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लेफ्टिनेंट जनरल सैयद असीम मुनीर पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख नियुक्त

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख रह चुके लेफ्टिनेंट जनरल सैयद असीम मुनीर पाकिस्तान सेना नए चीफ होंगे। वे जनरल कमर जावेद बाजवा की जगह लेंगे जो इसी 29 को रिटायर हो रहे हैं। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का विरोधी माना जाता है। इमरान खान ने उन्हें आईएसआई चीफ के पद से हटाकर फैज़ हमीद को आईएसआई प्रमुख बनाया था।

लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को भारत विरोधी भी माना जाता है और कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि 2019 में पुलवामा हमले के पीछे कथित रूप से मुनीर का हाथ था। जनरल मुनीर ने पूर्व पीएम इमरान खान के इर्द-गिर्द कथित भ्रष्टाचार की बात की थी जिसके बाद इमरान ने उन्हें पद से हटा दिया था। मुनीर जनरल बाजवा के पसंदीदा अधिकारी माने जाते रहे हैं। वे जनरल बाजवा के अधीन ब्रिगेडियर रहे हैं।

मुनीर की नियुक्ति की जानकारी पाकिस्तान की मंत्री मरियम औरंगजेब ने एक ट्वीट में दी। ट्वीट में उन्होंने कहा – ‘प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सैयद असीम मुनीर को नया आर्मी चीफ नियुक्त किया है। इस बारे में राष्ट्रपति को सूचित कर दिया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को चेयरमैन ऑफ ज्वाइंट चीफ्स नियुक्त किया है।’

लेफ्टिनेंट जनरल साहिर, जनरल राहिल शरीफ के समय में डायरेक्टर मिलिट्री ऑपरेशंस के तौर पर उस कोर टीम का हिस्सा थे, जिसने नॉर्थ वजीरिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। असीम 2018 से 2019 के बीच आठ महीने तक आईएसआई के प्रमुख रहे थे। इमरान खान ने फैज हमीद को आईएसआई चीफ बनाने के बाद मुनीर को गुजरांवाला कॉर्प्स कमांडर के तौर पर  ट्रांसफर कर दिया था।

असीम को 2018 में टू-स्टार जनरल के रैंक पर प्रमोट किया गया था, लेकिन उन्होंने इस पोस्ट को 2 महीने बाद जॉइन किया। लेफ्टिनेंट जनरल के तौर पर उनका 4 साल का कार्यकाल 27 नवंबर को खत्म होगा। फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट के जनरल मुनीर सबसे सीनियर थ्री स्टार जनरल हैं।

लंदन की जेल में बंद भगोड़े कारोबारी नीरब मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अर्जी

लंदन के वैंड्सवर्थ कारागार में बंद भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने वहां की निचली अदालत (उच्च न्यायालय) अर्जी डालकर अपने भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की मंजूरी मांगी है।

बता दें नीरव अभी लंदन के वैंड्सवर्थ कारागार में बंद है और वहां के हाई कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक ऋण घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोपों का सामना करने के लिए हाल ही में नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नीरव को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के रास्ते में अभी भी ढेरों कानूनी अड़चनें हैं। भारतीय अधिकारियों की ओर से काम कर रही क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के अब नीरव के नए आवेदन का जवाब देने की उम्मीद है, जिसके बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश लिखित में फैसला देंगे।

नीरव के पास आम जनता के हित से जुड़े कानून के एक बिंदु के आधार पर उसके पास अपील दायर करने के लिए दो हफ्ते का वक्त है। क्रिसमस की छुट्टियों के चलते यह मामला लंबा खिंच सकता है।

अलग राज्य की मांग कर केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में अलगाववाद को उकसा रही: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र में सत्ता में बैठी भाजपा एक अलग राज्य की मांग उठाकर पश्चिम बंगाल में अलगाववाद को उकसाने की कोशिश कर रही है। तृणमूल नेता ने हालांकि कहा कि वह कभी भी बंगाल के विभाजन की अनुमति नहीं देंगी।

