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मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुक्रवार को

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा और मतदान होगा। इस सरकार के चार साल से अधिक के शासनकाल में पहली बार अविश्वास का प्रस्ताव लाया गया है। सदन में भाजपा के पास जो बहुमत है उसे देखते हुए इस प्रस्ताव के गिर जाने की संभावना है। देश के इतिहास में आज तक 26 बार सरकार के खिलाफ अविश्वास के प्रस्ताव लाए गए लेकिन केवल दो बाद सरकार गिरी।

पहला अविश्वास का प्रस्ताव 1963 में तत्कालीक प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ आया था। यह प्रस्ताव जेवी कृपलानी ने रखा था। उस समय कृपलानी ने किसान मज़दूर प्रजा पार्टी शुरू की थी। यह बाद में सोशलिस्ट पार्टी के साथ मिल गई और इस का नाम प्रजा सोशलिस्ट पार्टी हो गया। कृपलानी के प्रस्ताव पर इसके हक में 62 वोट पड़े और 347 सांसदों ने प्रस्ताव के विरोध में वोट डाले।

नेहरू के बाद लालबहादुर शास्त्री के तीन साल के छोटे से समय में विपक्ष तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया, लेकिन सफलता कभी नहीं मिली। शास्त्री की मृत्यु के बाद के दो साल इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहीं। उन दो सालों में उनके खिलाफ दो अविश्वास के प्रस्ताव आए।

यदि रिकार्ड की बात करें तो सबसे ज़्यादा 15 अविश्वास के प्रस्ताव इंदिरा गांधी के खिलाफ आए। सरकार के खिलाफ सबसे ज़्यादा प्रस्ताव मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद ज्योर्तिमय बासु लाए। उनके ये प्रस्ताव इंदिरा सरकार के खिलाफ थे।

अविश्वास  प्रस्ताव पहली बार 1978 में जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ सफल हुआ। उस समय मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे। उनके खिलाफ दो बार यह प्रस्ताव आया। 1978 में आए प्रस्ताव पर सरकार गिर गई थी।
नरसिंह राव की सरकार के खिलाफ भी तीन बार अविश्वास के प्रस्ताव आए। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी दो बाद इसका सामना किया। पहली बार सरकार गिरी पर दूसरी बार बच गए। 2008 में मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव नाकाम रहा था।

पीठ के फैसले के बावजूद ठप्प है कामकाज, दिल्ली सरकार ने बताया न्यायलय को

दिल्ली में प्रशासन के संबंध में संविधान पीठ के फैसले के बावजूद उसका कामकाज ठप्प पड़ा हुआ है और राज्य सरकार अधिकारियों के तबादले या नियुक्ति के आदेश भी नहीं दे पा रही। ये बताया अरविन्द केजरीवाल सरकार ने न्यायलय को।

न्यायमूर्ति ए . के . सीकरी और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने जवाब में कहा कि न्यायालय को स्थिति का ज्ञान है और चूंकि वह नियमित पीठ नहीं है , वह 26 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगी।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पी . चिदंबरम ने कहा, “सरकार का कामकाज पूरी तरह ठप्प है। संविधान पीठ के फैसले और उसमें सभी पहलुओं पर स्पष्टीकरण के बावजूद हम अधिकारियों की नियुक्ति नहीं कर सकते, उनका तबादला नहीं कर सकते। इन मुद्दों को जल्दी सुलझाने की जरूरत है।”

दिल्ली सरकार की ओर से ही पेश हुई वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि अधिकारी इस संबंध में हलफनामा दायर करने के इच्छुक नहीं थे , इसलिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हलफनामा दायर किया है।

जयसिंह ने कहा , ‘‘ मैं सिर्फ मामला स्पष्ट करना चाहती थी। ’’

भाषा रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन को लेकर विस्तृत दिशा – निर्देश तय किये थे।

उत्तरकाशी बस हादसे में 14 की मौत

उत्‍तराखंड के चंबा-उत्तरकाशी हाइवे पर गुरुवार को राज्य सड़क परिवहन निगम की एक बस के गहरी खाई में गिर जाने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गयी है। इस बस में 30 के करीब यात्री सवार थे। किरगनी के पास यह बस 250 मीटर गहरी खाई में गिर गयी।

