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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया के घर सहित सीबीआई के 21 जगह छापे

आखिर काफी दिन की चर्चा के बाद शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर सहित 21 जगह सीबीआई ने छापे मारे हैं। खुद मनीष ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम दिल्ली सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए अच्छे काम रोकने के कोशिश की है।

एक के बाद एक तीन ट्वीट करके मनीष सिसोदिया ने केन्द्र की मोदी सरकार पर खूब हमला बोला है। सिसोदिया ने ट्वीट में कहा – ‘दिल्ली सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छे काम करने से रोका जा रहा है।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई छापे की निंदा करते हुए कहा – ‘जिस दिन विदेशी अखबार में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था की तारीफ की गई है उसी दिन इस सीबीआई दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के आवास पर छापा मार रही है।’

इस बीच सीबीआई की टीमें कुल 21 जगह छापेमारी कर रही हैं। ये छापे एक्साइज विभाग के कई अफसरों और शराब कारोबारियों के यहां हो रहे हैं। आबकारी नीति को लेकर चल रहे इन छापों में सिसोदिया के अलावा तीन सरकारी पब्लिक सर्वेंट और शामिल है बाकी अन्य लोग है।

छापे पर केजरीवाल का ट्वीट -@ArvindKejriwal जिस दिन अमेरिका के सबसे बड़े अखबार NYT के फ़्रंट पेज पर दिल्ली शिक्षा मॉडल की तारीफ और मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी, उसी दिन मनीष के घर केंद्र ने CBI भेजी। CBI का स्वागत है। पूरा cooperate करेंगे। पहले भी कई जाँच/रेड हुईं। कुछ नहीं निकला। अब भी कुछ नहीं निकलेगा।

गैर-स्थानीय लोगों को जम्मू कश्मीर में मतदान के अधिकार का किया विरोध

जम्मू कश्मीर में 25 लाख नए मतदाता बनने के संभावना वाले मामले ने तूल पकड़ लिया है। दरअसल मतदाता सूची में एक संशोधन के प्रावधान के चलते इतनी बड़ी संख्या में एक ही प्रदेश में मतदाता बढ़ने की संभावना बन गयी है क्योंकि इसमें गैर-स्थानीय निवासियों को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने की मंजूरी मिल जाएगी। राज्य की पार्टियों नैशनल कांफ्रेंस (एनसी) और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने इसका कड़ा विरोध करते हुए खतरनाक कदम बताते हुए इसे राज्य के चुनाव में नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।

मतदाता सूची का एक विशेष संशोधन गैर-स्थानीय लोगों को पहली बार जम्मू और कश्मीर में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का रास्ता साफ़ कर देगा जिससे बाहर के लोगों को यहाँ वोटर के रूप में मतदान का अधिकार मिल जाएगा।

दरअसल केंद्र ने 2019 में अनुच्छेद-370 के तहत कश्मीर के विशेष दर्जे को 5 अगस्त, 2019 को संसद में एक क़ानून लाकर खत्म कर दिया था। इसके बाद
सूबे में गैर-कश्मीरियों को वोट देने और जमीन खरीदने की अनुमति देने के लिए संविधान में बदलाव किया गया था। अब इसके चलते इस क्षेत्र में 20 लाख से अधिक नए मतदाताओं के पंजीकृत होने की संभावना है।

यदि ऐसा होता है तो इससे वोटर्स की संख्या एक तिहाई से ज्यादा बढ़ जाएगी। जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी हिरदेश कुमार ने पिछले कल कहा था कि ‘हम अंतिम सूची में (20-25 लाख) नए मतदाताओं (गैर-कश्मीरियों सहित) के जुड़ने की उम्मीद कर रहे हैं।’

