दिल्ली में प्रदूषण पर शिकंजा कसने की तैयारी, कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच अब हाईटेक

दिल्ली में प्रदूषण पर शिकंजा कसने की तैयारी, कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच अब हाईटेक — तेकखंड और नंद नगरी में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू
दिल्ली के तेकखंड और नंद नगरी में कमर्शियल वाहनों के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन में सालाना 72 हजार वाहनों की जांच की क्षमता है। सभी PUC केंद्रों पर कैमरे लगाए जाएंगे।

रिपोर्ट: स्नेलता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा—प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में पारदर्शी और आधुनिक जांच व्यवस्था जरूरी; 360 डिग्री रणनीति से वाहन जांच, निगरानी और नियमों के क्रियान्वयन पर एक साथ काम होगा

नई दिल्ली। 14 सितंबर, 2026 — दिल्ली में प्रदूषण की समस्या पर काबू पाने के लिए सरकार ने वाहनों की जांच व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच के साथ-साथ प्रदूषण जांच केंद्रों की निगरानी भी पहले से ज्यादा सख्त होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में पारदर्शी और आधुनिक जांच व्यवस्था जरूरी है।

तेकखंड और नंद नगरी में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दिल्ली के तेकखंड और नंद नगरी में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन में हर साल करीब 72 हजार वाहनों की जांच करने की क्षमता है।

सरकार के मुताबिक ऑटोमेटेड सिस्टम से वाहनों की फिटनेस जांच ज्यादा वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी। इससे जांच प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और नियमों के पालन की निगरानी बेहतर करने में मदद मिलेगी।

पुराने जांच केंद्रों को लेकर उठे सवाल

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सामने आया कि कमर्शियल वाहनों को पुराने तकनीक वाले केंद्रों से फिटनेस प्रमाणपत्र मिल रहे थे। वहीं निजी वाहनों के लिए पेट्रोल पंपों के बाहर संचालित प्रदूषण जांच केंद्रों से प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे थे।

इसी वजह से सरकार ने पूरी व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया है। दिल्ली के सभी प्रदूषण जांच केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा और वहां कैमरे लगाए जाएंगे। इससे जांच प्रक्रिया पर निगरानी रखने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

प्रदूषण के खिलाफ 360 डिग्री रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की प्रदूषण समस्या का समाधान किसी एक कदम से नहीं किया जा सकता। वाहनों की जांच, निगरानी, आधुनिक तकनीक और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक साथ काम करना होगा।

सरकार का लक्ष्य जांच व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाकर प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 360 डिग्री दृष्टिकोण के साथ सरकार समाधान की दिशा में काम करेगी और दिल्ली यह लड़ाई जरूर जीतेगी।