बनर्जी ने साथ ही जनता से आग्रह किया है कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो, अन्यथा उन्हें राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के नाम पर डिटेंशन कैंप (हिरासत शिविरों) में भेज दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा – ‘वोटर लिस्ट में अपडेट और करेक्शन का काम चल रहा है। यह प्रक्रिया 5 दिसंबर तक चलेगी। मैं सभी लोगों से आग्रह करती हूं कि वोटर लिस्ट में आपका नाम हो, वरना आपको एनआरसी का नाम लेकर डिटेंशन कैंप में भेज दिया जाएगा।’

ममता ने कहा कि कभी-कभी लोगों को कहा जाता है कि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं, लेकिन अगर वे नहीं हैं, तो उन्होंने वोट कैसे दिया? ममता ने कहा – ‘आप हमारे वोटों के कारण पीएम बने और आज आप कह रहे हैं कि आप हमें नागरिकता अधिकार प्रदान करेंगे इसका क्या मतलब है? क्या आप हमारा अपमान नहीं कर रहे हैं?’

याद रहे पहले भी ममता बनर्जी इस बात पर जोर दे चुकी हैं कि वह पश्चिम बंगाल में सीएए को कभी लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा था कि भाजपा आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों पर नजर रखते हुए सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर बयानबाजी कर रही है।

राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में सहभागी बनीं प्रियंका गांधी, मध्य प्रदेश कांग्रेस में उत्साह

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में गुरूवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी जुड़ गईं। यात्रा मध्य प्रदेश के खंडवा के बोरगांव बुजुर्ग से शुरू हुई और प्रियंका 23 किलोमीटर तक राहुल के साथ चलेंगी। वह पहली बार यात्रा में पहुँची हैं जबकि सोनिया गांधी पहले ही एक दिन तक पद यात्रा में चल चुकी हैं।

यात्रा कल मध्य प्रदेश पहुँची थी जहाँ बड़ी  और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसका स्वागत किया था। राहुल के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेता भी हैं। राहुल गांधी रुस्तमपुर में टंट्या भील की जन्मस्थली जाएंगे और जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उसके बाद यात्रा का डूल्हार के गुरुद्वारा में दोपहर का भोजन होगा।

प्रियंका गांधी पहली बार भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ी हैं। उनके साथ पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रेहान वाड्रा भी हैं। यात्रा में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी साथ हैं। रुस्तमपुर से यात्रा छैगांव माखन के लिए चलेगी, वहां नुक्कड़ सभा के बाद दूसरे दिन का सफर खत्म हो जाएगा। रात्रि विश्राम खरगोन जिले के खेरदा में होगा।

राहुल की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में 12 दिन तक 6 जिलों से गुजरते हुए 4 दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करेगी। यात्रा के दौरान राहुल गांधी रुस्तमपुर गांव में एक ढाबे पर चाय पीने के लिए भी रुके, जहाँ लोगों की काफी भीड़ थी। यात्रा 6 राज्यों का सफर तय करके मध्यप्रदेश पहुँची है। यात्रा में कांग्रेस सेवा दल भी साथ चल रहा है

हमें ऐसा सीईसी चाहिए, जो पीएम के खिलाफ भी कार्रवाई कर सके – सुप्रीम कोर्ट

निर्वाचन आयोग ईसी की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सवालों के जवाब केंद्र ने दिए हैं सुप्रीम कोर्ट के आरोप पर कि वर्ष 2007 के बाद से सभी सीईसी का कार्यकाल छोटा किया गया, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि हर बार नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर ही की जाती है एक मामले को छोड़कर हमें चुनाव आयोग में व्यक्ति के पूरे कार्यकाल को देखने की जरूरत है न कि सिर्फ सीईसी के रूप में। 2, 3 अलग उदाहरणों को छोड़कर पूरे बोर्ड में वह कार्यालय 5 साल का रहा है इसलिए मुद्दा यह है कि कार्यकाल की सुरक्षा को लेकर कोई समस्या नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए एक उदाहरण के साथ सरकार से पूछा कि, कभी किसी प्रधानमंत्री पर आरोप लगे तो क्या आयोग ने उनके खिलाफ एक्शन लिया हैं?

