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महीने बाद देश भर में कोविड-19 के सबसे कम नए मामले आए सामने

डेढ़ महीने से कोविड-19 के मामलों में जो तेजी आ रही थी, वह अब उतार पर दिख रही है। पिछले 24 घंटे में हाल के एक महीने में सबसे कम 2, 862 नए मामले सामने आए हैं। कुल मामलों की संख्या 44, 418, 585 हो गई है, हालांकि, एक दिन पहले के मुकाबले नए मामलों में 62.2 फीसदी कमी आई है।

इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 65,732 है। इस दौरान 30 लोगों की मौत हुई है। अब तक कुल 527, 829 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक कुल 43, 825, 024 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं जबकि पिछले 24 घंटे में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 22,031 है। पिछले 24 घंटे में 26,36,224 वैक्सीनेशन हुआ है। अब तक कुल 2,12,17,41,962 वैक्सीन हो चुकी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आज सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 65,732 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.15 फीसदी है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.66 प्रतिशत हो गई है। रोजाना संक्रमण दर 1.70 फीसदी है जबकि साप्ताहिक दर 2.64 फीसदी है।

देश में अभी तक कुल 4,38,25,024 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 फीसदी है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 212.71 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

झारखंड: दोस्ती न करने पर लड़की को जिंदा जलाया, पुलिस कस्टडी मे दिखा हंसता हुआ

झारखंड के दुमका में 23 अगस्त को एक सिरफिरे ने एक लड़की को जिंदा जला दिया। इसी बीच आरोपी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पुलिस कस्टडी में मुस्कुराता हुआ दिख रहा है।

बता दे आरोपी काफी समय से लड़की के पीछे पड़ा हुआ था और लड़की को फोन कर उससे बात करने की भी कोशिश की किंतु लड़की ने उससे बात करने से इंकार कर दिया। लड़की के इंकार करने पर उसने उसे जान से मारने की धमकी दी। फिर लड़के ने लड़की के कमरे में खिड़की से केरोसिन डालकर आग लगा दी।

युवती को रांची के रिम्स भेजा गया जहां उसकी मौत हो गर्इ। युवती की मौत के बाद आरोपी को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। घटना के बाद से आसपास के लोगों में काफी गुस्सा है और लड़की की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे थे।

आपको बता दें, स्थिति को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गर्इ है साथ ही धारा 144 भी लगा दी गर्इ है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन कर आरोपी को फांसी की मांग की।

विधानसभा में खुद विश्वासमत पेश करेंगे केजरीवाल, भाजपा पर दिल्ली सरकार अस्थिर करने का आरोप

राजधानी दिल्ली में विधायकों की खरीद फरोख्त और शराब पॉलिसी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच खींचतान को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा में खुद विश्वास मत पेश करेंगे। यह भी अनुमान लगाए जा रहे है कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वोटिंग भी कराई जा सकती है। या फिर ध्वनि मत से पारित हो सकता है।

दिल्ली सरकार भाजपा पर सरकार गिराने की कथित कोशिशों को लेकर हमलावर है। आप ने दावा किया था कि भाजपा ने दिल्ली सरकार को गिराने के लिए 40 विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया। और विधायकों को लगातार धमकी भी दी गर्इ कि वे या तो भाजपा में शामिल हो जाएं या फिर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा केजरीवाल की शराब पॉलिसी को लेकर लगातार निशाना साध रही है। और केजरीवाल सरकार द्वारा उनपर लगाए गए आरोपों को भाजपा ने सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा ने कहा है कि सरकार गिराने की ऐसी कोई भी कोशिश नहीं हुई है ये सब आप पार्टी की मनगढ़ंत कहानी है ताकि शराब पॉलिसी में हुए भ्रष्टाचार के मामले से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

आपको बता दें, शुक्रवार को दोनों पार्टियों के बीच विधानसभा में जमकर बवाल हुआ था। उसके बाद विधायकों को मार्शल बुलवाकर सदन से बाहर निकाल दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट का किसान आयोग बनाने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को किसान आयोग बनाने वाली एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सर्वोच्च अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वो उस समिति के पास जा सकते हैं जिसे सरकार ने किसानों के लिए गठित किया है।

