Home Blog Page 497

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के कार्यकाल का आज आखिरी दिन, फ्रीबी मामले मे होगी आज लाइव-स्ट्रीमिंग

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के कार्यकाल का आज आखिरी दिन है और उनके आखिरी दिन को चिन्हित करने के लिए फ्रीबी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आज लाइव-स्ट्रीमिंग की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस में कहा गया है कि आज सुबह 10.30 बजे से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) वेबकास्ट पोर्टल के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश की अदालत या सेरेमोनियल बेंच की कार्यवाही को किया जाएगा।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट सरकार से सर्वदलीय बैठक के जरिए एकराय बनाने की बात कह चुका है साथ ही निर्वाचन आयोग ने भी कहा है कि इस नियम कायदे और कानून बनाने का काम उसका नहीं बल्कि सरकार का है। वहीं सरकार का कहना है कि कानून बनाने का मामला इतना आसान नहीं है।

जहां कुछ राजनीतिक पार्टियां मुफ्त की घोषणाएं करने को संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति के अधिकार का अंग मानती है वहीं आज सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी है की चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ इस समस्या का क्या नायाब रास्ता सुझाती है।

आपको बता दें, चुनाव से पहले जनता को मुफ्त उपहार देने वाले राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की मांग की गई है। वहीं इस मामले में कई राजनीतिक दलों ने कहा है कि ये मुफ्त नहीं हैं बल्कि जनता के लिए कल्याणकारी उपाय हैं।

6 साल बाद नेपा लिमिटेड का संचालन शुरू

सुशील देव
नेपानगर, सार्वजनिक क्षेत्र के केन्द्रीय उपक्रम, न्यूज़ प्रिन्ट निर्माता नेपा लिमिटेड ने 6 साल के अंतराल के बाद मंगलवार को अपने मैनुफैक्चरिंग प्लांट में कमर्शियल उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है। नेपा लिमिटेड ने इस वित्तीय वर्ष में रु 395 करोड़ और वित्तीय वर्ष 24 में रु 554.36 करोड़ का टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पाण्डेय की मौजूदगी में प्लांट का संचालन दोबारा शुरू किया गया। श्री पाण्डेय ने अपग्रेड किए गए प्लांट का उद्घाटन किया, इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री, संसद सदस्य एवं स्थानीय विधायक भी मौजूद थे।
प्लांट की इंस्टॉल्ड क्षमता 1 लाख टन सालाना है, हालांकि 2016 में जब प्लांट बंद हुआ था तब इसकी इंस्टॉल्ड क्षमता 88,000 टन सालाना थी। कंपनी का टर्नओवर 2015-16 में रु 72 करोड़ था। कंपनी ने न्यूज़ प्रिन्ट के साथ लेखन एवं प्रिंटिंग पेपर के उत्पादन में विविधीकरण की योजनाएं बनाई हैं।
रु 512.41 करोड़ की पुनरुद्धार एवं मिल विकास योजना के साथ नेपा लिमिटेड ने अपनी यूनिट को पूर्णतया स्वचालित बना लिया है, साथ ही विभिन्न दायित्वों को खत्म कर लागत कम की गई है, ऐसे में यह देश में फिर से संचालन शुरू करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ ही उपक्रमों में से एक है।
इस अवसर पर माननीय भारी उद्योग मंत्री पाण्डेय ने कहा, ‘‘नेपा लिमिटेड प्लांट का पुनरुद्धार मोदी सरकार की प्रगतिशील नीतियों का ही परिणाम है। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ने भी इसमें मुख्य भूमिका निभाई है।’ फिर से शुरू किए गए प्लांट की क्षमता 1 लाख टन सालाना है। इससे स्थानीय युवाओं को अपार अवसर मिलेंगे।
ज्ञात हो कि कंपनी ने अपनी वीआरएस आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रु 46 करोड़ प्राप्त किए, इसके अलावा वेतन एवं भत्तों के लिए अक्टूबर 2018 में रु 101 करोड़ एवं नवम्बर 2021 में रु 31 करोड़ प्राप्त किए गए।
प्लांट के पुनरुद्धार के बारे में बात करते हुए कमोडोर सौरव देब, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, नेपा लिमिटेड ने कहा कि ‘‘हम केन्द्र एवं राज्य सरकार से मिले सहयोग के प्रति आभारी हैं। उनके सक्षम मार्गदर्शन के बिना यह पुनरुद्धार संभव नहीं था।’’
‘‘हमारे मुश्किल दिनों में, जब उत्पादन बंद था, हमने कभी उम्मीद नहीं खोई। हमारे पुनरुद्धार की कहानी आत्म विश्वास से आत्मनिर्भरता का बेहतरीन उदाहरण हैं। आज, जब हम अपना संचालन फिर से शुरू करने जा रहे हैं, हम अपने सभी हितधारकों, साझेदारों, आपूर्तिकर्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहते हैं, जिन्होंने हममें भरोसा बनाए रखा और हम उन्हें खोई मर्यादा को वापस पाने का आश्वासन देते हैं।’’
बंद हुई यूनिट के दोबारा खुलने से स्थानीय युवाओं को लाभ होगा। नवम्बर 2021 से कंपनी ने 310 लोगों की भर्तियां की हैं, जिनमें से 75 फीसदी आस-पास के इलाकों से ही हैं।
देब ने कहा कि आने वाले समय में हम सिस्टम एवं प्रक्रिया में सुधार लाने, नए उत्पादों के विकास एवं मार्केटिंग गतिविधियों के लिए निवेश करेंगे ताकि हम अपने कारोबार को बढ़ाकर ज़्यादा मुनाफ़ा कमा सकें।
नेपा लिमिटेड की शुरूआत 26 जनवरी 1947 को नायर प्रेस सिंडीकेट लिमिटेड द्वारा एक निजी उद्यम के रूप में की गई। न्यूज़प्रिन्ट उत्पादन के लिए ‘द नेशनल न्यूज़ प्रिन्ट एण्ड पेपर मिल्स लिमिटेड’’ के नाम गठित यह कंपनी, 1981 तक यह भारत में एकमात्र न्यूज़ प्रिन्ट मैनुफैक्चरिंग यूनिट थी।
अक्टूबर 1949 में कंपनी के प्रबन्धन को मध्य प्रान्त और बरार (वर्तमान में मध्य प्रदेश) की तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहीत कर लिया गया। मिल में कमर्शियल उत्पादन शुरू होने के साथ ही, देश के पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 26 अप्रैल 1959 को इसे देश को समर्पित किया।
1958 में भारत सरकार के कंपनी के कार्यभार अपने हाथों में ले लिया। 21 फरवरी 1989 को कंपनी का नाम बदल कर नेपा लिमिटेड कर दिया गया।

