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किश्तवाड़ हादसे में मृतकों की तादाद १७ हुई

जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में शुक्रवार सुबह हुए सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या १७ हो गयी है। शुक्रवार दिन में एक मिनि बस चालाक के नियंत्रण खो देने से चिनाब नदी में जा गिरी थी। हादसे में १५ लोग घायल हैं जिनमें से कुछ की हालत अभी गंभीर बताई गयी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक गंभीर घायल ११ लोगों को एयरलिफ्ट कर जम्मू के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। हादसा किश्तवाड़ से १८ किलोमीटर दूर ठकुराई इलाके में सुबह पौने नौ बजे हुआ   जब केशवान से किश्तवाड़ की तरफ आ रही मिनी बस (जेके-१७-०६६२) ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गई और ३०० फुट गहरी खाई में जा गिरी। बस में ३० यात्री सवार थे। हादसे की बजह सड़क का ख़राब होना बताया गया है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने लोगों की जान बचाने के लिए पुलिस की मदद की और राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को ५०-५० हजार रुपए की मदद की घोषणा की है। किश्तवाड़ के उपयुक्त अंग्रेज सिंह राणा ने १७ लोगों के मौत की पुष्टी की है। उन्होंने कहा, ज्यादातर लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घायल ११ लोगों को जम्मू एयरलिफ्ट किया गया था उनमें से एक की हालत बेहद गंभीर थी जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में घायल हुए तीन यात्रियों को हेलीकॉप्टर की मदद से बचाया गया।

कोसली गैंगरेप पीड़िता से मिलीं महिला आयोग अध्यक्ष

राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुकी हरियाणा की १९ साल की लड़की के साथ गैंगरेप की घटना से लोगों में गुस्सा फ़ैल गया है। दुष्कर्म की शिकार यह लड़की खिलाड़ी भी रही है। कोसली गैंगरेप पर हरियाणा के एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने शुक्रवार शाम कहा कि तीनों आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने कहा है कि यह टना रेवाड़ी नहीं, महेंद्रगढ़ जिले की है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये दोनों जिलों की टीमें काम कर रही हैं। इस बीच राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने पीड़ित युवती से मुलाकात की है। उनके मुताबिक पीड़ित युवती की हालत ”स्टेबल” है। उन्होंने कहा कि  जो आरोपी हैं वह अपराधिक पृष्ठभूमि के रहे हैं इसलिए पीड़िता के परिवार वालों को सुरक्षा दी जाए, यह भी हम सुनिश्चित करेंगे।

सुमन ने बाद में पत्रकारों को बताया कि पुलिस टीमें बनाकर रेड मार रही है और आरोपी जल्द ही  गिरफ्त में होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि  बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार और भी सख्त होगी। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता का परिवार पुलिस की कार्यवाही से ”संतुष्ट है” और दोषियों को किसी सूरत में नही बख्शा जाएगा। ”मैंने पीड़िता से बात कर उसका साहस बंधाया है।”

इस बीच रेवाड़ी में पीड़ित लड़की के लिए इंसाफ के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदेश में दुसरी जगह भी लोगों ने इस घटनके विरोध में आवाज उठाई है। रेवाड़ी में गांव के लोगों ने पीड़ित परिवार वालों के साथ कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने इस मौके पर कहा कि लड़की को यदि इंसाफ नही मिला तो वे सड़कों पर उतरेंगे। पीड़ित युवती की मां ने कहा कि उन्हें कोई इंसाफ नहीं मिला। ”हम आरोपियो को फांसी की सजा चाहते हैं”।

गौरतलब है कि कॉलेज के लिए निकली युवती का कथित रूप से अपहरण करके उसके साथ गैंगरेप करने का आरोप है। इस मामले में तीन लड़कों पर गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि छात्रा सुबह घर से कोंचिंग के लिए निकली थी कि कनीना बस अड्डे के पास उसी के गांव के रहने वाली तीन युवक मिले। तीनों युवकों ने छात्रा को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देकर पानी पीने को कहा।   पानी में नशीला पदार्थ मिलाया हुआ था जिसके बात युवकों ने छात्रा को अगवा कर उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

इस बीच कोसली गैंगरेप पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य कुमारी शैलजा ने घाना को बेहद  निंदनीय बताते हुए आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हरियाणा ”रेप कैपिटल” बन गया है। ”प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है और गुंडे सरेआम सड़कों पर फिरते हैं। आम जन की उम्मीदों पर सरकार पूरी तरह से विफल रही है।”

