मुंबई होमबायर फ्रॉड: ACME Boulevard मामले में CBI की 21वीं चार्जशीट, 5 पूर्व प्रमोटर-निदेशकों पर आरोप

मुंबई के एसीएमई बुलेवार्ड हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े होमबायर मामले की प्रतीकात्मक तस्वीर
मुंबई के जोगेश्वरी पूर्व स्थित ‘एसीएमई बुलेवार्ड’ प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। यह प्रतिनिधि तस्वीर है।

‘एसीएमई बुलेवार्ड’ प्रोजेक्ट में घर खरीदारों से धोखाधड़ी का मामला, मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिल्डरों के खिलाफ 32 अन्य मामलों की भी जांच कर रही है सीबीआई

एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्ली/ मुंबई
देशभर में घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने मुंबई स्थित बिल्डर कंपनी एसीएमई रियल्टीज प्राइवेट लिमिटेड और उसकी होल्डिंग कंपनी एसीएमई हाउसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पांच पूर्व प्रमोटरों/ निदेशकों के खिलाफ 21वीं चार्जशीट दाखिल की है।
यह मामला मुंबई के जोगेश्वरी (पूर्व) स्थित ‘एसीएमई बुलेवार्ड’ हाउसिंग प्रोजेक्ट में घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से जुड़ा है। सीबीआई ने यह चार्जशीट मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल की है। एजेंसी के मुताबिक, जांच में बिल्डर कंपनी और उसके प्रमोटरों द्वारा झूठे आश्वासन और भ्रामक जानकारी देकर घर खरीदारों से आर्थिक लाभ हासिल करने के साक्ष्य मिले हैं।

ACME Boulevard केस में पांच पूर्व प्रमोटर-डायरेक्टरों पर क्या आरोप हैं?

सीबीआई के मुताबिक, एसीएमई रियल्टीज प्राइवेट लिमिटेड और उसकी होल्डिंग कंपनी एसीएमई हाउसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पांच पूर्व प्रमोटरों/ निदेशकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। यह मामला मुंबई के विलेज माजस, सर्वोदय नगर, जोगेश्वरी (पूर्व) स्थित ‘एसीएमई बुलेवार्ड’ आवासीय परियोजना से संबंधित है। बिल्डर कंपनी और उसके प्रमोटरों/ निदेशकों ने घर खरीदारों को गलत आश्वासन और भ्रामक जानकारी देकर मकान खरीदने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद अवैध और धोखाधड़ीपूर्ण तरीकों से आर्थिक लाभ हासिल किया गया। सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करने से संबंधित धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि, पांचों आरोपियों के नाम, घर खरीदारों की संख्या और कथित धोखाधड़ी की कुल रकम का खुलासा नहीं किया गया है।

होमबायर फ्रॉड की जांच में CBI की यह 21वीं चार्जशीट क्यों अहम है?

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि एसीएमई रियल्टीज के खिलाफ यह कार्रवाई घर खरीदारों से धोखाधड़ी के मामलों में उसकी जारी जांच का हिस्सा है।
एजेंसी इससे पहले विभिन्न बिल्डर कंपनियों और कुछ बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ 20 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एसीएमई मामले में दाखिल ताजा आरोपपत्र इस सिलसिले में 21वां है। इन मामलों में रुड्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस, ड्रीम प्रोकोन, जयपी इंफ्राटेक, एवीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, लॉजिक सिटी डेवलपर्स, मंजू जे होम्स इंडिया, नेक्स डेवलपर्स, सहारा इंफ्राटेक और अन्य बिल्डर कंपनियों के नाम शामिल हैं। सीबीआई की जांच केवल बिल्डरों तक सीमित नहीं है। एजेंसी ने कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों को भी विभिन्न मामलों में आरोपित किया है। इन मामलों का प्रमुख पहलू घर खरीदारों से जुटाई गई रकम के दुरुपयोग और परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर किन 32 अन्य होमबायर मामलों की जांच जारी है?

सीबीआई ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी है। एजेंसी देशभर में बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ 32 अन्य मामलों की जांच कर रही है। ये मामले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किए गए हैं और घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी तथा परियोजनाओं की रकम के दूसरे कामों में इस्तेमाल किए जाने से जुड़े हैं। इन मामलों में विभिन्न बिल्डर कंपनियों के साथ वित्तीय संस्थानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि सीबीआई की जांच का दायरा किसी एक बिल्डर या आवासीय परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में घर खरीदारों से जुड़े वित्तीय अपराधों की पड़ताल की जा रही है।

चार्जशीट दाखिल होने के बाद ACME Boulevard मामले में आगे क्या होगा?

सीबीआई ने कहा है कि वह आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धोखाधड़ी के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। एजेंसी के अनुसार, विशेष रूप से ऐसे मामलों में कार्रवाई प्राथमिकता है, जिनसे आम नागरिकों और घर खरीदारों के हित प्रभावित होते हैं। एसीएमई बुलेवार्ड मामले में अब दाखिल चार्जशीट के आधार पर अदालत में आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। वहीं, सीबीआई की ओर से जांच किए जा रहे 32 अन्य मामलों में जांच पूरी होने और संभावित आरोपपत्र दाखिल होने का इंतजार रहेगा।