इस याचिका में कहा गया था कि किसानों के लिए उनके संवैधानिक और मूल अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग बनाना बेहद जरूरी है। किसान आयोग बनाने के लिए याचिकर्ता ने स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा कि कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में भी किसानों के लिए एक संवैधानिक आयोग बनाने की बात कही थी।

याचिका में आगे कहा गया था कि किसानों के लिए आयोग न होना, किसानों के मूल अधिकारों के तहत आर्टिकल 14, 19 और 21 का उल्लंघन है। याचिका के मुताबिक, देश के अधिकतर किसान लोन, फसल खराब होने, फसल उचित मूल्य पर बेचने में नाकामी, पारिवारिक समस्या, समस्याओं के समाधान के लिए उचित मंच के अभाव में जी रहे हैं।

याचिकाकर्ता ने अपने पक्ष में साल 2004 में एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में बनाए गए आयोग और उसकी चार अंतरिम रिपोर्ट के साथ 4 अक्टूबर, 2006 को पेश की गयी अंतिम रिपोर्ट का भी हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के 15 साल बाद भी किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए सुझाए गए उपायों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते किसान आंदोलन भी कर रहे हैं।

मूर्ति विसर्जन करते हुए दिल्ली में यमुना में बहे 5 लड़कों की मौत

एक बड़े हादसे में रविवार शाम राजधानी दिल्ली की सनलाइट कॉलोनी इलाके में श्रीकृष्ण मूर्ति विसर्जन करने के समय पांच युवकों की यमुना में डूबने से जान चली गयी। उन्हें बचाने की कोशिश की गयी लेकिन व्यर्थ रहा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मूर्ति विसर्जन करने के लिए गए इन पांच लोगों की डीएनडी फ्लाइओवर के नीचे यमुना नदी में डूबने से मौत हुई। हादसा तब हुआ जब ये युवक श्रीकृष्ण की प्रतिमा का विसर्जन कर रहे थे कि मूर्ति नदी के बीच में किसी वास्तु में जाकर अटक गयी।

यह लड़के मूर्ती को वहां से निकालकर बहाने के लिए नदी के बीच चले गए। अचानक यह सभी पानी के तेज बहाब का शिकार हो गए और नदी में बाह गए। उन्हें बचाने की लोगों ने कोशिश की गयी लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। बाद में पुलिस को गयी।

मौके पर पुलिस के अलावा डीएम ईस्ट बोट क्लब और दमकलकर्मी भी पहुंच गए। लेकिन बाद में युवकों के शव ही मिल पाए। उनका पोस्टमार्टम किया गया है। यह सभी युवक 16 से 20 साल आयु वर्ग के थे।

भारत की पाकिस्तान पर जीत से नेता भी गदगद; राहुल बोले वाह, क्या मैच था !

एशिया क्रिकेट कप के पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भारत की दिलचस्प जीत से देश के नेता भी काफी खुश हैं। पीएम मोदी से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक ने टीम इंडिया को अपने-अपने अंदाज में बधाई दी है। राहुल गांधी ने जीत के बाद ट्वीट में लिखा – ‘वाह ! क्या रोमांचक मैच था।’ वहीं पीएम मोदी ने कहा भारत ने आलराउंड बेहतर प्रदर्शन किया। इस मैच में भारत ने अंतिम ओवर में पिछली रात पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मैच के अंतिम ओवर तक खिंचने से काफी रोमांचित दिखे। उन्होंने भारत को जीत की बधाई देते हुए एक ट्वीट किया जिसमें कहा कि मैच काफी रोमांचक हो गया था। राहुल ने ट्वीट में लिखा – ‘क्या रोमांचक मैच है ! अच्छा खेला, टीम इंडिया। खेलों की सुंदरता यह है कि यह देश को कैसे प्रेरित और एकजुट करता है – बहुत खुशी और गर्व की भावना के साथ।’ बता दें राहुल खुद खिलाड़ी रहे हैं।

उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी भारत की जीत से गदगद दिखीं। प्रियंका ने ट्वीट में लिखा – ‘हुर्रे ! हम जीत गए। टीम इंडिया को शानदार प्रदर्शन और जीत के लिए बधाई, अच्छा खेला, मेन इन ब्लू ! जय हिंद।’

पीएम मोदी, जो खेलों में भारत की जीत पर कभी ट्वीट करना नहीं भूलते, ने भारत को जीत की बधाई देते हुए ट्वीट किया। मोदी ने कहा – ‘टीम इंडिया ने आज के एशिया कप के मैच में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। टीम ने शानदार कौशल और धैर्य का प्रदर्शन किया है। उन्हें जीत की बधाई।’

गृह मंत्री अमित शाह, वीरेंद्र सहवाग सहित कई नेताओं और खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को उसकी जीत पर बधाई दी है। सहवाग ने कहा कि ‘वाओ, वाओ, वाओ ! उन्होंने अपने ट्वीट में विराट कोहली, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार और रविंदर जाडेजा के खेल की तारीफ़ की।

बता दें टॉस हारकर पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 148 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में भारत ने 5 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया। विराट और जडेजा ने 35-35 रन बनाए जबकि हार्दिक पंड्या ने पाकिस्तान के तीन विकेट लेने के बाद शानदार 33 रन बनाये। भुवनेश्वर ने 3 विकेट लिए।

राहुल गांधी का ट्वीट
@RahulGandhi
What a thriller of a match! Well played, #TeamIndia ??
The beauty of sports is how it inspires and unites the country – with a feeling of great joy & pride. #AsiaCup2022

जस्टिस ललित ने प्रधान न्यायाधीश की शपथ ली, 74 दिन का होगा कार्यकाल

जस्टिस उदय उमेश ललित शनिवार को विधिवत भारत के 49वें प्रधान न्यायाधीश बन गए। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई। एनवी रमना शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो गए। ललित का कार्यकाल 74 दिन का होगा।

देश के अभी तक के इतिहास में ललित दूसरे ऐसे प्रधान न्यायाधीश हैं जो सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे। आपराधिक मामलों में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। उनका कार्यकाल सिर्फ 74 दिन का होगा। जस्टिस ललित उस कॉलेजियम का नेतृत्व करेंगे जिसमें जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस कौल, जस्टिस नजीर और जस्टिस इंदिरा बनर्जी शामिल हैं।

जस्टिस ललित देश के कई हाई प्रोफाइल मामलों में पेश हुए हैं। यहां तक कि 2जी घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें स्पेशल पीपी नियुक्त किया था। उनका परिवार एक सदी से वकालत के पेशे में है।

उनके दादा महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में वकालत करते थे जबकि पिता उमेश रंगनाथ ललित जो अब 90 साल के हैं, नामी वकील और बॉम्बे हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं। उनकी पत्नी अमिता ललित शिक्षाविद हैं जो नोएडा में बच्चों का स्कूल चलाती हैं। उनके दो पुत्र श्रीयस और हर्षद हैं।

किसान आंदोलन पर डॉक्युमेंट्री बनाने वाले अमेरिकी पत्रकार को वापस भेजा

भारत में कोविड-19 महामारी और निरस्त किए जा चुके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर ‘डॉक्युमेंट्री’ की श्रृंखला बनाने वाले अमेरिकी सिख पत्रकार अंगद सिंह को कुछ दिन पहले भारत में लैंड करने के कुछ ही घंटे के भीतर वापस न्यूयॉर्क भेज दिया गया। उनके परिवार ने इसे लेकर एक फेसबुक पोस्ट डाली है जिसमें इसके बारे में बताया गया है। अंगद अपनी डाक्यूमेंट्री को लेकर प्रतिष्ठित ‘एमी’ अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हो चुके हैं।

