संत रविदास उत्सव का आरम्भ; कल बनारस में नितिन नवीन करेंगे रैली

अरविंन्द चतुर्वेदी

संत रविदास जी 650 जयन्ती को पूरे देश में मनाने के लिए बीजेपी ने तैयार की बड़ी रणनीति तैयार की है । संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से 131 कलशों में मिट्टी ले जाने से लेकर पंजाब से उत्तर प्रदेश तक ‘समरसता यात्रा’ निकालने तक, भारतीय जनता पार्टी ने 15वीं शताब्दी के महान संत-कवि की 650वीं जयंती समारोह के हिस्से के रूप में सत्ताईस प्रदेशों सात महीने के दलित जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करने जा रही है।इस अभियान की कमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को सौंपी गई है ।तरुण चुग ने बनारस में डेरा जमा लिया है ।भाजपा संत रविदास की 650 वी जयन्ती पूरे देश में मनाने जा रही है । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष 29 जुलाई को संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान” की शुरुआत करेंगे। वे एक समरसता संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जिसके लिए पार्टी ने 25,000 लोगों की भीड़ जुटाने का निर्देश दिया है। भाजपा देश भर के संत रविदास मंदिरों में ‘दीपोत्सव’, गुरुवाणी पाठ, ‘भजन संध्या’ और ‘समरसता संकल्प’ का आयोजन करेगी। इस अभियान का समापन अगले साल 20 फरवरी 2027 को होना है।

यात्रा का उद्देश्य और राजनीतिक पृष्ठभूमि:
हालांकि पार्टी नेताओं ने आधिकारिक तौर पर इससे इनकार किया है कि इस यात्रा का संबंध 2027 की शुरुआत में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार है जब इस तरह का अभियान संत रविदास के अनुयायियों (रविदासियों) तक पहुँचने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रभाव क्षेत्र: रविदासियों की उत्तर प्रदेश और पंजाब में महत्वपूर्ण उपस्थिति है। दोनों राज्यों में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।

यात्रा का रूट: यह यात्रा 5 अक्टूबर को पंजाब के जालंधर से शुरू होगी और 5 नवंबर को वाराणसी में समाप्त होने से पहले जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। यह यात्रा गाँवों और छोटे कस्बों — विशेष रूप से दलित बहुल इलाकों — में रुकेगी जहाँ जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा।छात्रावास संपर्क अभियान: इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा “श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान” होगा, जो 26 नवंबर से 15 जनवरी, 2027 तक चलेगा। भाजपा नेता उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के हॉस्टलों में रहने वाले अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों तक पहुँचेंगे। पेपर लीक के खिलाफ हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों, जिसमें बड़ी संख्या में दलित युवाओं ने हिस्सा लिया था, के मद्देनजर यह जनसंपर्क कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। भाजपा का उद्देश्य दलित युवाओं के बीच आज समाज पार्टी के नेता और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद की बढ़ती लोकप्रियता पर लगाम लगाना भी है।

आंकड़े और राजनीतिक समीकरणउत्तर प्रदेश: राज्य में दलितों की आबादी 21% है, और राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से 84 सीटें इस समुदाय के लिए आरक्षित हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा और उसकी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने मिलकर 63 एससी सीटें जीती थीं, जबकि तत्कालीन समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 20 सीटें जीती थीं।पंजाब: जहाँ 32% आबादी दलित है, 117 सदस्यीय विधानसभा में एससी के लिए 34 सीटें आरक्षित हैं। 2022 में भाजपा एक भी सीट जीतने में असफल रही थी।

दोआबा क्षेत्र: रविदासिया एक दलित समुदाय है, जिनमें से अधिकांश — 12 लाख से अधिक —अनुमानित पंजाब के दोआबा क्षेत्र में रहते हैं, जिसमें कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर और जालंधर जिले शामिल हैं। यूपी और पंजाब की राजनीति में दलितों की भूमिका को देखते हुए, 20 फरवरी को गुरु रविदास जयंती के लिए भाजपा के अभियान का इस हिंदी पट्टी राज्य पर विशेष ध्यान है, जहाँ वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर की मिट्टी से भरे 104 कलश हर गाँव ले जाए जाएंगे, जबकि अन्य 27 कलश विभिन्न राज्यों में ले जाए जाएंगे।

सुमन कुमार दास – अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन, प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि हमें तो खुशी होगी क्योंकि बीजेपी जिन-जिन राज्यों में है, चाहे वो “राजस्थान है यूपी हो या फिर हरियाणा के साथ दिल्ली भी शामिल है, इन चारों सरकारों ने फैसला लिया है कि हम राष्ट्रीय स्तर पर और राज्य स्तर पर हम संत रविदास जी की जयंती पूरे साल मनाएंगे। सुमन कुमार ने तहलका से बातचीत में बताया कि सेंट्रल गवर्नमेंट संत रविदास जी की जयन्ती पूरे देश में मना रही है, हम उसकी भी सराहना करते है। ये सभी सरकारों को करना चाहिए जैसे बीजेपी कर रही ।वही भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, “गुरु रविदास जी के 650वें जन्मोत्सव वर्ष को ‘समरसता संकल्प अभियान’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। पवित्र गुरु पूर्णिमा के दिन यानी 29 जुलाई 2026 से शुरू होकर लगभग सात महीने तक, गुरु रविदास जी की जयंती यानी 20 फरवरी 2027 तक, ‘संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज समरसता संकल्प अभियान’ नामक एक राष्ट्रीय अभियान चलाया जाएगा।