सज्जन कुमार के घर गए तीन दिल्ली BJP सांसदों पर नितिन नवीन नाराज; पार्टी ने कहा—निजी हैसियत में गए थे

तीन दिल्ली BJP सांसद सज्जन कुमार के घर गए, नितिन नवीन नाराज
सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर गए तीन दिल्ली BJP सांसदों पर नितिन नवीन ने नाराजगी जताई।

— तेहलका हिंदी ब्यूरो, नई दिल्ली

नई दिल्ली: 1984 सिख विरोधी दंगा मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर जाकर परिवार से मिलने वाले तीन दिल्ली के BJP सांसदों—कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया—पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नाराजगी जताई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन ने तीनों सांसदों को बुलाकर फटकार लगाई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

सज्जन कुमार का निधन और पृष्ठभूमि

सज्जन कुमार का निधन 20 अगस्त 2026 को हुआ था। वे तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल लाए गए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुमार 1984 दंगों से जुड़े दो मामलों में दोषी पाए गए थे और उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

घटनाक्रम: श्रद्धांजलि यात्रा से विवाद तक

सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके आवास पर भोग/श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए। इनमें शामिल होने के लिए तीन BJP सांसद—कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया—सज्जन कुमार के residence पर गए और परिवार से मिले।

इस खबर के सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया। 1984 दंगों के पीड़ितों के वकील और अप्रैल में BJP में शामिल हुए एच.एस. फूलका ने तीनों सांसदों के कदम की कड़ी निंदा की। फूलका ने कहा, “मास मर्डरर सज्जन कुमार के residence पर श्रद्धांजलि देने गए तीन सांसदों के कदम की कड़ी निंदा करता हूं। यह खासतौर पर आपत्तिजनक है क्योंकि BJP ने हमेशा 1984 दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई का समर्थन किया है।”

फूलका ने आगे कहा, “हमदर्दी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए होनी चाहिए, जो आज भी उन दिनों का खौफ झेल रहे हैं। मैं इन तीनों सांसदों के बॉयकॉट की अपील करता हूं।”

BJP का जवाब: निजी हैसियत में गए थे

विवाद बढ़ने के बाद BJP ने सफाई दी। पार्टी प्रवक्ता आरपी सिंह ने मीडिया से कहा, “तीनों सांसद सज्जन कुमार के घर निजी हैसियत में गए थे, पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं।”

लेकिन पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस कदम को गंभीरता से लिया। सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन ने तीनों सांसदों को बुलाकर नाराजगी जताई और उनसे स्पष्टीकरण मांगा। फूलका ने नितिन नवीन के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि उन्होंने पार्टी के उस सिद्धांत को बरकरार रखा है जिसके तहत BJP 1984 दंगों के दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाती रही है।

सज्जन कुमार: संसद से जेल तक का सफर

सज्जन कुमार तीन बार लोकसभा सांसद रहे (आउटर दिल्ली) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माने जाते थे। 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 1984 दंगों के एक मामले में दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा दी थी, जिसके बाद वे तिहाड़ जेल में बंद थे।

फरवरी 2025 में एक अन्य 1984 दंगा मामले (सरस्वती विहार) में भी उन्हें उम्रकैद की सजा मिली थी। 20 अगस्त 2026 को उनकी मृत्यु के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी अपील को “अबेटेड” (समाप्त) घोषित कर दिया।

राजनीतिक असर

यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले सिख वोट बैंक को लेकर सभी पार्टियां सतर्क हैं। BJP के लिए 1984 दंगों के मुद्दे पर संवेदनशील रुख अपनाना राजनीतिक तौर पर अहम है, और पार्टी ने इस कदम के बाद साफ संदेश देने की कोशिश की है कि ऐसे मामलों में उसकी लाइन क्या है।