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कश्मीर में सब इन्स्पेक्टर की हत्या
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने रविवार को एक पुलिस सब इन्स्पेक्टर की हत्या कर दी। मिली जानकारी के मुताबिक शेरगढ़ पुलिस स्टेशन के तहत सीआईडी में तैनात सब इंस्पेक्टर इम्तियाज अहमद मीर को आतंकियों ने तब गोली मारी जब वे छुट्टी पर गांव जा रहे थे।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मेरे अपनी कार से गांव जा रहे थे कि पुलवामा से ५ किलोमीटर पहले आतंकियों ने वाहीबाग इलाके में उन पर गोलियों की बौछार कर दी। बाद में उनका शव पास में मिला। उनके शरीर पर गोलियों के इतने निशाँ थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल था।
पुलिस ने शव बरामद करने के बाद उसकी सिखांत की कोशिश की लेकिन इसमें कई घंटे लग गए। गोलियों से छलनी उनके शव की पहचान २ से ३ घंटे बाद स्थानीय पुलिस ने की। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया और उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को जिला पुलिस लाइन्स लाया गया।
पुलिस लाइन्स में सरकारी सम्मान के बाद उनके पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंपा गया। पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने की तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
स्पीकर ने विक्रमसिंघे को ”बहाल” किया
श्रीलंका में आखिर राजनैतिक संकट जैसी स्थिति बन गयी है। पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को पीएम पद की शपथ दिला दी थी। इसके बाद सिरिसेना ने शनिवार को संसद को निलंबित कर दिया था। अब रविवार को एक और घटनाक्रम में संसद के स्पीकर ने पद से ”बर्खास्त” रानिल विक्रमसिंघे को ”बहाल” करते हुए उन्हें दोबारा प्रधानमंत्री के रूप में मान्यता प्रदान कर दी।
इस तरह श्रीलंका में विचित्र स्थिति पैदा हो गयी है। स्पीकर के फैसले के बाद विक्रमसिंघे ने अपने प्रधानमंत्री होने का दबा किया जबकि महिंदा राजपक्षे अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। इस तरह श्रीलंका में राजनैतिक संकट की स्थिति बन गयी है।
राष्ट्रपति की तरफ से ”बर्खास्त” किये जाने के बाद विक्रमसिंघे ने इसे असंवैधानिक बताया था और कहा था कि वे ही पीएम हैं। अब देश में पीएम पद के लिए घमासान मचा हुआ है। राष्ट्रपति ने मौजूदा प्रधानमंत्री को बर्खास्त करते हुए महिंदा राजपक्षे को पीएम घोषित कर दिया। इसके बाद वहां राजनैतिक बवाल मच गया।
संसद १६ नवम्बर तक ”बर्खास्त” होने से राजपक्षे को अपने पक्ष में बहुमत जुटाने का समय मिल गया लेकिन आज संसद की स्पीकर ने विक्रमसिंघे को ”बहाल” कर दिया। विक्रमसिंघे ने संसद की आपात बैठक बुलाने की बात भी कही थी ताकि वह अपना बहुमत सिद्ध कर सकें। माना जाता है कि राजपक्षे चीन समर्थक विचार रखते हैं जबकि विक्रमसिंघे भारत के साथ बेहतर सम्बन्ध के पक्षधर रहे हैं।
खुराना का अंतिम संस्कार
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना (83) का रविवार शाम निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। शनिवार की रात ११ बजे कीर्ति नगर स्थित आवास पर उनका निधन हो गया था। इस मौके पर उनके परिजन और भाजपा के कई नेता उपस्थित थे। उनके पुत्र हरीश खुराना ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी।
इससे पहले उनका पार्थिव शरीर १२ बजे से भाजपा के दिल्ली कार्यालय, १४ पंडित पंत मार्ग पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जहां पार्टी के कई दिग्गज नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी।
मदनलाल खुराना को श्रद्धांजलि देने के लिए आडवाणी समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे। खुराना १९९३ से १९९६ तक दिल्ली के मुख्यमंत्री और २००४ में राजस्थान के राज्यपाल रहे। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता और उनके पुत्र हरीश खुराना ने बताया कि उम्र संबंधी बीमारियों के कारण वह २०११ से अस्वस्थ चल रहे थे। खुराना के बेटे हरीश ने बताया कि, ‘उन्होंने यहां कीर्ति नगर स्थित आवास में रात करीब ११ बजे अंतिम सांस ली।’
खुराना लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें २०११ में ब्रेन हेमरेज हुआ था। इसके बाद से उनकी सेहत खराब चल रही थी। दिल्ली सरकार ने खुराना के निधन पर दो दिन के शोक की घोषणा की है। हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने भी खुराना के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
मदन लाल खुराना का जन्म पाकिस्तान के फैसला बाद शहर में १९३६ को हुआ था। वह चार बार विधायक रहे और १९९३ से १९९६ तक दिल्ली के सीएम रहे थे। इसके अलावा वह राजस्थान के राज्यपाल भी रह चुके थे।खुराना बीजेपी के कद्दावर नेता थे और दिल्ली की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने २००३ में विधानसभा चुनाव में हार के बाद दिल्ली भाजपा प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था।









