस्तृत ब्योरा संबंधित आदेशों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
हींग भारतीय रसोई का अहम हिस्सा
हींग का इस्तेमाल भारतीय रसोई में सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि तड़के और कई पारंपरिक व्यंजनों में नियमित रूप से किया जाता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता सीधे उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ती है।
बड़े ब्रांडों पर भरोसा भी सवाल के घेरे में
एफएसएसएआई की कार्रवाई यह सवाल भी खड़ा करती है कि बाजार में बिक रहे मसालों की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कितनी प्रभावी है? खासकर तब, जब बड़े ब्रांडों के नाम पर उपभोक्ता उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर ज्यादा भरोसा करते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश साफ
फिलहाल एवरेस्ट और लालजी गोदहू से जुड़े संबंधित हींग उत्पादों पर कार्रवाई की गई है। उपभोक्ताओं के लिए संदेश साफ है—पैकिंग देखकर ही किसी खाद्य उत्पाद को सुरक्षित मान लेना पर्याप्त नहीं है। गुणवत्ता और मानकों की जांच भी उतनी ही जरूरी है।