यूपी और त्रिपुरा में भाजपा ने नियुक्त किए नए प्रदेश अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी ने दो राज्यों में अपने नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने उत्तर प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और त्रिपुरा भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य को नियुक्त किया है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

भूपेंद्र सिंह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री है साथ ही भूपेंद्र सिंह विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं और पश्चिमी यूपी के जाट समाज से आते हैं। माना जा रहा है कि भाजपा ने मिशन 2024 के लिए क्षेत्रीय और जातीय दोनों में ही संतुलन बनाने के लिए ये बड़े बदलाव किए गए है।

बात करे हिमाचल की तो हिमाचल में प्रदेश में आगामी चुनाव के लिए सौदान सिंह को मुख्य चुनाव प्रभारी और देवेंद्र सिंह राणा को चुनाव सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।

पाक की आतंकरोधी अदालत से इमरान खान को जमानत

एक बड़ी राहत के रूप में पाकिस्तान के पूर्व पीएम और पीटीआई के नेता इमरान खान को आतंकरोधी अदालत ने जमानत दे दी है। अपने नेता को जमानत मिलने पर उनके समर्थकों ने खुशी मनाई। अपने एक भाषण में कथित रूप से जजों और अधिकारियों को धमकी देने के मामले में उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने वीडियो के साथ एक ट्वीट किया है जिसमें दिख रहा है कि इमरान खान समर्थकों के बीच गाड़ी से निकल रहे हैं। उन्हें मीडिया के लोगों ने घेर रखा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एंटी टेररिज्म कोर्ट ने इमरान खान की अंतरिम जमानत एक लाख रुपए के मुचलके पर पहली सितंबर तक मंजूर की है।

आरोप है कि इमरान खान ने पीटीआई की एक रैली में पुलिस, न्यायपालिका और अन्य सरकारी संस्थानों को धमकी भरे शब्द इस्तेमाल किये थे जिसके बाद उनके खिलाफ आतंकवाद की धाराओं से जुड़ा का मामला दर्ज कर लिया गया। इमरान खान के खिलाफ रविवार को आतंकवाद-विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि खान के वकीलों बाबर अवान और फैसल चौधरी की तरफ से कोर्ट में दी गयी अर्जी में कहा गया है कि सत्तारूढ़ पीडीएम (पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट) खान को भ्रष्टाचार और भ्रष्ट नेताओं की निडर आलोचना और बेहद स्पष्ट और मुखर रुख के कारण निशाना बना रहा है। सरकार के इशारे पर इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र की पुलिस ने उनके (खान के) खिलाफ झूठा और निराधार मामला दर्ज किया है ताकि उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

बिलकिस मामला : सुप्रीम कोर्ट का गुजरात सरकार को नोटिस, जवाब तलब किया

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म और अन्य की हत्या के दोषियों को रिहा करने के गुजरात सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका के मामले में सुनवाई करते हुए गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर जवाब तलब किया है। सर्वोच्च अदालत ने दोषियों को पक्षकार बनाने के भी निर्देश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई अब दो हफ्ते बाद होगी। इस बीच कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बिलकिस मामले में दोषियों की रिहाई पर मोदी सरकार पर हमला बोला है।

सुनवाई के दौरान बिलकिस की तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि 14 लोगों की हत्या और गर्भवती महिला से सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को छोड़ दिया गया। हम चाहते हैं कि रिपोर्ट यहां मंगाई जाए और देखा जाए कि कमेटी ने कैसे रिहाई की सिफारिश की ?

