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एमपी में भाजपा ने ३७ विधायकों का टिकट काटा

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए १७७ प्रत्याशियों की जो पहली सूची जारी की है उसके मुताबिक ३५ विधायकों और दो मंत्रियों का पत्ता साफ़ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की भेजी सूची को पार्टी आलाकमान ने मंजूर कर लिया।
सूबे में इसी महीने मतदान होना है। भाजपा ने जिन दो मंत्रियों का टिकट काटा दिया वे माया सिंह और गौरीशंकर शेजवार हैं। मुख्यमंत्री बुधनी से चुनाव लड़ेंगे। पिछली बार उनहोंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। हो सकता है दूसरी सूची में वे किसी और सीट से भी चुनाव लड़ें। विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पहली सूची दिल्ली मुख्यालय से जारी की।
पार्टी ने ३५ विधायकों को टिकट नहीं दिया है। माना जाता है उनका टिकट काटने के पीछे बजह उनकी जीत की काम सम्भाना थी। पार्टी ने मंत्री माया सिंह की जगह पार्षद सतीश सिकरवार को मैदान में उतारा है। माया ग्वालियर पूर्व से चुनाव लड़ती रही हैं। मुरैना से रुस्तम सिंह, श्योपुर से दुर्गालाल, लहार से रशल सिंह, गोहद से लाल सिंह आर्य और विजयपुर से सीताराम को टिकट मिला है। दतिया से नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिला है। मिश्रा का नाम विवादों में घिरा रहा था। एक और मंत्री गौरी शंकर सेजवार को भी टिकट नहीं दिया गया हालांकि उनकी जगह उनके बेटे को टिकट थमाया गया   है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई जो ९ नवंबर तक चलेगी। मध्यप्रदेश में २८ नवंबर को एक ही चरण में चुनाव होंगे। मध्यप्रदेश में कुल २३० विधानसभा सीटें हैं और भाजपा प्रदेश में लगातार 15 साल से सत्ता में है।

राफेल ओपन एंड शट केस : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला करते हुए कहा कि राफेल की जांच हो गई तो पीएम मोदी बच नहीं पाएंगे। राहुल ने कहा पीएम मोदी  सीधे रूप से इस मामले से जुड़े हुए हैं। ”यह एक ओपन एंड शट केस है”। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया कि डसॉ के सीईओ झूठ बोल रहे हैं और सवाल किया – ”वे किसे बचा रहे हैं”?
राहुल ने कहा कि राफेल में सबकुछ साफ-साफ है।  ”सरकार विमानों की कीमत का खुलासा क्यों नहीं कर रही है”। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दसॉ ने अनिल अंबानी की कंपनी में २८४ करोड़ रुपये का निवेश किया। अनिल अंबानी ने उसी पैसे के साथ जमीन खरीदी। ”यह साफ है कि दसॉ के सीईओ झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने घाटे वाली कंपनी में २८४ करोड़ रुपये का निवेश क्यों किया”? राहुल ने कहा ”घूस की पहली २८४ करोड़ रुपए की किस्त अनिल अंबानी को मिली है”।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राफेल की कीमत पर देश भर में सवाल उठ रहे हैं। ”सुप्रीम कोर्ट ने कीमत की जानकारी मांगी है। लेकिन सरकार कह रही है कि गोपनीय होने की वजह से नहीं बता सकते।  फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे कहा है कि राफेल की कीमत गोपनीय समझौते का हिस्सा नहीं है”। राहुल ने कहा कि राफेल डील की वजह से ही सीबीआई के चीफ को हटाया गया क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी के बीच में पार्टनरशिप थी।
गांधी ने राफेल की कीमत नहीं बताने पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सीक्रेट पैक्ट में प्राइस हो ही नहीं सकती। ”देश के लोगों का हक है विमान की कीमत जानना। मनोहर पर्रिकर (पूर्व रक्षा मंत्री) भी कह चुके हैं कि राफेल का एग्रीमेंट उन्होंने नहीं बदला। पर्रिकर देश को बताना चाहते थे कि राफेल का सौदा उन्होंने नहीं मोदीजी ने किया है”।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष इस मामले की जांच के लिए जेपीसी की मांग करता है। ”लेकिन हमें पूरा शक है कि मोदी सरकार इसकी जेपीसी से जांच नहीं करवाने देगी। ”प्रधानमंत्री को टेंशन है, उन्हें नींद नहीं आ रही और रात को सो नहीं पा रहे हैं”। राहुल ने कहा कि राफेल की जांच हो गई तो पीएम मोदी बच नहीं पाएंगे। ”ये सौदा पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को ३०,००० करोड़ का फायदा पहुंचाने के लिए किया। राफेल सौदा ओपन और शट केस है”।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की यह जनता को बताया जाए कि ”सीबीआई चीफ को क्यों हटाया गया? प्रधानमंत्री राफेल की जांच से डर गए, इसलिए सीबीआई डायरेक्टर को हटाया गया। डायरेक्टर को इसलिए हटाया गया क्योंकि राफेल में बड़े लोगों के फंसने की तैयारी है। प्रधानमंत्री अगर शामिल नहीं थे तो कहते कि जांच करो, लेकिन वे चुप हैं”।
राहुल ने शुक्रवार को फिर दोहराया कि मीडिया पर काफी दबाव है और पत्रकारों को डराया जा रहा है। गांधी ने कहा कि पहले दसॉ ने कहा था कि अनिल अंबानी की कंपनी के पास जमीन थी, इसलिए उनके साथ सौदा किया गया। अब सच सामने आया है कि जमीन तो दसॉ ने अपने पैसे से खरीदी। नुकसान में चल रही आठ लाख रुपये की कंपनी में २८४ करोड़ रुपये दसॉ ने क्यों डाले”?

