‘सिर्फ डेटा नहीं, Delhi का भविष्य है Digital जनगणना’ : CM रेखा गुप्ता ने खुद फॉर्म भरकर किया आगाज

कागज से ऐप तक: CM रेखा गुप्ता ने डिजिटल जनगणना को बताया दिल्ली के बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं की रीढ़; नागरिकों से की ईमानदारी से भागीदारी की अपील। कहा, सटीक डेटा से सुनिश्चित होगा योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ…

Digital Census 2027: CM रेखा गुप्ता ने स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से भागीदारी कर पेश की मिसाल…
Digital Census 2027: CM रेखा गुप्ता ने स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से भागीदारी कर पेश की मिसाल…

दृष्टि गुप्ता

नई दिल्ली। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में 1 अप्रैल 2027 की तारीख एक युगांतकारी बदलाव की साक्षी बनी है। देश की पहली Digital Census का आगाज़ न केवल तकनीक के उपयोग का प्रदर्शन है, बल्कि यह शासन और नागरिक के बीच की दूरी को पाटने का एक सशक्त सेतु भी है। Mobile App और स्व-गणना (Self Enumeration) पोर्टल के जरिए शुरू हुई यह कवायद पारंपरिक सांख्यिकी से कहीं आगे बढ़कर एक ‘डेटा-संचालित लोकतंत्र’ की नींव रख रही है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस राष्ट्रीय अभियान की महत्ता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण अनुमानों पर नहीं, बल्कि प्रामाणिक आंकड़ों पर होता है। CM का स्वयं पोर्टल के माध्यम से फॉर्म भरना इस बात का प्रमाण है कि प्रक्रिया न केवल सरल है, बल्कि डेटा सुरक्षा के उच्चतम मानकों से लैस है। यह महज एक प्रशासनिक कसरत नहीं है, बल्कि देश के संसाधनों के न्यायोचित वितरण का ब्लूप्रिंट है। जब तक सरकार के पास सटीक जनसांख्यिकीय आंकड़े नहीं होंगे, तब तक स्कूलों, अस्पतालों और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाएंगी। इस Digital क्रांति का एक सकारात्मक पहलू युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी हैं। यह जनगणना केवल जानकारी जुटाने का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक गतिशीलता का भी कारक बनेगी। मुख्यमंत्री की अपील दिल्ली के हर नागरिक के लिए एक जिम्मेदारी का आह्वान है, सत्य और ईमानदारी से दी गई जानकारी ही नीतिगत निर्णयों की धार तय करेगी। डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करना नागरिक सशक्तिकरण का नया दौर है, जहां शासन की रडार पर खड़ा हर व्यक्ति अब अपनी भागीदारी का सीधा प्रभाव देख सकेगा। स्पष्ट है कि इस महाभियान में दिल्ली की सक्रियता ही देश के भविष्य का रोडमैप तैयार करेगी।