दोषियों के वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ता तीसरा पक्ष हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सभी दोषियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट बिलकिस के 11 दोषियों की रिहाई का परीक्षण करेगा। इस बाबत गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय रस्तोगी ने कहा कि सवाल यह है कि गुजरात के नियमों के तहत दोषी छूट के हकदार हैं या नहीं? मैंने कहीं पढ़ा है कि लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया था। लेकिन नहीं, हमने केवल गुजरात को कानून के अनुसार आगे बढ़ने के लिए कहा था।

बता दें हाल में गुजरात सरकार ने सभी 11 दोषियों को एक ही दिन समय से पहले रिहा कर दिया था जिसका देश भर में जबरदस्त विरोध देखने को मिला है। कई सामाजिक संगठनों और जानी मानी हस्तियों ने इस फैसले का सख्त विरोध किया और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

इस बीच कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस को न्याय की मांग की और कहा कि 2002 के सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के सात लोगों की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए 11 लोगों की रिहाई पर सरकार ने चुप्पी साधकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

राहुल गांधी ने कहा – ‘बेटी बचाओ जैसे खोखले नारे देने वाले, बलात्कारियों को बचा रहे हैं।’ प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट में कहा – ‘बलात्कार की सजा पा चुके 11 लोगों की रिहाई, कैमरे पर उनके स्वागत-समर्थन में बयानबाजी पर चुप्पी साधकर सरकार ने अपनी लकीर खींच दी है।’

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज ने नोरा फतेही को गवाह बनाने को लेकर लगाया पक्षपात का आरोप

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज ने अपीलकर्ता प्राधिकरण के समक्ष अपनी याचिका में कहा कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले को लेकर कहा है कि आरोपी सुकेश चंद्रशेखर से उपहार प्राप्त करने वाली हस्तियों को गवाह बना लिया गया है जबकि उन्हें एक आरोपी के रूप में घसीटा जा रहा है।

जैकलीन ने कहा कि मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर से उपहार लेने वालो में नोरा फतेही और अन्य हस्तियों को गवाह बनाया गया है, जबकि उन्हें आरोपी। जैकलीन ने पीएमएलए के न्याय निर्णायक अधिकारियों को जवाब में कहा कि उनके फिक्स्ड डिपॉजिट का किसी भी अपराध से कोई संबंध नहीं है।

आपको बता दें, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अप्रैल में पीएमएलए के तहत उनकी 7.27 करोड़ रुपये की निधि अस्थायी तौर पर कुर्क की थी और 15 लाख रुपये की नकदी जब्त की थी।

ईडी ने बयान में कहा था कि, “सुकेश चंद्रशेखर जबरन वसूली समेत आपराधिक गतिविधियों से मिली रकम से जैकलीन फर्नांडीज को 5.71 करोड़ रुपये के विभिन्न उपहार दिए थे, और वे यह उपहार अपनी साथी आरोपी पिंकी र्इरानी के जरिये अभिनेत्री को भिजवाया था।“

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की एक अदालत में कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में दायर अपने हालिया पूरक आरोप पत्र में अभिनेता जैकलीन फर्नांडीज के नाम को आरोपी के रूप में उल्लेख किया है।

बिलकिस बानो मामले में सर्वोच्च न्यायालय में आज होगी सुनवाई

गुजरात दंगों के समय बिलकिस बानो से दुष्कर्म और उनके परिजनों सहित अन्य लोगों की हत्या के मामले में दोषियों की रिहाई के खिलाफ आज सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी।

सुभाषिनी अली सहित तीन लोगों ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आज सुनवाई करेगा। याद रहे साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उनके परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गयी थी।

इस मामले के 11 दोषियों को हाल में गुजरात सरकार ने अपनी नीति के तहत रिहा करने का फरमान जारी किया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है।

याद रहे मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुभाषिनी अली सहित तीन याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर विचार करने के लिए सहमत हो गया था। प्रधान न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ सुनवाई करेगी।

पेगासस : 5 फोन में मैलवेयर मिला, समिति ने कहा केंद्र सरकार नहीं कर रही सहयोग

पेगासस जासूसी मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि 5 फोन में मैलवेयर मिला है, हालांकि, स्पाईवेयर का कोई ठोस सबूत नहीं है। इसके लिए गठित समिति ने कहा है कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि ‘हम कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे, इसमें कोई सीक्रेट नहीं है’।

सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने आज कहा कि समिति को मोबाइल फोन में पेगासस के सबूत नहीं मिले हैं और समिति ने ये भी कहा कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है। बता दें इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच कर रही है।

जस्टिस आरवी रवींद्रन की अगुवाई में बनी समिति पहले ही रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। सीजेआई ने कहा कि रिपोर्ट दाखिल की गई है। यह तीन भागों में है। समिति की सिफारिश है कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट का विवरण सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए। ये सूचना अपराधियों को कानून प्रवर्तन तंत्र को बायपास करने की अनुमति दे सकती है, ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में अधिक जानकारी और नए मैलवेयर बन सकते हैं, नया मैलवेयर बनाने के लिए सामग्री का दुरुपयोग किया जा सकता है।

सीजेआई ने कहा कि विशेषज्ञों ने सिफारिशें की हैं जिनके जरिए लोगों के उपकरण इन मैलवेयर के असर से बचाए जा सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी एजेंसी इन आरोपों की जांच करे। सीजेआई ने कहा कि रिपोर्ट कहती है कि 29 मोबाइल फोन में 5 में मैलवेयर पाए गए हैं। सीजेआई ने कहा कि हम कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। इसमें कोई सीक्रेट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डाल दें।

समिति को मोबाइल फोन में पेगासस के सबूत नहीं मिले और समिति ने ये भी कहा कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही। हम बिना रिपोर्ट देखे आगे टिप्पणी नहीं कर सकते।

सीजेआई ने कहा – ‘रिपोर्ट में सिफारिश की गई है गोपनीयता के कानून को बेहतर बनाने और गोपनीयता के अधिकार में सुधार, राष्ट्र की साइबर सुरक्षा बढ़ाने, नागरिकों की निजता के अधिकार की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और गैर-कानूनी निगरानी से संबंधित शिकायत उठाने की व्यवस्था पर कानून मजबूत किया जाए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। कोर्ट तय करेगा कि रिपोर्ट के कौन से हिस्से सार्वजनिक कराएं।’

तकनीकी कमेटी ने बताया है कि 29 मोबाइल फोनों की जांच और पत्रकारों और एक्टिविस्ट्स से बातचीत भी की गयी। आम लोगों ने भी बड़ी तादाद में अपनी राय भेजी है।

तिहाड़ जेल में दो कैदियों के बीच हुई मारपीट मे एक की मौत

दिल्ली की तिहाड़ जेल में दो कैदियों के बीच झगड़ा हुआ, मारपीट के दौरान एक कैदी की मौत हो गर्इ। जेल में कैदियों को झगड़ा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।

तिहाड़ जेल प्रशासन के मुताबिक 22 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे तिहाड़ की जेल नंबर 5 में 2 कैदी आपस में भिड़ गए। इस दौरान मारपीट में लूटपाट के मामले में दो साल से जेल में बंद 20 साल के समीर खान नीचे गिर गया और सिर में अंदरूनी चोट आर्इ।

समीर खान को दूसरे अन्य कैदियों की मदद से जेल के अस्पताल में ले जाया गया उसके बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे डीडीयू अस्पताल भेज दिया गया। और वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आपको बता दे, इस मामले में दिल्ली पुलिस को भी सूचित किया गया है और मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट भी इस मामले की जांच कर रहे है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस गैर इरादतन हत्या या हत्या का मामला दर्ज कर सकती है।

बिहार मे नीतीश की सरकार ने जीता विश्वास मत

बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वॉकआउट के बाद नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव की महागठबंधन सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास मत जीत लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने फ्लोर टेस्ट के दौरान भाजपा पर जमकर हमला भी बोला। विधानसभा चुनाव में भाजपा पर आरोप लगाया था कि भाजपा ने जनता दल यूनाइटेड को खत्म करने की साजिश रची थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे साथ पहले चार पार्टियां थी और अब आठ पार्टियां है। हम 2020 में मुख्यमंत्री नहीं बन रहे थे, भाजपा के दबाव मे बनना पड़ा था। मेरी इच्छा कुछ भी बनने की नहीं हैं।

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि, भारत की आजादी की लड़ाई में आप (बीजेपी) कहां थे, बीजेपी का एकमात्र काम समाज में गड़बड़ी पैदा करना है।

आपको बता दें, फ्लोर टेस्ट से पहले भाजपा नेता और विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जबकि इससे पहले मंगलवार तक वह अपना इस्तीफा नहीं देना चाहते थे, जिसका जेडीयू ने विरोध भी किया था। और उनके स्पीकर के बाद बिहार के डिप्टी स्पीकर ने फ्लोर टेस्ट करवाया।