उल्फा ने कहा, हमने नहीं की हत्याएं

असम के तिनसुकिया के खेरोनी में गुरुवार रात पांच लोगों की हत्या के बाद वहां गुस्सा फूट पड़ा है और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस हत्याकांड का आरोप उल्फा (इंडिपेंडेंट) पर लगा है लेकिन उसने शुक्रवार को इस घटना में शामिल होने से इंकार किया है। घटना के विरोध में १२ घंटे के बंद की काल ऑल असम बंगाल यूथ स्टूडेंट्स फेडरेशन दी गयी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तिनसुकिया जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। गुरूवार रात खेरोनी में पांच लोगों की गोलियां मार कर हत्या कर दी गई जिसके बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हत्या का आरोप अपने ऊपर लगने के बाद उल्फा (इंडिपेंडेंट) ने बाकायदा एक प्रेस रिलीज जरी कर सफाई दी है कि वह इस घटना के पीछे नहीं है। पुलिस को हालांकि, संदेह है कि हमलावर उल्फा (इंडिपेंडेंट) उग्रवादी संगठन से जुड़े थे।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मारे गए पांच में से तीन एक ही परिवार के थे। घटना के मुताबिक आधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने ढोला-सादिया पुल के करीब गांव में रात करीब आठ बजे इन लोगों को घर से बाहर बुलाया और अंधाधुंध फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। बाद में वे फरार हो गए।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने घटना की कड़ी निंदा की है।
मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी मासूम लोगों की हत्या की निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि घटना के जिम्मेवार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों तपन गोगोई और केशव महंत को डीजीपी कुलाधार साइकिया के साथ मौके पर जाने के निर्देशअसम के तिनसुकिया के खेरोनी में गुरुवार रात पांच लोगों की हत्या के बाद वहां गुस्सा फूट पड़ा है और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस हत्याकांड का आरोप उल्फा (इंडिपेंडेंट) पर लगा है लेकिन उसने शुक्रवार को इस घटना में शामिल होने से इंकार किया है। घटना के विरोध में १२ घंटे के बंद की काल ऑल असम बंगाल यूथ स्टूडेंट्स फेडरेशन दी गयी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तिनसुकिया जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। गुरूवार रात खेरोनी में पांच लोगों की गोलियां मार कर हत्या कर दी गई जिसके बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हत्या का आरोप अपने ऊपर लगने के बाद उल्फा (इंडिपेंडेंट) ने बाकायदा एक प्रेस रिलीज जरी कर सफाई दी है कि वह इस घटना के पीछे नहीं है। पुलिस को हालांकि, संदेह है कि हमलावर उल्फा (इंडिपेंडेंट) उग्रवादी संगठन से जुड़े थे।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मारे गए पांच में से तीन एक ही परिवार के थे। घटना के मुताबिक आधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने ढोला-सादिया पुल के करीब गांव में रात करीब आठ बजे इन लोगों को घर से बाहर बुलाया और अंधाधुंध फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। बाद में वे फरार हो गए।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने घटना की कड़ी निंदा की है।
मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी मासूम लोगों की हत्या की निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि घटना के जिम्मेवार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों तपन गोगोई और केशव महंत को डीजीपी कुलाधार साइकिया के साथ मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस घृणित अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट में कहा – ”कहीं यह हमला राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जुड़े घटनाक्रम से संबंधित तो नहीं था। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है”।
दिए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस घृणित अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने  ट्वीट में कहा – ”कहीं यह हमला राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जुड़े घटनाक्रम से संबंधित तो नहीं था। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है”।