इसे लेकर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा – ‘यह फैसला भाजपा के क्षेत्र में समर्थन नहीं मिलने के डर को दर्शाता है। क्या भाजपा जम्मू-कश्मीर के असली वोटरों के समर्थन को लेकर इतनी असुरक्षित है कि उसे सीटें जीतने के लिए अस्थायी वोटरों को आयात करने की जरूरत है? इनमें से कोई भी चीज भाजपा की मदद नहीं करेगी जब जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का मौका दिया जाएगा।’

इसी तरह जम्मू कश्मीर सरकार में तीन साल तक भाजपा की सहयोगी रही पीडीपी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा – ‘गैर-स्थानीय लोगों को वोट देने की अनुमति देना स्पष्ट रूप से चुनाव परिणामों को प्रभावित करना है। असली उद्देश्य स्थानीय लोगों को शक्तिहीन करने के लिए जम्मू-कश्मीर पर सख्ती से शासन करना जारी रखना है।’

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 8 यूट्यूब चैनलों को किया ब्लॉक

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाली सामग्री पोस्ट करने के आरोप में 8 यूट्यूब चैनलों पर रोक लगा दी है। इन चैनलों पर भारत की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं विदेशी रिश्तों पर असर डालने वाली सामग्री परोसने के आरोप है।

बता दे इन यूट्यूब चैनलों में सात चैनल तो भारतीय है किंतु एक पाकिस्तान का यूट्यूब चैनल भी शामिल है। इनके 118 करोड़ व्यूज़ हैं। इन चैनलों पर भारत के खिलाफ फेक कंटेंट फैलाने का आरोप हैं।

इन चैनलों को आईटी नियम 2021 के अंतर्गत ब्लॉक किया गया है। और दिसंबर 21 से अब तक 102 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया जा चुका है।

आपको बता दें, सूचना प्रसारण मंत्रालय ने भारत की सुरक्षा, विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।

“वरिष्ठों के लिए चुनौती बन रहे थे इसलिए गडकरी के पर कतर दिए” : एनसीपी

आरएसएस के करीबी नेता और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा के संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति से बाहर करने के बाद काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। महाराष्ट्र के प्रभावशाली नेता गडकरी को लेकर अब शरद पवार की पार्टी एनसीपी की टिप्पणी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि गडकरी के बढ़ते कद के कारण उनके पर क़तर दिए गए क्योंकि वे वरिष्ठों के लिए चुनौती बन रहे थे।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता क्लाइड क्रेस्टो ने एक ट्वीट में कहा – ‘एक दक्ष राजनेता के तौर पर उनके बढ़ते कद की वजह से उन्हें बोर्ड से हटाया गया है। जब आपकी योग्यता और क्षमताएं बढ़ती हैं और आप वरिष्ठों के लिए चुनौती बन जाते हैं तो भाजपा आपके पर कतर देती है। दागियों को बढ़ाया जाता है…।’

गडकरी के भाजपा से बाहर भी कमोबेश सभी दलों के नेताओं से बेहतर रिश्ते रहे हैं क्योंकि उनके स्वभाव ही ऐसा है। इसके अलावा उन्हें मोदी सरकार में सबसे ज्यादा सक्रिय मंत्री माना जाता है और उनके प्रदर्शन की काफी प्रशंसा होती रही है।

बता दें कल भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की तरफ से भाजपा के नए संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति की घोषणा की थी जिसमें वरिष्ठ नेताओं गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जगह नहीं दी गई थी। महाराष्ट्र भाजपा में गडकरी के प्रतिद्वंदी माने जाने वाले देवेंद्र फडणवीस, जो अब राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं, को संसदीय बोर्ड और चुनाव

एनसीपी नेता क्रैस्टो ने ट्वीट में आगे कहा – ‘नितिन गडकरी को भाजपा संसदीय बोर्ड में शामिल नहीं किया जाना दर्शाता है कि एक कुशल राजनेता के तौर पर उनका कद कई गुना बढ़ गया है।’ बता दें कि भाजपा के भीतर नितिन गडकरी को प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जाता रहा है और मंत्री के तौर पर विपक्ष की तारीफ़ भी उन्होंने हासिल की है।

केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क पर किसान, लखीमपुर में प्रदर्शन शुरू

पिछले साल भाजपा नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के कथित तौर पर चार किसानों सहित आठ लोगों को अपनी गाड़ी के नीचे रौंद देने की घटना के बाद लम्बे समय तक चर्चा में रहे यूपी के लखीमपुर खीरी में एक बार किसान सड़क पर उत्तर आये हैं। किसानों का मोदी सरकार के खिलाफ 72 घंटे का विरोध प्रदर्शन गुरुवार सुबह से आरंभ हो गया। महिलाओं सहित करीब 20 हजार किसान इस प्रदर्शन में जुटे हैं। पंजाब के किसान भी इस प्रदर्शन में शामिल हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में न्याय की मांग करते हुए 18 से 20 अगस्त तक मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। आज इस प्रदर्शन के पहले दिन किसान नेताओं राकेश टिकैत, दर्शन पाल और जोगेंद्र उग्रहान ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग की जिनके बेटे आशीष पर किसानों सहित आठ लोगों को अपनी गाड़ी के नीचे रौंद देने का आरोप आरोप है और जिसे लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था।

याद रहे लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर, 2021 को हिंसा के दौरान चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे थे। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र के खिलाफ 72 घंटे तक चलने वाले धरने में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के किसान भी वहां पहुँच गए हैं। तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत, दर्शन पाल, जोगेंद्र सिंह उग्रहान, सुखदेव सिंह कोकरीकलां और मनजीत सिंह राय शामिल हुए हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान अपने खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग कर रहा है। संगठन की प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने के अलावा फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग है। बीकेयू (दोआबा) के अध्यक्ष मनजीत सिंह राय ने कहा कि अकेले पंजाब के 10,000 किसान विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं।

हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली राहत, झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने लगायी रोक

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को माइनिंग लीज मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप पर झारखंड हाईकोर्ट मे सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, याचिकाकर्ता या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सोरेन के खिलाफ पहली नजर में केस स्थापित नहीं कर पाए और र्इडी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपके पास यदि सोरेन के खिलाफ सबूत हैं तो कार्रवाई करिए। पीआईएल याचिकाकर्ता के कंधे पर बंदूक क्यों चला रहे हैं? यदि आपके पास इतने अधिक ठोस सबूत हैं, तो आपको कोर्ट के आदेश की आवश्यकता क्यों हैं?”

कोर्ट ने ईडी की सील कवर रिपोर्ट को लेने से भी इंकार कर दिया। और कहा कि हम फिलहाल सील कवर रिपोर्ट बाद में देखेंगे। पहले प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करें। हम आपको रोक नहीं रहे यदि आपको जांच में कुछ मिल रहा है तो आप आगे बढ़ सकते हैं। आप अपनी प्रक्रिया को जारी रख सकते है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि आप जो कह रहे हैं उसके अनुसार चलेंगे तो यह क खतरनाक मिसाल कायम करेगा। किसी पर बी आपराधिक मुकदमा चल सकता है सुप्रीम कोर्ट अब यह तय करेगा कि झारखंड हाईकोर्ट में सोरेन के खिलाफ कार्रवाई चलती रहेगी या नहीं।

बता दें, माइनिंग लीज मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गयी थीं।

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन

भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति और केंद्रीय संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा दोनों समितियों के चेयरमैन होंगे। संसदीय बोर्ड से वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बाहर कर दिया गया है।

चुनाव समिति में अन्य के अलावा पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदयुरप्पा और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शामिल किया गया है।

पार्टी के महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक भाजपा की चुनाव समिति में अध्यक्ष जेपी नड्डा को चेयरमैन बनाया गया है। समिति में पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, बीएस येदयुरप्पा प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

