
Adani Power को NSE की ESG रेटिंग में मिली ‘Aspiring’ श्रेणी, थर्मल पावर सेक्टर में सबसे आगे
अहमदाबाद: Adani Power ने सोमवार को कहा कि NSE Sustainability द्वारा किया गया ताज़ा ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) मूल्यांकन में उसे 66 अंक मिले हैं — पिछले वित्त वर्ष के 65 से एक अंक की बढ़ोतरी। कंपनी का दावा है कि इस नतीजे के साथ वह भारत की सभी बड़ी थर्मल, मिश्रित ईंधन और एकीकृत ऊर्जा कंपनियों से आगे बनी हुई है।
NSE Sustainability, जो SEBI की मान्यता प्राप्त ESG रेटिंग एजेंसी है, हर साल 500 लिस्टेड कंपनियों का आकलन करती है। Adani Power ‘Aspiring’ कैटेगरी में बरकरार है। कंपनी का कहना है कि उच्च ESG स्कोर निवेशकों को भरोसा दिलाता है कि कंपनी जोखिमों से निपटने में सक्षम है और लंबे समय में टिकाऊ मूल्य पैदा कर सकती है।
क्या दावे किए गए?
प्रेस रिलीज़ में कंपनी ने कहा कि उसने Ultra-Supercritical यूनिट्स जैसे कम उत्सर्जन वाली तकनीक अपनाई है, पानी की बचत और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन पर ध्यान दिया है। सामाजिक पहलू पर शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के कार्यक्रमों का विस्तार किया गया है। गवर्नेंस के मामले में कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों की संख्या नियामक जरूरतों से बेहतर है, और सप्लायर-कॉन्ट्रैक्टर पर भी सख्त ESG मानक लागू किए गए हैं।
Adani Power ने अन्य रेटिंग्स का भी हवाला दिया — S&P Global CSA में 71/100, FTSE Russell से 4.3/5.0, और Care Edge ESG में 80/100 (‘Leadership’ पोजीशन)।
बड़ा दावा, बड़ा सवाल
कंपनी भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक है — 18,290 मेगावॉट की क्षमता के साथ 13 प्लांट नौ राज्यों में फैले हैं। हालांकि, ESG में ‘Aspiring’ श्रेणी का मतलब है कि शीर्ष ‘Leader’ टियर अभी दूर है। निवेशक और पर्यावरण कार्यकर्ता अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कागज़ी स्कोर और जमीनी असर में कितना तालमेल बैठता है।



