Home Blog Page 1295

सबूतों के आधार पर होगा फैसला : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि भीमा-कोरेगांव हिंसा के मामले में सबूतों के आधार पर फैसला  होगा। सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने बहस के बाद पांचों कार्यकर्ताओं की नजरबंदी की तारीख १९ सितंबर तक बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत इतिहासकार रोमिला थापर और चार अन्य लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने  अदालत में कहा कि इनसे आरोपियों) देश में शांति भंग का खतरा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पांचों आरोपियों के खिलाफ पुणे पुलिस की ओर से जुटाई सामग्री की जांच की बात कही।

महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गयी है, उसके पास उससे जुड़े पुख्ता सबूत हैं। बहस के बाद  कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए १९ सितम्बर की तारीख तये की और कहा कि उसमें सरकार अपना पक्ष रखे जिसके लिए उसे २० मिनट का वक्त मिलेगा। कोर्ट ने पीड़ितों के लिए भी १० मिनट का समय निर्धारित किया।

नजरबंदी वाले मामले में कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया और माना जा रहा है कि बुधवार तक सभी कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट ही रहना होगा। मुख्य न्यायाधीश की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। मुख्य न्यायाधीश  ने कहा है कि हम सभी सबूतों को देखेंगे और फैसला लेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह सबूतों की जांच करेगा और अगर वे पुख्ता साबित नहीं हुए तो इस मामले को रद्द कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि इतिहासकार थापर ने महाराष्ट्र पुलिस की इन पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई में इस याचिका का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि हर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाना गलत प्रक्रिया है और इस मामले में भी याचिकाकर्ताओं को पहले निचली अदालत में जाना चाहिए था।

इस पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि अदालत स्वतंत्रता के बुनियादी अधिकार को कायम रखने के लिए इस याचिका पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक याचिकार्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भीमा-कोरोगांव हिंसा से पहले आयोजित यलगार परिषद की बैठक में इन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा नहीं लिया था। कहा कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में आए हैं।

अदालत में महाराष्ट्र सरकार के वकील तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि पांचों सामाजिक कार्यकर्ताओं को केवल भीमा-कोरेगांव हिंसा के मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस को जांच के दौरान इन लोगों के खिलाफ देश की शांति भंग करने की साजिश में शामिल होने के सबूत भी मिले हैं।

मुख्यमंत्री पर्रिकर बीमार; कांग्रेस बनाना चाहती है गोवा में सरकार

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पिछले कुछ महीने से गंभीर रूप से बीमार हैं। इस मुद्दे को लेकर राज्य में जहाँ जहाँ बीजेपी सरकार बचाने में लगी है वहीं कांग्रेस सरकार बनाने की जद्दो जहद कर रही है।

इसी सिलसिले में सोमवार को कांग्रेस के 14 विधायक राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने राजभवन पहुंचे. राज्यपाल के वहाँ मौजूद नहीं होने पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्वमंडल सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली चिट्ठी वहीं छोड़कर वापस लौट आया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक़ गोवा कांग्रेस के प्रमुख चंद्रकांत कावलेकर ने कहा, “हमने राज्यपाल को दो ज्ञापन सौंपे हैं और उनसे अनुरोध किया है कि 18 महीने के भीतर ही चुनाव से गुजरने की स्थिति फिर पैदा नहीं होनी चाहिए. जनता ने हमें पांच साल के लिए चुना है. अगर मौजूदा सरकार कार्य करने में सक्षम नहीं है तो हमें सरकार गठन का मौका दिया जाए.”

कावलेकर ने कहा, ‘राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन हमें सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया. आज उसका नतीजा देखिए कि गोवा में सरकार किस तरीके से चल रही है. सरकार होते हुए भी नहीं है. इसलिए हमने सरकार बनाने का दावा पेश किया है।”

सूबे में कांग्रेस के कुल 16 विधायक हैं, पार्टी के दावा है कि एक एनसीपी विधायक समेत उनके पास कुल 14 विधायकों का समर्थन है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने मुख्यमंत्री की सेहत पर हो रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि राज्य की लीडरशिप में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा मनोहर पर्रिकर ही गोवा के मुख्यमंत्री हैं और वो ही रहेंगे।

लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करा रहे हैं। गोवा के मुख्यमंत्री बीते 7 महीने से 3 बार इलाज के सिलसिले में अमेरिका जा चुके हैं।

सेना के जवानों में झगड़ा, ३ की मौत

हिमाचल के काँगड़ा जिला के धर्मशाला में सेना के जवानों के झगडे में  हुई गोलीबारी में तीन जवानों की मौत हो गयी। यह तीनों जवान पंजाब के बताये गए हैं। बताया गया है कि यह जवान सिख रेजिमेंट के हैं।

तहलका की जानकारी के मुताबिक सेना के एक जवान ने पहले अपने दो साथियों को गोली मारी और उसके बाद खुद को गोली मार ली। सेना के जिस जवान ने पहले अपने साथियों को गोली मारी उसका नाम जसबीर बताया गया है। तीनों की इस घटना में मौत हो गयी है।

यह तीनों पंजाब के रहने वाले बताये गए हैं। यह घटना देर रात की है। इसकी जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर छानबीन की। पुलिस को भी इस घटना की सूचना दी गयी है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि तीनों में झगड़े का क्या कारन था।  फिलहाल मामले की तफ्शीश की जा रही है। घटना के ज्यादा ब्योरे का इन्तजार है हालाँकि सेना के अधिकारीयों ने घटना की पुष्टि ज़रूर की है। यह भी बताया गया है कि तीनों जवानों की मौत हो गयी है।

मणिमहेश यात्रा पर तीन की मौत

पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान रविवार को तीन श्रद्धालओं की मौत हो गयी। हिमाचल के चम्बा जिला मुख्यालय पर देर शाम मिली जानकारी के मुताबिक राधाअष्टमी के शाही न्हौण पर तीन यात्रियों की मौत हो गई है जिनमें एक बच्ची भी है।

तहलका की जानकारी के मुताबिक बिहार से आए गणेश यादव की हड़सर नामक जगह पर अचानक

तबीयत बिगड़ गयी। गणेश यादव को इसके तुरंत बाद भरमौर अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद चंबा के जिला अस्पताल में रैफर कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने चम्बा पहुँचाने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। गणेश यादव अपने परिवार सहित मणिमहेश के पवित्र जल में डुबकी लगाने आए थे।

गणेश के अलावा चम्बा की सीमा से चम्बा की सीमा से लगते जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से अपने परिवार सहित आई एक तीन वर्षीय बच्ची की सुंदरासी के पास अचानक तबीयत बिगड़ गयी।

बच्ची को अचानक खून की उल्टी हुई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके अलावा चम्बा जिले के ही भरमौर घाटी के घरेड़ इलाके के विक्रमजीत सिंह की मणिमहेश यात्रा के दौरान आधे रास्ते में शिव घराट के पास अचानक हृदयगति रूकने से मौत हो गई।

प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को दस दस हजार फौरी राहत के रूप में प्रदान किए हैं।

टॉपर रेप मामले में एक मुख्य आरोपी पकड़ा

रेवाड़ी सीबीएसई टॉपर गैंगरेप मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीन प्रमुख आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में देश भर में बन रहे दवाब और आलोचना के बीच कुछ घंटे पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाये। सरकार ने इस मामले में लापरवाही के आरोप में रेवाड़ी के पुलिस प्रमुख  (एसपी) की ट्रांसफर कर उनकी जगह राहुल शर्मा को नया एसपी तैनात किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना के पांच दिन बाद जाकर पुलिस ने पहले मुख्या आरोपी को गिरफ्तार किया है। एक डॉक्टर और क्राइम स्पॉट के जमीन के मालिक को भी पुलिस ने रविवार सुबह गिरफ्तार किया था। इस तरह अब तक इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने

 दो और मुख्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

रविवार शाम पुलिस ने मुख्य आरोपी नीशू को गिरफ्तार कर लिया। उस पर इस घटना की साजिश रचने का आरोप है। एसआईटी प्रमुख नाजनीन भसीन ने बताया कि नीशू ने ही इस पूरे मामले की साजिश रची थी। ”नीशू ने रेप की साजिश रची, लैंड ऑनर को कमरे की जरूरत बताई। साजिश में शामिल डॉक्टर संजीव आखिरी तक आरोपियों के साथ था”।