उनके अलावा समिति में वरिष्ठ नेताओं सर्वानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा पाठक, सत्यनारायण जटिया, भूपेंद्र यादव, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ओम माथुर, बीएल संतोष (सचिव) और बनथी श्रीनिवास (पदेन) को जगह गयी है।

अरुण सिंह के मुताबिक भाजपा संसदीय बोर्ड में जेपी नड्डा अध्यक्ष होंदे जबकि पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, बीएस येदयुरप्पा, सर्वानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया और बीएल संतोष को इसमें शामिल किया गया है।

पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को संसदीय बोर्ड से बाहर कर दिया है जिनमें केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं।

आप ने लॉन्च किया ‘मेक इंडिया नंबर 1’ कैंपेन, “जब तक भारत को नंबर 1 नहीं बनाएंगे चैन नहीं लेंगे” – अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘मेक इंडिया नंबर वन’ कैंपेन को लॉन्च किया। इस समारोह में केजरीवाल ने स्टेज पर राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया, और आजादी की शुभकामनाएं भी दी।

तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में केजरीवाल ने कहा कि आज हम एक राष्ट्र मिशन की शुरुआत करने जा रहे है। इसका नाम मेक इंडिया नंबर वन हैं। इसके जरिये देश के 130 करोड़ लोगों को जोड़ना है। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि 75 साल में किसी सरकार ने कुछ नहीं किया। और आज हम प्रण लेते है कि जब तक भारत को नंबर एक देश नहीं बनाएंगे, तब तक चैन नहीं लेंगे।“

उन्होंने आगे कहा कि, मैं देशभर में जाऊंगा, लोगों को जोडूंगा, हम 130 करोड़ लोगों का अलायंत बनाएं और जब 130 करोड़ लोग जुड़ गए तो भारत को नंबर वन बनने से कोई नहीं रोक सकता।“

केजरीवाल ने अन्य देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि सिंगापुर हमसे 15 साल बाद आजाद हुआ और हमसे आगे निकल गया। जापान सेकंड वर्ल्ड के दौरान तहस नहस हो गया लेकिन आज हमसे आगे रह गया है। लेकिन भारत पीछे क्यों रह गया, भारत का हर नागरिक यह पूछ रहा है कि भारत के लोग दुनिया के सबसे इंटेलिजेंट और मेहनती लोग हैं, लेकिन फिर भी हम पीछे रह गए?

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईश्वर ने भारत को सब कुछ दिया है किसी भी चीज की कोई कसर नहीं छोड़ी। भगवान ने हमें नदियां दी, पहाड़ दिए, जड़ी-बूटियां दीं, फसलें दी, समुद्र दिया…क्या नहीं दिया भगवान ने हमें। यहां तक की सबसे इंटेलिजेंट लोग भी भारत में पैदा किए। फिर भी हम पीछे रह गए। दोस्तों यदि हम इन पार्टियों और नेताओं के भरोसे छोड़ दिया तो अगले 75 साल और पीछे रह जाएंगे। और अब 130 करोड़ लोगों को मिलकर बागडोर संभालनी होगी।

बिलकिस के दोषियों की रिहाई पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त को लाल किले से देश की महिलाओं को सम्मान देने वाले संबोधन के कुछ घंटे के ही भीतर गुजरात सरकार के गर्भवती बिलकिस बानो मामले से दुष्कर्म और उनके समेत परिवार के 7 लोगों की निर्मम हत्या के 11 दोषियों की रिहाई करने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में अंतर पूरा देश देख रहा है।

कांग्रेस नेता ने देश विषय बन गए इस मामले में मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने बुधवार को ट्वीटर पर अपने कमेंट में कहा – ‘5 महीने की गर्भवती महिला से बलात्कार और उनकी 3 साल की बच्ची की हत्या करने वालों को ‘आज़ादी के अमृत महोत्सव’ के दौरान रिहा किया गया। नारी शक्ति की झूठी बातें करने वाले देश की महिलाओं को क्या संदेश दे रहे हैं? प्रधानमंत्री जी, पूरा देश आपकी कथनी और करनी में अंतर देख रहा है।’