संविधान पीठ में जस्टिस जोसफ ने टिप्पणी की है कि हमें मौजूदा दौर में ऐसे सीईसी की आवश्यकता है जो कि पीएम के खिलाफ भी शिकायत मिलने पर एक्शन ले सके। साथ ही कोर्ट ने पूछा कि क्या यह सिस्टम का पूर्ण रूप से ब्रेकडाउन नहीं हैं? संविधान और जनविश्वास के मुताबिक, सीईसी को राजनीतिक प्रभाव से अछूता माना जाता हैं। उसे स्वायत्ता और स्वतंत्र होना चाहिए। साथ ही आयुक्तों के चयन के लिए एक स्वतंत्र निकाय होना चाहिए। सिर्फ कैबिनेट की मंजूरी ही काफी नहीं हैं। नियुक्ति कमेटियों का कहना है कि बदलाव की सख्त जरूरत है राजनेता भी ऊपर से चिल्लाते है लेकिन कुछ नहीं होता।

संविधान पीठ ने सरकार से यह भी कहा कि आप निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी समझाएं हमें। हाल ही में आपने एक आयुक्त की नियुक्ति की है अभी तो आपको सब याद होगा, किस प्रक्रिया के तहत आपने उनको नियुक्त किया है?

बता दें जस्टिस केएम जोसफ के बाद जस्टिस अजय रस्तोगी ने भी निर्वाचन आयुक्तों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए और कहा कि आपने इसकी न्यायपालिका से तुलना की है। और न्यायपालिका में भी नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव आए है। मौजूदा सिस्टम में अगर खामी हो तो उसमें सुधार और बदलाव लाजिमी है। सरकार जो जज और सीजेआई की नियुक्ति करती थी तब भी महान न्यायाधीश बने, लेकिन प्रक्रिया पर सवालिया निशान थे, प्रक्रिया बदल गर्इ।

वहीं जस्टिस रस्तोगी ने सरकार से पूछा कि आप निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति करते समय सिर्फ नौकरशाहों तक ही सीमित क्यों रहते हैं? अटॉर्नी जनरल ने कहा कि ये तो एक अलग बहस हो जाएगी। यदि किसी मामले में कोई घोषणा पत्र है तो हम उसका पालन कैसे नहीं करेंगे? इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार पिक एंड चूज यानी मनपसंद अफसर को उठा कर ही नियुक्त कर देती है ऐसा नहीं हैं

श्रद्धा ने दो साल पहले की थी पुलिस से शिकायत, आफताब उसे टुकड़े-टुकड़े करने की रच रहा था साजिश

श्रद्धा वालकर मर्डर केस में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। श्रद्धा ने पालघर जिले की तुलिंज पुलिस से लिखित शिकायत में आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ दो साल पहले उसके टुकड़े-टुकड़े कर देने की आशंका जताई थी। श्रद्धा ने पुलिस को एक शिकायती पत्र लिखकर आफताब के करतूत की पूरी जानकारी दी थी।

इस पत्र में आफताब के माता-पिता पर भी सवाल खड़े किए गए हैं कि उन्हें सब कुछ पता था। पत्र में लिखा है कि, “मैं श्रद्धा विकास वालकर आफताब के खिलाफ शिकायत देती हूं कि वो मेरे साथ बदसलूकी करता है, मुझे मारता है। आज उसने मेरी जान लेने की कोशिश की। गला दबाने की कोशिश की, उसने मुझे डराया और ब्लैकमेल किया वो मुझे मार देगा और मुझे टुकड़ो में काट देगा और कही दूर फेंक आएगा। ”

शिकायत में श्रद्धा ने कहा था कि आफताब उसके साथ पिछले 6 महीने से मारपीट कर रहा हैं, लेकिन मेरे में पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी है। श्रद्धा ने शिकायत में यह भी लिखा था कि आफताब के माता-पिता को भी पता है कि वो मेरे साथ मारपीट करता है और जान से मारने की कोशिश की है। आफताब के माता-पिता को यह पता है कि हम दोनों साथ में रहते हैं और वे वीकएंड पर आते भी हैं। और वो अभी भी आफताब के साथ रहती हैं।