फेसबुक पर अंगद सिंह की माता गुरमीत कौर ने एक पोस्ट में उनके बेटे को हवाई अड्डे से ही वापस अमेरिका भेजे जाने का दावा किया है। कौर न इस पोस्ट में कहा – ‘मेरा बेटा अमेरिकी नागरिक है और वह 18 घंटे की यात्रा कर दिल्ली पहुंचा था, जहां से उसे पंजाब जाना था। लेकिन उसे अगली फ्लाइट में बिठाकर वापस न्यूयॉर्क भेज दिया गया।’ उनके मुताबिक यह बुधवार की घटना है।

कौर ने पोस्ट में आगे कहा – ‘उन्होंने कोई कारण नहीं बताया। लेकिन हम जानते हैं कि उनकी पुरस्कार जीतने वाली पत्रकारिता से डरकर ऐसा किया गया है। अपनी मातृभूमि के लिए उनका प्रेम वह स्वीकार नहीं कर पाए। वाइस की अग्रणी रिपोर्टिंग से वो घबराते हैं।’ फ़िलहाल सरकार की तरफ से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

अंगद सिंह ‘वाइस’ न्यूज के लिए एशिया केंद्रित ‘डॉक्युमेंट्री’ बनाते हैं। मां गुरमीत कौर के मुताबिक अंगद निजी यात्रा पर भारत गए थे। अंगद ने भारत में कोविड-19 महामारी और निरस्त किए जा चुके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर ‘डॉक्युमेंट्री’ की श्रृंखला बनाई थी। अंगद सिंह ने पिछले साल भारत में कोरोना के डेल्टा वायरस को लेकर भी कवरेज की थी।

गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी से दिया इस्तीफा, राहुल गांधी पर साधा निशाना

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में उन्होंने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है, जिसमें राहुल गांधी पर हमला बोला है और लिखा है कि राहुल गांधी पर बचकाना व्यवहार का आरोप लगाया है।

सूत्रों के अनुसार इस्तीफे में गुलाम नबी ने लिखा – कांग्रेस पार्टी रिमोट से चल रही है , राहुल गांधी के पीए और सिक्योरिटी गार्ड ले रहे हैं फैसला राहुल ने बड़े नेताओं का अपमान किया है।

इससे पहले गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों से भी त्यागपत्र दे दिया था।

बता दें, गुलाम नबी आजाद काफी समय से कांग्रेस से नाराज़ चर रहे थे। और वह कांग्रेस के नाराज नेताओं के जी 23 गुट में शामिल तो थे ही साथ ही लगातार कांग्रेस में बदलाव की मांग करते रहे।

आजाद से पहले कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए, उन्हे सपा ने राज्यसभा भी भेजा है।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के कार्यकाल का आज आखिरी दिन, फ्रीबी मामले मे होगी आज लाइव-स्ट्रीमिंग

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के कार्यकाल का आज आखिरी दिन है और उनके आखिरी दिन को चिन्हित करने के लिए फ्रीबी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आज लाइव-स्ट्रीमिंग की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस में कहा गया है कि आज सुबह 10.30 बजे से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) वेबकास्ट पोर्टल के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश की अदालत या सेरेमोनियल बेंच की कार्यवाही को किया जाएगा।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट सरकार से सर्वदलीय बैठक के जरिए एकराय बनाने की बात कह चुका है साथ ही निर्वाचन आयोग ने भी कहा है कि इस नियम कायदे और कानून बनाने का काम उसका नहीं बल्कि सरकार का है। वहीं सरकार का कहना है कि कानून बनाने का मामला इतना आसान नहीं है।

जहां कुछ राजनीतिक पार्टियां मुफ्त की घोषणाएं करने को संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति के अधिकार का अंग मानती है वहीं आज सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी है की चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ इस समस्या का क्या नायाब रास्ता सुझाती है।

आपको बता दें, चुनाव से पहले जनता को मुफ्त उपहार देने वाले राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की मांग की गई है। वहीं इस मामले में कई राजनीतिक दलों ने कहा है कि ये मुफ्त नहीं हैं बल्कि जनता के लिए कल्याणकारी उपाय हैं।