पुलिस को डॉक्टर संजीव और दीनदयाल से पूछताछ में काफी जानकारी मिली है। इन दोनों के बयान की आधार पर ही मुख्य आरोपी नीशू को गिरफ्तार किया जा सका।

दो-चार कदम पीछे हटने को तैयार : अखिलेश

बसपा सुप्रीमो मायावती के बुआ-भतीजा और सम्मानजनक सीटें न मिलने पर अकेले चुनाव में जाने वाले ब्यान के कुछ ही घंटे के भीतर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा की ”गठबंधन के लिए हम दो-चार कदम पीछे हटने के लिए भी तैयार हैं”।

अखिलेश ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कहा कि गठबंधन ही यूपी में भाजपा  को रोक सकता है भले ही इसके लिए उन्हें दो चार क़दम पीछे क्यों न हटना पड़े”। टीवी चैनल एवीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश ने गठबंधन के लिए कांग्रेस से पहल करने को कहा क्योंकि वह एक राष्ट्रीय पार्टी है।  उन्होंने कांग्रेस से बड़ा दिल दिखाने की अपील की।

रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री उम्मीदवार कोई मुद्दा नहीं है। चुनाव नतीजे आने के बाद इसे तय कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों की बड़ी भूमिका होगी क्योंकि वही भाजपा का मुकाबला कर सकती है।

समाजवादी पार्टी अधयक्ष ने कहा कि जनता में गुस्सा है। इसलिए हर हालत में भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश में भाजपा  की हार हुई तो यह देश की सत्ता में वापस नहीं आएगी। अखिलेश ने बताया कि जिन्होंने 50 साल तक सत्ता में रहने की बात कही है, पता नहीं तब तक वे रहेंगे या नहीं लेकिन यह तय है कि देश की जनता अगले 50 हफ्तों में अपना फैसला सुनाने जा रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अखिलेश ने कार्यकर्ताओं के बीच कहा कि हमारी लड़ाई बीजेपी से है लेकिन उससे भी ज्यादा सामने लड़ाई में न दिखाई देने वाली आरएसएस से है। संघ की विचारधारा से समाजवादी विचारधारा ही लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जिस आरएसएस ने 70 सालों तक अपने मुख्यालय (नागपुर) पर तिरंगा न फहराया हो उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अखिलेश यादव ने कहा कि हमारा एजेंडा देश को बचाना है उसके लिए हम गठबंधन करेंगे।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए क्योंकि ईवीएम की विश्वसनीयता पर उंगली उठी है। चुनाव आयोग को निष्पक्षता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा इस बार चुनाव में किसान, बेरोजगारी, मंहगाई के मुद्दे से भाजपा को ध्यान नहीं भटकाने देंगे।  केन्द्र सरकार को चार साल हो गए कोई काम नहीं हुआ। समाजवादी पार्टी के कामों को ही वे अपना बताकर उद्घाटन-शिलान्यास कर रहे है।

लड़की को ‘एम्स’ शिफ्ट किया जाये : रिश्तेदार

रेवाड़ी गैंगरेप मामले में नया मोड़ आया है। पीड़िता के रिश्तेदारों ने उसकी हालत खराब बताते हुए उसे दिल्ली के ”एम्स” में शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से पीड़िता की स्टेटमेंट दुबारा लेने की भी मांग की है और कहा है कि जब पहली स्टेटमेंट ली गयी पीड़िता अर्धबेहोशी की हालत में थी। लड़की के पिता ने इसके लिए सम्बंधित अधिकारियों को कुछ देर पहले पत्र लिखा है।

इस बीच लगातार बड़ रहे दवाब के बीच पुलिस ने रेवाड़ी गैंगरेप मामले में एसआईटी ने एक डाक्टर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ उसने छात्र को अगवा करने के लिए इस्तेमाल किये वहां को भी बरामद करने का दवा किया है। अभी तक मुख्या आरोपी फरार हैं और पुलिस ने उनके फोटो जारी किये हैं।