श्रद्धा ने पत्र में लिखा कि, हम जल्दी ही शादी करने वाले थे और इसके लिए आफताब के माता-पिता भी राजी थे। हालांकि, अब उसके साथ रहने की मेरी कोई इच्छा नहीं है, इसलिए वो किसी भी समय मुझे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। वो मुझे ब्लैकमेल कर रहा है। मैं उसे कहीं भी दिख गयी तो वो मुझे नुकसान पहुंचाने का मौका नहीं छोड़ेगा, वो मुझे मार देगा।“

असम-मेघालय हिंसा: कब तक चलता रहेगा ये अन्याय? – टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को असम-मेघालय की सीमा पर हुई हिंसा पर दुख जताते हुए कहा कि, यह घटना मेघालय सरकार की “अयोग्यता” को दर्शाती है। वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले में हुई इस हिंसा में एक वनकर्मी समेत छह लोगों की मौत हो गई थी।

अभिषेक बनर्जी ने सीमा पर हुई इस घटना पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए ट्वीट कर कहा कि, “मेघालय के मुक्रोह में हुई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण गोलीबारी की घटना से मैं स्तब्ध और बेहद दुखी हूं, जिसमें असम के पांच निर्दोष नागरिकों और एक वन रक्षक की जान चली गई। ”

उन्होंने आगे कहा कि, कब तक सीएम @SangmaConrad @himantabiswa को मेघालय को हल्के में लेने देंगे? कब तक मेघालय के लोगों को डर और असुरक्षा में रहना चाहिए। कब तक यह अन्याय चलेगा। आज की घटना एमडी (मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस) सरकार की अक्षमता को उजागर करती है, अपने ही लोगों को विफल कर रही हैं। “

बता दें पार्टी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि, “तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने जोवाई सिविल अस्पताल में मुकरोह गोलीकांड में जीवित बचे लोगों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया हैं।“

पार्टी ने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टैग कर कहा कि, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, जिनकी पार्टी भाजपा की सहयोगी है, ने शिकायत की कि असम पुलिस और वन रक्षकों ने मेघालय में प्रवेश किया और अकारण फायरिंग को सहारा लिया।“

आपको बता दें, असम के वन रक्षकों द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से काटी गई लकड़ी से लदे एक ट्रक को रोके जाने के बाद हुई हिंसा में एक वन रक्षक सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। मारे गए छह लोगों में पांच मेघालय के निवासी थे और एक असम फॉरेस्ट गार्ड है।

वहीं असम पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया है कि ट्रक को वन विभाग की टीम द्वारा राज्य के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में रोका गया था और मेघालय की ओर से एक भीड़ ने बाद में राज्य के वन रक्षकों और पुलिसकर्मियों पर हमला किया जिसके कारण पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी।

आज कल सद्दाम हुसैन की तरह दिखने लगे हैं राहुल गांधी- हिमंत बिस्वा सरमा

अगले माह में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियां जोर-शोर से प्रचार में जुट गर्इ हैं। सभी पार्टियों के दिग्गज नेता चुनावी मैदान में नज़र आ रहे है। इसी बीच बीते मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव प्रचार के लिए एक जनसभा को संबोधित करने कुबेरनगर आए थे।

जनसभा को संबोधित करते समय सरमा ने  राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि, “राहुल गांधी इन दिनों इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन जैसे दिखने लगे हैं। साथ ही उन्होंने सावरकर के ऊपर टिप्पणी को लेकर भी राहुल पर नाराजगी जतार्इ।“

उन्होंने आगे कहा कि, गांधी वंशज की छवि महात्मा गांधी या सरदार पटेल जैसी होनी चाहिए न कि पूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन जैसी। अभी मैंने देखा है कि राहुल गांधी का चेहरा भी बदल गया है। वे आजकल इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन की तरह दिखने लगे हैं। चेहरा बदलना कोई बुरी बात नहीं है आपको अगर चेहरा बदलना ही है तो वल्लभ भाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू या फिर गांधी जी जैसा कर लो लेकिन आपका चेहरा सद्दाम हुसैन जैसा क्यों होता जा रहा है?”

हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए आगे कहा कि, राहुल गुजरात का दौरा ऐसे करते है कि जैसे वह विजिटिंग प्रोफेसर हो उन्होंने हिमाचल प्रदेश में प्रचार भी नहीं किया। वह केवल उन ही जगहों पर जा रहे हैं जहां चुनाव नहीं हो रहे, शायद इसलिए कि वह हारने से डरते हैं।

असम के मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि कांग्रेस के राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अभिनेत्री पूजा भट्ट, अमोल पालेकर, सुशांत सिंह जैसे अभिनेता शामिल हुए है और सरमा ने कहा कि अभिनेताओं को यात्रा में शामिल होने के लिए बॉलीवुड सितारों को पैसे दिए गए है।

आपको बता दें, गुजरात में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे और पहले चरण में 89 सीटों पर वोटिंग एक दिसंबर को होगी। वहीं दूसरे चरण की वोटिंग पांच दिसंबर को होगी। मतों की गिनती आठ दिसंबर को होगी।

सीमा पार युद्ध विराम तोड़ने की कोशिश की गयी तो इसका कड़ा जवाब देंगे: ले. जनरल द्विवेदी

यदि सीमा पार से संघर्ष विराम तोड़ा गया तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे। यह बात उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कही। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से सेना हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि संघर्ष विराम न टूटे क्योंकि यह दोनों देशों के हित में है।

द्विवेदी ने कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधान रद्द होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा स्थिति में एक बड़ा बदलाव आया है और आतंकवादी गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है। उन्होंने पुंछ लिंक-अप डे की प्लेटिनम जयंती के मौके पर यह सब बातें कहीं। त्रिवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में करीब 300 आतंकी मौजूद हैं, लेकिन हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे कोई गतिविधि नहीं कर पाएं।

उन्होंने कहा कि हमारे आंकड़ों के अनुसार, 82 पाकिस्तानी आतंकवादी और 53 स्थानीय आतंकवादी भीतरी इलाकों में सक्रिय हैं, जबकि चिंता का विषय उन 170 अन्य आतंकियों की आपराधिक गतिविधियां हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है।

घुसपैठ को लेकर लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि करीब 160 आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पार मौजूद हैं – जिनमें पीर पांचाल (कश्मीर घाटी) के उत्तर में 130 और पीर पांचाल के दक्षिण में 30 आतंकवादी शामिल हैं।

त्रिवेदी ने इस मौके पर कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान (पीओके) के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने जैसे आदेश पूरा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा – ‘भारतीय सेना पीओके को लेकर सरकार के किसी भी आदेश को पूरा करने के लिए तैयार है।’

ट्रम्प और उनके परिवार सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी मामले की सुनवाई अगले साल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जिन्होंने कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति पद का अगला चुनाव लड़ने की घोषणा की है, के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में अगले साल अक्टूबर की तारीख तय की गयी है। ट्रम्प के अलावा उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ भी यह मामला दर्ज है। ट्रंप ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ने ट्रम्प के साथ साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी मामला दर्ज किया है। यह धोखाधड़ी का मामला है। अब मैनहट्टन के सुप्रीम कोर्ट के जज आर्थर एंगोरोन ने मामले की सुनवाई की तारीख अगले साल 2 अक्टूबर के लिए तय की है।

इस मामले में ट्रम्प और उनके बच्चों पर आरोप है कि उन्होंने खुद को समृद्ध करने के लिए संपत्ति के मूल्य के बारे में गलत जानकारी दी थी। शीर्ष न्यूयॉर्क अभियोजक लेटिटिया जेम्स ने सितंबर में ट्रम्प, डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर, एरिक ट्रम्प, इवांका ट्रम्प और ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन पर मुकदमा दायर किया और आरोप लगाया कि उन्होंने ऋणदाताओं और बीमाकर्ताओं से वर्षों तक झूठ बोला।

जेम्स, जो एक डेमोक्रेट हैं, ने अनुरोध किया है कि ट्रम्प दंड में कम से कम 250 मिलियन डॉलर का भुगतान करें। साथ ही उनके परिवार को राज्य में व्यवसाय चलाने से प्रतिबंधित किया जाए। उधर ट्रंप का कहना है कि यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने बार-बार इसे खारिज करने की कोशिश की है।