गला घोंट कर की थी खशोगी की हत्या !

अमेरिका के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या गाला गोंट कर की गई थी ? तुर्की के एक शीर्ष अभियोजक की बात पर भरोसा करें तो इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करते ही खशोगी का गला घोंट कर उनकी हत्या कर दी गई। उनके मुताबिक उसके बाद पत्रकार के पार्थिव शरीर के टुकड़े  कर दिए गए।
अभियोजक के दावे के मुताबिक यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्तांबुल के प्रमुख अभियोजक इरफान फिदान के कार्यालय ने बयान जारी करके कहा कि सच का खुलासा करने की तुर्की की पूरी कोशिश के बावजूद सऊदी अरब के प्रमुख अभियोजक अल-मोजेब के साथ चर्चा में ”ठोस नतीजा” नहीं निकला। किसी तुर्की अधिकारी की तरफ से यह पहली सार्वजनिक पुष्टि है कि खशोगी की हत्या गला घोंटकर की गयी थी और शरीर के टुकड़े कर दिए गए।
यह ब्यान सऊदी अरब के मुख्य अभियोजक सऊद अल-मोजेब के इस्तांबुल के तीन दिन के दौरे के ख़त्म होते ही सामने आया है।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प पत्रकार खशोगी के हत्या को लेकर गंभीर परिणाम की चेतावनी दे चुके हैं। तुर्की खशोगी की हत्या के आरोप में सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए १८ लोगों के प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है और सऊदी अरब पर खशोगी के अवशेषों के बारे में सूचना मुहैया कराने का भी दबाव बना रहा है।
याद रहे अपने विवाह संबंधी दस्तावेजों को लेकर खशोगी वाणिज्य दूतावास गए थे लेकिन उसके बाद ही उनके बारे में कोइ खबर नहीं मिल सकी थी। यह माना जाता है कि चूँकि खशोगी सऊदी अरब के शाही परिवार के आलोचक माने जाते थे, इसी कारण उनकी हत्या कर दी गयी। इस समय खशोगी  निर्वासन में अमेरिका में रह रहे थे। तुर्की आरोप लगता रहा है कि सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के एक करीबी कथित तौर पर हत्या पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे हैं। दुनिया भर में खाशोगी की हत्या की भर्त्सना की गयी है।