हादसे में 16 लोग घायल हो गए हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गयी है । यह हादसा सूर्यधार के पास हुआ जब चालाक के नियंत्रण खो देने से बस करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई। प्रशासन और पुलिस अधिकारी सूचना मिलते ही घटनास्‍थल पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिए गए। हादसे ही जानकारी मिलने पर कांदेखाल और चम्बा थाना पुलिस के कर्मी मौके पर पहुंच गए और राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अग्निशमन विभाग की टीमें भी घटना स्थल के लिए रवाना हो गईं ।

मिली जानकारी के मुताबिक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं और आठ घायल यात्रियों को खाई से निकाल कर अस्पतालों में भेजा जा रहा है। चम्बा पुलिस लाइन हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर पहुंच चुका है। मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट कर कहा की ”चंबा-उत्तरकाशी मार्ग पर रोडवेज बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद सूचना मिली है। हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों को तत्काल उपचार के निर्देश दिए हैं। गंभीर रूप से घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स लाने के निर्देश दिए हैं।”

सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूपये की आर्थिक मदद तुरंत उपलब्ध करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन के टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।

दंतेवाड़ा मुठभेड़ में ७ नक्सली ढेर

पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई ने साझी कार्रवाई कर गुरूवार सुबह छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में ७ नक्सलियों को ढेर कर दिया। यह नक्सली उस समय ढेर किये गए जब सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ के दौरान गुरुवार सुबह उन्हें मार गिराया।

मिली जानकारी के मुताबिक जो सात नक्सली माये गए उनमें तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर हुई। सूचना मिले पर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई की। जबरदस्त गोलीबारी के बीच ७ नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। मौके से पुलिस को भारी मात्रा में नक्सलियों के हथियार भी मिले हैं।

अभी तक किसी सुरक्षा बल के घायल होने की खबर नहीं है। जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ की यह वारदात दंतेवाड़ा में तिमेनार की पहाड़ियों के पीछे गंगालूर थाना क्षेत्र में हुई है। दंतेवाड़ा एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गुरुवार तड़के ६ बजे ये मुठभेड़ हुई।

दंतेवाड़ा के नक्सल ऑपरेशन अधिकारियों ने इस मुठभेड़ और इसमें सात नक्सलियों के मरने की पुष्टि की है। मारे गए नक्सलियों के पास से आईएनएसएस राइफल, दो थ्री नॉट थ्री राइफल, एक 12 बोर राइफल और कुछ अन्य हथियार बरामद हुए हैं। नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया है।

काँगड़ा में मिग २१ दुर्घटनाग्रस्त

हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में बुधवार दोपहर एक मिग – २१ दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर है। यह मिग – २१ मेहरा पाली के पास हादसे का शिकार हो गया है। अभी इसके पायलट का कुछ पता नहीं चल पाया है की वो कहाँ है।

यह मिग २१ इंडियन एयरफोर्स का है।

काँगड़ा के पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक हादसे से पहले पठानकोट के एयर फाॅर्स बेस से उड़ा था और बाद में इसका स्टेशन से संपर्क टूट गया। अभी तक हादसे के बारे में कोइ और जानकारी नहीं मिल पाई है। काँगड़ा की पुलिस प्रमुख संतोष पटियाल ने हादसे की पुषिट की और कहा कि अधिकारी हादसा स्थल पर पहुँच रहे हैं। जिसके बाद ही ज्यादा जानकारी पता चल पाएगी।

लोगों ने बताया की उन्होंने खेतों में जलता हुआ मलवा देखा है।

जवाली के एसडीएम ने बताया की मिग में कितने लोग सवार थे इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। एसडीएम बलवान चाँद के मुताबिक इंडियन एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर मौके पर पहुँच गए हैं।