रोहतांग, किन्नौर में मौसम का पहला हिमपात

मैदानों में भले अभी गर्मी हो, हिमाचल में बर्फबारी का सीजन शुरू हो गया है। अभी सितम्बर आधा ही बीता है कि रोहतांग और किनौर की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी शुरू हो गयी है। इस बीच मौसम बिभाग ने हिमाचल के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग ने शुक्रबार शाम बताया कि कुल्लू जिले के मनाली के नजदीक रोहतांग के ऊंचे दर्रों और किन्नौर में किन्नर कैलाश पर्वत पर मौसम का पहला हिमपात हुआ है। बर्फबारी से किन्नौर के पूरे क्षेत्र में तेज  ठण्ड का दौर शुरू हो गया है।

शीत मरुस्थल के नाम से जाने जाने वाले किन्नौर में बर्फबारी के बाद तापमान तेजी से गिरा है जिससे वहां ठण्ड बढ़ गयी है। इस बीच मौसम बिभाग ने हिमाचल के छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को शिमला में सुबह दो घंटे तक जमकर बारिश हुई थी हालाँकि दिन में मौसम साफ़ रहा और कुछ देर धूप भी निकली जिससे लोगों ने रहत की सांस ली।

हिमाचल में इस साल मॉनसून के सीजन में कांगड़ा और ऊना में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। राजधानी शिमला में भी सामान्य से 14 प्रतिशत अधिक तक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के दोबारा सक्रिय होने से शिमला, सोलन, सिरमौर, कुल्लू, मंडी और चंबा के अधिकांश क्षेत्रों में रविवार तक बारिश और ऊंचे पहाड़ों में बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 सितंबर तक हिमाचल में मौसम खराब रहेगा।

जम्मू कश्मीर में ८ आतंकवादी ढेर

जम्मू कश्मीर गुरूवार को सुरक्षण बालों के लिए बड़ी कामयाबी वाला दिन रहा। सूबे में आठ आतंकवादी मारे गए। विभिन्न घटनाओं में १२ सुरक्षा कर्मी भी घायल हुए हैं जिनमें एक एसडीपीओ भी शामिल है।

सभी आतंकवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए। सूबे के जम्मू संभाग के तहत रियासी जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादियों को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इससे पहले सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे केरन सेक्टर में तीन और सोपोर में हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था।

जम्मू के रियासी जिले में हुई मुठभेड़ में नगरोटा के पुलिस उपाधीक्षक समेत 12 सुरक्षाकर्मी घायल हो गये जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गे है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गयी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जैसे ही सोपोर क्षेत्र की घेराबंदी कड़ी की गई, आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सोपोर में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। शैक्षणिक संस्थानों को भी दिनभर के लिए बंद रखने के लिए कहा गया है। सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बताया गया कि सुरक्षा बलों ने जेईएम के 3 आतंकवादियों का पता लगाने के लिए बुधवार को अभियान शुरू किया जिसमें ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। इन आतंकवादियों को घेर लिया गया। आतंकवादियों की उम्र 18 से 22 साल के बीच थी।

आतंकवादी पकड़ा 

उधर उत्‍तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने कानपुर से हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) का एक आतंकवादी गिरफ्तार किया है। इस आतंकी के पकडे जाने से गणेश चतुर्थी पर संभावित एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी गयी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी की गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस और एनआईए की मदद से की गई। इस गिरफ्तारी को यूपी पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह के मुताबिक हिजबुल आतंकी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। कानपुर से एक आतंकी पकडा गया है। उन्होंने बताया कि यूपी एटीएस ने लोकल पुलिस की मदद से आतंकी को पकड़ा है। आतंकी ने अपना एक फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था जिसमें वो एक हथियार के साथ दिख रहा था। यह बात जानकारी में आने के बाद से ही एटीएस और पुलिस आतंकी की तलाश कर रहे थे और गुरूवार को आखिर वो धरा गया।

डुसु चुनाव की गिनती रुकी

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसु) के चुनाव की गिनती ईवीएम में खराबी के बाद रोक दी गयी है। इन चुनावों को राजनीति के नजरिये से भी बहुत अहम् माना जा रहा है। अंतिम गिनती के समय कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई दोनों अहम् अध्यक्ष और सचिव पदों पर अपनी प्रतिद्वंदी भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी के प्रत्याशियों से आगे चल रही थी। एबीवीपी ने उपाध्यक्ष और सह सचिव पदों पर बढ़त बनाई हुई थी। गिनती रोकने को लेकर एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि हार सामने देख एबीवीपी धांधली पर उतर आई है। सूचना है कि ईवीएम में खराबी की सूचना के बाद हुई तोड़-फोड़ के बाद आज के लिए गिनती रोक दी गयी है।

ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर डूसू के काउंटिंग सेंटर पर शीशे तोड़े गए हैं जिसके बाद  पुलिस फोर्स बढ़ाई गई है। सेक्रेटरी पोस्ट पर एक ईवीएम में 10 नंबर के बटन पर 40 वोट दर्ज दिखाए गए हैं जबकि मशीन में नोटा समेत सिर्फ 9 ही बटन थे जिसके बाद विवाद पैदा हो गया है। ६ ईवीएम में गड़बड़ी पाई गई है। डीयू प्रशासन अब इस मामले पर अगला निर्णय करेगा। फिलहाल वोटों की गिनती रोक दी गई है। सम्भावना है आगे की गिनती के लिए नई तारीख घोषित को सकती है। डीयू के मतदान गणना केन्द्र पर भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात किये गए हैं ताकि किसी तरह की हिंसा न हो।

डुसु चुनाव के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि चुनाव के नतीजे रोक दिए गए हैं। छह राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई दोनों अहम् अध्यक्ष और सचिव पदों पर आगे चल रहा था जबकि एबीवीपी की उपाध्यक्ष और सह सचिव पदों पर बढ़त थी। अभी गिनती पूरी नहीं हुई है। अभी यह साफ़ नहीं है कि नतीजे कब घोषित होंगे। आज ही होंगे या कल के लिए टाल दिए जायेंगे।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के लिए बुधवार को ४४.४० प्रतिशत मतदान हुआ था। मतदान के दौरान छात्रों के बीच छुटपुट झड़पों को छोड़कर मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा था। बुधवार को ५२ केंद्रों पर मतदान हुआ और मतदान के लिए ७६० इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया गया।

डूसू चुनाव के लिए इस बार चुनाव मैदान में कुल २३ प्रत्याशी उतरे थे। भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के अलावा सीवाईएसएस और आइसा के पैनल भी मैदान में थे।

संसद की सीसीटीवी फुटेज जाहिर करे सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस विजय माल्या मामले में भाजपा सरकार के खिलाफ पूरी तरह आक्रमक हो गयी है। भाजपा प्रवक्ता ने पहले आरोप लगाया कि कांग्रेस राहुल गांधी के लन्दन दौरे और माल्या के कनेक्शन पर सफाई दे लेकिन इसके कुछ मिनट बाद ही खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रेस के सामने आये और सवाल किया कि जेटली साफ़ करें कि क्या उनपर ”ऊपर से” दवाब था जिसके चलते उनकी जानते जुए भी ”ऑफेंडर माल्या” से मुलाकात हुई या उन्होंने यह जानकार भी कि वो लन्दन भागने वाला है फिर भी एजेंसियों को इस बारे में सूचित नहीं किया।

कांग्रेस ने दावा किया कि जेटली और माल्या के बीच संसद भवन परिसर में १५-२० मिनट तक बात हुई थी लिहाजा उस दिन की सीसीटीवी फुटेज जनता के सामने जाहिर की जाये। प्रेस कांफ्रेंस में राहुल के साथ पीएल पुनिया भी थे जिन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी आँखों से माल्या-जेटली को १५-२० मिनट तक गुफ्तगू करते देखा था।

गुरूवार को पहले भाजपा के तेजतर्रार प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लन्दन यात्रा माल्या मामले से जुडी है। उन्होंने कुछ दस्तावेजों के जरिये यह भी प्रमाणित करने की कोशिश की कि वास्तव में माल्या को कांग्रेस सरकार के समय से संरक्षण रहा है। उनहोंने राहुल को चुनौती दी कि वे हिम्मत है तो प्रेस कांफ्रेंस करके उनकी आरोपों का जवाब दें। संबित ने गांधी परिवार पर माल्या को आशीर्वाद देने का आरोप लगया था।

लेकिन १५ मिनट भी नहीं बीते थे कि खुद राहुल गांधी प्रेस कांफ्रेंस करने आये और जेटली पर कई आरोप लगाए। राहुल ने सवाल किया कि खुद स्वीकार कर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है की वे ”चलते फिरते” माल्या से मिले। राहुल ने सवाल किया कि जब जेटली को माल्या ने बताया कि वे लन्दन जा रहा है तो जेटली ने इस पर चुप्पी क्यों साध ली।  ”क्यों नहीं उन्होंने” सरकारी एजेंसियों को इसकी जानकारी दी ?  राहुल ने जेटली से पूछा – ”क्या आपपर ऊपर से किसे तरह का दवाब था।”