किश्तवाड़ में भाजपा सचिव, भाई की हत्या

जम्मू कश्मीर में गुरूवार रात दो अज्ञात हमलावरों ने किश्तवाड़ में भाजपा के प्रदेश सचिव और उनके भाई की हत्या कर दी। उनपर उस समय गोलियों की बौछार कर दी गयी जब वे दूकान बंद करके घर जा रहे थे।  तहलका की जानकारी के मुताबिक किश्तवाड़ में इस घटना के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। आशंका है कि यह आतंकवादी कार्रवाई है।
इस हमले में भाजपा सचिव अनिल परिहार और उनके सेज भाई अजीत परिहार दोनों की मौत हो गयी है . यह हमला रात करीब ८ बजे के आसपास किया गया। हत्यारों की अभी पहचान नहीं हुई है। पूर्व उप मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। तहलका से फोन पर बातचीत में सिंह ने इसे कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया। उधर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। पूर्व मुख्यमंत्री उम्र अब्दुल्लाह ने भी ट्वीट करके हत्या की निंदा की।
मिली जानकारी के मुताबिक दोनों पर गोलियों से हमला किया गया और इस हमले में भाजपा सचिव अनिल की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि भाई अजीत गंभीर रूप से घायल हो गए हालांकि बाद में उनकी भी मौत हो गयी है। जानकारी के मुताबिक हमलावर संख्या में दो थे और उनके पास हथियार थे। हमलावर दोनों की हत्या करने के बाद फरार हो गए और अँधेरे के कारण उनकी फिलहाल खोज नहीं हो सके है।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद तनाव को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है। अनिल प्रदेश भाजपा के सचिव थे। प्रदेश भाजपा की प्रवक्ता दरख्शां अंद्राबी ने भी तहलका से बातचीत में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।

राहुल-नायडू का ‘महागठबंधन’

गुरूवार का दिन २०१९ के लोक सभा चुनाव से पहले विपक्ष के लिए एक यादगारी चित्र का दिन था। चित्र में थे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और आंध्र प्रदेश में तेलगु देशम पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू। कांग्रेस के विरोध की राजनीति के लिए जाने-जाने वाले नायडु की राहुल के साथ इस  बैठक से निश्चित ही भाजपा खेमे में चिंता पसरी होगी।
भाजपा के लिए महागठबंधन बड़ी चुनौती हो सकता है, यह हाल के कुछ उपचुनावों के नतीजों से जाहिर हुआ है। आज नायडू ने एनसीपी के प्रमुख शरद पवार और नेशनल कांफ्रेंस के चेयरमैन फ़ारूक़ अब्दुल्ला से भी मुलाकात की लेकिन बड़ी सुर्खियां बटोरीं राहुल से उनकी मुलाकात ने। और जब दोनों की साझी प्रेस कांफ्रेंस में एक पत्रकार ने संभावित नेतृत्व पर सवाल पूछा तो नायडू ने उन्हें लगभग झिड़कते हुए कहा कि इसकी चिंता न करें, देश की चिंता करें। राहुल ने भी कहा – ”सेंसेशन न खोजें, देश की सोचें”।
और दोनों बड़े नेताओं की मुलाकात के बाद प्रेस कांफ्रेंस में दोनों का पूरा फोकस भी ”देश” और ”भाजपा विरोध” पर रहा। एक सी बोली में राहुल-नायडु ने कहा – देश का लोक तंत्र खतरे में है, देश के अहम् संस्थान खतरे में हैं, आरबीआई खतरे में है, सीबीआई खतरे में है, न्यायिक व्यवस्था खतरे में है और सबदे ज्यादा देश खतरे में है। ”इन्हीं मुद्दों पर हम साथ आएंगे। भाजपा देश के लिए खतरा बन गयी है। हम सभी मिलकर भाजपा को बाहर करेंगे। कांग्रेस और टीडीपी साथ हैं ”।
राफेल इस प्रेस कांफ्रेंस में भी बड़े मुद्दे के रूप में उभरता दिखा। नायडू ने भी माना कि राहुल ने इस मुद्दे को फोरफ्रंट पर उभारा है। राहुल ने साफ़ कहा कि राफेल डील में भ्रष्टाचार हुआ है। अनिल अम्बानी पर भी उन्होंने टिप्पणी की। राहुल ने कहा राफेल सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला है।
प्रेस कांफ्रेंस से पहले राहुल-नायडू में काफी देर बैठक भी हुई जिसमें निश्चित ही दोनों ने महागठबंधन को लेकर चर्चा की होगी। प्रेस कांफ्रेंस में दोनों ने  इस बात का खुलासा किया लेकिन और कुछ जानकारी देने से मना किया। कहा – ”समय-समय पर आपको इसकी जानकारी देते रहेंगे”। मतलब यह सिलसिला जारी रहेगा और गठबंधन को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं।
पिछले कुछ महीनों में पीएम मोदी की लोकप्रियता को लेकर जो सर्वे हुए हैं उनसे यह संकेत मिले हैं कि इसमें कमी आ रही है। जाहिर हैं भाजपा की लोकप्रियता में गिराबट का सबसे बड़ा चुनावी लाभ कांग्रेस को मिलेगा जो एकाध महीने में पांच विधानसभा चुनावों के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। कुछ टीवी सर्वे में भी कांग्रेस को बढ़त पर दिखाया गया है।
सम्भवता इसी बात को ध्यान में रखकर नायडू ने भी आज कहा कि कांग्रेस इस गठबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी है। उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे गठबंधन के संभावित लीडर को लेकर सवाल दोहराया गया। नायडू के इस जवाब से यह तो संकेत मिल ही जाता है कि कांग्रेस को संभावित गठबंधन का लीडर मानने में कम-से-कम नायडू को तो कोइ ऐतराज नहीं होगा।
नायडू ने एक और ज़रूरी बात कही जिससे जल्दी ही महागठबंधन पर गंभीर चर्चा का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि वे दूसरे दलों से भी भाजपा के खिलाफ गठबंधन को लेकर चर्चा कर रहे हैं और संकेत सकारात्मक हैं। वे शरद पवार और फ़ारूक़ अब्दुल्ला से आज ही मिले हैं और कुछ अन्य नेताओं के संपर्क में हैं। जिस तरह राहुल आज दिल्ली में रहे उससे भी संकेत मिलते हैं कि पहले से इस मुलाकात की तैयारी थी।
कर्नाटक के एक उपचुनाव में गुरूवार को ही जिस तरह भाजपा के उम्मीदवार ही कांग्रेस में शामिल हो गए, उससे भाजपा को अवश्य ही निराशा हुई होगी। इस उपचुनाव में सीएम कुमारस्वामी की पत्नी उम्मीदवार हैं और कांग्रेस उन्हें समर्थन दे रही है। और दिल्ली में राहुल-नायडू की मुलाकात २०१९ के चुनाव से पहले विपक्षी एकता का पहला सबसे बड़ा प्रयास दिखता है।
”तहलका” की जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के चुनाव में भी टीडीपी-कांग्रेस मिलकर लड़ सकते हैं। ऐसा होता है तो गठबंधन का पहला इम्तिहान भी इस बहाने हो जाएगा। राज्य स्तर पर कांग्रेस की गठबंधन की कोशिश उसके लिए लाभदायक लगती है। निश्चित ही भाजपा पर इस गठबंधन कोशिश से चिंता बढ़ेगी।