मनाली में बादल फटा, वाहन बहे, राजमार्ग बंद

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के प्रसिद्द पर्यटन स्थल मनाली में बुधवार सुबह ब्राण गाँव के पास बादल फटने भारी तबाही की खबर है। मिली जानकारी के मुताबिक बादल फटने के बाद आई बाढ़ से सड़क के किनारे खड़े कई वाहन तेज बहाव में बह गए हैं। यह घटना बुधवार सुबह करीब ३-४ बजे की है।

प्रदेश भर में पिछले कुछ दिन से लगातार बारिश जारी है। बुधवार को ब्राण क्षेत्र में बादल फटने से सड़क किनारे खड़े वाहन इसकी चपेट में आ गए। हालांकि अभी तक कितने वाहन इसकी चपेट में आए हैं इसकी संख्या का पता नहीं चल पाया है। कुछ वाहन मलबे में फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं।

हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की जानकारी नहीं है। नाले का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है, जिस कारण इस घटनास्थल के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक टीम मार्ग को बहाल करने में जुट गई हैं। एक अधिकारी ने फोन पर तहलका को बताया कि फिलहाल, नाले के साथ के मकानों को खाली करवाया गया है और लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ घरों को भी नुक्सान पहुंचा है।

ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें गिरीं, ५० लोग दबे, तीन शव मिले

ग्रेटर नॉएडा (वेस्ट) के थाना बिसरख इलाके के शाहबेरी गांव में मंगलवार देर रात एक निर्माणाधीन छह मंजिला इमारत साथ लगती चार मंजिला इमारत पर गिर गई। इस हादसे में ५० लोगों के दबने का आशंका है। अब तक तीन शव निकाले जा चुके हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं और दबे लोगों का जीवन बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। इस मामले में बुधवार सुबह बिल्डर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करने की सूचना है।

मिली जानकारी के मुताबिक इन दोनों इमारतानो में एक दर्जन से ज्यादा परिवार रह रहे थे। छोंकी इमारत का निर्माण चल रहा था उसमें बड़ी संख्या में मजदूर भी थे। अभी तक की ख़बरों के मुताबिक कमसे काम ५० लोगों के दबे होने की आशंका है। प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है की कितने लोग मलबे में दबे हो सकते हैं । हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।

मलबे के पत्रों को तोड़कर भीतर घुसने का रास्ता बनाया गया है ताकि ज़िंदा लोगों को बचाया जा सके। यह हादसा मंगलवार रात करीब ९.३० का है। गली संकरी गली होने के कारण एनडीआरएफ की टीम और ऐम्बुलेंस को घटना स्थल तक पहुंचने में परेशानी आई। पहले 6 मंजिल की इमारत ढही जो कि एक निर्माणाधीन इमारत पर जा गिरी। इस इमारत के हर फ्लोर पर पांच फ्लैट थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकल प्रशासन को रहात कार्यों के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि इसी जमीन पर अवैध बिल्डिंग का निर्माण सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा था। इमारत में घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई और मानकों का उल्लंघन किया गया था जिसके चलते बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त बिल्डिंग में कई मजदूर मौजूद थे।

इमारतों के गिरते ही के वहां भगदड़ मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और दबे हुए लोगों की निकालने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि मलबे में काफी लोग दबे हुए हैं। इसमें कई लोगों की मौत की आशंका भी जताई जा रही है।

सरकारी अधिकारीयों ने कहा कि अभी यह कहना मुश्किल है कि कितने लोग मलबे में हो सकते हैं। आसपास के लोगों से बातचीत के आधार पर माना जा रहा है कि कमसे काम ५० लोग दबे हो सकते हैं। एनडीआरएफ की टीम बचाव काम में जुटी है।

शारीरिक संबंध बनाने के लिए दोनों की मर्ज़ी ज़रूरी: कोर्ट

शादी का यह मतलब नहीं है कि कोई महिला अपने पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए हमेशा राजी हो। और ये भी ज़रूरी नहीं कि बलात्कार करने के लिए शारीरिक बल का इस्तेमाल किया ही गया हो।

ये कहा है दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने। इस न्याय पीठ ने ये भी कहा कि शादी जैसे रिश्ते में पुरुष और महिला दोनों को शारीरिक संबंध के लिए ‘ना’ कहने का अधिकार है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें वैवाहिक बलात्कार को अपराध बनाने की मांग की गई है।

