नई दिल्ली: अमेरिका में कॉलेज छात्रों के बीच बढ़ती खाद्य असुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसी को देखते हुए अक्षय पात्र फाउंडेशन से प्रेरित एक पहल ‘No One Hungary’ (कोई भूखा न रहे) शुरू की गई है, जिसका मकसद छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास और वर्ल्ड फूड मूवमेंट के सहयोग से आयोजित किया गया। इस दौरान बताया गया कि अमेरिका में करीब 41 प्रतिशत कॉलेज छात्र भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है।
इस पहल के तहत न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, बोस्टन और कैलिफोर्निया के कई कॉलेजों में छात्रों को गर्म और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। अभी तक हर हफ्ते करीब 3700 थाली भोजन छात्रों तक पहुंचाया जा रहा है। इस योजना का लक्ष्य है कि साल 2030 तक पूरे अमेरिका में हर साल 10 लाख से ज्यादा भोजन परोसे जाएं।
इस कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने कहा कि किसी भी छात्र को पढ़ाई और भोजन के बीच चुनाव नहीं करना चाहिए। शिक्षा के साथ-साथ भोजन भी एक बुनियादी जरूरत है, और इसे सुनिश्चित करना जरूरी है। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों पर इस समस्या का ज्यादा असर देखा जा रहा है।
विनय प्रधान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह एक बेहद जरूरी कदम है। उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय से अपील की कि वे इस मिशन में आगे आकर सहयोग करें।
वहीं मशहूर शेफ विकास खन्ना ने कहा कि भारत में भोजन सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक भावना है जो लोगों को जोड़ती है। इसी सोच को अब वैश्विक स्तर पर अपनाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, यह पहल न सिर्फ भूख की समस्या को कम करने की कोशिश है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे भारतीय सोच और सहयोग से दुनिया के दूसरे देशों में भी बदलाव लाया जा सकता है।




