नई दिल्ली: देश की राजधानी में 1 से 3 मई तक आयोजित एक खास कार्यक्रम में ‘Padma Doree’ नाम के नए टेक्सटाइल प्लेटफॉर्म की आधिकारिक शुरुआत की गई। यह पहल
North Eastern Handicrafts and Handlooms Development Corporation (NEHHDC) की ओर से की गई है, जो Northeast भारत के ‘Eri Silk’ और Madhya Pradesh के ‘Chanderi’ कपड़े को एक साथ लाकर एक नई पहचान देने की कोशिश है।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसे सिर्फ एक ब्रांड के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों की कारीगरी, डिजाइन और परंपराएं एक साथ जुड़ती हैं। इसका मकसद पारंपरिक बुनाई को आधुनिक दौर के हिसाब से आगे बढ़ाना और कारीगरों को एक बड़ा मंच देना है।

Silk from Northeast.
कार्यक्रम के दौरान एक खास प्रदर्शनी और फैशन शो का आयोजन किया गया, जिसमें इस नए टेक्सटाइल को अलग-अलग रूपों में पेश किया गया। यहां डिजाइनर्स, पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और कारीगरों ने हिस्सा लिया और इस पहल के जरिए भारतीय टेक्सटाइल को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर चर्चा की।

Padma Doree Fabric Saree.
इस दौरान कारीगरों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे यह पहल उनके काम को नई दिशा दे सकती है। प्रदर्शनी में लोगों को कपड़े बनने की पूरी प्रक्रिया—फाइबर से लेकर तैयार फैब्रिक तक—करीब से देखने का मौका मिला।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक गतिविधियां और फूड एक्सपीरियंस भी शामिल किए गए, जिससे अलग-अलग राज्यों की परंपराओं को एक साथ महसूस किया जा सके। आयोजकों का मानना है कि यह पहल न सिर्फ टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देगी, बल्कि ‘Make in India’ को भी मजबूती देगी।

कुल मिलाकर ‘Padma Doree’ एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनकर उभर रहा है, जो भारत की पारंपरिक बुनाई को आधुनिक सोच के साथ जोड़कर देश और दुनिया में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।