पीठ ने कहा, ‘शादी का यह मतलब नहीं है कि शारीरिक संबंध बनाने के लिए महिला हर समय तैयार , इच्छुक और राजी हो। पुरुष को यह साबित करना होगा कि महिला ने सहमति दी है।’

अदालत ने एनजीओ मेन वेलफेयर ट्रस्ट की इस दलील को खारिज कर दिया कि पति-पत्नी के बीच यौन हिंसा में बल का इस्तेमाल या बल की धमकी इस अपराध के होने में महत्वपूर्ण कारक है।

एनजीओ वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध बनाने वाली याचिका का विरोध कर रहा है। उच्च न्यायालय ने कहा , ‘यह कहना गलत है कि बलात्कार के लिए शारीरिक बल का इस्तेमाल जरूरी है। यह जरूरी नहीं है कि बलात्कार में चोटें आई हो। आज बलात्कार की परिभाषा पूरी तरह अलग है।’

दुनिया के 100 सबसे महंगे सेलेब्स में अक्षय और सलमान

बॉलीवुड से अक्षय कुमार और सलमान खान ने एक बार फिर दुनिया के 100 सबसे महंगे सेलेब्स की लिस्ट अपनी जगह बनाई है। मगर हैरानी की बात ये है कि शाह रुख़ खान फोर्बेस की इस लिस्ट में शुमार नहीं हैं।

लिस्ट के अनुसार इस साल अक्षय कुमार ने 3.07 अरब की कमाई के साथ 76 पोजीशन पर हैं। पत्रिका ने बताया कि ‘टॉयलेट, एक प्रेम कथा’ और ‘पैडमैन’ जैसी हिट फिल्में देने के साथ ही अभिनेता ने करीब 20 ब्रैंड का प्रचार कर भी मोटी कमाई की.

फोर्ब्स के मुताबिक बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने इस साल 3.77 करोड़ डॉलर (लगभग 2.57 अरब रुपए) की कमाई की और फोर्बेस की लिस्ट में 82 पोज़ीशन पर रहे। सलमान की फिल्म टाइगर जिंदा है की सफलता से उनकी कमाई में इजाफा हुआ है. सलमान कई ब्रैंड एंडोर्समेंट से भी ख़ासी कमाई कर रहे हैं।

शाहरुख खान का नाम पिछले साल तक इस लिस्ट में था। 2017 में किंग ख़ान को फोर्ब्स की लिस्ट में 65वां स्थान मिला था। मगर इस साल वो दुनिया के 100 सबसे महंगे सितारों की लिस्ट से बाहर हो गए हैं।

फोर्बेस लिस्ट में टॉप पोजिशन पर काबिज अमेरिकी मुक्केबाज फ्लोयड मेवेदर की साल भर की कमाई 28.5 करोड़ डॉलर (लगभग 19.49 अरब रुपए) रही।

दूसरे नंबर पर जॉर्ज क्लूनी, तीसरे पर काइली जेनर, चौथे पर जुडी शेंडलीन और पांचवें पर ड्वेन जॉनसन हैं।

इसके अलावा सूची में फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो (10), पॉप स्टार कैटी पेरी (19), टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर (23), गायिका बियॉन्से नॉलेस (35), लेखिका जे के रॉलिंग (42) और गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड्स (66) स्थान पर हैं।

लिस्ट से एक बात साफ़ है कि अक्षय कुमार की फिल्में भले ही सलमान खान, आमिर खान और शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार्स की फिल्मों से कम बिजनेस करती हों। लेकिन इन तीनों खान्स से अक्षय कहीं ज्यादा कमाते हैं।

फोर्ब्स ने मुताबिक़ विश्व के इन 100 लोगों की पिछले 12 महीनों की कुल कमाई 6.3 अरब डॉलर (लगभग 4.31 खरब रुपए) है, जो कि इससे पिछले साल की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है. इस सूची में 11 ऐसे सितारे भी हैं जिनकी कमाई 10 करोड़ डॉलर (लगभग 6.83 अरब रुपए) से अधिक रही है।