भारत ने वेस्ट इंडीज को ३-१ से हराया

भारत ने गुरूवार को अंतिम एक दिवसीय मैच जीतकर भ्रमणकारी वेस्ट इंडीज से पांच मैचों की श्रृंखला ३-१ से जीत ली। एक मैच टाई हो गया था।
थिरुअनंतपुरम में खेले गए आख़िरी मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्ट इंडीज की टीम ३१.५ ओवर में महज १०४ रन पर आऊट हो गयी। जवाब में भारत ने सिर्फ १४.५ ओवर में जीत के लिए ज़रूरी रन बना लिए
भारत की तरफ से रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली ने अंत तक नाबाद रहते हुए मैच ९ विकेट से जीत लिया। प्रारंभिक बल्लेबाज के रूप में आये शिखर धवन जल्दी आऊट हो गए हालांकि इसके बाद राहुल और कोहली ने वेस्ट इंडीज कोई और मौका नहीं दिया।
भारत ने पहला मैच जीता था लेकिन दूसरा मैच टाई हो गया था जबकि तीसरा मैच वेस्ट इंडीज ने जीत लिया था। हालाँकि चौथे मैच में भारत ने शानदार वापसी करते हुए वेस्ट इंडीज को बड़े अंतर से हरा दिया था। इस सीरीज में कप्तान कोहली ने तीन शतकों सहित ४०० से ज्यादा रन  बनाये।