पुनिया ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि उस दिन उनहोंने अपनी आँखों से जेटली और माल्या को १५-२० मिनट तक संसद परिसर के एक कोने में गुफ्तुगू करते देखा था। ”इसके बाद दोनों बेंच पर बैठ गए।” उधर राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस में जेटली के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि उन्हें सच बताना चाहिए।

आशु भाई उर्फ़ गुरूजी हिरासत में

दुष्कर्म का आरोप झेल रहे आशु भाई उर्फ़ गुरूजी उर्फ़ आसिफ खान को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरूवार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उसे पिछले कई दिन से तलाश कर रही थी .उसकी एक भक्त रही गाजियावाद की महिला ने उस पर लम्बे समय से शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है।

पिछले लम्बे समय से आशु भाई अपने आश्रमों से लोगों को संकट से मुक्ति दिलाने का धंधा चला रहा था और अब खुद संकट में फंस गया है। वह खुद को ज्योतिषचार्य, हस्तरेखा विशेषज्ञ और काले जादू का महारथी प्रचारित करता था। गाजियावाद की एक महिला के आरोपों के मुताबिक उसने न सिर्फ  उसका यौन उत्पीड़न किया बल्कि उसकी बच्ची के साथ भी छेड़छाड़ की।

अभी तक जिस आशु भाई उर्फ़ गुरूजी को उसके भक्त हिन्दू संत मान रहे थे वास्तव में टीवी चैनलों ने खोजकर उसे मुस्लिम बताया है। उसका नाम वोटर लिस्ट में आसिफ खान है। वोटर लिस्ट पर उसकी तस्वीर इसकी गबाही है। वोटर लिस्ट में उसका नाम आसिफ खान पुत्र इदहा ख़ान लिखा है। वोटर लिस्ट में ठीक नीचे बेटे समर खान की भी तस्वीर लगी है।

निजी टीवी चैनल ‘आज तक’ के मुताबिक आशु भाई गुरुजी ने आसिफ खान बनकर अपने गोरखधंधे की शुरूआत साल 1990 में की। आशु 1990 तक दिल्ली के वजीरपुर की जेजे कॉलोनी में रहता था।  मगर साल 2018 आते आते वो करोड़ों का मालिक बन गया। आशु के पास सिर्फ करोड़ों रुपये ही नहीं बल्कि कई महंगी कारें भी हैं। सराय रोहिल्ला के पदम नगर इलाके में अपने धंधे शुरूआत की। आशु भाई गुरुजी ने दूसरों का भविष्य बताने का धंधा शुरू किया। जल्द ही आशु भाई गुरुजी को अपना धंधा बंद करना पड़ा। क्योंकि आशु के घर का नौकर उसके 50 लाख रुपये लेकर भाग गया था।

बाद में आशु (आसिफ खान) पदम नगर से निकलकर रोहिणी इलाके में अपना धंधा फिर से शुरु किया। उसका धंधा इतना फला फूला कि अब आलम ये है कि दिल्ली के कई इलाकों में बाबा की करोड़ों की प्रापर्टी है जिसमें प्रीतम पुरा के तरुण एंकलेव में मकान, रोहिणी सेकटर 7 में आश्रम और साउथ दिल्ली के हौज़खास जैसे पॉश इलाके में ऑफिस है।

सोपोर मुठभेड़ में दोनों आतंकी ढेर

कश्मीर के बारामुला इलाके में गुरूवार सुबह से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बालों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। अभी मुठभजेड जारी है। बारामुला जिले के सोपोर इलाके में सुबह आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिलने पर सुरक्षा बलों ने सोपोर के आरमपोरा इलाके में सुबह चार बजे के करीब पहले ाताबकवादियों की मौजूदगी वाले  इलाके की घेराबंदी की और फिर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हालांकि उसी वक्त आतंकियों ने गोलियां  दीं। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जबरदस्त तरीके से जवाब दिया। पांच घंटे बाद आखिर सुरक्षा बालों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया है।

छिपे आतंकवादियों ने रहे सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकियों के मारे जाने के बाद ऑपरेशन खत्म हो गया है  नहीं इसकी पक्की जानकारी नहीं है। खबर है कि सुरक्षा बल दूसरी गोलियां न चलने के कारण मान रहे हैं कि दो ही आतंकवादी थे। उनके शव अभी ड्रोन से ही देखे गए हैं और सुरक्षा बल उन्हें जल्दी बरामद कर लेंगे।

एनकाउंटर  को देखते हुए सोपोर जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को आज के लिए बंद करने का पहले ही ऐलान कर दिया था। त्राल में श्रीनगर-बारामुला रेल सेवा को भी फिलहाल स्थगित रखा गया है। अधिकारियों ने दो आतंकवादियों के मरने की पुष्टि की है।