राहुल की नई कार्य समिति में कुछ नए, कुछ पुराने चेहरे

कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के करीब सात महीने बाद राहुल गाँधी ने मंगलवार शाम पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण कमिटी कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) का पुनर्गठन कर दिया। इसमें वरिष्ठ पार्टी नेताओं को तरजीह देने के साथ कुछ युवा चेहरे भी शामिल किये गए हैं। इस २३ सदस्यीय समिति में किसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, सैलजा कुमारी भी शामिल किये गए हैं।

रविवार को ही कार्यसमिति के पुनर्गठन के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को अधिकृत किया गया था।

पार्टी के 84वें महाधिवेशन में वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कार्यसमिति के पुनर्गठन के लिए पार्टी अध्यक्ष को अधिकृत करने का प्रस्ताव पेश किया था जिसका अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्यों ने समर्थन किया था।

यदि कार्यसमिति पर नज़र दौड़ाई जाये तो जाहिर होता है की कुछ पुराने सदस्य लम्बे बक्त से इसमें बने हुये हैं। हालाँकि कुछ साल से पार्टी मामलों में तेजतर्रार ढांड से पक्ष रखने वाले दिग्विजय सिंह जैसे नेता बाहर हो गए हैं। मध्य प्रदेश में जिम्मा संभाल रहे कमल नाथ भी बाहर कर दिए गए हैं जिससे इस समभावना को बल मिला है की विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें जीतने की स्थिति में मुख्यमंत्री का पास भी दिया जा सकता है। इसी तरह सुशील शिंदे, वीके हरिप्रसाद और सीपी जोशी को भी बहार का रास्ता दिखा दिया गया है। जनार्दन द्विवेदी और मोहन प्रकाश भी नई कार्यसमिति में नहीं हैं।

मंगलवार शाम जारी की गयी सूची के मुताबिक कार्यसमिति में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, मोती लाल वोरा, गुलाम नबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, अहमद पटेल, अम्बिका सोनी, ओम्मन चांडी, तरुण गोगोई, सिद्धारमैया, आनंद शर्मा, हरीश रावत, कुमारी सैलजा, मुकुल वासनिक, अविनाश पांडे, किसी वेणुगोपाल, दीपक बाबरिया, ताम्रध्वज साहू, रघुवीर मीणा, गईखंगम और अशोक गहलोत।

इसके अलावा स्थाई आमंत्रित सदस्यों में भी कुछ युवा चेहरे शामिल किये गए हैं जिनमें रणदीप सुरजेवाला, ज्योतिर्दित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह, गौरव गोगोई, गुजरता के शक्तिसिंह गोहिल, राजीव सातव और कश्मीर में एक साल पहले तक पीडीपी के बड़े नेता तारिक हमीद करा, जो बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे को भी कार्यसमिति में जगह दी गयी है। करा २००२ में पीडीपी-कांग्रेस की सरकार में एक मौके पर वित्त जैसे अहम् महकमे के मंत्री रहे थे।

अठारह स्थाई आमंत्रितों में शीला दीक्षित, पी चिदंबरम, ज्योतिर्दित्या सिंधिया, बालासाहब थोराट, तारिक़ हमीद करा, पीसी चाको, जीतेन्द्र सिंह, आरपीएन सिंह, पीएल पुनिया, रणदीप सुरजेवाला, हिमाचल प्रदेश की आशा कुमारी, रजनी पाटिल, राम चन्दर कुंटिया, अनुग्रह नारायण सिंह, राजीव एस सातव, शक्तिसिन गोहिल, गौरव गोगोई और ए छेला कुमार शामिल हैं।

इसी तरह राहुल गांधी ने विशेष आमंत्रितों में भी कुछ नए चहेरे लिए हैं। इनमें हरियाणा के दीपेंद्र हुड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई, जितिन प्रसाद, अरुण यादव आदि शामिल हैं। दस विशेष आमंत्रितों में केएच मुनियप्पा, अरुण यादव, दीपेंद्र हुड्डा, जितिन प्रसाद, कुलदीप बिश्नोई के अलावा इंटक, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सेवा दाल के मुख्या समन्वयक को शामिल किया गया है।