बता दें देश भर में अमृत महोत्सव के दौरान बानो मामले में दोषियों की रिहाई करने को लेकर गुजरात सरकार को देश भर में फजीहत झेलनी पड़ी है। सोशल मीडिया में दोषियों को लड्डू खिलाने वाला भी एक वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद सोशल मीडिया में नेटीजेंस इसकी खूब निंदा कर रहे हैं। कांग्रेस इस मसले पर बहुत मुखर है जबकि विपक्ष की तमाम पार्टियां भी सरकार को खूब कोस रही हैं।

याद रहे बानो मामले में मुंबई में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 11 दोषियों को 21 जनवरी, 2008 को सामूहिक बलात्कार और बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने उनकी इस सजा को बरकरार रखा था।

दोषियों ने 15 साल से अधिक कैद की सजा काट ली तो एक दोषी ने समय से पहले रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसने गुजरात सरकार से सजा पर क्षमा पर गौर करने का निर्देश दिया जिसके बाद गठित एक समिति ने सभी 11 दोषियों को क्षमा करने के पक्ष में निर्णय किया। राज्य सरकार ने इसके आधार पर उनकी रिहाई के आदेश जारी कर दिए।

श्रीलंका भेजे हमारे पोत से किसी देश की सुरक्षा नहीं होगी प्रभावित : चीन

क़र्ज़ के बदले श्रीलंका से उसकी हंबनटोटा बंदरगाह 99 साल की लीज़ पर लेने वाले चीन ने अपने बैलेस्टिक मिसाइल और उपग्रहों का पता लगाने में सक्षम पोत ‘युआन वांग 5′ के श्रीलंका बंगरगाह पहुँचने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में बुधवार को कहा कि इसकी उपस्थिति किसी देश की सुरक्षा और उसके आर्थिक हितों को प्रभावित नहीं करती और किसी तीसरे पक्ष को इसे बाधित नहीं करना चाहिए।

बता दें भारत और अमेरिका ने चीन के जासूसी पोत के श्रीलंका आने को लेकर आशंकाएं जताई हैं। जब यह पोत पहुंचा तो श्रीलंका में चीनी राजदूत क्यूई जेनहोंग ने हंबनटोटा बंदरगाह पर स्वागत समारोह की मेजबानी की। चीन के दावे के मुताबिक समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के प्रतिनिधि के अलावा दस से अधिक दलों और मित्र समुदायों के प्रमुख भी शामिल हुए।

हालांकि भारत और अमेरिका का नाम लिए बगैर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा – ‘हमारे उच्च प्रौद्योगिकी वाले अनुंसधान पोत की गतिविधियों से किसी देश की सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी। किसी तीसरे पक्ष को उसे बाधित नहीं करना चाहिए।’

बता दें यह पोत 22 अगस्त तक श्रीलंका की बंदरगाह पर ही रुकेगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ‘युआन वांग 5 श्रीलंका के सक्रिय सहयोग से हंबनटोटा बंदरगाह पर सफलतापूर्वक पहुंच गया। मैं फिर से जोर देना चाहता हूं कि युआन वांग 5 की समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप हैं।’

हंबनटोटा बंदरगाह बीजिंग ने 2017 में श्रीलंका से कर्ज के बदले में 99 साल के पट्टे पर ली थी। श्रीलंका सरकार ने पोत में लगे उपकरणों को लेकर भारत और अमेरिका की चिंता व्यक्त किए जाने के बाद चीन सरकार से इस पोत को भेजने में विलंब करने को कहा था। हालांकि, उसने 16 से 22 अगस्त तक जहाज को बंदरगाह पर ठहरने की अनुमति दे दी। श्रीलंका ने कहा कि उसने व्यापक विचार-विमर्श के बाद जहाज को अनुमति दी है।