
स्नेहलता
दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार बताया जा रहा है। लेकिन शुक्रवार की बारिश ने राजधानी के उस दावे की पोल खोल दी, जिस पर करोड़ों रुपये की परियोजनाओं और बड़े-बड़े दावों की चमक चढ़ी हुई है।
द्वारका एक्सप्रेसवे और अंडरपास में जलभराव
भारी बारिश के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे और आसपास के अंडरपास में जलभराव ने यातायात की रफ्तार रोक दी। खास चिंता की बात यह है कि इन रास्तों का सीधा संबंध एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से है। रिपोर्टों के मुताबिक द्वारका क्षेत्र के जलभराव का असर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले यातायात पर भी पड़ा।
यानी सवाल सिर्फ सड़क पर भरे पानी का नहीं है—सवाल उस कनेक्टिविटी सिस्टम का है, जिसे राजधानी की सबसे अहम लाइफलाइन माना जाता है।
एयरपोर्ट भी पानी-पानी
4 सितंबर को हुई तेज बारिश ने IGI एयरपोर्ट को भी प्रभावित किया। टर्मिनल-3 समेत एयरपोर्ट के फोरकोर्ट और अप्रोच रोड के कुछ हिस्सों में पानी जमा हुआ। एयरपोर्ट प्रशासन ने बाद में पानी निकालने की जानकारी दी, लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ान संचालन प्रभावित रहा।
रिपोर्टों के मुताबिक शुक्रवार शाम कम से कम 9 और कुछ रिपोर्टों के अनुसार 11 उड़ानों को डायवर्ट किया गया, जबकि बड़ी संख्या में उड़ानें देरी से चलीं। डायवर्ट की गई उड़ानों को जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद और चंडीगढ़ जैसे शहरों की ओर भेजा गया।
सड़क का जाम, उड़ान का इंतजार
एयरपोर्ट तक पहुंचने वाली सड़कों पर जलभराव और धीमे ट्रैफिक ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी। दिल्ली-गुरुग्राम रूट पर भी भारी जलभराव की सूचना सामने आई। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने शिव मूर्ति के पास जलभराव के कारण भारी जाम की चेतावनी जारी की और एयरपोर्ट जाने वालों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में द्वारका एक्सप्रेसवे इस्तेमाल करने की सलाह दी।
विडंबना देखिए—एक तरफ एयरपोर्ट जाने वाला मुख्य रास्ता पानी में फंस रहा था और दूसरी तरफ वैकल्पिक रास्तों पर भी बारिश ट्रैफिक की परीक्षा ले रही थी।
BRICS से पहले बड़ा सवाल
दिल्ली में अगले सप्ताह BRICS शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। ऐसे में बारिश ने महज ट्रैफिक व्यवस्था नहीं, बल्कि शहर की ड्रेनेज, सड़क और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौसम विभाग ने 4 सितंबर को दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था और भारी बारिश, आंधी तथा तेज हवाओं की चेतावनी दी थी।
अब सवाल सीधा है
अगर कुछ घंटों की तेज बारिश में द्वारका से एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी चरमरा सकती है, तो अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने दिल्ली की ‘वर्ल्ड क्लास’ व्यवस्था कितनी टिकेगी?
लेकिन जलभराव हर बार क्यों?
और हर बारिश के बाद वही जाम क्यों?
यही सवाल अब सिस्टम से जवाब मांग रहा है।



