दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र के परिसर खाली करने के आदेश पर मांगी स्पष्टता

आदेश में यह भी कहा गया कि परिसर का पुनः अधिग्रहण किए जाने के बाद पूरी संपत्ति — जिसमें सभी भवन, संरचनाएं, लॉन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं — भारत के राष्ट्रपति के स्वामित्व में आ जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि क्लब तय समयसीमा तक परिसर खाली नहीं करता, तो कानून के अनुसार संपत्ति का कब्जा ले लिया जाएगा।

दिल्ली जिमखाना क्लब ने कहा है कि वह भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) को पत्र लिखकर उन कई मुद्दों पर स्पष्टता मांगेगा, जिनके तहत केंद्र सरकार ने क्लब को 5 जून तक अपना परिसर खाली करने का निर्देश दिया है।

उप भूमि एवं विकास अधिकारी सुचित गोयल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह संपत्ति राष्ट्रीय राजधानी के “अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र” में स्थित है और रक्षा अवसंरचना को मजबूत करने तथा सार्वजनिक सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसकी जरूरत है।

लुटियंस दिल्ली के केंद्र में स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब 27.3 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। यह सफदरजंग रोड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास के निकट स्थित है। वर्ष 1913 में ‘इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब’ के रूप में स्थापित इस संस्था का नाम आजादी के बाद बदला गया था। यह आज भी देश के सबसे प्रतिष्ठित और विशिष्ट संस्थागत क्लबों में गिना जाता है।

क्लब ने अपने सदस्यों को भेजे गए आधिकारिक पत्र में कहा कि केंद्र सरकार ने रक्षा अवसंरचना को मजबूत और सुरक्षित करने तथा अन्य सार्वजनिक सुरक्षा उद्देश्यों के लिए परिसर खाली करने को कहा है। क्लब ने यह भी बताया कि उसने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से तत्काल बैठक का अनुरोध किया है।

क्लब के अनुसार, उसे 22 मई को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन एलएंडडीओ से नोटिस प्राप्त हुआ था। नोटिस में क्लब को लीज पर दी गई भूमि के “पुनः प्रवेश और पुनः अधिग्रहण” की बात कही गई थी। सरकार ने इसके पीछे रणनीतिक और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया, क्योंकि यह संपत्ति महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों के निकट स्थित है।

नोटिस मिलने के बाद क्लब ने शनिवार को आपात बैठक बुलाई। विस्तृत चर्चा के बाद क्लब ने एलएंडडीओ को तत्काल जवाब भेजने और आदेश के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टता मांगने का निर्णय लिया।

क्लब ने अपने बयान में कहा, “इस अचानक हुए घटनाक्रम के मद्देनजर जिमखाना क्लब ने आज आपात आधार पर बैठक की और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सदस्यों और कर्मचारियों के हित में एलएंडडीओ से कई मुद्दों पर स्पष्टता मांगते हुए तत्काल जवाब दाखिल करने का निर्णय लिया।”

इस घटनाक्रम के बाद क्लब के सदस्यों में चिंता बढ़ गई है। लंबे समय से दिल्ली के सामाजिक और प्रशासनिक अभिजात वर्ग से जुड़ा यह ऐतिहासिक संस्थान अब अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। 5 जून की समयसीमा नजदीक आने के साथ आने वाले दिनों में क्लब प्रबंधन और सरकारी अधिकारियों के बीच आगे बातचीत होने की संभावना है।