सत्ता का Final Round: बंगाल की 142 सीटों पर मतदान शुरू, भवानीपुर में Mamta और Shubhendu के बीच कांटे की टक्कर!

रिकॉर्ड की उम्मीद: PM Modi ने युवाओं और महिलाओं से वोट की अपील की, वहीं Kharge ने 'निडर' होकर मतदान करने को कहा, CM Mamata Banerjee खुद मतदान केंद्रों का जायजा ले रही हैं, यहां मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल है, निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,300 से ज्यादा कंपनियां तैनात, पहले चरण में हुए 93.19% मतदान के बाद आज फिर भारी वोटिंग की संभावना…

लोकतंत्र का महापर्व: पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड वोटिंग की अपील, क्या बंगाल तोड़ेगा अपना ही पुराना रिकॉर्ड? Photo Source : AIR/ File
लोकतंत्र का महापर्व: पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड वोटिंग की अपील, क्या बंगाल तोड़ेगा अपना ही पुराना रिकॉर्ड? Photo Source : AIR/ File

तहलका ब्यूरो।

कोलकाता/नई दिल्ली। West Bengal की राजनीति के लिए आज फैसले की घड़ी है। विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर Voting शुरू हो चुका है। सुबह से ही Kolkata समेत सात जिलों के मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें दिख रही हैं। यह चरण सत्ता के लिहाज से बेहद निर्णायक है। South Bengal के इन इलाकों में Trinamool Congress का मजबूत गढ़ है। वहीं BJP यहां सेंध लगाकर सत्ता की राह आसान करने की कोशिश में है। सुरक्षा के भी बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से रिकॉर्ड संख्या में वोट डालने की अपील की है। उन्होंने खासकर युवाओं और महिलाओं से आग्रह किया कि वे लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए बाहर निकलें। मोदी ने इसे समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव मजबूत करने का अवसर बताया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मैदान में सक्रिय हैं। वे अपने गढ़ भवानीपुर के मतदान केंद्रों का लगातार दौरा कर रही हैं। Bhawanipur में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है क्योंकि ममता के सामने Shubhendu Adhikari की कड़ी चुनौती है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी लोगों से बिना डरे प्रगतिशील मूल्यों और विकास के लिए वोट करने को कहा है।

चुनावी रैलियों में हुए दावों और प्रतिदावों ने इस मुकाबले को और धारदार बना दिया है। भाजपा इसे सत्ता विरोधी लहर बता रही है। उसका दावा है कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है। उधर तृणमूल कांग्रेस अपनी कल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्रीय गौरव के दम पर जीत का दावा कर रही है। कांग्रेस और वामपंथी दल भी खुद को सार्थक विकल्प बताकर अपनी जमीन तलाश रहे हैं। इन तमाम दावों के बीच सबकी नजर इस बात पर है कि क्या जनता पिछली बार का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी।

पहले चरण में बंगाल ने 93.19 प्रतिशत मतदान करके पूरे देश को हैरान कर दिया था। आज भी वैसे ही भारी मतदान की उम्मीद की जा रही है। मतदाताओं के मन में चाहे ममता बनर्जी को बरकरार रखने की चाहत हो या मोदी के चेहरे पर बदलाव की इच्छा, लेकिन लोकतंत्र के प्रति उनका उत्साह साफ दिख रहा है। बंगाल का यह चुनाव केवल हार-जीत का नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला है। शाम छह बजे तक ईवीएम में बंद होने वाला यह जनादेश चार मई को सबके सामने होगा। फिलहाल, बंगाल की जनता अपनी उंगली पर लगी स्याही से नया इतिहास लिखने को बेताब है।