इस बीच पीड़िता छात्रा की हालत अभी अच्छी नहीं है हालाँकि उसके डिप्रेसन में जाने के खतरे को देखते हुए चिकित्सक और पुलिस लोगों को उससे मिलने नहीं दे रही। चिकित्सक उसके स्वास्थ्य पर बराबर नजर रखे हुए हैं। इस बीच एसआईटी की टीम ने पीड़ि‍ता को सबसे पहले देखने वाले दीन दयाल उपाध्याय अस्‍पताल के डॉक्‍टर और ट्यूबवैल के मालिक को भी आपराधिक साजिश के मामले के तहत गिरफ्तार किया है। वैसे तीनों मुख्या आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।

राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुकी छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में पुलिस ने सेना के एक कर्मी सहित तीन आरोपियों की फोटो जनता के लिए जारी की हैं ताकि उनकी पहचान हो सके। इनके नाम पुलिस ने पंकज, निशु और मनीष बताए हैं। पुलिस ने कल ही आरोपियों को पकड़वाने में मदद करने वालों  को एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।

अगले चुनाव में भाजपा का सफाया होना तय : मायावती

कुछ रोज पहले कांग्रेस को भी महंगाई के मुद्दे पर घेरने वाली मायावती को लेकर कयासों के बीच रविवार को बसपा प्रमुख ने भाजपा पर करारा हमला किया और कहा कि भाजपा को हारने के लिए राष्ट्रीय गठबंधन ज़रूरी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही वे गठबंधन का हिस्सा बनेंगी अन्यथा अकेले चुनाव में जा सकती हैं।

लख़नऊ में अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने जहाँ भाजपा पर अटल बिहारी वाजपेयी की मौत को राजनीति के लिए भुनाने की कोशिश का आरोप लगाया वहीं आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव नजदीक देख भाजपा देश के लोगों का ध्यान बंटाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है। मायावती ने कहा कि  अगले चुनाव में भाजपा का सफाया होना तय है।

मायावती ने कहा कि भाजपा ओबीसी और  एससी-एसटी वर्ग से भेदभाव कर रही  है। ”केंद्र सरकार खाली पदों पर भर्तियां नहीं कर रही बस महापुरुषों का नाम लेकर युवाओं को बहलाने का प्रयास कर रही है। इसे लेकर जनता में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है”। मायावती ने कहा कि दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट को लेकर हुए भारत बंद में प्रदर्शन कर रहे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के युवाओं को जेल में डाल दिया गया। इससे भाजपा का पिछड़ा और दलित विरोधी चेहरा ही सामने आया है। ”भाजपा के लोग दोहरे चालचरित्र वाले लोग हैं। इनकी कथनी व करनी में बहुत अंतर है। इसलिए इन पर भरोसा करना अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसी बात है”।

बसपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के दलित शब्द के प्रयोग पर आपत्ति पर कहा कि हमारे संविधान में देश का नाम भारत है, लेकिन आरएसएस और भाजपा वाले इसे ”हिंदुस्तान” भी कहते हैं। ”जब उन्हें देश को हिंदुस्तान कहने से आपत्ति नहीं तो अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को दलित कहने से परहेज क्यों”? उन्होंने कहा कि आम भाषा में एससी-एसटी वर्ग के लिए दलित शब्द का ही इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा को हारने के लिए वे एक गठबंधन के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र में भाजपा सरकारें कई रणनीतियों से अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही हैं। ”भाजपा ने चुनाव वादों को पूरा नहीं किया है”। कहा अगले चुनाव में भाजपा का सफाया होना तय है। मायावती ने कहा कि बेरोजगार किसानों से किए गए वादों को नहीं निभाया गया और भाजपा अपने चुनावी वादों को भुला चुकी है।

मायावती ने कहा कि विदेशों से कालाधन लाने में भाजपा नाकाम रही है। नोटबंदी से देश में बेरोजगारी बढ़ी है और जीएसटी से व्यापारी वर्ग में बहुत नाराजगी है। भाजपा ने गलत नीतियों से 100 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। ”पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों ने जनता की कमर तोड़ दी और इससे जनता के सामने भाजपा की पोल खुली है। रसोई गैस की कीमतें बढ़ी हैं और छोटे उद्योग बंद हो गए हैं ”।

