सज्जन कुमार पर कांग्रेस में दो चेहरे: पंजाब में 1984 का दर्द, हरियाणा में पुरानी राजनीतिक विरासत का बचाव

पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार, 1984 दंगों के दोषी, की मौत के बाद कांग्रेस में विवाद
सज्जन कुमार की मौत के बाद कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने विवाद खड़ा कर दिया।

नई दिल्ली, 24 अगस्त | M. Riyaz hashmi

चन्नी से वडिंग, औजला और परगट तक ने हुड्डा से दूरी बनाई; हरियाणा के कुलदीप शर्मा ने खड़गे से कार्रवाई की मांग की

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में हत्या के बाद दिल्ली में हुए सिख-विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की मौत के बाद कांग्रेस के भीतर उनके राजनीतिक अतीत को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। एक तरफ पंजाब कांग्रेस के नेता 1984 के पीड़ितों और उनके परिवारों के दर्द को सामने रखकर सज्जन कुमार की किसी भी तरह की प्रशंसा का विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ हरियाणा के कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की श्रद्धांजलियों में उनके पुराने राजनीतिक संबंध, जमीनी पकड़ और संगठनात्मक भूमिका का उल्लेख हुआ है। विवाद ने अब कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।

20 अगस्त 2026 को 80 वर्षीय सज्जन कुमार की मौत हुई, तिहाड़ जेल में दो उम्रकैद की सजाएं काट रहे थे

20 अगस्त 2026 को 80 वर्षीय सज्जन कुमार की मौत हुई। वह तिहाड़ जेल में दो अलग-अलग 1984 दंगा मामलों में मिली उम्रकैद की सजाएं काट रहे थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में राजनगर-पलाम कॉलोनी मामले में उन्हें पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलट दिया था। इसके बाद फरवरी 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सरस्वती विहार मामले में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या में भी सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी।

सियासी तौर पर सज्जन कुमार कोई मामूली कांग्रेस नेता नहीं थे, 1980, 1991 और 2004 में बाहरी दिल्ली से लोकसभा पहुंचे

सियासी तौर पर सज्जन कुमार कोई मामूली कांग्रेस नेता नहीं थे। उन्होंने 1977 में दिल्ली नगर निगम के पार्षद के रूप में राजनीति शुरू की और 1980, 1991 तथा 2004 में बाहरी दिल्ली से लोकसभा पहुंचे। वे दिल्ली कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे और संजय गांधी के करीबी नेताओं में उनका नाम लिया जाता था। 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद सज्जन कुमार ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

लेकिन उनकी मौत के बाद हरियाणा कांग्रेस का एक अलग चेहरा सामने आया, हुड्डा और सुरजेवाला की श्रद्धांजलियां

लेकिन उनकी मौत के बाद हरियाणा कांग्रेस का एक अलग चेहरा सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें अपना दोस्त बताया और कहा कि वह अच्छे नेता के साथ-साथ जिंदादिल व्यक्ति थे। पूर्व कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने उनके जमीनी जुड़ाव, कार्यकर्ताओं को पहचानने और सरल स्वभाव को याद किया। हरियाणा कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उनके सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया। इसके बाद भूपेंद्र हुड्डा के बेटे और रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की श्रद्धांजलि ने विवाद को और बढ़ा दिया। उन्होंने सज्जन कुमार की मौत को देश के राजनीतिक परिदृश्य की “अपूरणीय क्षति” बताया।

लेकिन 23 अगस्त को दीपेंद्र हुड्डा ने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ कहा था

लेकिन 23 अगस्त को दीपेंद्र हुड्डा ने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने सज्जन कुमार को “रोल मॉडल” कहा था। उन्होंने कहा, “मैंने ये शब्द नहीं कहे और न ही मेरे मन में ऐसी कोई भावना थी।” हुड्डा ने कहा कि उनके मुंह में ऐसे शब्द डाले जा रहे हैं ताकि भाईचारे की भावना को कमजोर करने के लिए राजनीति की जा सके। उन्होंने सिख समुदाय के साथ अपने परिवार के पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि 1984 के पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

पंजाब कांग्रेस की प्रतिक्रिया इसके बिल्कुल विपरीत रही, चन्नी ने सज्जन कुमार को ‘सिख समुदाय का हत्यारा’ और ‘गद्दार’ बताया

पंजाब कांग्रेस की प्रतिक्रिया इसके बिल्कुल विपरीत रही। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने सज्जन कुमार को “सिख समुदाय का हत्यारा” और “गद्दार” बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को आदर्श बताना तो दूर, उसके नाम का महिमामंडन भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी पार्टी की राज्य इकाई को हुड्डा की टिप्पणी से अलग कर दिया। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सज्जन कुमार ने गलत काम किए, उन्हें सजा मिली और पीड़ितों के साथ खड़ा होना जरूरी है। विधायक परगट सिंह ने भी किसी ऐसे व्यक्ति को नेता या आदर्श मानने पर सवाल उठाया, जिसने लोगों को नुकसान पहुंचाने वाली हिंसा से जुड़ा अपराध किया हो।

क्योंकि हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वालों में हरियाणा के कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा भी हैं

क्योंकि हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वालों में हरियाणा के कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा भी हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस कार्यसमिति से हटाने की मांग की है। शर्मा ने तर्क दिया कि ऐसी टिप्पणी से सिख समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा हो सकता है और इसका पंजाब में कांग्रेस की राजनीति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

22 अगस्त को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और 1984 के पीड़ित परिवारों से जुड़े लोगों ने राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया

22 अगस्त को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और 1984 के पीड़ित परिवारों से जुड़े लोगों ने राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और कांग्रेस से माफी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस सज्जन कुमार को “हीरो” या “रोल मॉडल” मानती है। अब तक राहुल गांधी या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से इस विवाद पर कोई स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।