माल्या मामले पर इस्तीफा दें जेटली : राहुल

विजय माल्या के क़र्ज़ चुकाने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने  के दावे के बाद भाजपा घिर गयी है और कांग्रेस ने इन दावों पर के बाद भाजपा और मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला किया है। खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसे ”बहुत गंभीर” मामला बताते हुए पूरे स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए जैटली से इस्तीफे की मांग की है। दिलचस्प यह है कि खुद अरुण जेटली कह रहे हैं कि माल्या उनसे ”चलते-फिरते मिला था” लेकिन उन्होंने माल्या से किसी प्रस्ताव पर कोइ चर्चा नहीं की थी।

गौरतलब है कि माल्या ने लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचने पर संवाददाताओं को बताया कि उसने ”मंत्री जेटली से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने का प्रस्ताव किया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैंकों के करीब ९००० करोड़ रुपए के कर्ज की अदायगी नहीं करने के आरोपी भगोड़े व्यापारी विजय माल्या के दावे को  बहुत गंभीर बताते हुए कहा –  ”पीएम मोदी को जांच का आदेश देना चाहिए”।

गांधी ने अपने ट्वीट में कहा – ”लंदन में माल्या की ओर से लगाए गए बेहद  गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रधानमंत्री को तत्काल निष्पक्ष जांच का आदेश देना चाहिए। जब तक जांच चलती है तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से हट जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि कांग्रेस पहले ही यह सवाल किया है कि माल्या के बारे में पूरी जानकारी होने के बावजूद उसे देश के बाहर क्यों जाने दिया गया ? किसने यह किया? पार्टी ने यह भी पूछा कि जेटली जब संसद में माल्या के विषय पर बोले थे तब उन्होंने इस कथित मुलाकात के बारे में क्यों संसद को  नहीं बताया? वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्री ने जब माल्या के मुद्दे पर संसद में बयान दिया तो उन्हें माल्या के साथ मुलाकात का उल्लेख करना चाहिए था।’ उन्होंने कहा, सिर्फ वित्त मंत्री यह बता सकते हैं कि उन्होंने संसद को इस बारे में क्यों नहीं बताया?

उधर पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि  माल्या ने दो चीजे कही हैं। पहली कि उसने वित्त मंत्री से व्यवस्थित ढंग से मुलाकात की थी और दूसरी यह कि उसने मामले को सुलझाने की पेशकश की थी। इस मामले का पूरा खुलासा होना चाहिए। ”व्यापक स्पष्टीकरण आना चाहिए और व्यापक जांच होनी चाहिए।”

सिंघवी ने सवाल किया – ”जब बैंकों को मालूम था, वित्त मंत्रालय को मालूम था, पूरी सरकार को मालूम था और माननीय प्रधानमंत्री को मालूम था कि माल्या पर इतना बड़ा कर्ज बकाया है। ऐसे में उसे देश से बाहर क्यों जाने दिया गया। यह बुनियादी सवाल है जिसका उत्तर पूरा देश जानना चाहता है।”

फिर खुला सिद्धू के खिलाफ मामला

हाल ही में पाकिस्तान में वहां के आर्मी चीफ के गले मिलने से देश भर में चर्चा में रहे पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को १९८८ में पंजाब के पटियाला में रोड रेज केस (गैर इरादतन हत्या) में सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को बड़ा झटका लगा है।  सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर फिर से परीक्षण करने का फैसला किया है।  सर्वोच्च न्यायालय ने सिद्धू के खिलाफ इस मामले पर फिर से परीक्षण करने का फैसला किया है।

सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला इस फैसले पर एक याचिकाकर्ता की पुनर्विचार याचिका पर आया है और वह सजा पर विचार करने को तैयार हो गया है। कोर्ट ने सिद्धू को इस मामले में नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि इसी साल १५ मई को सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस जे चेलामेश्वर की बेंच ने सिद्धू को एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।  कोर्ट ने कहा था कि गुरनाम सिंह की मौत के लिए सिद्धू को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। वैसे यह मामला 30 साल पुराना यानी १९८८ का है। कोर्ट ने कहा था कि सिद्धू की गुरनाम से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। घटना में कोई हथियार भी इस्तेमाल नहीं हुआ था। बेंच ने कहा था कि  इस आधार पर हम मानते हैं कि एक हजार रुपये का जुर्माना न्याय देने के लिए ठीक होगा।

अब सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने इस मामले में उपरोक्त निर्देश जारी किया है। जाहिर है राजनितिक रूप से इससे सिद्धू के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।