जेके पंचायत चुनाव ९ चरणों में बैलेट पेपर से

आखिर जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव की तारीखें घोषित कर दी गयी हैं। यह चुनाव ९ चरणों में होंगे और सबसे बड़ी बात यह है कि यह चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाएंगे।

रविवार को आधिकारिक तौर पर घोषित की गयी तारीखों के मुताबिक चुनाव का पहला चरण १७ को आखिरी ११ दिसंबर को होगा। दूसरा चरण २०, तीसरा २४, चौथा २७, पांचवां २९ नवम्बर, छठा पहली दिसंबर, सातवां ४, आठवाँ और आख़िरी चरण के वो ११ दिसंबर को पड़ेंगे।

घोषणा में बताया गया है कि ११ दिसंबर को चुनाव का आखिरी चरण पूरा होते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी . अभी तक नेशनल कांफ्रेंस समेत कुछ दाल इन चुनावों के वहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं। पृथकतावादी संगठनों ने इन चुनावों के बायकाट की लोगों से अपील की है लिहाजा देखना दिलचस्प होगा कि सरकार किस स्टार पर इन चुनावों को सफल कर पाती है।

सूबे में इस समय राज्यपाल का शाशन है और नए राज्यपाल के सामने एक बड़ी चुनौती इन चुनावों को सफतला और शांति से करवाने की है।

चिदंबरम, एंटनी, जयराम, आनंद को कांग्रेस कमेटियों की कमान

आखिर कांग्रेस संगठन के तौर पर पूरी तरह चुनाव मोड में आ गयी है। अध्यक्ष राहुल गांधी की सक्रियता देश के मुद्दों को लेकर बहुत तेजी से बड़ी है और मोदी सरकार के खिलाफ उनके तेबर बहुत तीखे हो गए हैं। राफेल से लेकर माल्या के मुद्दों पर वे लगातार न केवल ब्यान जारी करके बल्कि खुद मीडिया के सामने आकर पीएम मोड को टारगेट कर रहे हैं। अब पार्टी ने चुनाव के लिए विभिन्न समितियों का भी ऐलान कर दिया है।

कांग्रेस के मुताबिक पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को चुनाव घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष जबकि राजीव गौड़ा को संयोजक नियुक्त किया गया है। पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी को कॉर्डिनेशन कमेटी का अध्यक्ष और पूर्व केविनेट मंत्री जयराम रमेश को संयोजक नियुक्त किया है। पूर्व केन्दिर्य मंत्री आनंद शर्मा को प्रचार समिति का अध्यक्ष और पवन खेड़ा को संयोजक नियुक्त किया गया है।

पार्टी ने इससे पहले तेलंगाना के लिए भी कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया था। भक्त चरण दास को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। एएआईसीसी के सचिव पदों में भी बदलाव किया गया है। अरुणांचल प्रदेश के सचिव की जिम्मेदारी जेनिथ संगमा को दी गई है तो चार्ल्स पेगंरोप को मणिपुर का सचिव बनाया गया है। बेक्टर केशिंग को मेघालय का सचिव बनाया गया है।

उधर अमपारीन लिंगदोह को मिजोरम और प्रद्युद बरदोलोई को नगालैंड की जिम्मेदारी दी गई है। सुधीर शर्मा को जम्मू और कश्मीर का प्रभारी सचिव बनाया गया है तो सिरिवेल्ला प्रसाद को तमिलनाडु की जिम्मेदारी दी गई है। नाना पटोले को किसान खेत मजदूर कांग्रेस का चेयरमैन बनाया गया है।

ऐसे में कहा जा सकता है कि पिछले लोक सभा चुनाव में महज ४४ सीटरों पर सिमट जाने वाली कांग्रेस २०१९ के चुनाव के लिए अपनी ताकत संजोने में जुट गयी है। हाल के सर्वे में बताया गया है कांग्रेस राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भाजपा को पीछे छोड़ कर सरकार बना सकती है। एक और सर्वे में बताया गया है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में पीएम पद के लिए राहुल गांधी पीएम नरेंद्र मोदी से आगे चल रहे हैं।  ऐसे में भाजपा जहाना दवाब में हैं वही राहुल एक नए जोश के साथ भाजपा को टक्कट देने के लिए मैदान में उतरते दिखाई दे रहे हैं जिससे पार्टी कदर में भी सक्रियता बढ़ी है।