नोएडा में कारोबारी से 1.13 करोड़ की साइबर ठगी, शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर फंसाया

नोएडा: नोएडा में साइबर अपराधियों ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताकर एक कारोबारी से कथित तौर पर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-49 निवासी कारोबारी विनीत गोयल को WhatsApp के जरिए निवेश का झांसा दिया गया था। मामले में साइबर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

WhatsApp संदेश से शुरू हुआ ठगी का खेल

पुलिस के मुताबिक, 8 दिसंबर 2025 को कारोबारी के मोबाइल पर एक WhatsApp संदेश आया। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताया और निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया। इसके बाद कारोबारी को ‘BNI Stock Market Coach Mumbai’ नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया गया।

आरोपियों ने कारोबारी का एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और शुरुआत में उनसे 50 हजार रुपये निवेश करवाए। कुछ समय बाद वेबसाइट पर करीब 9 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इससे कारोबारी को प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया।

स्क्रीनशॉट के जरिए बढ़ाया भरोसा

शिकायत के अनुसार, इसके बाद ठगों ने कारोबारी को अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें नियमित रूप से ऐसे स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे, जिनमें निवेश की रकम और मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता था।

फर्जी वेबसाइट पर भी निवेश की राशि और कथित मुनाफा बढ़ता हुआ नजर आता था। इससे कारोबारी को लगा कि उसका निवेश लगातार फायदे में जा रहा है।

कई किस्तों में ट्रांसफर किए 1.13 करोड़

पुलिस के अनुसार, कारोबारी ने अलग-अलग तारीखों में आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की। इनमें 14 दिसंबर को 10 लाख रुपये, 17 दिसंबर को दो बार में 30 लाख रुपये, 19 दिसंबर को 12 लाख रुपये और 31 दिसंबर को दो बार में 10 लाख रुपये समेत कई अन्य लेनदेन शामिल थे।

इस तरह कारोबारी ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल करीब 1.13 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

रकम निकालने पर खुला ठगी का राज

मार्च 2026 में कारोबारी ने अपने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले। इसके बजाय साइबर ठगों ने उनसे और रकम जमा करने को कहा।

इसके बाद कारोबारी को शक हुआ। उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन WhatsApp संदेशों का जवाब मिलना और फोन उठना बंद हो गया। जून 2026 तक कारोबारी को पता चल गया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, WhatsApp ग्रुप और फर्जी वेबसाइट की जानकारी जुटा रही है।

जांच के दौरान उन बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और रकम के लेनदेन की पूरी कड़ी का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग किस तरह पहले छोटी रकम पर मुनाफा दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं।