मुंद्रा पोर्ट-एसईजेड में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड लाएगी APSEZ, लॉजिस्टिक्स लागत घटने का दावा

मुंद्रा पोर्ट में APSEZ का एम्प्टी कंटेनर यार्ड, लॉजिस्टिक्स लागत घटाने का दावा
मुंद्रा पोर्ट-एसईजेड में APSEZ डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड स्थापित करेगी। यह सुविधा खाली कंटेनरों के भंडारण, निरीक्षण और मरम्मत के लिए होगी।

अहमदाबाद। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ECY) स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, इस सुविधा के जरिए खाली कंटेनरों के भंडारण, निरीक्षण, मरम्मत और निर्यातकों तथा कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) तक उनकी आवाजाही को एकीकृत ढंग से संचालित किया जाएगा।

कंपनी ने कहा कि प्रस्तावित यार्ड से कंटेनरों के अनावश्यक परिवहन को घटाने, खाली कंटेनरों की उपलब्धता तेज करने और शिपिंग लाइनों, निर्यातकों व अन्य ग्राहकों की लॉजिस्टिक्स लागत को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

16 लाख TEU खाली कंटेनरों का प्रबंधन

APSEZ के मुताबिक, मुंद्रा पोर्ट पर सालाना करीब 16 लाख TEU खाली कंटेनरों का प्रबंधन होता है। कंपनी का दावा है कि भारत के कंटेनर बाजार में वित्त वर्ष 2025-26 तक उसकी हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत रही, जबकि मुंद्रा पोर्ट देश के लगभग 35 प्रतिशत कंटेनर व्यापार को संभालता है।

पांच वर्षों में क्षमता विस्तार की योजना

यह पहल APSEZ के ‘एम्बिशन 2031’ रोडमैप का हिस्सा है। कंपनी ने कहा कि वह अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क में 60 लाख TEU से अधिक अतिरिक्त कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। मुंद्रा इस विस्तार रणनीति का अहम केंद्र रहेगा।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ECY में खाली कंटेनरों की स्टोरेज के साथ रखरखाव और निरीक्षण की सुविधा भी होगी। कंटेनरों को निर्यातकों और CFS तक पहुंचाने की प्रक्रिया को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। कंपनी अथवा उसके साझेदार—जिनमें शिपिंग लाइनें और CFS ऑपरेटर शामिल हो सकते हैं—इस यार्ड का संचालन करेंगे।

नियामक समन्वय पर जोर

APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा कि पोर्ट-एसईजेड के भीतर खाली कंटेनर संचालन होने से कंटेनर इकोसिस्टम की दक्षता बढ़ाने का लक्ष्य है। उनके अनुसार, इससे टर्नअराउंड समय कम करने, कंटेनर मूवमेंट घटाने और लॉजिस्टिक्स लागत के अनुकूलन में सहायता मिलेगी।

कंपनी ने यह भी कहा कि यार्ड के पोर्ट एसईजेड के भीतर होने से कस्टम विभाग, टर्मिनल ऑपरेटरों, ट्रांसपोर्टरों और शिपिंग कंपनियों के बीच समन्वय बेहतर हो सकता है। APSEZ के मुताबिक, साइट पर होने वाले संचालन से सुरक्षा, निगरानी और नियामकीय अनुपालन को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

क्या है एम्प्टी कंटेनर यार्ड?

एम्प्टी कंटेनर यार्ड वह सुविधा होती है, जहां आयात के बाद खाली हुए कंटेनरों को रखा, जांचा और जरूरत पड़ने पर मरम्मत किया जाता है। इसके बाद इन्हें अगले निर्यात शिपमेंट के लिए उपलब्ध कराया जाता है। पोर्ट परिसर के भीतर यार्ड होने से कंटेनरों को अलग डिपो तक ले जाने की जरूरत कम हो सकती है।

APSEZ की मौजूदा क्षमता और 2030 का लक्ष्य

कंपनी के मुताबिक, APSEZ देश में 16 पोर्ट और टर्मिनल संचालित करती है। उसकी मौजूदा कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रति वर्ष है और कंपनी ने 2030 तक एक अरब टन थ्रूपुट का लक्ष्य रखा है।