वार्डन ने कर दिया छात्र का रेप

पंजाब के लांडरां (मोहाली) स्थित एक निजी कालेज के हॉस्टल वार्डन को एक छात्र के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने इस वार्डन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक वार्डन ने मंगलवार की आधी रात एक छात्र को अपने कमरे में बुलाया।  आरोप है कि उसने छात्र से रेप कर डाला। आरोप के मुताबिक वार्डन ने छात्र को यह बात किसी को बताने पर उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी।
वार्डन के कमरे से बहार आकर छात्र ने इसकी जानकारी अपने दोस्तों को दी। इससे गुस्सा हुए छात्रों ने तुरंत वार्डन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कार्रवाई। उन्होंने नारे भी लगाए और गुस्से में हॉस्टल में तोड़-फोड़ भी की। छात्र की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी वार्डन को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पीड़ित छात्र १९ साल है और उसने आरोप लगाया है कि रात करीब ११ बजे वॉर्डन ने उसे अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ रेप किया। बाहर निकलकर लड़के ने अपने साथियों को सारी बातें बताईं। इसके बाद छात्रों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यह कालेज लांडरां का नामी कालेज है और इस ग्रुप की एक यूनिवर्स्टी भी है। पुलिस ने आरोपी हॉस्टल वार्डन संजीव कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा ३४२ ,३७७, ५०६ और ५११ के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।

कश्मीर में २ आतंकी ढेर, लोगों का प्रदर्शन

दक्षिणी कश्मीर में पुलवामा जिले के त्राल इलाके में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भतीजे उस्मान हैदर समेत दो आतंकियों के खात्मे के दो दिन बाद गुरूवार को सूबे में सुरक्षाबलों ने बड़गाम जिले के खानसाहिब इलाके के जागू में दो आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। हालांकि इलाके में सुरक्षा बालों को पत्थरबाजों को भी झेलना पड़ा जिनमें महिलाएं भी थीं जो सुरक्षा बालों के खिलाफ नारे लगा रही थीं।
मुठभेड़ गुरूवार सुबह हुई। हालाँकि मुठभेड़ ख़त्म होते ही वहां लोग पहुंच गए और सुरक्षाबलों पर पथराव करने लगे। इसमें कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। टीवी फुटेज में दिखा कि एक घर से कुछ महिलाएं भी पथराव कर रही थीं और वे सुरक्षा बालों के खिलाफ नारे लगा रही थीं।
सेना की ५३ आरआर, राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल और सीआरपीएफ के जवानों के साझे  कार्यदल ने आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर जुगु अरिजाल में तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। सुरक्षा बालों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी ढेर हो गए।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान मारे गए आतंकियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद मिले हैं जिनमें एके – ४७ और गोला बारूद  शामिल  है। गांव में तलाशी अभियान अभी जारी है।

करोल त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजय करोल त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई समेत पांच वरिष्ठ जजों की कॉलेजियम ने जस्टिस करोल के नाम की सिफारिश कर दी है। उधर कॉलेजियम ने जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है।
कॉलेजियम ने जस्टिस संजय करोल के नाम की सिफारिश त्रिपुरा हाईकोर्ट के लिए की है जहाँ कुछ  समय से मुख्या न्यायाधीश का पद खाली था। वहां मुख्या न्यायाधीश रहीं अभिलाषा कुमारी, जो हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी हैं, १९ फरवरी को रिटायर हो गई थीं और उन्हें गुजरात में आयोग का चेयरपर्सन बनाया गया है। जस्टिस अभिलाषा कुमारी का मूल हाईकोर्ट हिमाचल ही था।
जस्टिस करोल १९८६ से वकालत कर रहे हैं। वे संविधान, टैक्सेशन, कॉर्पोरेट लॉ, क्रिमिनल और सिविल लॉ के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने १९८६ से २००३ तक हिमाचल प्रदेश के एडवोकेट जनरल के रूप में काम किया।
उन्हें १९९९ में सीनियर एडवोकेट मनोनीत किया गया। मार्च २००७ में वे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जज बने। इसी साल अप्रैल में उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। वे पांच अक्टूबर तक इस पद पर रहे। बाद में जस्टिस सूर्य कांत राव को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया।